- Hindi News
- धर्म
- आज का पंचांग: वैशाख कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि, शुभ कार्यों से करें परहेज – जानें आज का दिन क्यों है
आज का पंचांग: वैशाख कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि, शुभ कार्यों से करें परहेज – जानें आज का दिन क्यों है विशेष
Dharm Desk
आज सोमवार, वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है।
पंचांग के अनुसार यह दिन काल भैरव को समर्पित माना गया है, जिन्हें समय का अधिपति और रक्षक देवता माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज के दिन शुभ कार्य, नई योजनाओं की शुरुआत, नए संबंधों की बातचीत, या मेडिकल ट्रीटमेंट से परहेज करना चाहिए, क्योंकि इससे हानि या विघ्न के संकेत मिलते हैं।
21 अप्रैल 2025 – दिन का पंचांग
| पंचांग तत्व | विवरण |
|---|---|
| विक्रम संवत | 2081 |
| मास | वैशाख |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| तिथि | अष्टमी |
| वार | सोमवार |
| योग | साध्य |
| नक्षत्र | उत्तराषाढ़ा |
| करण | बलव |
| चंद्र राशि | मकर |
| सूर्य राशि | मेष |
| सूर्योदय | 06:14 AM |
| सूर्यास्त | 07:02 PM |
| चंद्रोदय | 02:09 AM (22 अप्रैल) |
| चंद्रास्त | 11:57 AM |
| राहुकाल | 07:50 AM – 09:26 AM |
| यमगंड | 11:02 AM – 12:38 PM |
क्या करें, क्या न करें आज के दिन
-
वर्जित कार्य:
आज के दिन शुभ कार्य, विवाह, वाहन खरीद, नया व्यापार, या मेडिकल सर्जरी टालना श्रेयस्कर रहेगा। राहुकाल और यमगंड जैसे अशुभ समयों से भी बचना चाहिए। -
उपयुक्त कार्य:
हालांकि उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के कारण यदि किसी कार्य में स्थायित्व या दीर्घकालिक सफलता की इच्छा हो, जैसे भूमि पूजन, मंदिर निर्माण, कुआं खोदना, बीज बोना इत्यादि, तो उसे सावधानी से शुद्ध मुहूर्त में किया जा सकता है। -
विशेष उपाय:
चूंकि आज का दिन काल भैरव से जुड़ा है, इसलिए भैरव चालीसा का पाठ, सरसों के तेल का दीपक, और काले तिल या उड़द का दान विशेष फलदायी माना गया है।
आज का नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा – सफलता का प्रतीक
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र स्थिर प्रकृति का माना जाता है, जिसका स्वामी सूर्य है और देवता विश्वदेव हैं। यह नक्षत्र आत्म-नियंत्रण, दीर्घकालिक योजना और उच्च लक्ष्य पाने में सहायक माना जाता है। अतः ध्यान, अध्ययन और साधना के लिए आज का दिन उपयुक्त है।
नोट: अगर कोई नया कार्य बहुत आवश्यक हो, तो प्रमाणित पंचांग विशेषज्ञ से शुभ मुहूर्त जानकर ही आरंभ करें।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
आज का पंचांग: वैशाख कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि, शुभ कार्यों से करें परहेज – जानें आज का दिन क्यों है विशेष
Dharm Desk
पंचांग के अनुसार यह दिन काल भैरव को समर्पित माना गया है, जिन्हें समय का अधिपति और रक्षक देवता माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज के दिन शुभ कार्य, नई योजनाओं की शुरुआत, नए संबंधों की बातचीत, या मेडिकल ट्रीटमेंट से परहेज करना चाहिए, क्योंकि इससे हानि या विघ्न के संकेत मिलते हैं।
21 अप्रैल 2025 – दिन का पंचांग
| पंचांग तत्व | विवरण |
|---|---|
| विक्रम संवत | 2081 |
| मास | वैशाख |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| तिथि | अष्टमी |
| वार | सोमवार |
| योग | साध्य |
| नक्षत्र | उत्तराषाढ़ा |
| करण | बलव |
| चंद्र राशि | मकर |
| सूर्य राशि | मेष |
| सूर्योदय | 06:14 AM |
| सूर्यास्त | 07:02 PM |
| चंद्रोदय | 02:09 AM (22 अप्रैल) |
| चंद्रास्त | 11:57 AM |
| राहुकाल | 07:50 AM – 09:26 AM |
| यमगंड | 11:02 AM – 12:38 PM |
क्या करें, क्या न करें आज के दिन
-
वर्जित कार्य:
आज के दिन शुभ कार्य, विवाह, वाहन खरीद, नया व्यापार, या मेडिकल सर्जरी टालना श्रेयस्कर रहेगा। राहुकाल और यमगंड जैसे अशुभ समयों से भी बचना चाहिए। -
उपयुक्त कार्य:
हालांकि उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के कारण यदि किसी कार्य में स्थायित्व या दीर्घकालिक सफलता की इच्छा हो, जैसे भूमि पूजन, मंदिर निर्माण, कुआं खोदना, बीज बोना इत्यादि, तो उसे सावधानी से शुद्ध मुहूर्त में किया जा सकता है। -
विशेष उपाय:
चूंकि आज का दिन काल भैरव से जुड़ा है, इसलिए भैरव चालीसा का पाठ, सरसों के तेल का दीपक, और काले तिल या उड़द का दान विशेष फलदायी माना गया है।
आज का नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा – सफलता का प्रतीक
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र स्थिर प्रकृति का माना जाता है, जिसका स्वामी सूर्य है और देवता विश्वदेव हैं। यह नक्षत्र आत्म-नियंत्रण, दीर्घकालिक योजना और उच्च लक्ष्य पाने में सहायक माना जाता है। अतः ध्यान, अध्ययन और साधना के लिए आज का दिन उपयुक्त है।
नोट: अगर कोई नया कार्य बहुत आवश्यक हो, तो प्रमाणित पंचांग विशेषज्ञ से शुभ मुहूर्त जानकर ही आरंभ करें।
