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23 सितंबर 2025 का पंचांग : नवरात्रि का दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से मिलेगा विशेष लाभ
Dharam Desk
आज मंगलवार, 23 सितंबर 2025 को आश्विन शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। यह दिन नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की आराधना के लिए समर्पित है। इस तिथि के देवता विवादेव माने जाते हैं। द्वितीया पर चंद्र दर्शन और देव स्थापना शुभ फलदायी मानी जाती है। विवाह संबंधी कार्य, वेडिंग रिंग की खरीदी तथा नए कार्यों की शुरुआत के लिए यह दिन अनुकूल है, जबकि विवाद और झगड़े से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
आज विशेष रूप से द्विपुष्कर योग बन रहा है, जो पुण्यदायी और कार्य सिद्धि के लिए उत्तम माना गया है।
आज का पंचांग
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विक्रम संवत : 2081
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मास : आश्विन
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पक्ष : शुक्ल पक्ष द्वितीया
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दिन : मंगलवार
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तिथि : शुक्ल द्वितीया
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योग : ब्रह्म
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नक्षत्र : हस्त
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करण : बलव
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चंद्र राशि : कन्या
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सूर्य राशि : कन्या
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सूर्योदय : सुबह 06:28 बजे
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सूर्यास्त : शाम 06:35 बजे
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चंद्रोदय : सुबह 07:19 बजे
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चंद्रास्त : शाम 06:58 बजे
आज का अशुभ समय
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राहुकाल : दोपहर 15:33 से 17:04 बजे तक
-
यमगंड : सुबह 11:00 से 12:31 बजे तक
👉 इस दौरान कोई भी शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।
हस्त नक्षत्र का महत्व
आज चंद्रमा कन्या राशि और हस्त नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
यह नक्षत्र शिक्षा, उद्योग, यात्रा, चिकित्सा, खेल-कूद और मित्रों से मुलाकात जैसे कार्यों के लिए शुभ है।
नवरात्रि का महत्व
नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से तप, संयम और साधना की शक्ति मिलती है। जीवन में आत्मविश्वास बढ़ता है और सभी कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।
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23 सितंबर 2025 का पंचांग : नवरात्रि का दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से मिलेगा विशेष लाभ
Dharam Desk
आज मंगलवार, 23 सितंबर 2025 को आश्विन शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। यह दिन नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की आराधना के लिए समर्पित है। इस तिथि के देवता विवादेव माने जाते हैं। द्वितीया पर चंद्र दर्शन और देव स्थापना शुभ फलदायी मानी जाती है। विवाह संबंधी कार्य, वेडिंग रिंग की खरीदी तथा नए कार्यों की शुरुआत के लिए यह दिन अनुकूल है, जबकि विवाद और झगड़े से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
आज विशेष रूप से द्विपुष्कर योग बन रहा है, जो पुण्यदायी और कार्य सिद्धि के लिए उत्तम माना गया है।
आज का पंचांग
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विक्रम संवत : 2081
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मास : आश्विन
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पक्ष : शुक्ल पक्ष द्वितीया
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दिन : मंगलवार
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तिथि : शुक्ल द्वितीया
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योग : ब्रह्म
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नक्षत्र : हस्त
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करण : बलव
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चंद्र राशि : कन्या
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सूर्य राशि : कन्या
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सूर्योदय : सुबह 06:28 बजे
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सूर्यास्त : शाम 06:35 बजे
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चंद्रोदय : सुबह 07:19 बजे
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चंद्रास्त : शाम 06:58 बजे
आज का अशुभ समय
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राहुकाल : दोपहर 15:33 से 17:04 बजे तक
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यमगंड : सुबह 11:00 से 12:31 बजे तक
👉 इस दौरान कोई भी शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।
हस्त नक्षत्र का महत्व
आज चंद्रमा कन्या राशि और हस्त नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
यह नक्षत्र शिक्षा, उद्योग, यात्रा, चिकित्सा, खेल-कूद और मित्रों से मुलाकात जैसे कार्यों के लिए शुभ है।
नवरात्रि का महत्व
नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से तप, संयम और साधना की शक्ति मिलती है। जीवन में आत्मविश्वास बढ़ता है और सभी कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।
