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आज का पंचांग: सावन शिवरात्रि पर करें शिव पूजन, विवाह जैसे शुभ कार्यों से बचें
Dharm Desk
श्रावण मास की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि के साथ आज सावन शिवरात्रि है।
यह दिन भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। व्रत, रुद्राभिषेक, मंत्र जाप और रात्रि जागरण करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। हालांकि, आज विवाह या कोई भी मांगलिक कार्य करने से बचना चाहिए।
आज का विवरण – पंचांग अनुसार
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तिथि: कृष्ण पक्ष चतुर्दशी
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वार: बुधवार
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मास: श्रावण
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नक्षत्र: आर्द्रा
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योग: व्याघात
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करण: विष्टि
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चंद्र राशि: मिथुन
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सूर्य राशि: कर्क
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विक्रम संवत: 2081
सूर्योदय-सूर्यास्त
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सूर्योदय: सुबह 06:06 बजे
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सूर्यास्त: शाम 07:25 बजे
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चंद्रोदय: 24 जुलाई, सुबह 04:43 बजे
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चंद्रास्त: शाम 06:26 बजे
वर्जित काल और सावधानियाँ
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राहुकाल: दोपहर 12:45 से 02:25 बजे
-
यमगंड काल: सुबह 07:46 से 09:25 बजे
इन समयों में कोई भी शुभ कार्य शुरू करने से परहेज करें।
नक्षत्र विशेष: आर्द्रा
आज चंद्रमा मिथुन राशि में और आर्द्रा नक्षत्र में है। यह नक्षत्र रुद्र का प्रतीक है और तंत्र-साधना, आत्मबल, विरोध पर विजय और उपासना के लिए उपयुक्त माना गया है।
परंतु – इस नक्षत्र में यात्रा, कीमती वस्तुओं की खरीदारी और गृह प्रवेश जैसे कार्य वर्जित माने गए हैं।
सावन शिवरात्रि की पूजा विधि
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अभिषेक में करें उपयोग: जल, दूध, घी, शहद और दही
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मंत्र जाप: “ॐ नमः शिवाय” या “महामृत्युंजय मंत्र”
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अर्पण: बिल्व पत्र, धतूरा, सफेद पुष्प, भस्म
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विशेष: रात्रि जागरण और शिव चालीसा का पाठ करें
आज का सार
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शिव उपासना और साधना के लिए श्रेष्ठ दिन
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शुभ कार्यों, जैसे विवाह, से आज बचना चाहिए
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राहुकाल और यमगंड में कोई नया कार्य न करें
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शिवरात्रि पर व्रत और रुद्राभिषेक से कष्टों से मुक्ति मिलती है
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आज का पंचांग: सावन शिवरात्रि पर करें शिव पूजन, विवाह जैसे शुभ कार्यों से बचें
Dharm Desk
यह दिन भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। व्रत, रुद्राभिषेक, मंत्र जाप और रात्रि जागरण करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। हालांकि, आज विवाह या कोई भी मांगलिक कार्य करने से बचना चाहिए।
आज का विवरण – पंचांग अनुसार
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तिथि: कृष्ण पक्ष चतुर्दशी
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वार: बुधवार
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मास: श्रावण
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नक्षत्र: आर्द्रा
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योग: व्याघात
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करण: विष्टि
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चंद्र राशि: मिथुन
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सूर्य राशि: कर्क
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विक्रम संवत: 2081
सूर्योदय-सूर्यास्त
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सूर्योदय: सुबह 06:06 बजे
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सूर्यास्त: शाम 07:25 बजे
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चंद्रोदय: 24 जुलाई, सुबह 04:43 बजे
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चंद्रास्त: शाम 06:26 बजे
वर्जित काल और सावधानियाँ
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राहुकाल: दोपहर 12:45 से 02:25 बजे
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यमगंड काल: सुबह 07:46 से 09:25 बजे
इन समयों में कोई भी शुभ कार्य शुरू करने से परहेज करें।
नक्षत्र विशेष: आर्द्रा
आज चंद्रमा मिथुन राशि में और आर्द्रा नक्षत्र में है। यह नक्षत्र रुद्र का प्रतीक है और तंत्र-साधना, आत्मबल, विरोध पर विजय और उपासना के लिए उपयुक्त माना गया है।
परंतु – इस नक्षत्र में यात्रा, कीमती वस्तुओं की खरीदारी और गृह प्रवेश जैसे कार्य वर्जित माने गए हैं।
सावन शिवरात्रि की पूजा विधि
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अभिषेक में करें उपयोग: जल, दूध, घी, शहद और दही
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मंत्र जाप: “ॐ नमः शिवाय” या “महामृत्युंजय मंत्र”
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अर्पण: बिल्व पत्र, धतूरा, सफेद पुष्प, भस्म
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विशेष: रात्रि जागरण और शिव चालीसा का पाठ करें
आज का सार
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शिव उपासना और साधना के लिए श्रेष्ठ दिन
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शुभ कार्यों, जैसे विवाह, से आज बचना चाहिए
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राहुकाल और यमगंड में कोई नया कार्य न करें
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शिवरात्रि पर व्रत और रुद्राभिषेक से कष्टों से मुक्ति मिलती है
