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आज का पंचांग: वैशाख कृष्ण सप्तमी पर मासिक जन्माष्टमी का दुर्लभ संयोग, बाधाओं से मुक्ति का उत्तम अवसर
Dharm Desk
आज वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है, जो न केवल धार्मिक दृष्टि से विशेष है, बल्कि जीवन में आ रही परेशानियों से उबरने की दिशा में भी एक सकारात्मक अवसर लेकर आई है। रविवार का यह दिन मासिक कृष्ण जन्माष्टमी, भानु सप्तमी और कालाष्टमी जैसे पावन योगों से युक्त है।
पंचांग के अनुसार, आज के दिन भगवान इंद्र का विशेष प्रभाव है और यह तिथि कई ऋषियों को समर्पित मानी जाती है। हालांकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज किसी भी शुभ कार्य को टालना बेहतर होता है। यह दिन आत्ममंथन, योजनाओं की समीक्षा और बाधाओं पर विजय प्राप्त करने की दिशा में चिंतन के लिए आदर्श माना गया है।
20 अप्रैल 2025 – आज का पंचांग
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विक्रम संवत: 2081
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माह: वैशाख
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पक्ष: कृष्ण
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तिथि: सप्तमी
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दिन: रविवार
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योग: सिद्धि
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नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा
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करण: विष्टि
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चंद्र राशि: धनु
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सूर्य राशि: मेष
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सूर्योदय: प्रातः 06:15 बजे
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सूर्यास्त: सायं 07:02 बजे
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चंद्रोदय: रात्रि 01:28 बजे (21 अप्रैल)
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चंद्रास्त: पूर्वाह्न 10:55 बजे
विशेष संयोग: पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में लक्ष्मी पूजन शुभ
आज चंद्रमा धनु राशि में पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के अंतर्गत संचार करेगा। इस नक्षत्र का स्वामी शुक्र है और इसका अधिदेवता वरुण को माना जाता है। ‘पूर्वाषाढ़ा’ का अर्थ होता है “विजय से पहले की अवस्था” — यानी कोई भी बड़ी योजना बनाने या शुरुआत की तैयारी करने के लिए आज का दिन श्रेष्ठ है। इस नक्षत्र में माता लक्ष्मी की पूजा अत्यंत शुभ फलदायी मानी जाती है।
वर्जित समय – इन मुहूर्तों से करें परहेज
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राहुकाल: सायं 05:26 से 07:02 बजे तक
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यमगंड काल: दोपहर 12:38 से 02:14 बजे तक
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गुलिक काल, दुरमुहूर्त और वर्ज्यम् में भी शुभ कार्य करने से बचना चाहिए।
नोट: यदि आप किसी योजना की शुरुआत की सोच रहे हैं या जीवन में आ रही रुकावटों को दूर करने के लिए नई दिशा तय करना चाहते हैं, तो आज का दिन आत्मनिरीक्षण और तैयारी के लिए श्रेष्ठ माना गया है। लेकिन विवाह, गृह प्रवेश या नया व्यवसाय जैसे मांगलिक कार्य आज के दिन न करें।
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आज का पंचांग: वैशाख कृष्ण सप्तमी पर मासिक जन्माष्टमी का दुर्लभ संयोग, बाधाओं से मुक्ति का उत्तम अवसर
Dharm Desk
पंचांग के अनुसार, आज के दिन भगवान इंद्र का विशेष प्रभाव है और यह तिथि कई ऋषियों को समर्पित मानी जाती है। हालांकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज किसी भी शुभ कार्य को टालना बेहतर होता है। यह दिन आत्ममंथन, योजनाओं की समीक्षा और बाधाओं पर विजय प्राप्त करने की दिशा में चिंतन के लिए आदर्श माना गया है।
20 अप्रैल 2025 – आज का पंचांग
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विक्रम संवत: 2081
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माह: वैशाख
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पक्ष: कृष्ण
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तिथि: सप्तमी
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दिन: रविवार
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योग: सिद्धि
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नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा
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करण: विष्टि
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चंद्र राशि: धनु
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सूर्य राशि: मेष
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सूर्योदय: प्रातः 06:15 बजे
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सूर्यास्त: सायं 07:02 बजे
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चंद्रोदय: रात्रि 01:28 बजे (21 अप्रैल)
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चंद्रास्त: पूर्वाह्न 10:55 बजे
विशेष संयोग: पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में लक्ष्मी पूजन शुभ
आज चंद्रमा धनु राशि में पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के अंतर्गत संचार करेगा। इस नक्षत्र का स्वामी शुक्र है और इसका अधिदेवता वरुण को माना जाता है। ‘पूर्वाषाढ़ा’ का अर्थ होता है “विजय से पहले की अवस्था” — यानी कोई भी बड़ी योजना बनाने या शुरुआत की तैयारी करने के लिए आज का दिन श्रेष्ठ है। इस नक्षत्र में माता लक्ष्मी की पूजा अत्यंत शुभ फलदायी मानी जाती है।
वर्जित समय – इन मुहूर्तों से करें परहेज
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राहुकाल: सायं 05:26 से 07:02 बजे तक
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यमगंड काल: दोपहर 12:38 से 02:14 बजे तक
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गुलिक काल, दुरमुहूर्त और वर्ज्यम् में भी शुभ कार्य करने से बचना चाहिए।
नोट: यदि आप किसी योजना की शुरुआत की सोच रहे हैं या जीवन में आ रही रुकावटों को दूर करने के लिए नई दिशा तय करना चाहते हैं, तो आज का दिन आत्मनिरीक्षण और तैयारी के लिए श्रेष्ठ माना गया है। लेकिन विवाह, गृह प्रवेश या नया व्यवसाय जैसे मांगलिक कार्य आज के दिन न करें।
