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Diwali 2025: मां लक्ष्मी और गणेश पूजा में ये 7 अनोखे भोग, घर में बरसेगी खुशहाली और समृद्धि
Dharm, Desk
दीपावली का त्योहार रोशनी, मिठाइयों और रंग-बिरंगे दीयों का ही नहीं, बल्कि मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का भी विशेष समय है। इस दिन देवी-देवताओं को अर्पित किए जाने वाले भोग घर में खुशहाली, संपन्नता और सकारात्मक ऊर्जा लाने का प्रतीक माने जाते हैं।
पूजा में अर्पित करने योग्य 7 भोग:
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अक्षत (धान और चावल)
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यह समृद्धि और शुद्धता का प्रतीक है। नए अन्न का प्रतीक होने के कारण मां लक्ष्मी के लिए विशेष महत्व रखता है।
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मिश्री और बताशे
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मीठा प्रसाद सभी वर्गों के लिए समान रूप से उपलब्ध होता है और यह सरलता एवं सौभाग्य का प्रतीक है।
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तिल, गुड़ और मूंगफली
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ये शुद्धता, ऊर्जा और सौभाग्य का प्रतीक हैं और ठंडे मौसम में विशेष लाभकारी माने जाते हैं।
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फल – अनार, नारियल और मौसमी फल
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अनार सुंदरता और समृद्धि का, नारियल शुद्धता का और मौसमी फल प्रकृति की देन का प्रतीक है।
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खीर या हलवा
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घर पर बनाए गए ये मिठाई वाले भोग श्रद्धा और भक्ति का संकेत देते हैं।
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सूखे मेवे – बादाम, काजू, किशमिश
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वैभव, ऐश्वर्य और संपन्नता के प्रतीक के रूप में अर्पित किए जाते हैं।
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कमल के फूल और पत्ते
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मां लक्ष्मी का प्रिय फूल, पवित्रता, सौंदर्य और आध्यात्मिक संतुलन का प्रतीक है।
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पूजा की विशेष टिप्स:
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पूजा स्थल हमेशा साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखें।
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तेल का दीपक जलाएं और शंख की ध्वनि से वातावरण को पवित्र बनाएं।
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भोग को श्रद्धा और सरलता के साथ अर्पित करना शुभ माना जाता है।
इन सात भोगों को अर्पित कर आप न केवल मां लक्ष्मी और भगवान गणेश को प्रसन्न करेंगे, बल्कि अपने घर में दिवाली की खुशियों और समृद्धि को भी दोगुना कर पाएंगे।
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Diwali 2025: मां लक्ष्मी और गणेश पूजा में ये 7 अनोखे भोग, घर में बरसेगी खुशहाली और समृद्धि
Dharm, Desk
दीपावली का त्योहार रोशनी, मिठाइयों और रंग-बिरंगे दीयों का ही नहीं, बल्कि मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का भी विशेष समय है। इस दिन देवी-देवताओं को अर्पित किए जाने वाले भोग घर में खुशहाली, संपन्नता और सकारात्मक ऊर्जा लाने का प्रतीक माने जाते हैं।
पूजा में अर्पित करने योग्य 7 भोग:
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अक्षत (धान और चावल)
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यह समृद्धि और शुद्धता का प्रतीक है। नए अन्न का प्रतीक होने के कारण मां लक्ष्मी के लिए विशेष महत्व रखता है।
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मिश्री और बताशे
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मीठा प्रसाद सभी वर्गों के लिए समान रूप से उपलब्ध होता है और यह सरलता एवं सौभाग्य का प्रतीक है।
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तिल, गुड़ और मूंगफली
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ये शुद्धता, ऊर्जा और सौभाग्य का प्रतीक हैं और ठंडे मौसम में विशेष लाभकारी माने जाते हैं।
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फल – अनार, नारियल और मौसमी फल
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अनार सुंदरता और समृद्धि का, नारियल शुद्धता का और मौसमी फल प्रकृति की देन का प्रतीक है।
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खीर या हलवा
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घर पर बनाए गए ये मिठाई वाले भोग श्रद्धा और भक्ति का संकेत देते हैं।
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सूखे मेवे – बादाम, काजू, किशमिश
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वैभव, ऐश्वर्य और संपन्नता के प्रतीक के रूप में अर्पित किए जाते हैं।
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कमल के फूल और पत्ते
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मां लक्ष्मी का प्रिय फूल, पवित्रता, सौंदर्य और आध्यात्मिक संतुलन का प्रतीक है।
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पूजा की विशेष टिप्स:
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पूजा स्थल हमेशा साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखें।
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तेल का दीपक जलाएं और शंख की ध्वनि से वातावरण को पवित्र बनाएं।
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भोग को श्रद्धा और सरलता के साथ अर्पित करना शुभ माना जाता है।
इन सात भोगों को अर्पित कर आप न केवल मां लक्ष्मी और भगवान गणेश को प्रसन्न करेंगे, बल्कि अपने घर में दिवाली की खुशियों और समृद्धि को भी दोगुना कर पाएंगे।
