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MY अस्पताल के फार्मासिस्ट पर EOW का शिकंजा, आय से 108% अधिक संपत्ति का खुलासा
Digital Desk
इंदौर में छापेमारी के दौरान करोड़ों की संपत्ति, नकदी और दस्तावेज जब्त; बिना अनुमति थाईलैंड यात्रा भी जांच के दायरे में
इंदौर के महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय (एमजीएम) से संबद्ध एमवाय अस्पताल में पदस्थ फार्मासिस्ट राकेश गोरखे पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार सुबह शुरू हुई छापेमारी में शुरुआती जांच के दौरान राकेश गोरखे और उनके परिवार के पास उनकी वैध आय की तुलना में 108 प्रतिशत अधिक संपत्ति मिलने का दावा किया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी ने सरकारी सेवा के दौरान करोड़ों रुपये की चल और अचल संपत्तियां अर्जित कीं, जिनकी जानकारी विभाग को भी नहीं दी गई थी। इसके साथ ही बिना विभागीय अनुमति विदेश यात्रा करने का मामला भी सामने आया है।
EOW की टीम मंगलवार सुबह करीब आठ बजे राकेश गोरखे के ठिकानों पर पहुंची और कई घंटों तक दस्तावेजों, बैंक खातों और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करती रही। दोपहर तक चली इस कार्रवाई में अधिकारियों ने नकदी, बैंक पासबुक, पासपोर्ट, निवेश संबंधी दस्तावेज और संपत्तियों के रिकॉर्ड जब्त किए। टीम करीब डेढ़ लाख रुपये नकद भी अपने साथ लेकर गई। अधिकारियों का कहना है कि जब्त दस्तावेजों की विस्तृत जांच के बाद संपत्ति के वास्तविक मूल्य और आय के स्रोतों का मिलान किया जाएगा।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि राकेश गोरखे की सरकारी सेवा वर्ष 2007 में फार्मासिस्ट के पद से शुरू हुई थी। वर्ष 2015 में उनका मासिक वेतन करीब 18 हजार 700 रुपये था, जो वर्ष 2025 तक बढ़कर लगभग 54 हजार 600 रुपये हो गया। उनकी पत्नी कीर्ति गोरखे भी शासकीय दंत चिकित्सालय में लाइब्रेरियन के पद पर कार्यरत हैं और उनका मासिक वेतन करीब 42 हजार रुपये बताया गया है। जांच एजेंसी ने दोनों की संयुक्त आय का आकलन किया, जिसके आधार पर चेक पीरियड के दौरान उनकी कुल वैध आय लगभग 1.11 करोड़ रुपये पाई गई।
इसके विपरीत जांच में दंपती के पास 2.13 करोड़ रुपये से अधिक की चल और अचल संपत्ति का पता चला। EOW के मुताबिक यह उनकी घोषित और वैध आय से करीब 108 प्रतिशत अधिक है। अधिकारियों का कहना है कि इतनी बड़ी संपत्ति का वैध स्रोत अब तक सामने नहीं आया है, इसलिए मामले की विस्तृत जांच जारी है।
छापेमारी के दौरान इंदौर के अलग-अलग क्षेत्रों में स्थित कई संपत्तियों का भी खुलासा हुआ। इनमें स्कीम नंबर-140 स्थित वृंदावन गार्डन में दो मंजिला मकान, साकार एनआरआई सिटी में बड़ा प्लॉट, साहिल इंद्रांचल होम्स, संघवी रेजीडेंसी और सद्गुरु नंदी विहार में प्लॉट शामिल हैं। इसके अलावा ओमेक्स डेवलपर्स की एक परियोजना में प्लॉट बुकिंग के लिए लाखों रुपये का भुगतान किए जाने के दस्तावेज भी मिले हैं। जांच एजेंसी इन सभी संपत्तियों के बाजार मूल्य का आकलन कर रही है।
EOW अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान जब्त किए गए पासपोर्ट से यह भी पता चला कि राकेश गोरखे अक्टूबर 2023 में थाईलैंड गए थे। सरकारी कर्मचारी होने के बावजूद उन्होंने इस विदेश यात्रा के लिए विभाग से आवश्यक अनुमति नहीं ली थी। अब एजेंसी इस यात्रा पर हुए खर्च का भी हिसाब जुटा रही है और इसे आरोपी के कुल व्यय में शामिल करेगी। यदि यात्रा का खर्च भी घोषित आय से मेल नहीं खाता है तो इसे जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाएगा।
जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि कई संपत्तियों की जानकारी संबंधित विभाग को नहीं दी गई थी। सरकारी कर्मचारियों के लिए अपनी चल और अचल संपत्ति की जानकारी विभाग को देना अनिवार्य होता है। ऐसे में संपत्तियों को छिपाने के आरोपों की भी अलग से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो विभागीय कार्रवाई की भी अनुशंसा की जा सकती है।
EOW की जांच केवल संपत्ति तक सीमित नहीं रहेगी। सरकारी दवाओं के स्टॉक और खरीद-फरोख्त से जुड़े रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जाएगी। शुरुआती स्तर पर यह आशंका जताई गई है कि सरकारी दवाओं के स्टॉक में कथित अनियमितताओं के जरिए अवैध कमाई की गई हो सकती है। हालांकि इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच और दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद ही सामने आएगा।
राकेश गोरखे का नाम इससे पहले भी विवादों में आ चुका है। कुछ महीने पहले एमवाय अस्पताल के तत्कालीन डीन के निजी सहायक भावेश उपाध्याय के साथ उनका विवाद सुर्खियों में रहा था। आरोप था कि विवाद के दौरान उन्होंने बेल्ट से मारपीट की थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। उस समय भी यह मामला अस्पताल परिसर में काफी चर्चा का विषय बना था।
अब आय से अधिक संपत्ति के मामले में हुई कार्रवाई के बाद एक बार फिर राकेश गोरखे चर्चा में हैं। EOW का कहना है कि जब्त दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद यदि अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बैंक खातों में लेन-देन, निवेश और संपत्तियों की खरीद के वित्तीय स्रोतों की भी गहन पड़ताल की जा रही है।
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MY अस्पताल के फार्मासिस्ट पर EOW का शिकंजा, आय से 108% अधिक संपत्ति का खुलासा
Digital Desk
इंदौर के महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय (एमजीएम) से संबद्ध एमवाय अस्पताल में पदस्थ फार्मासिस्ट राकेश गोरखे पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार सुबह शुरू हुई छापेमारी में शुरुआती जांच के दौरान राकेश गोरखे और उनके परिवार के पास उनकी वैध आय की तुलना में 108 प्रतिशत अधिक संपत्ति मिलने का दावा किया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी ने सरकारी सेवा के दौरान करोड़ों रुपये की चल और अचल संपत्तियां अर्जित कीं, जिनकी जानकारी विभाग को भी नहीं दी गई थी। इसके साथ ही बिना विभागीय अनुमति विदेश यात्रा करने का मामला भी सामने आया है।
EOW की टीम मंगलवार सुबह करीब आठ बजे राकेश गोरखे के ठिकानों पर पहुंची और कई घंटों तक दस्तावेजों, बैंक खातों और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करती रही। दोपहर तक चली इस कार्रवाई में अधिकारियों ने नकदी, बैंक पासबुक, पासपोर्ट, निवेश संबंधी दस्तावेज और संपत्तियों के रिकॉर्ड जब्त किए। टीम करीब डेढ़ लाख रुपये नकद भी अपने साथ लेकर गई। अधिकारियों का कहना है कि जब्त दस्तावेजों की विस्तृत जांच के बाद संपत्ति के वास्तविक मूल्य और आय के स्रोतों का मिलान किया जाएगा।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि राकेश गोरखे की सरकारी सेवा वर्ष 2007 में फार्मासिस्ट के पद से शुरू हुई थी। वर्ष 2015 में उनका मासिक वेतन करीब 18 हजार 700 रुपये था, जो वर्ष 2025 तक बढ़कर लगभग 54 हजार 600 रुपये हो गया। उनकी पत्नी कीर्ति गोरखे भी शासकीय दंत चिकित्सालय में लाइब्रेरियन के पद पर कार्यरत हैं और उनका मासिक वेतन करीब 42 हजार रुपये बताया गया है। जांच एजेंसी ने दोनों की संयुक्त आय का आकलन किया, जिसके आधार पर चेक पीरियड के दौरान उनकी कुल वैध आय लगभग 1.11 करोड़ रुपये पाई गई।
इसके विपरीत जांच में दंपती के पास 2.13 करोड़ रुपये से अधिक की चल और अचल संपत्ति का पता चला। EOW के मुताबिक यह उनकी घोषित और वैध आय से करीब 108 प्रतिशत अधिक है। अधिकारियों का कहना है कि इतनी बड़ी संपत्ति का वैध स्रोत अब तक सामने नहीं आया है, इसलिए मामले की विस्तृत जांच जारी है।
छापेमारी के दौरान इंदौर के अलग-अलग क्षेत्रों में स्थित कई संपत्तियों का भी खुलासा हुआ। इनमें स्कीम नंबर-140 स्थित वृंदावन गार्डन में दो मंजिला मकान, साकार एनआरआई सिटी में बड़ा प्लॉट, साहिल इंद्रांचल होम्स, संघवी रेजीडेंसी और सद्गुरु नंदी विहार में प्लॉट शामिल हैं। इसके अलावा ओमेक्स डेवलपर्स की एक परियोजना में प्लॉट बुकिंग के लिए लाखों रुपये का भुगतान किए जाने के दस्तावेज भी मिले हैं। जांच एजेंसी इन सभी संपत्तियों के बाजार मूल्य का आकलन कर रही है।
EOW अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान जब्त किए गए पासपोर्ट से यह भी पता चला कि राकेश गोरखे अक्टूबर 2023 में थाईलैंड गए थे। सरकारी कर्मचारी होने के बावजूद उन्होंने इस विदेश यात्रा के लिए विभाग से आवश्यक अनुमति नहीं ली थी। अब एजेंसी इस यात्रा पर हुए खर्च का भी हिसाब जुटा रही है और इसे आरोपी के कुल व्यय में शामिल करेगी। यदि यात्रा का खर्च भी घोषित आय से मेल नहीं खाता है तो इसे जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाएगा।
जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि कई संपत्तियों की जानकारी संबंधित विभाग को नहीं दी गई थी। सरकारी कर्मचारियों के लिए अपनी चल और अचल संपत्ति की जानकारी विभाग को देना अनिवार्य होता है। ऐसे में संपत्तियों को छिपाने के आरोपों की भी अलग से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो विभागीय कार्रवाई की भी अनुशंसा की जा सकती है।
EOW की जांच केवल संपत्ति तक सीमित नहीं रहेगी। सरकारी दवाओं के स्टॉक और खरीद-फरोख्त से जुड़े रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जाएगी। शुरुआती स्तर पर यह आशंका जताई गई है कि सरकारी दवाओं के स्टॉक में कथित अनियमितताओं के जरिए अवैध कमाई की गई हो सकती है। हालांकि इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच और दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद ही सामने आएगा।
राकेश गोरखे का नाम इससे पहले भी विवादों में आ चुका है। कुछ महीने पहले एमवाय अस्पताल के तत्कालीन डीन के निजी सहायक भावेश उपाध्याय के साथ उनका विवाद सुर्खियों में रहा था। आरोप था कि विवाद के दौरान उन्होंने बेल्ट से मारपीट की थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। उस समय भी यह मामला अस्पताल परिसर में काफी चर्चा का विषय बना था।
अब आय से अधिक संपत्ति के मामले में हुई कार्रवाई के बाद एक बार फिर राकेश गोरखे चर्चा में हैं। EOW का कहना है कि जब्त दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद यदि अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बैंक खातों में लेन-देन, निवेश और संपत्तियों की खरीद के वित्तीय स्रोतों की भी गहन पड़ताल की जा रही है।
