- Hindi News
- धर्म
- महाशिवरात्रि व्रत का पारण कैसे करें? यहां देखें शुभ मुहूर्त और सही तरीका
महाशिवरात्रि व्रत का पारण कैसे करें? यहां देखें शुभ मुहूर्त और सही तरीका
Dharm Desk
ऐसी मान्यता है कि महाशिवरात्रि का व्रत रखकर भोलेनाथ की पूजा करने से सालभर भगवान शिव की पूजा के बराबर फल मिल जाता है. महाशिवरात्रि के व्रत में पारण का बहुत महत्व होता है. सही समय और सही विधि से पारण करने पर ही व्रत का संपूर्ण फल मिलता है. आइए आपको बताते हैं कि महाशिवरात्रि व्रत का पारण कब और कैसे किया जाता है.
महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है. हर साल महाशिवरात्रि का व्रत फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को रखा जाता है. कहते हैं कि महाशिवरात्रि के दिन व्रत, पूजा और रात्रि जागरण करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है. इसके अलावा, महाशिवरात्रि के दिन व्रत रखने से हर मनोकामना पूरी होती है.
अगर इस व्रत में पूरे दिन नियमों का पालन करते हुए विधि-विधान से पूजा की जाए, तो मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है. इस साल महाशिवरात्रि का व्रत आज यानी 26 फरवरी को रखा जा रहा है.महाशिवरात्रि के व्रत में पारण का बहुत महत्व होता है. सही समय और सही विधि से पारण करने पर ही व्रत का संपूर्ण फल मिलता है. आइए आपको बताते हैं कि महाशिवरात्रि व्रत का पारण कब और कैसे किया जाता है.
इतने बजे तक तिथि रहेगी मान्य
पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 26 फरवरी को सुबह 11 बजकर 8 मिनट से शुरू होकर 27 फरवरी को सुबह 8 बजकर 54 मिनट तक मान्य रहेगी.
महाशिवरात्रि का पारण कितने बजे से है?
महाशिवरात्रि व्रत पारण का समय 27 फरवरी को सुबह 06:48 बजे से लेकर सुबह 08:54 बजे तक रहेगा. इस शुभ मुहूर्त के दौरान आप महाशिवरात्रि व्रत का पारण कर सकते हैं.
महाशिवरात्रि का व्रत कैसे खोला जाता है?
- महाशिवरात्रि व्रत का पारण करने के लिए सबसे पहले स्नान करें,
- स्नान करने के बाद साफ-सुथरे कपड़े पहन लें.
- फिर भगवान शिव-माता पार्वती की पूजा करें.
- इसके बाद भोलेनाथ की आरती उतारें.
- अब महादेव को उनकी प्रिय चीजों का भोग लगाएं.
- पूजा का प्रसाद ग्रहण करके व्रत पारण करना चाहिए.
- महाशिवरात्रि के व्रत पारण में सात्विक भोजन ही करना चाहिए.
- महाशिवरात्रि व्रत पारण में मूली, बैंगन आदि का सेवन न करें.
- महाशिवरात्रि पारण के पहले ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा जरूर देवी चाहिए.
ऐसी मान्यता है कि इस विधि से महाशिवरात्रि व्रत का पारण करने से समस्त पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है. साथ ही, हर मनचाही मनोकामना पूरी होती है.
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
महाशिवरात्रि व्रत का पारण कैसे करें? यहां देखें शुभ मुहूर्त और सही तरीका
Dharm Desk
महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है. हर साल महाशिवरात्रि का व्रत फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को रखा जाता है. कहते हैं कि महाशिवरात्रि के दिन व्रत, पूजा और रात्रि जागरण करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है. इसके अलावा, महाशिवरात्रि के दिन व्रत रखने से हर मनोकामना पूरी होती है.
अगर इस व्रत में पूरे दिन नियमों का पालन करते हुए विधि-विधान से पूजा की जाए, तो मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है. इस साल महाशिवरात्रि का व्रत आज यानी 26 फरवरी को रखा जा रहा है.महाशिवरात्रि के व्रत में पारण का बहुत महत्व होता है. सही समय और सही विधि से पारण करने पर ही व्रत का संपूर्ण फल मिलता है. आइए आपको बताते हैं कि महाशिवरात्रि व्रत का पारण कब और कैसे किया जाता है.
इतने बजे तक तिथि रहेगी मान्य
पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 26 फरवरी को सुबह 11 बजकर 8 मिनट से शुरू होकर 27 फरवरी को सुबह 8 बजकर 54 मिनट तक मान्य रहेगी.
महाशिवरात्रि का पारण कितने बजे से है?
महाशिवरात्रि व्रत पारण का समय 27 फरवरी को सुबह 06:48 बजे से लेकर सुबह 08:54 बजे तक रहेगा. इस शुभ मुहूर्त के दौरान आप महाशिवरात्रि व्रत का पारण कर सकते हैं.
महाशिवरात्रि का व्रत कैसे खोला जाता है?
- महाशिवरात्रि व्रत का पारण करने के लिए सबसे पहले स्नान करें,
- स्नान करने के बाद साफ-सुथरे कपड़े पहन लें.
- फिर भगवान शिव-माता पार्वती की पूजा करें.
- इसके बाद भोलेनाथ की आरती उतारें.
- अब महादेव को उनकी प्रिय चीजों का भोग लगाएं.
- पूजा का प्रसाद ग्रहण करके व्रत पारण करना चाहिए.
- महाशिवरात्रि के व्रत पारण में सात्विक भोजन ही करना चाहिए.
- महाशिवरात्रि व्रत पारण में मूली, बैंगन आदि का सेवन न करें.
- महाशिवरात्रि पारण के पहले ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा जरूर देवी चाहिए.
ऐसी मान्यता है कि इस विधि से महाशिवरात्रि व्रत का पारण करने से समस्त पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है. साथ ही, हर मनचाही मनोकामना पूरी होती है.
