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10 साल की शादी, जंजीरों में कैद और अत्याचार; पुलिस पहुंची तो मिली आजादी
सत्यकथा
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर थाना क्षेत्र में महिला ने पति पर जंजीर से बांधकर मारपीट और गर्म सरिए से दागने का आरोप लगाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया।
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में घरेलू हिंसा का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस से लेकर पूरे इलाके को झकझोर दिया। खिलचीपुर थाना क्षेत्र के छीपीपुरा गांव की रहने वाली 30 वर्षीय मांगीबाई तंवर 12 जून की रात गले में लोहे की जंजीर और ताला लटकाए किसी तरह थाने पहुंचीं। उनके शरीर पर चोटों के निशान थे, कमर, कूल्हे और जांघ पर जलने के घाव दिखाई दे रहे थे, जबकि पैरों के तलवे भी बुरी तरह जख्मी थे। महिला ने पुलिस को बताया कि उसके पति ने उसे घर में खंभे से जंजीर से बांध रखा था ताकि वह शिकायत करने बाहर न जा सके। पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपी पति सरदार सिंह तंवर को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक मांगीबाई की शादी करीब दस वर्ष पहले राजस्थान के मनोहर थाना क्षेत्र के बिरजीपुरा गांव निवासी सरदार सिंह तंवर से हुई थी। महिला का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही पति शराब पीकर उसके साथ मारपीट करने लगा था। शुरुआत में उसने परिवार बचाने की कोशिश में सब कुछ सहन किया, लेकिन समय के साथ अत्याचार बढ़ते गए। महिला के अनुसार 10 जून की दोपहर पति नशे की हालत में घर पहुंचा और खाना मांगने लगा। खाना देने में थोड़ी देर होने पर उसने गाली-गलौज शुरू कर दी और विरोध करने पर डंडे से बेरहमी से पीटा। इसके बाद कथित तौर पर महिला के गले में भारी लोहे की जंजीर डालकर उसे घर के आंगन में बने खंभे से ताला लगाकर बांध दिया गया। पीड़िता का आरोप है कि पति ने गैस चूल्हे पर लोहे का सरिया गर्म कर उसके शरीर के कई हिस्सों को दाग दिया। महिला ने यह भी बताया कि उसे करीब 24 घंटे तक न खाना दिया गया और न ही पानी। इस दौरान लगातार धमकाया गया कि यदि उसने पुलिस में शिकायत की तो अंजाम और भी बुरा होगा।

पीड़िता के अनुसार जब आरोपी पंचायत बुलाने के लिए घर से बाहर गया तो उसने मौके का फायदा उठाया। पास में पड़े पत्थर से काफी देर तक ताले पर वार करने के बाद वह खंभे से खुद को छुड़ाने में सफल रही। हालांकि जंजीर उसके गले में ही लटकी रही। वह जंगल और खेतों के रास्ते पैदल निकल पड़ी, लेकिन रास्ता भटक गई। महिला का आरोप है कि रास्ते में उसका पति फिर मिल गया और उसे वापस घर ले जाकर दोबारा बांध दिया। इसके बाद रात में जब आरोपी शराब के नशे में सो गया तो उसने एक बार फिर पत्थर की मदद से ताला तोड़ा और सीधे खिलचीपुर थाने की ओर निकल गई। कई किलोमीटर पैदल चलने के बाद रात करीब दस बजे वह थाने पहुंची। वहां मौजूद पुलिसकर्मी उसकी हालत देखकर हैरान रह गए। पुलिस ने सबसे पहले उसके गले से जंजीर हटवाई, भोजन और पानी उपलब्ध कराया तथा मेडिकल परीक्षण कराया। जांच में शरीर पर चोट और जलने के निशानों का परीक्षण कराया गया।

अधिकारियों के अनुसार महिला के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर तत्काल कार्रवाई की गई। थाना प्रभारी कमल सिंह गेहलोत के निर्देशन में पुलिस टीम गांव पहुंची और आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास, गलत तरीके से बंधक बनाने, मारपीट, गंभीर चोट पहुंचाने, आपराधिक धमकी और वैवाहिक क्रूरता सहित भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। महिला को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। मांगीबाई ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि शादी के पांच साल बाद उनका एक बच्चा हुआ था, जिसकी तीन महीने की उम्र में बीमारी के कारण मौत हो गई। इसके बाद उनकी कोई संतान नहीं हुई। महिला का आरोप है कि इसके बाद पति का व्यवहार और अधिक हिंसक हो गया तथा वह आए दिन शराब पीकर मारपीट करता था। इस बार उसने तय किया कि वह चुप नहीं रहेगी और किसी भी तरह पुलिस तक पहुंचेगी। गांव के कुछ लोगों ने भी पुलिस को बताया कि आरोपी अक्सर शराब के नशे में विवाद करता था और गाली-गलौज करता था। हालांकि पुलिस का कहना है कि गांव में फैली अन्य चर्चाओं की अलग से जांच की जाएगी और फिलहाल कार्रवाई महिला की शिकायत तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि घरेलू हिंसा के मामलों को गंभीरता से लिया जाता है और किसी भी पीड़ित को डरने की जरूरत नहीं है। यदि किसी महिला के साथ इस तरह की घटना होती है तो वह तत्काल पुलिस या महिला हेल्पलाइन से संपर्क करे। इस मामले में भी महिला के साहस और समय पर पुलिस तक पहुंचने से कार्रवाई संभव हो सकी।
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10 साल की शादी, जंजीरों में कैद और अत्याचार; पुलिस पहुंची तो मिली आजादी
सत्यकथा
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में घरेलू हिंसा का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस से लेकर पूरे इलाके को झकझोर दिया। खिलचीपुर थाना क्षेत्र के छीपीपुरा गांव की रहने वाली 30 वर्षीय मांगीबाई तंवर 12 जून की रात गले में लोहे की जंजीर और ताला लटकाए किसी तरह थाने पहुंचीं। उनके शरीर पर चोटों के निशान थे, कमर, कूल्हे और जांघ पर जलने के घाव दिखाई दे रहे थे, जबकि पैरों के तलवे भी बुरी तरह जख्मी थे। महिला ने पुलिस को बताया कि उसके पति ने उसे घर में खंभे से जंजीर से बांध रखा था ताकि वह शिकायत करने बाहर न जा सके। पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपी पति सरदार सिंह तंवर को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक मांगीबाई की शादी करीब दस वर्ष पहले राजस्थान के मनोहर थाना क्षेत्र के बिरजीपुरा गांव निवासी सरदार सिंह तंवर से हुई थी। महिला का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही पति शराब पीकर उसके साथ मारपीट करने लगा था। शुरुआत में उसने परिवार बचाने की कोशिश में सब कुछ सहन किया, लेकिन समय के साथ अत्याचार बढ़ते गए। महिला के अनुसार 10 जून की दोपहर पति नशे की हालत में घर पहुंचा और खाना मांगने लगा। खाना देने में थोड़ी देर होने पर उसने गाली-गलौज शुरू कर दी और विरोध करने पर डंडे से बेरहमी से पीटा। इसके बाद कथित तौर पर महिला के गले में भारी लोहे की जंजीर डालकर उसे घर के आंगन में बने खंभे से ताला लगाकर बांध दिया गया। पीड़िता का आरोप है कि पति ने गैस चूल्हे पर लोहे का सरिया गर्म कर उसके शरीर के कई हिस्सों को दाग दिया। महिला ने यह भी बताया कि उसे करीब 24 घंटे तक न खाना दिया गया और न ही पानी। इस दौरान लगातार धमकाया गया कि यदि उसने पुलिस में शिकायत की तो अंजाम और भी बुरा होगा।

पीड़िता के अनुसार जब आरोपी पंचायत बुलाने के लिए घर से बाहर गया तो उसने मौके का फायदा उठाया। पास में पड़े पत्थर से काफी देर तक ताले पर वार करने के बाद वह खंभे से खुद को छुड़ाने में सफल रही। हालांकि जंजीर उसके गले में ही लटकी रही। वह जंगल और खेतों के रास्ते पैदल निकल पड़ी, लेकिन रास्ता भटक गई। महिला का आरोप है कि रास्ते में उसका पति फिर मिल गया और उसे वापस घर ले जाकर दोबारा बांध दिया। इसके बाद रात में जब आरोपी शराब के नशे में सो गया तो उसने एक बार फिर पत्थर की मदद से ताला तोड़ा और सीधे खिलचीपुर थाने की ओर निकल गई। कई किलोमीटर पैदल चलने के बाद रात करीब दस बजे वह थाने पहुंची। वहां मौजूद पुलिसकर्मी उसकी हालत देखकर हैरान रह गए। पुलिस ने सबसे पहले उसके गले से जंजीर हटवाई, भोजन और पानी उपलब्ध कराया तथा मेडिकल परीक्षण कराया। जांच में शरीर पर चोट और जलने के निशानों का परीक्षण कराया गया।

अधिकारियों के अनुसार महिला के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर तत्काल कार्रवाई की गई। थाना प्रभारी कमल सिंह गेहलोत के निर्देशन में पुलिस टीम गांव पहुंची और आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास, गलत तरीके से बंधक बनाने, मारपीट, गंभीर चोट पहुंचाने, आपराधिक धमकी और वैवाहिक क्रूरता सहित भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। महिला को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। मांगीबाई ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि शादी के पांच साल बाद उनका एक बच्चा हुआ था, जिसकी तीन महीने की उम्र में बीमारी के कारण मौत हो गई। इसके बाद उनकी कोई संतान नहीं हुई। महिला का आरोप है कि इसके बाद पति का व्यवहार और अधिक हिंसक हो गया तथा वह आए दिन शराब पीकर मारपीट करता था। इस बार उसने तय किया कि वह चुप नहीं रहेगी और किसी भी तरह पुलिस तक पहुंचेगी। गांव के कुछ लोगों ने भी पुलिस को बताया कि आरोपी अक्सर शराब के नशे में विवाद करता था और गाली-गलौज करता था। हालांकि पुलिस का कहना है कि गांव में फैली अन्य चर्चाओं की अलग से जांच की जाएगी और फिलहाल कार्रवाई महिला की शिकायत तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि घरेलू हिंसा के मामलों को गंभीरता से लिया जाता है और किसी भी पीड़ित को डरने की जरूरत नहीं है। यदि किसी महिला के साथ इस तरह की घटना होती है तो वह तत्काल पुलिस या महिला हेल्पलाइन से संपर्क करे। इस मामले में भी महिला के साहस और समय पर पुलिस तक पहुंचने से कार्रवाई संभव हो सकी।
