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आज का पंचांग: 26 मई सोमवार – वट सावित्री व्रत और दर्श अमावस्या पर करें विशेष पूजन
Dharm Desk
आज 26 मई 2025, सोमवार का दिन हिंदू धर्म की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
आज वट सावित्री व्रत और दर्श अमावस्या दोनों का संयोग बन रहा है, जो विशेष फलदायी माना जाता है। इसके अतिरिक्त, आज ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है, जो दोपहर 12:11 बजे तक रहेगी।
इस दिन भगवान शिव की पूजा और साधना करना विशेष फलदायी माना गया है। हालांकि, आज विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य वर्जित माने गए हैं। भरणी नक्षत्र और चतुर्दशी तिथि का संयोग शुभ कार्यों के लिए प्रतिकूल होता है।
26 मई 2025 का विस्तृत पंचांग:
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दिन: सोमवार
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तिथि: ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष चतुर्दशी (दोपहर 12:11 बजे तक)
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नक्षत्र: भरणी
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योग: शोभन
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करण: शकुनी
-
सूर्योदय: सुबह 05:54 बजे
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सूर्यास्त: शाम 07:18 बजे
-
चंद्रोदय: सुबह 05:05 बजे
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चंद्रास्त: शाम 06:35 बजे
-
चंद्र राशि: मेष
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सूर्य राशि: वृषभ
-
विक्रम संवत: 2081
-
राहुकाल: 07:35 से 09:15 तक
-
यमगंड: 10:56 से 12:36 तक
वट सावित्री व्रत का महत्व:
वट सावित्री व्रत सुहागिन स्त्रियों द्वारा पति की दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखा जाता है। इस दिन महिलाएं वटवृक्ष (बरगद के पेड़) की पूजा कर सावित्री और सत्यवान की कथा सुनती हैं। व्रत में सुहागिन स्त्रियां निर्जला उपवास करती हैं और वटवृक्ष की परिक्रमा कर उसकी जड़ में जल अर्पित करती हैं।
आज के दिन किन कार्यों से बचें:
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विवाह, सगाई, मुंडन, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्यों से बचें।
-
भरणी नक्षत्र में कोई भी नया शुभ कार्य शुरू न करें।
-
चतुर्दशी तिथि तामसिक मानी जाती है, इसलिए मांगलिक कामों के लिए शुभ नहीं होती।
-
राहुकाल (07:35 से 09:15) और यमगंड (10:56 से 12:36) में कोई भी नया कार्य शुरू न करें।
किन कार्यों के लिए अनुकूल है आज का दिन:
भरणी नक्षत्र के प्रभाव से आज:
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भूमि संबंधित कार्य
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कृषि कार्य
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दवाई बनाना
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अग्नि या धातु से जुड़े कार्य
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क्रूर या साहसी कार्यों की योजना बनाना
-
प्रतियोगिताओं में भाग लेना
इन कार्यों में सफलता की संभावना अधिक रहती है।
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आज का पंचांग: 26 मई सोमवार – वट सावित्री व्रत और दर्श अमावस्या पर करें विशेष पूजन
Dharm Desk
आज वट सावित्री व्रत और दर्श अमावस्या दोनों का संयोग बन रहा है, जो विशेष फलदायी माना जाता है। इसके अतिरिक्त, आज ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है, जो दोपहर 12:11 बजे तक रहेगी।
इस दिन भगवान शिव की पूजा और साधना करना विशेष फलदायी माना गया है। हालांकि, आज विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य वर्जित माने गए हैं। भरणी नक्षत्र और चतुर्दशी तिथि का संयोग शुभ कार्यों के लिए प्रतिकूल होता है।
26 मई 2025 का विस्तृत पंचांग:
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दिन: सोमवार
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तिथि: ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष चतुर्दशी (दोपहर 12:11 बजे तक)
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नक्षत्र: भरणी
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योग: शोभन
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करण: शकुनी
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सूर्योदय: सुबह 05:54 बजे
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सूर्यास्त: शाम 07:18 बजे
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चंद्रोदय: सुबह 05:05 बजे
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चंद्रास्त: शाम 06:35 बजे
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चंद्र राशि: मेष
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सूर्य राशि: वृषभ
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विक्रम संवत: 2081
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राहुकाल: 07:35 से 09:15 तक
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यमगंड: 10:56 से 12:36 तक
वट सावित्री व्रत का महत्व:
वट सावित्री व्रत सुहागिन स्त्रियों द्वारा पति की दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखा जाता है। इस दिन महिलाएं वटवृक्ष (बरगद के पेड़) की पूजा कर सावित्री और सत्यवान की कथा सुनती हैं। व्रत में सुहागिन स्त्रियां निर्जला उपवास करती हैं और वटवृक्ष की परिक्रमा कर उसकी जड़ में जल अर्पित करती हैं।
आज के दिन किन कार्यों से बचें:
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विवाह, सगाई, मुंडन, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्यों से बचें।
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भरणी नक्षत्र में कोई भी नया शुभ कार्य शुरू न करें।
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चतुर्दशी तिथि तामसिक मानी जाती है, इसलिए मांगलिक कामों के लिए शुभ नहीं होती।
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राहुकाल (07:35 से 09:15) और यमगंड (10:56 से 12:36) में कोई भी नया कार्य शुरू न करें।
किन कार्यों के लिए अनुकूल है आज का दिन:
भरणी नक्षत्र के प्रभाव से आज:
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भूमि संबंधित कार्य
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कृषि कार्य
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दवाई बनाना
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अग्नि या धातु से जुड़े कार्य
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क्रूर या साहसी कार्यों की योजना बनाना
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प्रतियोगिताओं में भाग लेना
इन कार्यों में सफलता की संभावना अधिक रहती है।
