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आज का पंचांग 26 फरवरी 2026: फाल्गुन शुक्ल दशमी पर शुभ योग, जानें राहुकाल और मुहूर्त
धर्म डेस्क
प्रीति योग से कार्य सिद्धि के संकेत, मृगशिरा नक्षत्र में चंद्रमा—ध्यान, साधना और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल दिन
आज 26 फरवरी 2026, गुरुवार को फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष दशमी तिथि के साथ दिन की शुरुआत हुई। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह तिथि आध्यात्मिक साधना, दान-पुण्य और शुभ कार्यों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। पंचांग के अनुसार दशमी तिथि रात्रि 12 बजकर 33 मिनट तक प्रभावी रहेगी। ज्योतिषीय गणना बताती है कि आज ग्रहों का विशेष संयोग मानव जीवन के बौद्धिक और सामाजिक पक्ष को सुदृढ़ करने वाला है।
खगोलीय स्थिति के अनुसार सूर्य, मंगल, बुध, शुक्र और राहु कुंभ राशि में स्थित हैं, जबकि चंद्रमा मिथुन राशि के मृगशिरा नक्षत्र में विराजमान हैं। धर्मशास्त्रों में मृगशिरा नक्षत्र को ज्ञान, खोज और मानसिक शांति का प्रतीक माना गया है। इस नक्षत्र के देवता सोम माने जाते हैं, जो अमृत और चंद्र ऊर्जा के प्रतिनिधि हैं। इसलिए आज का दिन ध्यान, जप और नए विचारों पर मनन के लिए विशेष फलदायी माना गया है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार रात्रि 10 बजकर 33 मिनट तक प्रीति योग रहेगा। धार्मिक दृष्टि से यह योग आपसी सद्भाव, संबंधों में मधुरता और रुके हुए कार्यों की सिद्धि का सूचक माना जाता है। इसी प्रकार अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से 12 बजकर 57 मिनट तक रहेगा, जिसे दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ काल माना जाता है। अमृत काल रात्रि 1 बजकर 23 मिनट से 2 बजकर 53 मिनट तक रहेगा, जो साधना और आध्यात्मिक चिंतन के लिए अनुकूल समय है।
हालांकि पंचांग में कुछ अशुभ काल भी बताए गए हैं। राहुकाल दोपहर 2 बजे से 3 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। इस अवधि में महत्वपूर्ण निर्णय, यात्रा या नए कार्यों की शुरुआत से बचने की परंपरा रही है। इसके अतिरिक्त गुलिकाल और यमगण्ड भी दिन के अलग-अलग समय में प्रभावी रहेंगे, जिनमें सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
सूर्योदय प्रातः 6 बजकर 49 मिनट और सूर्यास्त सायं 6 बजकर 19 मिनट पर होगा। चंद्रोदय दोपहर 12 बजकर 54 मिनट पर तथा चंद्रास्त अगले दिन प्रातः 3 बजकर 46 मिनट पर होगा। धार्मिक दृष्टि से यह समयक्रम दैनिक पूजा, व्रत और आध्यात्मिक अनुशासन के निर्धारण में महत्वपूर्ण माना जाता है।
धर्माचार्यों का मत है कि आज का दिन आत्मसंयम, ज्ञानार्जन और ईश्वर स्मरण के लिए विशेष फलदायी है। ग्रहों की स्थिति मानसिक संतुलन और विवेकपूर्ण निर्णयों का संकेत देती है। श्रद्धालुओं को आज प्रार्थना, दान और सकारात्मक संकल्प के माध्यम से जीवन में शांति और समृद्धि की कामना करनी चाहिए।
पंचांग के अनुसार आज का दिन आस्था, विवेक और सद्भाव के समन्वय का संदेश देता है—जहाँ कर्म, श्रद्धा और संयम जीवन को संतुलित दिशा प्रदान करते हैं।
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