- Hindi News
- सत्यकथा
- हरदा मनोज हत्याकांड: पत्नी और प्रेमी को आजीवन कारावास, अदालत ने सुनाई सजा
हरदा मनोज हत्याकांड: पत्नी और प्रेमी को आजीवन कारावास, अदालत ने सुनाई सजा
Satyakatha
वैवाहिक जीवन से ऊबकर प्रेमी संग रची हत्या की साजिश, मोबाइल कॉल डिटेल और लोकेशन से खुला राज — जिला अदालत ने पांच साल बाद सुनाया फैसला
हरदा, मध्यप्रदेश — जिला अदालत ने सोमवार को वर्ष 2018 में हुए चर्चित मनोज हत्याकांड में पत्नी मनीषा और उसके प्रेमी सूरज उर्फ सीपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश ने दोनों दोषियों पर दो-दो हजार रुपए के जुर्माने के साथ धारा 201 के तहत तीन-तीन साल के सश्रम कारावास और एक-एक हजार रुपए के अर्थदंड की सजा भी तय की। अदालत के इस फैसले के साथ ही पांच साल पुराना यह हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
यह मामला अक्टूबर 2018 की उस रात का है जब हरदा की शिक्षक कॉलोनी में रहने वाले मनोज पर घर में ही जानलेवा हमला हुआ था। देर रात करीब एक बजे मनोज की पत्नी मनीषा ने अपने देवर को फोन कर बताया कि कुछ अज्ञात लोग घर में घुसकर मनोज पर हमला कर भाग गए। पुलिस कोतवाली को दी गई इस सूचना के बाद तत्कालीन थाना प्रभारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। घर में खून से लथपथ मनोज मृत पाया गया।
प्रारंभिक पूछताछ में मनीषा ने दावा किया कि उसने हमलावरों को देखा नहीं। उसने कहा कि पति की चीख सुनकर वह कमरे में पहुंची थी, लेकिन तब तक हमलावर भाग चुके थे। शुरुआती जांच में मामला लूट या पुरानी रंजिश का प्रतीत हुआ, लेकिन पुलिस को घटना में घरेलू साजिश की बू आने लगी।
जांच के दौरान जब पुलिस ने मनीषा के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली, तो घटनाक्रम ने नया मोड़ लिया। रिकॉर्ड से खुलासा हुआ कि हत्या की रात मनीषा और उसके प्रेमी सूरज के बीच कई बार बातचीत हुई थी। इसके अलावा, सूरज के मोबाइल की लोकेशन भी घटना स्थल के आसपास पाई गई। जब पुलिस ने मनीषा से सघन पूछताछ की, तो वह टूट गई और पूरी वारदात कबूल कर ली।
पुलिस जांच से पता चला कि मनीषा का विवाह मनोज से कई साल पहले हुआ था। दोनों की दो बेटियां थीं और वे शिक्षक कॉलोनी में रहते थे। मनोज पेशे से कलेक्शन एजेंट था और दिनभर बाहर रहता था। इसी दौरान मनीषा की मुलाकात उसकी छोटी बहन की ससुराल के युवक सूरज उर्फ सीपी से हुई। कुछ ही समय में दोनों के बीच अवैध संबंध बन गए।
मनोज को जब पत्नी की हरकतों का पता चला, तो उसने समझाने की कोशिश की, लेकिन मनीषा ने तलाक लेकर प्रेमी संग रहने की ठान ली। मनोज ने बच्चों और घर की खातिर तलाक देने से इनकार किया, जिससे मनीषा और सूरज ने हत्या की साजिश रच डाली। 12-13 अक्टूबर 2018 की रात मनीषा के इशारे पर सूरज घर पहुंचा और सोते हुए मनोज का गला काट दिया। वारदात के बाद मनीषा ने खुद पुलिस को भ्रमित करने के लिए फोन कर झूठी कहानी गढ़ दी।
पुलिस ने साक्ष्य एकत्र कर दोनों को गिरफ्तार किया। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजक विनोद कुमार अहिरवार ने पैरवी की। अदालत ने सबूतों और बयान के आधार पर दोनों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
यह फैसला हरदा जिले की न्याय व्यवस्था में एक अहम उदाहरण माना जा रहा है, जिसने वैवाहिक विश्वासघात से उपजे जघन्य अपराध को न्यायिक परिणति तक पहुंचाया।
👉 हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
हरदा मनोज हत्याकांड: पत्नी और प्रेमी को आजीवन कारावास, अदालत ने सुनाई सजा
Satyakatha
हरदा, मध्यप्रदेश — जिला अदालत ने सोमवार को वर्ष 2018 में हुए चर्चित मनोज हत्याकांड में पत्नी मनीषा और उसके प्रेमी सूरज उर्फ सीपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश ने दोनों दोषियों पर दो-दो हजार रुपए के जुर्माने के साथ धारा 201 के तहत तीन-तीन साल के सश्रम कारावास और एक-एक हजार रुपए के अर्थदंड की सजा भी तय की। अदालत के इस फैसले के साथ ही पांच साल पुराना यह हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
यह मामला अक्टूबर 2018 की उस रात का है जब हरदा की शिक्षक कॉलोनी में रहने वाले मनोज पर घर में ही जानलेवा हमला हुआ था। देर रात करीब एक बजे मनोज की पत्नी मनीषा ने अपने देवर को फोन कर बताया कि कुछ अज्ञात लोग घर में घुसकर मनोज पर हमला कर भाग गए। पुलिस कोतवाली को दी गई इस सूचना के बाद तत्कालीन थाना प्रभारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। घर में खून से लथपथ मनोज मृत पाया गया।
प्रारंभिक पूछताछ में मनीषा ने दावा किया कि उसने हमलावरों को देखा नहीं। उसने कहा कि पति की चीख सुनकर वह कमरे में पहुंची थी, लेकिन तब तक हमलावर भाग चुके थे। शुरुआती जांच में मामला लूट या पुरानी रंजिश का प्रतीत हुआ, लेकिन पुलिस को घटना में घरेलू साजिश की बू आने लगी।
जांच के दौरान जब पुलिस ने मनीषा के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली, तो घटनाक्रम ने नया मोड़ लिया। रिकॉर्ड से खुलासा हुआ कि हत्या की रात मनीषा और उसके प्रेमी सूरज के बीच कई बार बातचीत हुई थी। इसके अलावा, सूरज के मोबाइल की लोकेशन भी घटना स्थल के आसपास पाई गई। जब पुलिस ने मनीषा से सघन पूछताछ की, तो वह टूट गई और पूरी वारदात कबूल कर ली।
पुलिस जांच से पता चला कि मनीषा का विवाह मनोज से कई साल पहले हुआ था। दोनों की दो बेटियां थीं और वे शिक्षक कॉलोनी में रहते थे। मनोज पेशे से कलेक्शन एजेंट था और दिनभर बाहर रहता था। इसी दौरान मनीषा की मुलाकात उसकी छोटी बहन की ससुराल के युवक सूरज उर्फ सीपी से हुई। कुछ ही समय में दोनों के बीच अवैध संबंध बन गए।
मनोज को जब पत्नी की हरकतों का पता चला, तो उसने समझाने की कोशिश की, लेकिन मनीषा ने तलाक लेकर प्रेमी संग रहने की ठान ली। मनोज ने बच्चों और घर की खातिर तलाक देने से इनकार किया, जिससे मनीषा और सूरज ने हत्या की साजिश रच डाली। 12-13 अक्टूबर 2018 की रात मनीषा के इशारे पर सूरज घर पहुंचा और सोते हुए मनोज का गला काट दिया। वारदात के बाद मनीषा ने खुद पुलिस को भ्रमित करने के लिए फोन कर झूठी कहानी गढ़ दी।
पुलिस ने साक्ष्य एकत्र कर दोनों को गिरफ्तार किया। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजक विनोद कुमार अहिरवार ने पैरवी की। अदालत ने सबूतों और बयान के आधार पर दोनों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
यह फैसला हरदा जिले की न्याय व्यवस्था में एक अहम उदाहरण माना जा रहा है, जिसने वैवाहिक विश्वासघात से उपजे जघन्य अपराध को न्यायिक परिणति तक पहुंचाया।
👉 हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!
