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भोपाल में देवर-भाभी के अवैध संबंधों का खौफनाक अंत: छोटे भाई ने बड़े भाई की हत्या कर दी
Satyakatha
कमला नगर में सामने आया सनसनीखेज मामला; पत्नी से विवाद के बाद घर लौटा धर्मेन्द्र रात में ही बना देवर की साजिश का शिकार, पुलिस ने 24 घंटे में सुलझाई गुत्थी
भोपाल के कमला नगर थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ देवर-भाभी के अवैध संबंधों ने एक परिवार को टूट कर रख दिया। 14 नवंबर की सुबह बसेरा मोहल्ला में रहने वाले 38 वर्षीय धर्मेन्द्र सिंह चौहान की हत्या का खुलासा होते ही मामला आज की ताज़ा ख़बरों में सुर्खियों में आ गया। यह राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर पर तेजी से ट्रेंडिंग न्यूज इंडिया का हिस्सा बना हुआ है।
कमला नगर टीआई निरूपा पांडे को सूचना मिली कि धर्मेन्द्र की रात में हत्या कर दी गई है। पुलिस मौके पर पहुंची तो उसका शव अपने बिस्तर पर खून से लथपथ पड़ा मिला। प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट था कि हत्या घर के अंदर ही की गई थी।
धर्मेन्द्र के पिता ने बताया कि वह होटल में रसोईया था और रोजमर्रा की तरह शराब पीकर घर आया था। पिता, छोटा बेटा और छोटा भाई राजू उर्फ मनोज बाहर के कमरे में सो रहे थे। चौंकाने वाली बात यह थी कि किसी ने भी किसी तरह की चीख या शोर नहीं सुना।
शक किस पर गया?
धर्मेन्द्र की पत्नी मधु (परिवर्तित नाम) पिछले कुछ महीनों से मायके में रह रही थी। पति-पत्नी के झगड़े के बाद अलगाव ने पुलिस की जांच को दो दिशाओं में मोड़ा—
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परिवार के भीतर का विवाद,
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संभावित बाहरी हमला।
लेकिन आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग देखने पर साफ हो गया कि रात में कोई भी बाहरी व्यक्ति घर के पास नहीं आया। इससे पुलिस ने शक घर के ही किसी सदस्य पर केंद्रित किया।
पड़ोसियों से खुला राज
पूछताछ में स्थानीय लोगों ने बताया कि देवर-भाभी के बीच वर्षों से अवैध संबंध थे। इस संबंध के कारण दोनों भाइयों में अक्सर झगड़े होते रहते थे। यह जानकारी मिलते ही पुलिस ने जांच की दिशा बदल दी।
अगले दिन राजू को पूछताछ के लिए बुलाया गया। पहले उसने बात टालने की कोशिश की, लेकिन पुलिस द्वारा पत्नी से जुड़े सवाल उठाए जाने पर वह घबरा गया। धीरे-धीरे उसने कबूल किया कि उसके और मधु के बीच लंबे समय से संबंध थे, जिन्हें जानने के बाद धर्मेन्द्र ने विरोध शुरू कर दिया था।
हत्या की रात क्या हुआ?
पुलिस दबाव में राजू ने स्वीकार किया कि मधु को पूरी तरह अपना बनाने की चाहत में उसने भाई की हत्या की योजना बनाई।
13 और 14 नवंबर की दरमियानी रात, जब धर्मेन्द्र शराब पीकर गहरी नींद में सो रहा था, राजू ने कमरे में घुसकर उसका गला रेत दिया और बाहर आकर चुपचाप सो गया।
धर्मेन्द्र की हत्या के बाद राजू को भ्रम था कि पुलिस शक नहीं करेगी, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और उसके बयान में विरोधाभास ने उसे कानून के शिकंजे में ला खड़ा किया।
पुलिस अब क्या कर रही है?
राजू की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मधु की भूमिका की जांच भी कर रही है। शक है कि वह संबंध को आगे बढ़ाने के लिए इस साजिश में शामिल रही हो। उसकी संलिप्तता साबित होने पर उसे सह-आरोपी बनाया जा सकता है।
दो नाव की सवारी का अंजाम
यह मामला उस कहावत का दर्दनाक उदाहरण है—
“दो नाव में सवार व्यक्ति किनारे नहीं लगता।”
पति की बेरुखी से परेशान मधु ने देवर का साथ तलाशा, लेकिन रिश्ता अंततः हत्या, अदालत और बर्बादी में बदल गया।
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भोपाल में देवर-भाभी के अवैध संबंधों का खौफनाक अंत: छोटे भाई ने बड़े भाई की हत्या कर दी
Satyakatha
भोपाल के कमला नगर थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ देवर-भाभी के अवैध संबंधों ने एक परिवार को टूट कर रख दिया। 14 नवंबर की सुबह बसेरा मोहल्ला में रहने वाले 38 वर्षीय धर्मेन्द्र सिंह चौहान की हत्या का खुलासा होते ही मामला आज की ताज़ा ख़बरों में सुर्खियों में आ गया। यह राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर पर तेजी से ट्रेंडिंग न्यूज इंडिया का हिस्सा बना हुआ है।
कमला नगर टीआई निरूपा पांडे को सूचना मिली कि धर्मेन्द्र की रात में हत्या कर दी गई है। पुलिस मौके पर पहुंची तो उसका शव अपने बिस्तर पर खून से लथपथ पड़ा मिला। प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट था कि हत्या घर के अंदर ही की गई थी।
धर्मेन्द्र के पिता ने बताया कि वह होटल में रसोईया था और रोजमर्रा की तरह शराब पीकर घर आया था। पिता, छोटा बेटा और छोटा भाई राजू उर्फ मनोज बाहर के कमरे में सो रहे थे। चौंकाने वाली बात यह थी कि किसी ने भी किसी तरह की चीख या शोर नहीं सुना।
शक किस पर गया?
धर्मेन्द्र की पत्नी मधु (परिवर्तित नाम) पिछले कुछ महीनों से मायके में रह रही थी। पति-पत्नी के झगड़े के बाद अलगाव ने पुलिस की जांच को दो दिशाओं में मोड़ा—
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परिवार के भीतर का विवाद,
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संभावित बाहरी हमला।
लेकिन आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग देखने पर साफ हो गया कि रात में कोई भी बाहरी व्यक्ति घर के पास नहीं आया। इससे पुलिस ने शक घर के ही किसी सदस्य पर केंद्रित किया।
पड़ोसियों से खुला राज
पूछताछ में स्थानीय लोगों ने बताया कि देवर-भाभी के बीच वर्षों से अवैध संबंध थे। इस संबंध के कारण दोनों भाइयों में अक्सर झगड़े होते रहते थे। यह जानकारी मिलते ही पुलिस ने जांच की दिशा बदल दी।
अगले दिन राजू को पूछताछ के लिए बुलाया गया। पहले उसने बात टालने की कोशिश की, लेकिन पुलिस द्वारा पत्नी से जुड़े सवाल उठाए जाने पर वह घबरा गया। धीरे-धीरे उसने कबूल किया कि उसके और मधु के बीच लंबे समय से संबंध थे, जिन्हें जानने के बाद धर्मेन्द्र ने विरोध शुरू कर दिया था।
हत्या की रात क्या हुआ?
पुलिस दबाव में राजू ने स्वीकार किया कि मधु को पूरी तरह अपना बनाने की चाहत में उसने भाई की हत्या की योजना बनाई।
13 और 14 नवंबर की दरमियानी रात, जब धर्मेन्द्र शराब पीकर गहरी नींद में सो रहा था, राजू ने कमरे में घुसकर उसका गला रेत दिया और बाहर आकर चुपचाप सो गया।
धर्मेन्द्र की हत्या के बाद राजू को भ्रम था कि पुलिस शक नहीं करेगी, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और उसके बयान में विरोधाभास ने उसे कानून के शिकंजे में ला खड़ा किया।
पुलिस अब क्या कर रही है?
राजू की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मधु की भूमिका की जांच भी कर रही है। शक है कि वह संबंध को आगे बढ़ाने के लिए इस साजिश में शामिल रही हो। उसकी संलिप्तता साबित होने पर उसे सह-आरोपी बनाया जा सकता है।
दो नाव की सवारी का अंजाम
यह मामला उस कहावत का दर्दनाक उदाहरण है—
“दो नाव में सवार व्यक्ति किनारे नहीं लगता।”
पति की बेरुखी से परेशान मधु ने देवर का साथ तलाशा, लेकिन रिश्ता अंततः हत्या, अदालत और बर्बादी में बदल गया।
