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आज का पंचांग 9 मई 2026: श्रवण नक्षत्र और शुक्ल योग का संयोग, जानें शनि पूजा का विशेष महत्व
धर्म डेस्क
Aaj Ka Panchang 9 May 2026 में जानें सप्तमी तिथि, राहुकाल, शुभ मुहूर्त, नक्षत्र, सूर्योदय और पूजा का सही समय।
Aaj Ka Panchang 9 May 2026: आज 9 मई 2026, शनिवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से खास माना जा रहा है। पंचांग के अनुसार आज ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि दोपहर 2 बजकर 2 मिनट तक रहेगी, इसके बाद अष्टमी तिथि शुरू हो जाएगी। आज चंद्रमा पूरे दिन मकर राशि में गोचर करेगा। वहीं श्रवण नक्षत्र रात 11 बजकर 24 मिनट तक रहेगा, उसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र का आरंभ होगा। ज्योतिष गणनाओं के मुताबिक आज का दिन जिम्मेदारियों को पूरा करने, पुराने काम निपटाने और धैर्य बनाए रखने के लिए अच्छा माना जा रहा है।
आज का मुख्य प्रभाव अंक और ग्रहों दोनों से व्यावहारिकता की ओर इशारा कर रहा है। शुक्ल योग आज रात 2 बजकर 36 मिनट तक रहेगा। इसके बाद ब्रह्म योग शुरू होगा। बव करण दोपहर 2 बजकर 2 मिनट तक रहेगा, फिर बालव करण लग जाएगा। धार्मिक कार्यों और पूजा-पाठ के लिए अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। वहीं अमृत काल दोपहर 12 बजकर 6 मिनट से 1 बजकर 51 मिनट तक बताया गया है।
आज सूर्योदय सुबह 5 बजकर 34 मिनट पर हुआ, जबकि सूर्यास्त शाम 7 बजकर 1 मिनट पर होगा। चंद्रोदय 10 मई की रात 1 बजकर 19 मिनट पर और चंद्रास्त सुबह 11 बजकर 22 मिनट पर होगा। राहुकाल सुबह 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। इस दौरान नए और शुभ कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा गुलिक काल सुबह 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक और यमगंड दोपहर 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार आज श्रवण नक्षत्र का प्रभाव लोगों को सीखने, समझने और धैर्य के साथ निर्णय लेने की प्रेरणा देगा। इस नक्षत्र के स्वामी चंद्रदेव माने जाते हैं और इसका संबंध भगवान विष्णु से बताया गया है। कहा जाता है कि इस नक्षत्र में किए गए कार्यों में स्थिरता और समझदारी का असर देखने को मिलता है। आज का दिन खासतौर पर पूजा-पाठ, ध्यान और पारिवारिक जिम्मेदारियों को निभाने के लिए अनुकूल माना गया है।
आज शनिवार होने के कारण शनि देव की पूजा का विशेष महत्व भी बताया गया है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार काले तिल अर्पित करने और पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाने से कार्यों में आने वाली बाधाएं कम हो सकती हैं। कई लोग आज शनि मंदिरों में दर्शन के लिए भी जा सकते हैं।
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आज का पंचांग 9 मई 2026: श्रवण नक्षत्र और शुक्ल योग का संयोग, जानें शनि पूजा का विशेष महत्व
धर्म डेस्क
Aaj Ka Panchang 9 May 2026: आज 9 मई 2026, शनिवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से खास माना जा रहा है। पंचांग के अनुसार आज ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि दोपहर 2 बजकर 2 मिनट तक रहेगी, इसके बाद अष्टमी तिथि शुरू हो जाएगी। आज चंद्रमा पूरे दिन मकर राशि में गोचर करेगा। वहीं श्रवण नक्षत्र रात 11 बजकर 24 मिनट तक रहेगा, उसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र का आरंभ होगा। ज्योतिष गणनाओं के मुताबिक आज का दिन जिम्मेदारियों को पूरा करने, पुराने काम निपटाने और धैर्य बनाए रखने के लिए अच्छा माना जा रहा है।
आज का मुख्य प्रभाव अंक और ग्रहों दोनों से व्यावहारिकता की ओर इशारा कर रहा है। शुक्ल योग आज रात 2 बजकर 36 मिनट तक रहेगा। इसके बाद ब्रह्म योग शुरू होगा। बव करण दोपहर 2 बजकर 2 मिनट तक रहेगा, फिर बालव करण लग जाएगा। धार्मिक कार्यों और पूजा-पाठ के लिए अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। वहीं अमृत काल दोपहर 12 बजकर 6 मिनट से 1 बजकर 51 मिनट तक बताया गया है।
आज सूर्योदय सुबह 5 बजकर 34 मिनट पर हुआ, जबकि सूर्यास्त शाम 7 बजकर 1 मिनट पर होगा। चंद्रोदय 10 मई की रात 1 बजकर 19 मिनट पर और चंद्रास्त सुबह 11 बजकर 22 मिनट पर होगा। राहुकाल सुबह 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। इस दौरान नए और शुभ कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा गुलिक काल सुबह 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक और यमगंड दोपहर 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार आज श्रवण नक्षत्र का प्रभाव लोगों को सीखने, समझने और धैर्य के साथ निर्णय लेने की प्रेरणा देगा। इस नक्षत्र के स्वामी चंद्रदेव माने जाते हैं और इसका संबंध भगवान विष्णु से बताया गया है। कहा जाता है कि इस नक्षत्र में किए गए कार्यों में स्थिरता और समझदारी का असर देखने को मिलता है। आज का दिन खासतौर पर पूजा-पाठ, ध्यान और पारिवारिक जिम्मेदारियों को निभाने के लिए अनुकूल माना गया है।
आज शनिवार होने के कारण शनि देव की पूजा का विशेष महत्व भी बताया गया है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार काले तिल अर्पित करने और पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाने से कार्यों में आने वाली बाधाएं कम हो सकती हैं। कई लोग आज शनि मंदिरों में दर्शन के लिए भी जा सकते हैं।
