- Hindi News
- धर्म
- मकर संक्रांति पर होगा महाकुंभ का दूसरा शाही स्नान, जानें इस दिन का महत्व
मकर संक्रांति पर होगा महाकुंभ का दूसरा शाही स्नान, जानें इस दिन का महत्व
Dharm Desk
महाकुंभ हिंदू धर्म का सबसे बड़ा और पवित्र मेला है. हर बार जब यह आयोजित होता है, तो लाखों श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान करने के लिए इकट्ठा होते हैं. इन स्नानों में से कुछ को 'शाही स्नान' कहा जाता है, जो विशेष रूप से महत्वपूर्ण माने जाते हैं. आइए जानते हैं.
महाकुंभ विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है. प्रयागराज में अगले साल 13 जनवरी से इसका आयोजन होने जा रहा है. महाकुंभ का आयोजन 13 जनवरी से 26 फरवरी तक होगा. इस महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाने के लिए तमाम अखाड़ों के साधु संतों के साथ-साथ विश्वभर से श्रद्धालु पहुंचेंगे. इस महाकुंभ में कुल छह शाही स्नान किए जाएंगे. पौष पूर्णिमा यानी 13 जनवरी से स्नान शुरू हो जाएंगे. आइए इस खास मौके पर जानते हैं महाकुंभ के दूसरे शाही स्नान के बारे में जो इस बार मकर संक्रांति के दिन पड़ रहा है.
मकर संक्रांति पर स्नान का शुभ मुहूर्त
महाकुंभ का दूसरा शाही स्नान साल के पहले पर्व यानी मकर संक्रांति पर किया जाएगा. साल 2025 में मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाएगी. मकर संक्रांति पर स्नान और दान करने से बड़ा पुण्य मिलता है. मान्यता के अनुसार, इस दिन स्नान करने से पाप मिटते हैं और सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती है. मकर संक्रांति पर स्नान के शुभ मुहूर्त की करें तो पंचांग के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त 5 बजकर 27 मिनट से लेकर 6 बजकर 21 मिनट तक रहेगा.
मकर संक्रांति पर स्नान का महत्व
मकर संक्रांति पर स्नान का विशेष महत्व है. इस दिन गंगा स्नान से मोक्ष मिलने की बात भी हिंदू धर्म शास्त्रों में भी कही गई हैं. मान्यता है कि मकर संक्रांति पर स्नान करने वालों के लोक और परलोक दोनों सुधर जाते हैं. इस दिन जो गंगा स्नान करता है उसको 10 अश्वमेध यज्ञ और 1,000 गायों के दान करने के बराबर पुण्य मिलता है. मकर संक्रांति पर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना बहुत अधिक फलदायी माना गया है.
दान करना होता है शुभ
मकर संक्रांति पर स्नान के साथ-साथ दान भी किया जाता है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार इस दिन दान करने से जीवन मेंं कष्टों से मुक्ति मिल जाती है. इस दिन खिचड़ी, घी, गुड़, गर्म कपड़े और काले तिल को दान करने का विधान है.
Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र के नियमों पर आधारित है. dainikjagranmpcg.com इसकी पुष्टि नहीं करता है.
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
मकर संक्रांति पर होगा महाकुंभ का दूसरा शाही स्नान, जानें इस दिन का महत्व
Dharm Desk
महाकुंभ विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है. प्रयागराज में अगले साल 13 जनवरी से इसका आयोजन होने जा रहा है. महाकुंभ का आयोजन 13 जनवरी से 26 फरवरी तक होगा. इस महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाने के लिए तमाम अखाड़ों के साधु संतों के साथ-साथ विश्वभर से श्रद्धालु पहुंचेंगे. इस महाकुंभ में कुल छह शाही स्नान किए जाएंगे. पौष पूर्णिमा यानी 13 जनवरी से स्नान शुरू हो जाएंगे. आइए इस खास मौके पर जानते हैं महाकुंभ के दूसरे शाही स्नान के बारे में जो इस बार मकर संक्रांति के दिन पड़ रहा है.
मकर संक्रांति पर स्नान का शुभ मुहूर्त
महाकुंभ का दूसरा शाही स्नान साल के पहले पर्व यानी मकर संक्रांति पर किया जाएगा. साल 2025 में मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाएगी. मकर संक्रांति पर स्नान और दान करने से बड़ा पुण्य मिलता है. मान्यता के अनुसार, इस दिन स्नान करने से पाप मिटते हैं और सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती है. मकर संक्रांति पर स्नान के शुभ मुहूर्त की करें तो पंचांग के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त 5 बजकर 27 मिनट से लेकर 6 बजकर 21 मिनट तक रहेगा.
मकर संक्रांति पर स्नान का महत्व
मकर संक्रांति पर स्नान का विशेष महत्व है. इस दिन गंगा स्नान से मोक्ष मिलने की बात भी हिंदू धर्म शास्त्रों में भी कही गई हैं. मान्यता है कि मकर संक्रांति पर स्नान करने वालों के लोक और परलोक दोनों सुधर जाते हैं. इस दिन जो गंगा स्नान करता है उसको 10 अश्वमेध यज्ञ और 1,000 गायों के दान करने के बराबर पुण्य मिलता है. मकर संक्रांति पर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना बहुत अधिक फलदायी माना गया है.
दान करना होता है शुभ
मकर संक्रांति पर स्नान के साथ-साथ दान भी किया जाता है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार इस दिन दान करने से जीवन मेंं कष्टों से मुक्ति मिल जाती है. इस दिन खिचड़ी, घी, गुड़, गर्म कपड़े और काले तिल को दान करने का विधान है.
Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र के नियमों पर आधारित है. dainikjagranmpcg.com इसकी पुष्टि नहीं करता है.
