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आज इसी मुहूर्त में करें प्रभु श्री राम और माता सीता की पूजा, घर में आएगी खुशहाली और संपन्नता
Dharm Desk
आज विवाह पंचमी यानी भगवान राम और माता सीता की वैवाहिक वर्षगांठ मनाया जा रहा है। मान्यताओं के अनुसार, आज ही के दिन जनकपुर में प्रभु राम और जनक नंदिनी मां जानकी का विवाह संपन्न हुआ था।
आज विवाह पंचमी का पर्व मनाया जा रहा है। नेपाल के जनकपुर और अयोध्या में विवाह पंचमी की खास धूम रहती है। यहां कई दिनों पहले से माता सीता और भगवान राम के विवाह की वर्षगांठ की तैयारी शुरू हो जाती है। जनकपुर में आज भी विधि विधान के साथ मां जानकी और राम जी का विवाह संपन्न करवाया जाता है। जैसे एक बेटी का विवाह पूरे रस्म रिवाज के साथ किया जाता है ठीक उसी तरह माता सीता के विवाह की तैयारी की जाती है। इसके बाद विवाह पंचमी के दिन धूमधाम के साथ प्रभु राम और मां सीता का विवाह संपन्न करवाया जाता है। बता दें कि अयोध्या से जनकपुर प्रभु श्रीराम की बारात भी आती है। बता दें जिस तरह भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या है उसी प्रकार मां सीता की जन्मस्थली मिथिला नगरी जनकपुर है।
शुभ मुहूर्त
हर साल विवाह पंचमी का पर्व मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यही वो पावन दिन था जब भगवान राम और माता सीता का विवाह हुआ था है। विवाह पंचमी के दिन शुभ मुहूर्त में राम जानकी की पूजा करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इस साल मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि का आरंभ 5 दिसंबर को दोपहर 12 बजकर 49 मिनट पर हो चुका है। पंचमी तिथि समाप्त 6 दिसंबर को दोपहर 12 बजकर 7 मिनट पर होगा। जातक इस दौरान भगवान राम और माता सीता की पूजा कर लाभ उठा सकते हैं।
विवाह पंचमी का महत्व
विवाह पंचमी के दिन भगवान राम और मां जानकी की विधिवत पूजा-अर्चना करने से सुख-सौभाग्य में बढ़ोतरी होती है। हिंदू धर्म में राम-सीता की जोड़ी को एक आदर्श पति-पत्नी के रूप में जाना जाता है। कहते हैं कि विवाह पंचमी के दिन प्रभु राम और मां सीता की पूजा करने से शादी में आ रही सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं। साथ ही पति-पत्नी का रिश्ता पहले से और अधिक मजबूत हो जाता है।
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आज इसी मुहूर्त में करें प्रभु श्री राम और माता सीता की पूजा, घर में आएगी खुशहाली और संपन्नता
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आज विवाह पंचमी का पर्व मनाया जा रहा है। नेपाल के जनकपुर और अयोध्या में विवाह पंचमी की खास धूम रहती है। यहां कई दिनों पहले से माता सीता और भगवान राम के विवाह की वर्षगांठ की तैयारी शुरू हो जाती है। जनकपुर में आज भी विधि विधान के साथ मां जानकी और राम जी का विवाह संपन्न करवाया जाता है। जैसे एक बेटी का विवाह पूरे रस्म रिवाज के साथ किया जाता है ठीक उसी तरह माता सीता के विवाह की तैयारी की जाती है। इसके बाद विवाह पंचमी के दिन धूमधाम के साथ प्रभु राम और मां सीता का विवाह संपन्न करवाया जाता है। बता दें कि अयोध्या से जनकपुर प्रभु श्रीराम की बारात भी आती है। बता दें जिस तरह भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या है उसी प्रकार मां सीता की जन्मस्थली मिथिला नगरी जनकपुर है।
शुभ मुहूर्त
हर साल विवाह पंचमी का पर्व मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यही वो पावन दिन था जब भगवान राम और माता सीता का विवाह हुआ था है। विवाह पंचमी के दिन शुभ मुहूर्त में राम जानकी की पूजा करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इस साल मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि का आरंभ 5 दिसंबर को दोपहर 12 बजकर 49 मिनट पर हो चुका है। पंचमी तिथि समाप्त 6 दिसंबर को दोपहर 12 बजकर 7 मिनट पर होगा। जातक इस दौरान भगवान राम और माता सीता की पूजा कर लाभ उठा सकते हैं।
विवाह पंचमी का महत्व
विवाह पंचमी के दिन भगवान राम और मां जानकी की विधिवत पूजा-अर्चना करने से सुख-सौभाग्य में बढ़ोतरी होती है। हिंदू धर्म में राम-सीता की जोड़ी को एक आदर्श पति-पत्नी के रूप में जाना जाता है। कहते हैं कि विवाह पंचमी के दिन प्रभु राम और मां सीता की पूजा करने से शादी में आ रही सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं। साथ ही पति-पत्नी का रिश्ता पहले से और अधिक मजबूत हो जाता है।
