- Hindi News
- धर्म
- पंचांग: मासिक शिवरात्रि और शुक्र प्रदोष व्रत का पावन संगम, शिवभक्तों के लिए खास दिन
पंचांग: मासिक शिवरात्रि और शुक्र प्रदोष व्रत का पावन संगम, शिवभक्तों के लिए खास दिन
DHARAM DESK
आज शुक्रवार, 19 सितंबर 2025 को आश्विन मास की कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि है।
यह तिथि धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि आज मासिक शिवरात्रि और शुक्र प्रदोष व्रत का पावन संगम बन रहा है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की आराधना करने से पापों का क्षय होता है, साधना और ध्यान से मानसिक शांति मिलती है और विशेष रूप से संतान सुख, दांपत्य जीवन और आरोग्य की प्राप्ति होती है।
आज का पंचांग
-
विक्रम संवत : 2081
-
माह : आश्विन
-
पक्ष : कृष्ण पक्ष
-
तिथि : त्रयोदशी
-
वार : शुक्रवार
-
योग : सिद्धि
-
नक्षत्र : अश्लेषा
-
करण : गर
-
चंद्र राशि : कर्क
-
सूर्य राशि : कन्या
-
सूर्योदय : सुबह 06:27 बजे
-
सूर्यास्त : शाम 06:39 बजे
-
चंद्रोदय : तड़के 04:33 बजे (20 सितंबर)
-
चंद्रास्त : शाम 05:05 बजे
राहुकाल व अशुभ मुहूर्त
-
राहुकाल : सुबह 11:01 से दोपहर 12:33 बजे तक
-
यमगंड काल : दोपहर 03:36 से शाम 05:07 बजे तक
इन कालखंडों में कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
अश्लेषा नक्षत्र का प्रभाव
आज चंद्रमा कर्क राशि में और अश्लेषा नक्षत्र में गोचर करेंगे। अश्लेषा नक्षत्र को शुभ कार्यों के लिए प्रतिकूल माना गया है, इसलिए विवाह, गृह प्रवेश या नई शुरुआत जैसे कार्यों से परहेज करना चाहिए। हालांकि शत्रु पर विजय, तांत्रिक साधना, कठिन निर्णय और पुराने बंधनों से मुक्ति जैसे कार्य इस नक्षत्र में सफल माने जाते हैं।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
पंचांग: मासिक शिवरात्रि और शुक्र प्रदोष व्रत का पावन संगम, शिवभक्तों के लिए खास दिन
DHARAM DESK
यह तिथि धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि आज मासिक शिवरात्रि और शुक्र प्रदोष व्रत का पावन संगम बन रहा है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की आराधना करने से पापों का क्षय होता है, साधना और ध्यान से मानसिक शांति मिलती है और विशेष रूप से संतान सुख, दांपत्य जीवन और आरोग्य की प्राप्ति होती है।
आज का पंचांग
-
विक्रम संवत : 2081
-
माह : आश्विन
-
पक्ष : कृष्ण पक्ष
-
तिथि : त्रयोदशी
-
वार : शुक्रवार
-
योग : सिद्धि
-
नक्षत्र : अश्लेषा
-
करण : गर
-
चंद्र राशि : कर्क
-
सूर्य राशि : कन्या
-
सूर्योदय : सुबह 06:27 बजे
-
सूर्यास्त : शाम 06:39 बजे
-
चंद्रोदय : तड़के 04:33 बजे (20 सितंबर)
-
चंद्रास्त : शाम 05:05 बजे
राहुकाल व अशुभ मुहूर्त
-
राहुकाल : सुबह 11:01 से दोपहर 12:33 बजे तक
-
यमगंड काल : दोपहर 03:36 से शाम 05:07 बजे तक
इन कालखंडों में कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
अश्लेषा नक्षत्र का प्रभाव
आज चंद्रमा कर्क राशि में और अश्लेषा नक्षत्र में गोचर करेंगे। अश्लेषा नक्षत्र को शुभ कार्यों के लिए प्रतिकूल माना गया है, इसलिए विवाह, गृह प्रवेश या नई शुरुआत जैसे कार्यों से परहेज करना चाहिए। हालांकि शत्रु पर विजय, तांत्रिक साधना, कठिन निर्णय और पुराने बंधनों से मुक्ति जैसे कार्य इस नक्षत्र में सफल माने जाते हैं।
