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आज का पंचांग: द्विपुष्कर योग और सर्वार्थ सिद्धि योग में करें पारण, मिलेगा निर्जला एकादशी व्रत का पुण्य
Dharm Desk
7 जून 2025, शनिवार को ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है।
यह दिन निर्जला एकादशी व्रत के पारण के लिए बेहद पावन माना गया है। खास बात यह है कि आज द्विपुष्कर योग और सर्वार्थ सिद्धि योग जैसे शुभ संयोग भी बन रहे हैं, जो किसी भी कार्य के लिए इसे अत्यंत फलदायी बनाते हैं।
पंचांग विवरण
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विक्रम संवत: 2081
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माह: ज्येष्ठ
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तिथि: शुक्ल पक्ष द्वादशी
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वार: शनिवार
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नक्षत्र: चित्रा (देवता - विश्वकर्मा)
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योग: वरियान
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करण: बव
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चंद्र राशि: तुला
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सूर्य राशि: वृषभ
दिनचर्या और शुभ मुहूर्त
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सूर्योदय: 05:53 AM
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सूर्यास्त: 07:23 PM
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चंद्रोदय: 03:55 PM
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चंद्रास्त: 02:57 AM (8 जून)
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राहुकाल: 09:15 AM से 10:57 AM तक
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यमगंड काल: 02:19 PM से 04:00 PM तक
धार्मिक महत्व और उपाय
आज का दिन दान, उपवास पारण, और धर्म-कर्म के लिए श्रेष्ठ है। विशेष रूप से निर्जला एकादशी का पारण करने से वर्षभर की सभी एकादशियों का फल प्राप्त होता है। आप तुलसी जल अर्पण, पितृ तर्पण और अन्न-जल दान जैसे कार्य करके पुण्य अर्जित कर सकते हैं।
द्विपुष्कर योग में क्या करें?
इस योग में जो कार्य एक बार किया जाए, उसका फल दो गुना मिलता है। इसलिए आज के दिन नई योजनाएं शुरू करना, भूमि-भवन क्रय करना या निवेश करना अत्यंत लाभदायक रहेगा।
क्या न करें?
राहुकाल व यमगंड काल में कोई भी शुभ कार्य करने से बचें। विवाह, यात्रा या खरीदारी जैसे काम इस समय न करें।
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आज का पंचांग: द्विपुष्कर योग और सर्वार्थ सिद्धि योग में करें पारण, मिलेगा निर्जला एकादशी व्रत का पुण्य
Dharm Desk
यह दिन निर्जला एकादशी व्रत के पारण के लिए बेहद पावन माना गया है। खास बात यह है कि आज द्विपुष्कर योग और सर्वार्थ सिद्धि योग जैसे शुभ संयोग भी बन रहे हैं, जो किसी भी कार्य के लिए इसे अत्यंत फलदायी बनाते हैं।
पंचांग विवरण
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विक्रम संवत: 2081
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माह: ज्येष्ठ
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तिथि: शुक्ल पक्ष द्वादशी
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वार: शनिवार
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नक्षत्र: चित्रा (देवता - विश्वकर्मा)
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योग: वरियान
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करण: बव
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चंद्र राशि: तुला
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सूर्य राशि: वृषभ
दिनचर्या और शुभ मुहूर्त
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सूर्योदय: 05:53 AM
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सूर्यास्त: 07:23 PM
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चंद्रोदय: 03:55 PM
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चंद्रास्त: 02:57 AM (8 जून)
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राहुकाल: 09:15 AM से 10:57 AM तक
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यमगंड काल: 02:19 PM से 04:00 PM तक
धार्मिक महत्व और उपाय
आज का दिन दान, उपवास पारण, और धर्म-कर्म के लिए श्रेष्ठ है। विशेष रूप से निर्जला एकादशी का पारण करने से वर्षभर की सभी एकादशियों का फल प्राप्त होता है। आप तुलसी जल अर्पण, पितृ तर्पण और अन्न-जल दान जैसे कार्य करके पुण्य अर्जित कर सकते हैं।
द्विपुष्कर योग में क्या करें?
इस योग में जो कार्य एक बार किया जाए, उसका फल दो गुना मिलता है। इसलिए आज के दिन नई योजनाएं शुरू करना, भूमि-भवन क्रय करना या निवेश करना अत्यंत लाभदायक रहेगा।
क्या न करें?
राहुकाल व यमगंड काल में कोई भी शुभ कार्य करने से बचें। विवाह, यात्रा या खरीदारी जैसे काम इस समय न करें।
