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भैंस खरीदने के लिए दोस्त ने करवाई करोड़ों की चोरी
सत्यकथा
मुरैना के नंदपुरा गांव में रिटायर्ड फौजी के घर 55 लाख की चोरी का खुलासा, बचपन के दोस्त ने ही अपराधियों को दी थी रेकी की जानकारी, पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में दोस्ती को शर्मसार कर देने वाला एक मामला सामने आया है। नंदपुरा गांव में रहने वाले रिटायर्ड सैनिक विष्णु सिकरवार के घर हुई करीब 55 लाख रुपये की चोरी का खुलासा करते हुए पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार इस वारदात का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि चोरी की पूरी साजिश कथित तौर पर विष्णु के करीबी दोस्त रामप्रकाश उर्फ रम्पा सिकरवार ने रची। पुलिस का दावा है कि उसने महज एक भैंस खरीदने के लिए एक लाख रुपये पाने की लालच में अपने ही दोस्त के घर की पूरी जानकारी बदमाशों को दे दी।

पुलिस के मुताबिक घटना 21 और 22 मई की दरम्यानी रात की है। अगले दिन सुबह रिटायर्ड सैनिक विष्णु सिकरवार के घर उनके बेटे के रिश्ते के सिलसिले में मेहमान आने वाले थे। परिवार पूरे दिन मेहमानों की आवभगत में व्यस्त रहा। शाम करीब पांच बजे जब मेहमान विदा हो गए तो विष्णु अपने कमरे में पहुंचे। वहां उनकी लाइसेंसी .315 बोर बंदूक अपनी जगह पर नहीं थी। पहले उन्हें लगा कि शायद बंदूक कहीं और रख दी गई होगी, लेकिन जब पूरे घर की तलाशी ली गई तो अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवर, नकदी और अन्य कीमती सामान भी गायब मिला। छत से पीछे खेत की ओर देखने पर टूटे हुए सूटकेस पड़े मिले, जिससे साफ हो गया कि घर में बड़ी चोरी हुई है। चोरी की खबर फैलते ही गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। शुरुआती दौर में कुछ लोगों ने घर आए मेहमानों पर भी संदेह जताया। पुलिस ने भी प्रारंभिक जांच में इस एंगल को देखा, लेकिन जल्द ही जांच की दिशा बदल गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने चार विशेष जांच टीमों का गठन किया। टीमों ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, संदिग्ध वाहनों की गतिविधियां और स्थानीय मुखबिरों की मदद से जांच आगे बढ़ाई।

जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि क्षेत्र का 32 हजार रुपये का इनामी बदमाश रामस्वरूप उर्फ स्वरूपा गुर्जर हाल के दिनों में नंदपुरा इलाके में देखा गया था। तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल की जांच में पुलिस को रामप्रकाश उर्फ रम्पा सिकरवार का नाम सामने मिला। रम्पा कोई सामान्य व्यक्ति नहीं बल्कि पीड़ित विष्णु सिकरवार का वर्षों पुराना घनिष्ठ मित्र था। वह अक्सर उनके घर आता-जाता था और घर के हर कमरे, अलमारी और सामान की जानकारी रखता था। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि कुछ दिन पहले स्वरूपा गुर्जर के बेटे के जन्मदिन पर आयोजित एक कार्यक्रम में रम्पा भी पहुंचा था। वहीं बातचीत के दौरान उसने कथित रूप से बताया कि उसे भैंस खरीदने के लिए एक लाख रुपये की जरूरत है। पुलिस के अनुसार इसी दौरान स्वरूपा ने किसी संपन्न घर की जानकारी देने के बदले रकम देने की बात कही। आरोप है कि रम्पा ने अपने दोस्त विष्णु सिकरवार के घर की पूरी जानकारी दे दी और बताया कि घर में जेवर और नकदी मौजूद है। इसके बाद चोरी की योजना बनाई गई। पुलिस के अनुसार 21 मई की रात आरोपी पीछे के खेत के रास्ते घर में दाखिल हुए। उन्हें पहले से पता था कि किस कमरे में क्या रखा है। आरोपियों ने अलमारी और बक्सों से नकदी, सोने-चांदी के जेवर और लाइसेंसी बंदूक चोरी कर ली। सामान को सूटकेस में भरकर खेत की ओर ले जाया गया, जहां अनावश्यक सामान छोड़कर आरोपी कार से फरार हो गए। परिवार को पूरी घटना की जानकारी अगले दिन तब लगी, जब मेहमानों के जाने के बाद घर का सामान देखा गया।

पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सूचना के आधार पर अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर रामस्वरूप उर्फ स्वरूपा गुर्जर, उसके भाई राहुल उर्फ गूंगा, प्रदीप गुर्जर, देशराज उर्फ देसा, जसरथ उर्फ कल्लू और रामप्रकाश उर्फ रम्पा सिकरवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार रम्पा के पास से एक लाख रुपये भी बरामद किए गए, जो कथित तौर पर उसे चोरी की जानकारी देने के बदले दिए गए थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रामस्वरूप उर्फ स्वरूपा गुर्जर के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और उस पर 32 हजार रुपये का इनाम घोषित था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह लंबे समय से मुरैना, भिंड और ग्वालियर क्षेत्र में चोरी की वारदातों को अंजाम देता रहा है। पुलिस अब चोरी का शेष सामान बरामद करने और गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की भूमिका की भी जांच कर रही है। जिस व्यक्ति को परिवार अपना सबसे करीबी मानता था, उसी पर घर की जानकारी देकर चोरी कराने का आरोप लगा है। हालांकि पूरे मामले में अंतिम फैसला अदालत और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
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भैंस खरीदने के लिए दोस्त ने करवाई करोड़ों की चोरी
सत्यकथा
मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में दोस्ती को शर्मसार कर देने वाला एक मामला सामने आया है। नंदपुरा गांव में रहने वाले रिटायर्ड सैनिक विष्णु सिकरवार के घर हुई करीब 55 लाख रुपये की चोरी का खुलासा करते हुए पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार इस वारदात का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि चोरी की पूरी साजिश कथित तौर पर विष्णु के करीबी दोस्त रामप्रकाश उर्फ रम्पा सिकरवार ने रची। पुलिस का दावा है कि उसने महज एक भैंस खरीदने के लिए एक लाख रुपये पाने की लालच में अपने ही दोस्त के घर की पूरी जानकारी बदमाशों को दे दी।

पुलिस के मुताबिक घटना 21 और 22 मई की दरम्यानी रात की है। अगले दिन सुबह रिटायर्ड सैनिक विष्णु सिकरवार के घर उनके बेटे के रिश्ते के सिलसिले में मेहमान आने वाले थे। परिवार पूरे दिन मेहमानों की आवभगत में व्यस्त रहा। शाम करीब पांच बजे जब मेहमान विदा हो गए तो विष्णु अपने कमरे में पहुंचे। वहां उनकी लाइसेंसी .315 बोर बंदूक अपनी जगह पर नहीं थी। पहले उन्हें लगा कि शायद बंदूक कहीं और रख दी गई होगी, लेकिन जब पूरे घर की तलाशी ली गई तो अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवर, नकदी और अन्य कीमती सामान भी गायब मिला। छत से पीछे खेत की ओर देखने पर टूटे हुए सूटकेस पड़े मिले, जिससे साफ हो गया कि घर में बड़ी चोरी हुई है। चोरी की खबर फैलते ही गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। शुरुआती दौर में कुछ लोगों ने घर आए मेहमानों पर भी संदेह जताया। पुलिस ने भी प्रारंभिक जांच में इस एंगल को देखा, लेकिन जल्द ही जांच की दिशा बदल गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने चार विशेष जांच टीमों का गठन किया। टीमों ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, संदिग्ध वाहनों की गतिविधियां और स्थानीय मुखबिरों की मदद से जांच आगे बढ़ाई।

जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि क्षेत्र का 32 हजार रुपये का इनामी बदमाश रामस्वरूप उर्फ स्वरूपा गुर्जर हाल के दिनों में नंदपुरा इलाके में देखा गया था। तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल की जांच में पुलिस को रामप्रकाश उर्फ रम्पा सिकरवार का नाम सामने मिला। रम्पा कोई सामान्य व्यक्ति नहीं बल्कि पीड़ित विष्णु सिकरवार का वर्षों पुराना घनिष्ठ मित्र था। वह अक्सर उनके घर आता-जाता था और घर के हर कमरे, अलमारी और सामान की जानकारी रखता था। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि कुछ दिन पहले स्वरूपा गुर्जर के बेटे के जन्मदिन पर आयोजित एक कार्यक्रम में रम्पा भी पहुंचा था। वहीं बातचीत के दौरान उसने कथित रूप से बताया कि उसे भैंस खरीदने के लिए एक लाख रुपये की जरूरत है। पुलिस के अनुसार इसी दौरान स्वरूपा ने किसी संपन्न घर की जानकारी देने के बदले रकम देने की बात कही। आरोप है कि रम्पा ने अपने दोस्त विष्णु सिकरवार के घर की पूरी जानकारी दे दी और बताया कि घर में जेवर और नकदी मौजूद है। इसके बाद चोरी की योजना बनाई गई। पुलिस के अनुसार 21 मई की रात आरोपी पीछे के खेत के रास्ते घर में दाखिल हुए। उन्हें पहले से पता था कि किस कमरे में क्या रखा है। आरोपियों ने अलमारी और बक्सों से नकदी, सोने-चांदी के जेवर और लाइसेंसी बंदूक चोरी कर ली। सामान को सूटकेस में भरकर खेत की ओर ले जाया गया, जहां अनावश्यक सामान छोड़कर आरोपी कार से फरार हो गए। परिवार को पूरी घटना की जानकारी अगले दिन तब लगी, जब मेहमानों के जाने के बाद घर का सामान देखा गया।

पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सूचना के आधार पर अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर रामस्वरूप उर्फ स्वरूपा गुर्जर, उसके भाई राहुल उर्फ गूंगा, प्रदीप गुर्जर, देशराज उर्फ देसा, जसरथ उर्फ कल्लू और रामप्रकाश उर्फ रम्पा सिकरवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार रम्पा के पास से एक लाख रुपये भी बरामद किए गए, जो कथित तौर पर उसे चोरी की जानकारी देने के बदले दिए गए थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रामस्वरूप उर्फ स्वरूपा गुर्जर के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और उस पर 32 हजार रुपये का इनाम घोषित था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह लंबे समय से मुरैना, भिंड और ग्वालियर क्षेत्र में चोरी की वारदातों को अंजाम देता रहा है। पुलिस अब चोरी का शेष सामान बरामद करने और गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की भूमिका की भी जांच कर रही है। जिस व्यक्ति को परिवार अपना सबसे करीबी मानता था, उसी पर घर की जानकारी देकर चोरी कराने का आरोप लगा है। हालांकि पूरे मामले में अंतिम फैसला अदालत और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
