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खंडवा : प्रेमी को बहन से बोलना महंगा पड़ा प्रेमिका को, गोवा की होटल में हत्या
Satyakatha
गोवा गई बेटी का फोन अचानक स्विच ऑफ होकर अगले दिन भी ऑन नहीं हुआ तो बात खंडवा पुलिस तक पहुंच गई जिसके अगले ही दिन गोवा पुलिस की ओर से एक होटल में उसका कत्ल कर दिए जाने की जानकारी आ गई।
15 मार्च की आधी रात बीत चुकी थी लेकिन खंडवा के रामनगर इलाके में रहने वाले विजय सिंह चौहान की आंखों से नींद अभी भी कोसों दूर थी। दरअसल उनकी 35 वर्षीय बेटी जो इन दिनों अपनी कंपनी के काम के सिलसिले में गोवा गई थी, का फोन दोपहर के बाद अचानक स्विच ऑफ हो गया था। इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ था। शहर से बाहर होने पर भावना किसी कारण से अगर फोन ऑफ करती थी तो पहले पिता को इसकी जानकारी दे दिया करती थी। लेकिन उस रोज ऐसी कोई खबर उसकी तरफ से न मिलने से पिता को चिंता होना लाजिमी है।
इसलिए अगले दिन सुबह भी जब उनका संपर्क बेटी से नहीं हुआ तो उन्होंने भोपाल में नौकरी करने वाले अपने बेटे को पूरी बात बताकर खंडवा बुलाने के बाद उसी रोज शाम को कोतवाली थाने की रामनगर चौकी में बेटी की गुमशुदगी दर्ज करवा दी।
गुमशुदगी दर्ज करवाने के बाद भी उन्हें भरोसा था कि देर सबेर भावना उन्हें अपनी कुशलता का फोन जरूर करेगी लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ उल्टे अगले दिन ही गोवा के कलंगुट थाने से उनके इलाके की एक होटल में ठहरी भावना के कत्ल कर दिए जाने की सूचना परिवार को मिल गई।
भावना का भाई तुंरत गोवा पहुंचा जहां पुलिस ने उसे शव सौंपने से पहले राजहंस होटल के वह सीसीटीवी फुटेज दिखाए जिसमें एक नकाब पोश जोड़ा 15 मार्च की सुबह होटल के कमरे में उससे मिलने आया था। यह जोड़ा पूरे 17 घंटे बाद भावना के कमरे से रात में 10 बजे बाहर निकला था। इसके अगले दिन जब भावना के कमरे में कोई हलचल नहीं हुई तो होटल प्रबंधन से पुलिस को बुलाकर कमरे का दरवाजा खोला जिसमें कमरे में अंदर भावना का शव मिला जिसे गला घोंटकर मारा गया था।

सीसीटीवी से पता चला कि 15 की सुबह एक युवक-युवती होटल में भावना से मिलने आए थे। भावना ने दोपहर में तीन लोगों के लंच भी आर्डर किया था जिससे साफ था कि मिलने के लिए आने वाला जोड़ा उसका परिचित रहा होगा।
भावना का भाई सीसीटीवी फुटेज की मदद से जोड़े की स्पष्ट पहचान तो नहीं कर सका लेकिन मिलने के लिए आने वाली जिस लड़की ने अपना चेहरा मास्क से छुपा रखा था उसके बारे में भावना के भाई का कहना था कि वो रश्मि हो सकती है। इंदौर निवासी रश्मि दूर के रिश्ते में भावना की बहन लगती थी।
पीएम के बाद भाई भावना का शव लेकर खंडवा आ गया जहां उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इधर गोवा पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे से मिले क्लू के आधार पर रश्मि के मोबाइल नंबर की लोकेशन ट्रेस की तो वह घटना दिनांक को गोवा की मिली। इतना ही नहीं रश्मि के नंबर के साथ जिस एक और नंबर की लोकेशन गोवा की उसी राजहंस होटल की मिल रही थी जिसमें भावना रुकी थी, वह नंबर भी भावना के मोबाइल में राहुल माहेश्वरी के नाम से सेव था। इस नंबर पर भावना की लंबी-लंबी बातें भी होती थी इसकी जानकारी भी पुलिस को मिल गई थी। इसलिए पुलिस ने घेराबंदी दिल्ली से राहुल माहेश्वरी और बजरंग नगर इंदौर निवासी रश्मि चौहान को हिरासत में लेकर उनके पास से लूटा गया भावना का मोाबाइल और पर्स भी बरामद कर लिया।
पूछताछ में दोनों की पहले तो इस मामले में कुछ भी जानने से इंकार करते रहे। दोनों ने घटना दिनांक को खुद के गोवा में होने की बात को भी नकारा लेकिन पुलिस के सामने उनकी एक नहीं चली जिसके बाद पूरी कहानी खुलकर सामने आ गई।
खंडवा में रहने वाले विजय सिंह चौहान की दो संतानों में भावना बड़ी है। सुंदर और सुशील भावना की शादी 2015 में रतलाम निवासी एक युवक के साथ हुई थी। लेकिन शादी के बाद दोनों की ज्यादा समय तक नहीं बनी। एक बेटी के जन्म के बाद 2017 में भावना अपनी बेटी को लेकर पिता के घर खंडवा आ गई। तब से भावना पिता के साथ ही रह रही थी। मायके में रहते हुए भावना की नौकरी इंटास फार्मास्युटिकल्स में लग गई। वह कंपनी के लिए इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर आदि में आर्डर पर मेडिकल उपकरण सप्लाई का काम देखती थी।
धीरे-धीरे पति से दूर हुए भावना को दो साल से भी अधिक का समय बीत चुका था। ऐसे हालात में हर एक का मन भटक सकता है सो भावना का भी भटकता था। संयोग से इसी भटकन के बीच उसकी सोशल मीडिया पर उसकी मुलाकात दिल्ली की एक मीडिया कंपनी में जाब करने वाले राहुल माहेश्वरी से हुई। यह मुलाकात वक्त के साथ दोस्ती में बदलती गई जिसके बाद एक समय ऐसा भी आया कि जब भावना आफिस के टूर पर खंडवा से बाहर जाती तो वहां राहुल भी उससे मुलाकात करने पहुंच जाता।
जिससे समय के साथ उनके बीच की दूरी घटने के साथ दोनों एक दूसरे की नजदीकी को दिल के कहीं गहरे में महसूस करने लगे। भावना ने राहुल को सब कुछ साफ बता रखा था। अपनी बेटी के बारे में भी जो नाना के प्यार की छांव में पलकर बड़ी हो रही थी।
प्यार को अंधा यूं ही नहीं कहा जाता। जाने इसमें ऐसा क्या होता है कि प्यार में पडऩे वाला हर एक शख्स अपने साथी पर आंख बंद करके भरोसा करने लगता है। भावना पर भी प्यार ने ऐसा ही असर डाला था इसलिए उसे विश्वास था कि राहुल उसे कभी धोखा नहीं देगा। जिसके चलते एक समय ऐसा भी आया जब उसे लगने लगा कि धीरे-धीरे उसके परिवार को भी राहुल के बारे में जानकारी हो जाना चाहिए।
इसके लिए उसने सुरक्षित रास्ता चुनते हुए राहुल की पहली मुलाकात अपने रिश्ते की बहन रश्मि से करवाने की योजना बनाई। तलाकशुदा रश्मि उम्र में भावना से बड़ी थी और इंदौर के बजरंग नगर में रहती थी।इसलिए दो साल पहले जब आफिस के काम के सिलसिले में भावना इंदौर आई तो उसके कहने पर राहुल भी इंदौर पहुंच गया। यहां योजना अनुसार भावना से उसकी मुलाकात रश्मि से करवा दी। भावना चाहती थी कि रश्मि से होकर यह बात धीरे-धीरे उसके परिवार वालों तक पहुंच जाए कि वो किसी को पसंद करने लगी है। लेकिन हुआ वो जिसकी भावना ने कल्पना भी नहीं की थी।
भावना सुंदर, सुशिक्षित और बेहद सुशील थी। रश्मि में भी तीन ही गुण थे अंतर केवल इतना था कि वह भावना की तरह सुशील न होकर बेहद ही बिंदास किस्म की थी। राहुल को रश्मि का यह बिंदास अंदाज बेहद पंसद आया तो रश्मि को पूरा का पूरा राहुल ही पंसद था। इसलिए कुछ ही समय के बाद राहुल और रश्मि, भावना की जानकारी के बिना फोन पर घंटो बातें करने लगे। जिससे जल्द ही रश्मि ने राहुल को पूरी तरह से अपने कब्जे में ले लिया।
दोनों अपने इस रिश्ते को भावना से छुपाए हुए थे लेकिन ऐसी बातें छुपती कहां हैं। भले की भावना को रश्मि के साथ राहुल के रिश्ते की जानकारी नही लगी मगर राहुल के बदले व्यवहार से उसे यह शक जरूर हो गया कि राहुल अब उसमें पहले जैसी रुचि नहीं लेता। उसने एक दो बार राहुल को टोका भी तो राहुल ने इसे भावना के मन का भ्रम बताकर बात टाल दी। लेकिन भावना समझ गई कि राहुल की जिंदगी में कोई ओर आ चुकी है।
यह कोई और कौन है इसका पता लगाने की ठान कर भावना ने राहुल के हाव-भाव के साथ उसकी बातों पर ध्यान देना शुरू किया जिसमें जल्द ही उसकी समझ में आ गया कि राहुल मेरे से बात करने के दौरान रश्मि के मैटर में बात करने में ज्यादा रुचि लेने लगा है। इतना ही नहीं पहले भावना, राहुल को जिस भी शहर में मिलने आने का कहती वह एक बार के कहे पर आ जाता था। लेकिन अब वह इंदौर आकर मिलने में ज्यादा रुचि लेने लगा था। इसलिए उसने रश्मि से मिलकर बात की तह तक पहुंचने की कोशिश की जिसमें उसे जल्द ही इस बात का अंदाजा हो गया कि राहुल को उससे छीनने वाली कोई और नहीं बल्कि रश्मि ही है।
भावना को सच्चाई का अहसास हो चुका है इस बात को उजागर किए बिना उसने राहुल को वापस अपने पाले में लाने की कोशिश की लेकिन राहुल का मन तो अब बिंदास रश्मि से लग चुका था। इसलिए काफी प्रयास के बाद भी जब भावना ने देखा कि राहुल लगातार रश्मि के नजदीक होता जा रहा है तो उसने वादे के मुताबिक राहुल पर दबाव बनाया कि वो उसके साथ शादी कर ले।
अपितु एक वक्त ऐसा भी था जब राहुल भावना के साथ शादी करने के लिए शतप्रतिशत कमिट था लेकिन जब से उसका संग रश्मि से हुआ था उसे रश्मि के साथ रहना ज्यादा अच्छा लगने लगा था इसलिए वह भावना से शादी वाली बात टालने लगा।
इस पर कुछ समय तक तो भावना चुप रही लेकिन एक रोज उसे राहुल से साफ बता दिया कि वो अच्छी तरह से जानती है कि वो उससे शादी की बात क्यों टाल रहा है। उसने राहुल को बताया कि मैं जानती हूं कि आजकल तुम्हारे मन का भंवरा रश्मि के प्यार के बगीचे में भटक रहा है। उसने राहुल को समझाया और अपनी जिंदगी में वापस लाने की कोशिश की लेकिन राहुल ने रश्मि से मिलना नहीं छोड़ा।
इसलिए परेशान होकर एक रोज भावना ने उससे साफ कह दिया कि वो जल्द से जल्द अपना निर्णय बता दे वर्ना वो उसके खिलाफ शादी का वादा कर बलात्कार करने के आरोप में सलाखों के पीछे पहुंचा देगी।
भावना की बात सुनकर राहुल डर गया क्योंकि वह जानता था कि भावना के मोबाइल में उन दोनों के निजी पलों के अनेक महत्वपूर्ण सबूत हैं जिसकी मदद से वह उसे आसानी से बलात्कार के मामले में आरोपी बना सकती है। लेकिन राहुल मीडिया संस्थान से जुड़ा था इसलिए उसने भावनाा की धमकी पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया क्योंकि उसे लगता था कि वो अपने मीडिया रसूख के चलते ऐसे किसी मामले आसानी से बाहर निकल आएगा।
इधर खंडवा में रहकर भावना, राहुल से खासकर अपने रिश्ते की बहन रश्मि से मिले धोखे से काफी परेशान थी जिसने उसके प्यार को अपने बिंदास अंदाज से छीन लिया था।
भावना जिस कंपनी में काम करती है उसका मुख्यालय मुंबई में है इसलिए कई बार काम के सिलसिले में उसे मुंबई भी जाना होता है। जिसके चलते 7 मार्च को वह अपनी बेटी को पिता के पास छोड़कर मुंबई चली गई। संयोग से इसी बीच उसे मालूम चला कि उसका प्रेमी राहुल इन दिनों अपनी नई प्रेमिका रश्मि के साथ गोवा में क्वालिटी टाईम बिता रहा है। यह जानकारी लगते ही वह पागल हो गई और राहुल के साथ आरपार का फैसला करने की ठान का 14 मार्च को वह गोवा पहुंच गई।
गोवा में भावना कलगुंट थाना इलाके की होटल राजहंस में रुकी। गोवा पहुंचकर उसने राहुल को फोन कर बताया कि वो भी उसी शहर में है जहां तुम रश्मि के साथ मस्ती करने आए हो। लेकिन जो हुआ सो हुआ गलती मेरी थी जो मैंने तुम्हें रश्मि से मिलवाया था। मुझे नहीं मालूम था कि रश्मि मुझसे मेरा प्यार छीन लेगी। अब तुम साफ बताओ कि मुझसे शादी कब कर रहे हो।
और न करूं तो? भावना की बात सुनकर राहुल ने लापरवाही से कहा।
तो फिर जेल जाने तैयार रहो। कहकर भावना ने गुस्से में फोन काट दिया।
जिस समय भावना ने राहुल को फोन किया था उस समय राहुल और रश्मि अपनी होटल के कमरे में एक दूसरे में खोए थे। लेकिन भावना का फोन आने से राहुल का मूड खराब हो गया। इस पर राहुल और रश्मि ने विचार किया कि भावना उन दोनों को शांति से नहीं रहने देगी। दूसरे राहुल को जेल जाने का भी डर था इसलिए दोनों ने तुरंत एक योजना बनाकर भावना को फोन कर कहा कि ठीक है वे कल सुबह उससे मिलेंगे फिर बैठकर सारी बात कर लेते हैं।
अगले दिन रश्मि और राहुल सुबह पांच बजे ही भावना की होटल में पहुंच गए। इस दौरान राहुल ने भावना को समझाने की कोशिश की वो उसे गलत न समझे लेकिन वो भावना से शादी नहीं कर पाएगा।
क्या गलत न समझू, तुम मेरे सामने मेरे रिश्ते की तलाकशुदा बहन के साथ गोवा में घूम रहे हो। तुम इसे किसलिए गोवा लाए हो या यह तुम्हारे साथ क्यों गोवा आई है क्या मैं नहीं जानती। अच्छे से जानती हूं क्योंकि कल तक तुम अपने आप को मेरा होने का दम भरते थे। इसलिए तुम यह सोचते हो कि तुम्हारे इस नए सुख के लिए मैं तुम्हें फ्री छोड़ दूंगी तो तुम गलत सोचते हो।
भावना की बात सुनकर राहुल मन ही मन मुस्कराया। क्योंकि वो रश्मि के साथ भावना की कहानी खत्म करने ही आया था। उसकी योजना भावना का मोबाइल अपने कब्जे में करना था जिसमें उसके और भावना के प्यार के सबूत कैद थे। जांच में सामने आया कि रश्मि और राहुल दोनों सुबह पांच बजे से रात 10 बजे तक पूरे 17 घंटे भावना को समझाते रहे लेकिन जब भावना नहीं मानी तो दोनों ने उसका गला घोंटकर हत्या कर दी और उसका मोबाइल तथा बैग लेकर भाग गए।दोनों का सोचना था कि चेहरे पर मास्क होने के कारण उनकी पहचान नहीं हो सकेगी। फिर गोवा में उनको जानता भी कौन था लेकिन पुलिस ने चंद रोज में ही दोनों को दिल्ली और इंदौर से गिरफ्तार कर लिया।
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भावना ने ही करवाई थी रश्मि से मुलाकात
जिस रश्मि के कारण राहुल ने भावना से रिश्ता खत्म कर लिया था उस रश्मि से राहुल की मुलाकात भावना ने ही करवाई थी। दरअसल रश्मि दूर के रिश्ते में भावना की बहन लगती है। तलाकशुदा रश्मि इंदौर में रहती है। रश्मि से मुलाकात के बाद राहुल और रश्मि एक दूसरे के करीब आ गए थे। जिससे राहुल भावना से दूर होता जा रहा था।
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आरपार का फैसला करने गई थी गोवा
काम के सिलसिले में मुंबई गई भावना को जब राहुल और रश्मि के एक साथ गोवा में घूमने की जानकारी लगी तो वह आरपार का फैसला करने गोवा पहुंच गई। जहां राहुल और रश्मि ने मिलकर उसकी हत्या कर दी।
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फोन में थे सबूत
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खंडवा : प्रेमी को बहन से बोलना महंगा पड़ा प्रेमिका को, गोवा की होटल में हत्या
Satyakatha
15 मार्च की आधी रात बीत चुकी थी लेकिन खंडवा के रामनगर इलाके में रहने वाले विजय सिंह चौहान की आंखों से नींद अभी भी कोसों दूर थी। दरअसल उनकी 35 वर्षीय बेटी जो इन दिनों अपनी कंपनी के काम के सिलसिले में गोवा गई थी, का फोन दोपहर के बाद अचानक स्विच ऑफ हो गया था। इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ था। शहर से बाहर होने पर भावना किसी कारण से अगर फोन ऑफ करती थी तो पहले पिता को इसकी जानकारी दे दिया करती थी। लेकिन उस रोज ऐसी कोई खबर उसकी तरफ से न मिलने से पिता को चिंता होना लाजिमी है।
इसलिए अगले दिन सुबह भी जब उनका संपर्क बेटी से नहीं हुआ तो उन्होंने भोपाल में नौकरी करने वाले अपने बेटे को पूरी बात बताकर खंडवा बुलाने के बाद उसी रोज शाम को कोतवाली थाने की रामनगर चौकी में बेटी की गुमशुदगी दर्ज करवा दी।
गुमशुदगी दर्ज करवाने के बाद भी उन्हें भरोसा था कि देर सबेर भावना उन्हें अपनी कुशलता का फोन जरूर करेगी लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ उल्टे अगले दिन ही गोवा के कलंगुट थाने से उनके इलाके की एक होटल में ठहरी भावना के कत्ल कर दिए जाने की सूचना परिवार को मिल गई।
भावना का भाई तुंरत गोवा पहुंचा जहां पुलिस ने उसे शव सौंपने से पहले राजहंस होटल के वह सीसीटीवी फुटेज दिखाए जिसमें एक नकाब पोश जोड़ा 15 मार्च की सुबह होटल के कमरे में उससे मिलने आया था। यह जोड़ा पूरे 17 घंटे बाद भावना के कमरे से रात में 10 बजे बाहर निकला था। इसके अगले दिन जब भावना के कमरे में कोई हलचल नहीं हुई तो होटल प्रबंधन से पुलिस को बुलाकर कमरे का दरवाजा खोला जिसमें कमरे में अंदर भावना का शव मिला जिसे गला घोंटकर मारा गया था।

सीसीटीवी से पता चला कि 15 की सुबह एक युवक-युवती होटल में भावना से मिलने आए थे। भावना ने दोपहर में तीन लोगों के लंच भी आर्डर किया था जिससे साफ था कि मिलने के लिए आने वाला जोड़ा उसका परिचित रहा होगा।
भावना का भाई सीसीटीवी फुटेज की मदद से जोड़े की स्पष्ट पहचान तो नहीं कर सका लेकिन मिलने के लिए आने वाली जिस लड़की ने अपना चेहरा मास्क से छुपा रखा था उसके बारे में भावना के भाई का कहना था कि वो रश्मि हो सकती है। इंदौर निवासी रश्मि दूर के रिश्ते में भावना की बहन लगती थी।
पीएम के बाद भाई भावना का शव लेकर खंडवा आ गया जहां उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इधर गोवा पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे से मिले क्लू के आधार पर रश्मि के मोबाइल नंबर की लोकेशन ट्रेस की तो वह घटना दिनांक को गोवा की मिली। इतना ही नहीं रश्मि के नंबर के साथ जिस एक और नंबर की लोकेशन गोवा की उसी राजहंस होटल की मिल रही थी जिसमें भावना रुकी थी, वह नंबर भी भावना के मोबाइल में राहुल माहेश्वरी के नाम से सेव था। इस नंबर पर भावना की लंबी-लंबी बातें भी होती थी इसकी जानकारी भी पुलिस को मिल गई थी। इसलिए पुलिस ने घेराबंदी दिल्ली से राहुल माहेश्वरी और बजरंग नगर इंदौर निवासी रश्मि चौहान को हिरासत में लेकर उनके पास से लूटा गया भावना का मोाबाइल और पर्स भी बरामद कर लिया।
पूछताछ में दोनों की पहले तो इस मामले में कुछ भी जानने से इंकार करते रहे। दोनों ने घटना दिनांक को खुद के गोवा में होने की बात को भी नकारा लेकिन पुलिस के सामने उनकी एक नहीं चली जिसके बाद पूरी कहानी खुलकर सामने आ गई।
खंडवा में रहने वाले विजय सिंह चौहान की दो संतानों में भावना बड़ी है। सुंदर और सुशील भावना की शादी 2015 में रतलाम निवासी एक युवक के साथ हुई थी। लेकिन शादी के बाद दोनों की ज्यादा समय तक नहीं बनी। एक बेटी के जन्म के बाद 2017 में भावना अपनी बेटी को लेकर पिता के घर खंडवा आ गई। तब से भावना पिता के साथ ही रह रही थी। मायके में रहते हुए भावना की नौकरी इंटास फार्मास्युटिकल्स में लग गई। वह कंपनी के लिए इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर आदि में आर्डर पर मेडिकल उपकरण सप्लाई का काम देखती थी।
धीरे-धीरे पति से दूर हुए भावना को दो साल से भी अधिक का समय बीत चुका था। ऐसे हालात में हर एक का मन भटक सकता है सो भावना का भी भटकता था। संयोग से इसी भटकन के बीच उसकी सोशल मीडिया पर उसकी मुलाकात दिल्ली की एक मीडिया कंपनी में जाब करने वाले राहुल माहेश्वरी से हुई। यह मुलाकात वक्त के साथ दोस्ती में बदलती गई जिसके बाद एक समय ऐसा भी आया कि जब भावना आफिस के टूर पर खंडवा से बाहर जाती तो वहां राहुल भी उससे मुलाकात करने पहुंच जाता।
जिससे समय के साथ उनके बीच की दूरी घटने के साथ दोनों एक दूसरे की नजदीकी को दिल के कहीं गहरे में महसूस करने लगे। भावना ने राहुल को सब कुछ साफ बता रखा था। अपनी बेटी के बारे में भी जो नाना के प्यार की छांव में पलकर बड़ी हो रही थी।
प्यार को अंधा यूं ही नहीं कहा जाता। जाने इसमें ऐसा क्या होता है कि प्यार में पडऩे वाला हर एक शख्स अपने साथी पर आंख बंद करके भरोसा करने लगता है। भावना पर भी प्यार ने ऐसा ही असर डाला था इसलिए उसे विश्वास था कि राहुल उसे कभी धोखा नहीं देगा। जिसके चलते एक समय ऐसा भी आया जब उसे लगने लगा कि धीरे-धीरे उसके परिवार को भी राहुल के बारे में जानकारी हो जाना चाहिए।
इसके लिए उसने सुरक्षित रास्ता चुनते हुए राहुल की पहली मुलाकात अपने रिश्ते की बहन रश्मि से करवाने की योजना बनाई। तलाकशुदा रश्मि उम्र में भावना से बड़ी थी और इंदौर के बजरंग नगर में रहती थी।इसलिए दो साल पहले जब आफिस के काम के सिलसिले में भावना इंदौर आई तो उसके कहने पर राहुल भी इंदौर पहुंच गया। यहां योजना अनुसार भावना से उसकी मुलाकात रश्मि से करवा दी। भावना चाहती थी कि रश्मि से होकर यह बात धीरे-धीरे उसके परिवार वालों तक पहुंच जाए कि वो किसी को पसंद करने लगी है। लेकिन हुआ वो जिसकी भावना ने कल्पना भी नहीं की थी।
भावना सुंदर, सुशिक्षित और बेहद सुशील थी। रश्मि में भी तीन ही गुण थे अंतर केवल इतना था कि वह भावना की तरह सुशील न होकर बेहद ही बिंदास किस्म की थी। राहुल को रश्मि का यह बिंदास अंदाज बेहद पंसद आया तो रश्मि को पूरा का पूरा राहुल ही पंसद था। इसलिए कुछ ही समय के बाद राहुल और रश्मि, भावना की जानकारी के बिना फोन पर घंटो बातें करने लगे। जिससे जल्द ही रश्मि ने राहुल को पूरी तरह से अपने कब्जे में ले लिया।
दोनों अपने इस रिश्ते को भावना से छुपाए हुए थे लेकिन ऐसी बातें छुपती कहां हैं। भले की भावना को रश्मि के साथ राहुल के रिश्ते की जानकारी नही लगी मगर राहुल के बदले व्यवहार से उसे यह शक जरूर हो गया कि राहुल अब उसमें पहले जैसी रुचि नहीं लेता। उसने एक दो बार राहुल को टोका भी तो राहुल ने इसे भावना के मन का भ्रम बताकर बात टाल दी। लेकिन भावना समझ गई कि राहुल की जिंदगी में कोई ओर आ चुकी है।
यह कोई और कौन है इसका पता लगाने की ठान कर भावना ने राहुल के हाव-भाव के साथ उसकी बातों पर ध्यान देना शुरू किया जिसमें जल्द ही उसकी समझ में आ गया कि राहुल मेरे से बात करने के दौरान रश्मि के मैटर में बात करने में ज्यादा रुचि लेने लगा है। इतना ही नहीं पहले भावना, राहुल को जिस भी शहर में मिलने आने का कहती वह एक बार के कहे पर आ जाता था। लेकिन अब वह इंदौर आकर मिलने में ज्यादा रुचि लेने लगा था। इसलिए उसने रश्मि से मिलकर बात की तह तक पहुंचने की कोशिश की जिसमें उसे जल्द ही इस बात का अंदाजा हो गया कि राहुल को उससे छीनने वाली कोई और नहीं बल्कि रश्मि ही है।
भावना को सच्चाई का अहसास हो चुका है इस बात को उजागर किए बिना उसने राहुल को वापस अपने पाले में लाने की कोशिश की लेकिन राहुल का मन तो अब बिंदास रश्मि से लग चुका था। इसलिए काफी प्रयास के बाद भी जब भावना ने देखा कि राहुल लगातार रश्मि के नजदीक होता जा रहा है तो उसने वादे के मुताबिक राहुल पर दबाव बनाया कि वो उसके साथ शादी कर ले।
अपितु एक वक्त ऐसा भी था जब राहुल भावना के साथ शादी करने के लिए शतप्रतिशत कमिट था लेकिन जब से उसका संग रश्मि से हुआ था उसे रश्मि के साथ रहना ज्यादा अच्छा लगने लगा था इसलिए वह भावना से शादी वाली बात टालने लगा।
इस पर कुछ समय तक तो भावना चुप रही लेकिन एक रोज उसे राहुल से साफ बता दिया कि वो अच्छी तरह से जानती है कि वो उससे शादी की बात क्यों टाल रहा है। उसने राहुल को बताया कि मैं जानती हूं कि आजकल तुम्हारे मन का भंवरा रश्मि के प्यार के बगीचे में भटक रहा है। उसने राहुल को समझाया और अपनी जिंदगी में वापस लाने की कोशिश की लेकिन राहुल ने रश्मि से मिलना नहीं छोड़ा।
इसलिए परेशान होकर एक रोज भावना ने उससे साफ कह दिया कि वो जल्द से जल्द अपना निर्णय बता दे वर्ना वो उसके खिलाफ शादी का वादा कर बलात्कार करने के आरोप में सलाखों के पीछे पहुंचा देगी।
भावना की बात सुनकर राहुल डर गया क्योंकि वह जानता था कि भावना के मोबाइल में उन दोनों के निजी पलों के अनेक महत्वपूर्ण सबूत हैं जिसकी मदद से वह उसे आसानी से बलात्कार के मामले में आरोपी बना सकती है। लेकिन राहुल मीडिया संस्थान से जुड़ा था इसलिए उसने भावनाा की धमकी पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया क्योंकि उसे लगता था कि वो अपने मीडिया रसूख के चलते ऐसे किसी मामले आसानी से बाहर निकल आएगा।
इधर खंडवा में रहकर भावना, राहुल से खासकर अपने रिश्ते की बहन रश्मि से मिले धोखे से काफी परेशान थी जिसने उसके प्यार को अपने बिंदास अंदाज से छीन लिया था।
भावना जिस कंपनी में काम करती है उसका मुख्यालय मुंबई में है इसलिए कई बार काम के सिलसिले में उसे मुंबई भी जाना होता है। जिसके चलते 7 मार्च को वह अपनी बेटी को पिता के पास छोड़कर मुंबई चली गई। संयोग से इसी बीच उसे मालूम चला कि उसका प्रेमी राहुल इन दिनों अपनी नई प्रेमिका रश्मि के साथ गोवा में क्वालिटी टाईम बिता रहा है। यह जानकारी लगते ही वह पागल हो गई और राहुल के साथ आरपार का फैसला करने की ठान का 14 मार्च को वह गोवा पहुंच गई।
गोवा में भावना कलगुंट थाना इलाके की होटल राजहंस में रुकी। गोवा पहुंचकर उसने राहुल को फोन कर बताया कि वो भी उसी शहर में है जहां तुम रश्मि के साथ मस्ती करने आए हो। लेकिन जो हुआ सो हुआ गलती मेरी थी जो मैंने तुम्हें रश्मि से मिलवाया था। मुझे नहीं मालूम था कि रश्मि मुझसे मेरा प्यार छीन लेगी। अब तुम साफ बताओ कि मुझसे शादी कब कर रहे हो।
और न करूं तो? भावना की बात सुनकर राहुल ने लापरवाही से कहा।
तो फिर जेल जाने तैयार रहो। कहकर भावना ने गुस्से में फोन काट दिया।
जिस समय भावना ने राहुल को फोन किया था उस समय राहुल और रश्मि अपनी होटल के कमरे में एक दूसरे में खोए थे। लेकिन भावना का फोन आने से राहुल का मूड खराब हो गया। इस पर राहुल और रश्मि ने विचार किया कि भावना उन दोनों को शांति से नहीं रहने देगी। दूसरे राहुल को जेल जाने का भी डर था इसलिए दोनों ने तुरंत एक योजना बनाकर भावना को फोन कर कहा कि ठीक है वे कल सुबह उससे मिलेंगे फिर बैठकर सारी बात कर लेते हैं।
अगले दिन रश्मि और राहुल सुबह पांच बजे ही भावना की होटल में पहुंच गए। इस दौरान राहुल ने भावना को समझाने की कोशिश की वो उसे गलत न समझे लेकिन वो भावना से शादी नहीं कर पाएगा।
क्या गलत न समझू, तुम मेरे सामने मेरे रिश्ते की तलाकशुदा बहन के साथ गोवा में घूम रहे हो। तुम इसे किसलिए गोवा लाए हो या यह तुम्हारे साथ क्यों गोवा आई है क्या मैं नहीं जानती। अच्छे से जानती हूं क्योंकि कल तक तुम अपने आप को मेरा होने का दम भरते थे। इसलिए तुम यह सोचते हो कि तुम्हारे इस नए सुख के लिए मैं तुम्हें फ्री छोड़ दूंगी तो तुम गलत सोचते हो।
भावना की बात सुनकर राहुल मन ही मन मुस्कराया। क्योंकि वो रश्मि के साथ भावना की कहानी खत्म करने ही आया था। उसकी योजना भावना का मोबाइल अपने कब्जे में करना था जिसमें उसके और भावना के प्यार के सबूत कैद थे। जांच में सामने आया कि रश्मि और राहुल दोनों सुबह पांच बजे से रात 10 बजे तक पूरे 17 घंटे भावना को समझाते रहे लेकिन जब भावना नहीं मानी तो दोनों ने उसका गला घोंटकर हत्या कर दी और उसका मोबाइल तथा बैग लेकर भाग गए।दोनों का सोचना था कि चेहरे पर मास्क होने के कारण उनकी पहचान नहीं हो सकेगी। फिर गोवा में उनको जानता भी कौन था लेकिन पुलिस ने चंद रोज में ही दोनों को दिल्ली और इंदौर से गिरफ्तार कर लिया।
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भावना ने ही करवाई थी रश्मि से मुलाकात
जिस रश्मि के कारण राहुल ने भावना से रिश्ता खत्म कर लिया था उस रश्मि से राहुल की मुलाकात भावना ने ही करवाई थी। दरअसल रश्मि दूर के रिश्ते में भावना की बहन लगती है। तलाकशुदा रश्मि इंदौर में रहती है। रश्मि से मुलाकात के बाद राहुल और रश्मि एक दूसरे के करीब आ गए थे। जिससे राहुल भावना से दूर होता जा रहा था।
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आरपार का फैसला करने गई थी गोवा
काम के सिलसिले में मुंबई गई भावना को जब राहुल और रश्मि के एक साथ गोवा में घूमने की जानकारी लगी तो वह आरपार का फैसला करने गोवा पहुंच गई। जहां राहुल और रश्मि ने मिलकर उसकी हत्या कर दी।
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फोन में थे सबूत
