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आज का पंचांग 06 अगस्त 2026: श्रावण कृष्ण अष्टमी तिथि पर जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल और ग्रहीय स्थिति
राशिफल
सावन मास के गुरुवार को भरणी नक्षत्र और गंड योग का संयोग, कोई भी शुभ कार्य करने से पहले देखें संपूर्ण दैनिक पंचांग
किसी भी नए कार्य की शुरुआत, धार्मिक अनुष्ठान या यात्रा से पहले दिन के शुभ और अशुभ कालों का सही ज्ञान होना अति आवश्यक है। आइए जानते हैं आज का संपूर्ण सूर्योदय, सूर्यास्त, तिथि, नक्षत्र, योग, करण और शुभ-अशुभ मुहूर्त।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय का समय
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सूर्योदय: प्रातः 05:45 बजे
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सूर्यास्त: सायंकाल 07:08 बजे
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चंद्रोदय: रात्रि 11:42 बजे
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चंद्रास्त: दोपहर 01:01 बजे (07 अगस्त)
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सूर्य राशि: कर्क राशि
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चंद्र राशि: मेष राशि
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ऋतु: वर्षा ऋतु
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विक्रम संवत: 2083 (श्रावण मास)
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शक संवत: 1948
तिथि, नक्षत्र, योग एवं करण
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तिथि: श्रावण कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि (सायंकाल 06:53 बजे तक), इसके पश्चात नवमी तिथि प्रारंभ होगी।
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नक्षत्र: भरणी नक्षत्र (रात्रि 08:13 बजे तक), इसके उपरांत कृत्तिका नक्षत्र लगेगा।
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योग: गंड योग (दोपहर 03:01 बजे तक), इसके बाद वृद्धि योग प्रारंभ होगा।
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करण: बालव करण (प्रातः 07:51 बजे तक), तत्पश्चात कौलव करण (सायंकाल 06:53 बजे तक) और फिर तैतिल करण रहेगा।
आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
किसी भी महत्वपूर्ण या नए कार्य की शुरुआत के लिए नीचे दिए गए शुभ कालों का उपयोग किया जा सकता है:
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अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:54 बजे तक (यह दिन का सबसे श्रेष्ठ और सर्वकार्य सिद्धिदायक मुहूर्त माना जाता है)।
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ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:09 बजे से 04:57 बजे तक।
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अमृत काल: दोपहर 03:38 बजे से सायंकाल 05:09 बजे तक।
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विजय मुहूर्त: दोपहर 02:40 बजे से 03:34 बजे तक।
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गोधूलि मुहूर्त: सायंकाल 07:08 बजे से 07:30 बजे तक।
आज के अशुभ समय (Inauspicious Timings)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अशुभ समय में नया व्यवसाय, गृह प्रवेश, महत्वपूर्ण अनुबंध या यात्रा शुरू करने से बचना चाहिए:
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राहुकाल: दोपहर 02:07 बजे से 03:48 बजे तक (इस दौरान कोई भी शुभ या नया कार्य शुरू न करें)।
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यमगंड योग: प्रातः 05:45 बजे से 07:26 बजे तक।
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गुलिक काल: प्रातः 09:06 बजे से 10:46 बजे तक।
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दुर्मुहूर्त: प्रातः 10:13 बजे से 11:06 बजे तक एवं दोपहर 03:34 बजे से 04:27 बजे तक।
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दिशा शूल: दक्षिण दिशा (यदि दक्षिण दिशा में यात्रा आवश्यक हो तो थोड़ा गुड़ या दही खाकर ही प्रस्थान करें)।
आज के दिन का चौघड़िया (Day Choghadiya)
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शुभ (श्रेष्ठ): प्रातः 05:45 से 07:26 बजे तक
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रोग (अशुभ): प्रातः 07:26 से 09:06 बजे तक
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उद्वेग (अशुभ): प्रातः 09:06 से 10:46 बजे तक
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चर (सामान्य): प्रातः 10:46 से दोपहर 12:27 बजे तक
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लाभ (उन्नति): दोपहर 12:27 से 02:07 बजे तक
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अमृत (सर्वोत्तम): दोपहर 02:07 से 03:48 बजे तक
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काल (अशुभ): दोपहर 03:48 से सायंकाल 05:28 बजे तक
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शुभ (श्रेष्ठ): सायंकाल 05:28 से 07:09 बजे तक
06 अगस्त 2026 के धार्मिक उपाय और महत्व
सावण मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी पर गुरुवार का दिन होना विशेष फलदायी है। आज के दिन स्नान के पश्चात हल्दी मिश्रित जल से सूर्य देव को अर्घ्य दें। इसके उपरांत भगवान श्री विष्णु और माता लक्ष्मी के सम्मुख घी का दीपक जलाएं। विष्णु सहस्रनाम या 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करने से जीवन की सभी अड़चनें दूर होती हैं। किसी जरूरतमंद को पीले वस्त्र, चने की दाल या केले का दान करने से गुरु ग्रह मजबूत होता है और ज्ञान व समृद्धि की प्राप्ति होती है।
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आज का पंचांग 06 अगस्त 2026: श्रावण कृष्ण अष्टमी तिथि पर जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल और ग्रहीय स्थिति
राशिफल
किसी भी नए कार्य की शुरुआत, धार्मिक अनुष्ठान या यात्रा से पहले दिन के शुभ और अशुभ कालों का सही ज्ञान होना अति आवश्यक है। आइए जानते हैं आज का संपूर्ण सूर्योदय, सूर्यास्त, तिथि, नक्षत्र, योग, करण और शुभ-अशुभ मुहूर्त।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय का समय
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सूर्योदय: प्रातः 05:45 बजे
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सूर्यास्त: सायंकाल 07:08 बजे
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चंद्रोदय: रात्रि 11:42 बजे
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चंद्रास्त: दोपहर 01:01 बजे (07 अगस्त)
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सूर्य राशि: कर्क राशि
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चंद्र राशि: मेष राशि
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ऋतु: वर्षा ऋतु
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विक्रम संवत: 2083 (श्रावण मास)
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शक संवत: 1948
तिथि, नक्षत्र, योग एवं करण
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तिथि: श्रावण कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि (सायंकाल 06:53 बजे तक), इसके पश्चात नवमी तिथि प्रारंभ होगी।
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नक्षत्र: भरणी नक्षत्र (रात्रि 08:13 बजे तक), इसके उपरांत कृत्तिका नक्षत्र लगेगा।
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योग: गंड योग (दोपहर 03:01 बजे तक), इसके बाद वृद्धि योग प्रारंभ होगा।
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करण: बालव करण (प्रातः 07:51 बजे तक), तत्पश्चात कौलव करण (सायंकाल 06:53 बजे तक) और फिर तैतिल करण रहेगा।
आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
किसी भी महत्वपूर्ण या नए कार्य की शुरुआत के लिए नीचे दिए गए शुभ कालों का उपयोग किया जा सकता है:
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अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:54 बजे तक (यह दिन का सबसे श्रेष्ठ और सर्वकार्य सिद्धिदायक मुहूर्त माना जाता है)।
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ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:09 बजे से 04:57 बजे तक।
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अमृत काल: दोपहर 03:38 बजे से सायंकाल 05:09 बजे तक।
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विजय मुहूर्त: दोपहर 02:40 बजे से 03:34 बजे तक।
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गोधूलि मुहूर्त: सायंकाल 07:08 बजे से 07:30 बजे तक।
आज के अशुभ समय (Inauspicious Timings)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अशुभ समय में नया व्यवसाय, गृह प्रवेश, महत्वपूर्ण अनुबंध या यात्रा शुरू करने से बचना चाहिए:
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राहुकाल: दोपहर 02:07 बजे से 03:48 बजे तक (इस दौरान कोई भी शुभ या नया कार्य शुरू न करें)।
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यमगंड योग: प्रातः 05:45 बजे से 07:26 बजे तक।
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गुलिक काल: प्रातः 09:06 बजे से 10:46 बजे तक।
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दुर्मुहूर्त: प्रातः 10:13 बजे से 11:06 बजे तक एवं दोपहर 03:34 बजे से 04:27 बजे तक।
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दिशा शूल: दक्षिण दिशा (यदि दक्षिण दिशा में यात्रा आवश्यक हो तो थोड़ा गुड़ या दही खाकर ही प्रस्थान करें)।
आज के दिन का चौघड़िया (Day Choghadiya)
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शुभ (श्रेष्ठ): प्रातः 05:45 से 07:26 बजे तक
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रोग (अशुभ): प्रातः 07:26 से 09:06 बजे तक
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उद्वेग (अशुभ): प्रातः 09:06 से 10:46 बजे तक
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चर (सामान्य): प्रातः 10:46 से दोपहर 12:27 बजे तक
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लाभ (उन्नति): दोपहर 12:27 से 02:07 बजे तक
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अमृत (सर्वोत्तम): दोपहर 02:07 से 03:48 बजे तक
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काल (अशुभ): दोपहर 03:48 से सायंकाल 05:28 बजे तक
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शुभ (श्रेष्ठ): सायंकाल 05:28 से 07:09 बजे तक
06 अगस्त 2026 के धार्मिक उपाय और महत्व
सावण मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी पर गुरुवार का दिन होना विशेष फलदायी है। आज के दिन स्नान के पश्चात हल्दी मिश्रित जल से सूर्य देव को अर्घ्य दें। इसके उपरांत भगवान श्री विष्णु और माता लक्ष्मी के सम्मुख घी का दीपक जलाएं। विष्णु सहस्रनाम या 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करने से जीवन की सभी अड़चनें दूर होती हैं। किसी जरूरतमंद को पीले वस्त्र, चने की दाल या केले का दान करने से गुरु ग्रह मजबूत होता है और ज्ञान व समृद्धि की प्राप्ति होती है।
