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आज का पंचांग: नए साल के पहले दिन प्रदोष व्रत का संयोग, जानिए शुभ मुहूर्त और राहुकाल
धर्म डेस्क
1 जनवरी 2026 को पौष शुक्ल त्रयोदशी तिथि, वृष राशि में चंद्रमा का गोचर; धार्मिक कार्यों और दैनिक गतिविधियों के लिए खास दिन
नववर्ष 2026 का आगाज गुरुवार को धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष संयोगों के साथ हो रहा है। आज 1 जनवरी को पौष मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है और इसी दिन प्रदोष व्रत भी रखा जा रहा है। पंचांग के अनुसार यह दिन पूजा-पाठ, व्रत और संकल्प के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज चंद्रमा वृष राशि में संचार कर रहा है, जिससे दिनभर स्थिरता और व्यावहारिकता का प्रभाव रहेगा।
आज की तिथि रात्रि 11 बजकर 22 मिनट तक त्रयोदशी रहेगी, इसके बाद चतुर्दशी तिथि आरंभ होगी। विक्रम संवत 2082 और शक संवत 1947 के अनुसार यह दिन शिशिर ऋतु के अंतर्गत आता है। सूर्य उत्तरायण में स्थित है, जिसका प्रभाव दिन की ऊर्जा और मौसम दोनों पर देखा जाता है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार आज से वर्ष 2026 की औपचारिक शुरुआत हो रही है, जिसे लोग नए संकल्पों और योजनाओं के साथ शुरू करते हैं।
नक्षत्र की स्थिति की बात करें तो रोहिणी नक्षत्र का प्रभाव रात्रि 10 बजकर 48 मिनट तक रहेगा, इसके बाद मृगशिरा नक्षत्र प्रारंभ होगा। योग के रूप में दिन के पहले भाग में शुभ योग प्रभावी रहेगा, जो सायं 5 बजकर 12 मिनट तक माना गया है। इसके बाद शुक्ल योग आरंभ होगा। करण क्रम में कौलव करण दोपहर 12 बजकर 16 मिनट तक और उसके बाद गर करण प्रभाव में रहेगा।
आज प्रदोष व्रत होने के कारण शिव भक्तों के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि प्रदोष काल में भगवान शिव की आराधना करने से मानसिक शांति और पारिवारिक सुख की प्राप्ति होती है। कई श्रद्धालु इस अवसर पर उपवास रखकर संध्या के समय पूजा-अर्चना करते हैं।
सूर्योदय आज सुबह 7 बजकर 13 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 34 मिनट पर होगा। शुभ कार्यों के लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:25 से 6:19 तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2:08 से 2:50 तक माना गया है, जबकि गोधूलि बेला सूर्यास्त के आसपास शाम 5:33 से 6:00 तक रहेगी। रात्रि में निशिथ काल 11:58 से 12:52 तक बताया गया है।
अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल दोपहर 1:30 से 3:00 बजे तक रहेगा। इसके अलावा यमगंड सुबह 6:00 से 7:30 और गुलिक काल सुबह 9:00 से 10:30 तक माना गया है। इस दौरान नए या महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।
पंचांग विशेषज्ञों के अनुसार, आज के दिन पीले रंग का प्रयोग शुभ माना गया है। पीले वस्त्र पहनना या पीली वस्तुओं का दान सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने वाला बताया गया है।
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आज का पंचांग: नए साल के पहले दिन प्रदोष व्रत का संयोग, जानिए शुभ मुहूर्त और राहुकाल
धर्म डेस्क
नववर्ष 2026 का आगाज गुरुवार को धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष संयोगों के साथ हो रहा है। आज 1 जनवरी को पौष मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है और इसी दिन प्रदोष व्रत भी रखा जा रहा है। पंचांग के अनुसार यह दिन पूजा-पाठ, व्रत और संकल्प के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज चंद्रमा वृष राशि में संचार कर रहा है, जिससे दिनभर स्थिरता और व्यावहारिकता का प्रभाव रहेगा।
आज की तिथि रात्रि 11 बजकर 22 मिनट तक त्रयोदशी रहेगी, इसके बाद चतुर्दशी तिथि आरंभ होगी। विक्रम संवत 2082 और शक संवत 1947 के अनुसार यह दिन शिशिर ऋतु के अंतर्गत आता है। सूर्य उत्तरायण में स्थित है, जिसका प्रभाव दिन की ऊर्जा और मौसम दोनों पर देखा जाता है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार आज से वर्ष 2026 की औपचारिक शुरुआत हो रही है, जिसे लोग नए संकल्पों और योजनाओं के साथ शुरू करते हैं।
नक्षत्र की स्थिति की बात करें तो रोहिणी नक्षत्र का प्रभाव रात्रि 10 बजकर 48 मिनट तक रहेगा, इसके बाद मृगशिरा नक्षत्र प्रारंभ होगा। योग के रूप में दिन के पहले भाग में शुभ योग प्रभावी रहेगा, जो सायं 5 बजकर 12 मिनट तक माना गया है। इसके बाद शुक्ल योग आरंभ होगा। करण क्रम में कौलव करण दोपहर 12 बजकर 16 मिनट तक और उसके बाद गर करण प्रभाव में रहेगा।
आज प्रदोष व्रत होने के कारण शिव भक्तों के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि प्रदोष काल में भगवान शिव की आराधना करने से मानसिक शांति और पारिवारिक सुख की प्राप्ति होती है। कई श्रद्धालु इस अवसर पर उपवास रखकर संध्या के समय पूजा-अर्चना करते हैं।
सूर्योदय आज सुबह 7 बजकर 13 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 34 मिनट पर होगा। शुभ कार्यों के लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:25 से 6:19 तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2:08 से 2:50 तक माना गया है, जबकि गोधूलि बेला सूर्यास्त के आसपास शाम 5:33 से 6:00 तक रहेगी। रात्रि में निशिथ काल 11:58 से 12:52 तक बताया गया है।
अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल दोपहर 1:30 से 3:00 बजे तक रहेगा। इसके अलावा यमगंड सुबह 6:00 से 7:30 और गुलिक काल सुबह 9:00 से 10:30 तक माना गया है। इस दौरान नए या महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।
पंचांग विशेषज्ञों के अनुसार, आज के दिन पीले रंग का प्रयोग शुभ माना गया है। पीले वस्त्र पहनना या पीली वस्तुओं का दान सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने वाला बताया गया है।
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