- Hindi News
- धर्म
- आज का पंचांग : सावन के तीसरे सोमवार पर शिवभक्ति से होंगे समस्त मनोरथ पूर्ण
आज का पंचांग : सावन के तीसरे सोमवार पर शिवभक्ति से होंगे समस्त मनोरथ पूर्ण
DHARAM DESK
श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व होता है, और आज सावन का तीसरा सोमवार है —
जो भोलेनाथ की कृपा पाने का श्रेष्ठ दिन माना गया है। हालांकि आज शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि भी है, जिसे "रिक्ता तिथि" माना गया है, यानी इस दिन कोई भी मांगलिक या शुभ कार्य वर्जित है। यह तिथि रणनीतिक योजना, विरोधी पर विजय और आत्म-चिंतन के लिए जरूर उत्तम मानी जाती है।
28 जुलाई 2025 का पंचांग
-
दिन: सोमवार
-
हिंदू मास: श्रावण
-
पक्ष: शुक्ल पक्ष
-
तिथि: चतुर्थी (रिक्ता तिथि)
-
नक्षत्र: पूर्वाफाल्गुनी
-
योग: परिध
-
करण: वणिज
-
चंद्र राशि: सिंह
-
सूर्य राशि: कर्क
सूर्योदय और सूर्यास्त
-
सूर्योदय: सुबह 06:08 बजे
-
सूर्यास्त: शाम 07:23 बजे
चंद्रोदय और चंद्रास्त
-
चंद्रोदय: सुबह 08:55 बजे
-
चंद्रास्त: रात 09:34 बजे
अशुभ समय (राहुकाल, यमगंड, गुलिक काल)
-
राहुकाल: सुबह 07:47 से 09:27 बजे तक
-
यमगंड: 11:06 से 12:45 बजे तक
-
गुलिक काल: 01:25 से 03:04 बजे तक
-
इन समयों में शुभ कार्यों से बचना चाहिए।
पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र का प्रभाव
-
यह नक्षत्र सिंह राशि में स्थित होता है और इसके देवता स्वयं भगवान शिव हैं।
-
शासक ग्रह शुक्र होने से यह सौंदर्य, विलासिता, वस्त्राभूषण और सांस्कृतिक कार्यों के लिए शुभ है।
-
नए वस्त्र, आभूषण धारण करना, किसी प्रकार की शिव-पूजा या तांत्रिक साधना, तथा भावनात्मक रिश्तों को मजबूत करने के लिए उत्तम दिन है।
विशेष सलाह
-
सावन सोमवार के व्रत में सुबह स्नान कर शिवलिंग पर जल, बेलपत्र, दूध, दही और शहद चढ़ाएं।
-
"ॐ नमः शिवाय" मंत्र का 108 बार जाप करें।
-
आज अगर नया कार्य या यात्रा करनी हो तो राहुकाल से अवश्य बचें।
आज का दिन शिवभक्ति और आत्मचिंतन के लिए आदर्श है। शुभ कार्यों की शुरुआत से पहले पंचांग देखकर सही मुहूर्त का चयन करें। नए वस्त्र, गहनों की खरीदारी और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र का प्रभाव अनुकूल है, परंतु चतुर्थी की रिक्ता तिथि को ध्यान में रखते हुए शादी, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे कार्यों को टालना उचित रहेगा।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
आज का पंचांग : सावन के तीसरे सोमवार पर शिवभक्ति से होंगे समस्त मनोरथ पूर्ण
DHARAM DESK
जो भोलेनाथ की कृपा पाने का श्रेष्ठ दिन माना गया है। हालांकि आज शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि भी है, जिसे "रिक्ता तिथि" माना गया है, यानी इस दिन कोई भी मांगलिक या शुभ कार्य वर्जित है। यह तिथि रणनीतिक योजना, विरोधी पर विजय और आत्म-चिंतन के लिए जरूर उत्तम मानी जाती है।
28 जुलाई 2025 का पंचांग
-
दिन: सोमवार
-
हिंदू मास: श्रावण
-
पक्ष: शुक्ल पक्ष
-
तिथि: चतुर्थी (रिक्ता तिथि)
-
नक्षत्र: पूर्वाफाल्गुनी
-
योग: परिध
-
करण: वणिज
-
चंद्र राशि: सिंह
-
सूर्य राशि: कर्क
सूर्योदय और सूर्यास्त
-
सूर्योदय: सुबह 06:08 बजे
-
सूर्यास्त: शाम 07:23 बजे
चंद्रोदय और चंद्रास्त
-
चंद्रोदय: सुबह 08:55 बजे
-
चंद्रास्त: रात 09:34 बजे
अशुभ समय (राहुकाल, यमगंड, गुलिक काल)
-
राहुकाल: सुबह 07:47 से 09:27 बजे तक
-
यमगंड: 11:06 से 12:45 बजे तक
-
गुलिक काल: 01:25 से 03:04 बजे तक
-
इन समयों में शुभ कार्यों से बचना चाहिए।
पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र का प्रभाव
-
यह नक्षत्र सिंह राशि में स्थित होता है और इसके देवता स्वयं भगवान शिव हैं।
-
शासक ग्रह शुक्र होने से यह सौंदर्य, विलासिता, वस्त्राभूषण और सांस्कृतिक कार्यों के लिए शुभ है।
-
नए वस्त्र, आभूषण धारण करना, किसी प्रकार की शिव-पूजा या तांत्रिक साधना, तथा भावनात्मक रिश्तों को मजबूत करने के लिए उत्तम दिन है।
विशेष सलाह
-
सावन सोमवार के व्रत में सुबह स्नान कर शिवलिंग पर जल, बेलपत्र, दूध, दही और शहद चढ़ाएं।
-
"ॐ नमः शिवाय" मंत्र का 108 बार जाप करें।
-
आज अगर नया कार्य या यात्रा करनी हो तो राहुकाल से अवश्य बचें।
आज का दिन शिवभक्ति और आत्मचिंतन के लिए आदर्श है। शुभ कार्यों की शुरुआत से पहले पंचांग देखकर सही मुहूर्त का चयन करें। नए वस्त्र, गहनों की खरीदारी और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र का प्रभाव अनुकूल है, परंतु चतुर्थी की रिक्ता तिथि को ध्यान में रखते हुए शादी, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे कार्यों को टालना उचित रहेगा।
