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साजिश सहेलियों की: जब एक बेटी ने समलैंगिक रिश्ते के लिए मां और भाई को मार डाला
Satyakatha
स्थान: यमुनानगर, हरियाणा | घटना की तिथि: 23 जून 2024 | प्रस्तुति: सत्यकथा विशेष
हरियाणा के यमुनानगर में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। एक बेटी ने अपने समलैंगिक रिश्ते को कायम रखने के लिए न सिर्फ अपनी मां और भाई की हत्या कर दी, बल्कि पूरे परिवार को बिखेरने की कीमत पर अपने विकृत प्रेम को बचाने की साजिश रच डाली।
साजिश की जड़ें: जब दोस्ती समलैंगिक जुनून में बदली
27 वर्षीय कोमल (बदला हुआ नाम) की कंचन नामक युवती से गहरी दोस्ती थी। कॉलेज के दिनों से ही कोमल समलैंगिक प्रवृत्ति रखती थी और अपनी कई सहेलियों के साथ शारीरिक संबंध बना चुकी थी। कंचन उसकी सहेली ही नहीं, उसकी वासना की साथी बन गई। लेकिन समाज की नजरों से बचने और कंचन को हमेशा अपने पास रखने की चाहत में कोमल ने एक चौंकाने वाला कदम उठाया—उसने अपनी प्रेमिका कंचन की शादी अपने भाई राहुल से करवा दी।
भाभी बनी प्रेमिका: रात का खेल और भाई की बेबसी
शादी के बाद, कंचन ने एक पत्नी का फर्ज तो निभाया, लेकिन रात होते ही वह राहुल का बिस्तर छोड़कर कोमल के कमरे में पहुंच जाती थी। दोनों के बीच समलैंगिक संबंधों की सीमा लांघ चुकी ये नजदीकियां राहुल को अखरने लगीं। एक रात जब राहुल ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया, तो अगले दिन उसने इसका विरोध किया। इस पर कंचन ने साफ कह दिया—"पति को छोड़ सकती हूं, पर कोमल को नहीं।"
टूटता परिवार, बढ़ता शक
इस अशोभनीय रिश्ते का पता जब मां मीना को चला, तो उन्होंने भी विरोध किया। परिवार में विवाद गहराने लगे और एक साल के भीतर राहुल ने कंचन को तलाक दे दिया। कुछ समय बाद राहुल ने दूसरी शादी कर ली, लेकिन कोमल ने उसकी दूसरी पत्नी से भी समलैंगिक संबंध बनाने की कोशिश की, जिससे वह भी मायके लौट गई।
वारिसात की लड़ाई या विकृति की रक्षा?
इस स्थिति में कोमल को डर था कि मां अपनी संपत्ति राहुल के नाम कर सकती हैं। साथ ही, मां और भाई की बढ़ती नाराजगी ने कोमल को उस मोड़ पर ला खड़ा किया, जहां उसने अपने मामा के बेटे कृष के साथ मिलकर मां और भाई को खत्म करने की साजिश रच डाली।

कत्ल की पटकथा: तकनीक और चालाकी का घातक मेल
23 जून की सुबह, घर का सीसीटीवी कैमरा बंद कर दिया गया। सुबह 10 बजे जब मीना रसोई में काम कर रही थीं, तभी कृष ने घर में घुसकर उनका गला दबाया और कोमल ने पीछे से उसे थामा। मां की चीख सुनकर दाढ़ी बना रहा राहुल आया तो कोमल ने उसके सिर पर लोहे की रॉड से वार कर दिया। कृष ने गमछे से उसका गला दबा दिया।
हत्या के बाद कोमल ने घर बिखेर दिया, मां का मोबाइल लेकर पार्लर गई, जहां से खुद को दो जूस लाने का मैसेज भेजा। वह 2:50 पर जूस लेकर लौटी और मां-भाई की लाश देखकर नाटक करने लगी।
फूट पड़ा झूठ का पर्दा
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का समय सुबह 10 बजे बताया गया जबकि कोमल ने कहा था कि वह दोपहर में बाहर गई थी। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन चेक की तो पता चला कि जूस वाला मैसेज कोमल ने खुद मां के फोन से भेजा था, जो उस समय उसके पास था।
पुलिस ने जब कड़ाई से पूछताछ की तो कोमल ने स्वीकार किया कि उसने अपने मामा के बेटे के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। लेकिन सच्चाई यहीं खत्म नहीं हुई।

समलैंगिक संबंध और संदेह की पुष्टि
कोमल की मौसी ने पुलिस को बताया कि कोमल समलैंगिक थी और उसी के कारण राहुल की दोनों शादियां टूटीं। उसने रिश्तेदारों तक की बेटियों को अपनी हवस का शिकार बनाया। कंचन के साथ उसके संबंध इतने गहरे थे कि वह उसे छोड़ने को तैयार नहीं थी—even if it meant spilling blood.
रिश्तों का अपवित्र पतन
इस घटनाक्रम ने भारतीय पारिवारिक संरचना, सामाजिक परंपराओं और यौन विकृतियों के चलते टूटते रिश्तों की एक भयावह तस्वीर पेश की है। यह सिर्फ एक कत्ल की कहानी नहीं है, यह उस सामाजिक अंधेरे की झलक है, जहां रिश्ते, सम्मान और मानवता सब कुछ स्वार्थ और विकृति की बलि चढ़ जाते हैं।
समलैंगिकता एक यौन झुकाव है, न कि अपराध। लेकिन यदि यह संबंध छल, हिंसा और हत्या का आधार बन जाए, तो वह एक सामाजिक-आपराधिक समस्या बन जाता है। यह सत्यकथा केवल एक हत्याकांड नहीं, बल्कि उस मानसिक पतन की कहानी है जहां प्रेम विकृति में और भरोसा धोखे में बदल गया।
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साजिश सहेलियों की: जब एक बेटी ने समलैंगिक रिश्ते के लिए मां और भाई को मार डाला
Satyakatha
हरियाणा के यमुनानगर में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। एक बेटी ने अपने समलैंगिक रिश्ते को कायम रखने के लिए न सिर्फ अपनी मां और भाई की हत्या कर दी, बल्कि पूरे परिवार को बिखेरने की कीमत पर अपने विकृत प्रेम को बचाने की साजिश रच डाली।
साजिश की जड़ें: जब दोस्ती समलैंगिक जुनून में बदली
27 वर्षीय कोमल (बदला हुआ नाम) की कंचन नामक युवती से गहरी दोस्ती थी। कॉलेज के दिनों से ही कोमल समलैंगिक प्रवृत्ति रखती थी और अपनी कई सहेलियों के साथ शारीरिक संबंध बना चुकी थी। कंचन उसकी सहेली ही नहीं, उसकी वासना की साथी बन गई। लेकिन समाज की नजरों से बचने और कंचन को हमेशा अपने पास रखने की चाहत में कोमल ने एक चौंकाने वाला कदम उठाया—उसने अपनी प्रेमिका कंचन की शादी अपने भाई राहुल से करवा दी।
भाभी बनी प्रेमिका: रात का खेल और भाई की बेबसी
शादी के बाद, कंचन ने एक पत्नी का फर्ज तो निभाया, लेकिन रात होते ही वह राहुल का बिस्तर छोड़कर कोमल के कमरे में पहुंच जाती थी। दोनों के बीच समलैंगिक संबंधों की सीमा लांघ चुकी ये नजदीकियां राहुल को अखरने लगीं। एक रात जब राहुल ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया, तो अगले दिन उसने इसका विरोध किया। इस पर कंचन ने साफ कह दिया—"पति को छोड़ सकती हूं, पर कोमल को नहीं।"
टूटता परिवार, बढ़ता शक
इस अशोभनीय रिश्ते का पता जब मां मीना को चला, तो उन्होंने भी विरोध किया। परिवार में विवाद गहराने लगे और एक साल के भीतर राहुल ने कंचन को तलाक दे दिया। कुछ समय बाद राहुल ने दूसरी शादी कर ली, लेकिन कोमल ने उसकी दूसरी पत्नी से भी समलैंगिक संबंध बनाने की कोशिश की, जिससे वह भी मायके लौट गई।
वारिसात की लड़ाई या विकृति की रक्षा?
इस स्थिति में कोमल को डर था कि मां अपनी संपत्ति राहुल के नाम कर सकती हैं। साथ ही, मां और भाई की बढ़ती नाराजगी ने कोमल को उस मोड़ पर ला खड़ा किया, जहां उसने अपने मामा के बेटे कृष के साथ मिलकर मां और भाई को खत्म करने की साजिश रच डाली।

कत्ल की पटकथा: तकनीक और चालाकी का घातक मेल
23 जून की सुबह, घर का सीसीटीवी कैमरा बंद कर दिया गया। सुबह 10 बजे जब मीना रसोई में काम कर रही थीं, तभी कृष ने घर में घुसकर उनका गला दबाया और कोमल ने पीछे से उसे थामा। मां की चीख सुनकर दाढ़ी बना रहा राहुल आया तो कोमल ने उसके सिर पर लोहे की रॉड से वार कर दिया। कृष ने गमछे से उसका गला दबा दिया।
हत्या के बाद कोमल ने घर बिखेर दिया, मां का मोबाइल लेकर पार्लर गई, जहां से खुद को दो जूस लाने का मैसेज भेजा। वह 2:50 पर जूस लेकर लौटी और मां-भाई की लाश देखकर नाटक करने लगी।
फूट पड़ा झूठ का पर्दा
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का समय सुबह 10 बजे बताया गया जबकि कोमल ने कहा था कि वह दोपहर में बाहर गई थी। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन चेक की तो पता चला कि जूस वाला मैसेज कोमल ने खुद मां के फोन से भेजा था, जो उस समय उसके पास था।
पुलिस ने जब कड़ाई से पूछताछ की तो कोमल ने स्वीकार किया कि उसने अपने मामा के बेटे के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। लेकिन सच्चाई यहीं खत्म नहीं हुई।

समलैंगिक संबंध और संदेह की पुष्टि
कोमल की मौसी ने पुलिस को बताया कि कोमल समलैंगिक थी और उसी के कारण राहुल की दोनों शादियां टूटीं। उसने रिश्तेदारों तक की बेटियों को अपनी हवस का शिकार बनाया। कंचन के साथ उसके संबंध इतने गहरे थे कि वह उसे छोड़ने को तैयार नहीं थी—even if it meant spilling blood.
रिश्तों का अपवित्र पतन
इस घटनाक्रम ने भारतीय पारिवारिक संरचना, सामाजिक परंपराओं और यौन विकृतियों के चलते टूटते रिश्तों की एक भयावह तस्वीर पेश की है। यह सिर्फ एक कत्ल की कहानी नहीं है, यह उस सामाजिक अंधेरे की झलक है, जहां रिश्ते, सम्मान और मानवता सब कुछ स्वार्थ और विकृति की बलि चढ़ जाते हैं।
समलैंगिकता एक यौन झुकाव है, न कि अपराध। लेकिन यदि यह संबंध छल, हिंसा और हत्या का आधार बन जाए, तो वह एक सामाजिक-आपराधिक समस्या बन जाता है। यह सत्यकथा केवल एक हत्याकांड नहीं, बल्कि उस मानसिक पतन की कहानी है जहां प्रेम विकृति में और भरोसा धोखे में बदल गया।
