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रिटायर्ड अधिकारी की पड़ोसी महिला की हत्या में गिरफ्तारी, पुलिस ने ऐसे सुलझाई गुत्थी
सत्यकथा
झांसी के पूंछ थाना क्षेत्र में हाईवे किनारे मिला महिला का शव, पुलिस जांच में पड़ोसी रिटायर्ड अधिकारी और उसके नौकर की कथित भूमिका सामने आई।
उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में एक महिला की हत्या का मामला पुलिस की तफ्तीश के बाद सुलझ गया। कानपुर हाईवे की सर्विस रोड किनारे मिले शव की पहचान पूंछ थाना क्षेत्र की रहने वाली मालती (बदला हुआ नाम) के रूप में हुई। शुरुआती जांच में पुलिस को घटनास्थल से मिले कुछ छोटे सुरागों ने हत्या की पूरी गुत्थी सुलझाने में अहम भूमिका निभाई। पुलिस का दावा है कि महिला की हत्या उसके पड़ोसी और परिचित रिटायर्ड अधिकारी ने कथित तौर पर विवाद के बाद की, जबकि शव को ठिकाने लगाने में उसके नौकर ने भी साथ दिया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी। पुलिस के अनुसार 21 दिसंबर की सुबह किसी राहगीर ने पूंछ थाना पुलिस को सूचना दी कि कानपुर हाईवे की सर्विस रोड के किनारे एक महिला का शव पड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रथम दृष्टया जांच में पुलिस को आशंका हुई कि महिला की हत्या कहीं और की गई और बाद में शव को यहां लाकर फेंका गया। घटनास्थल से एक तार का टुकड़ा और सरसों के कुछ पत्ते भी बरामद हुए, जिन्हें पुलिस ने साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कर लिया। पोस्टमार्टम और पहचान की कार्रवाई के बाद मृतका की पहचान मालती के रूप में हुई।

जांच के दौरान पुलिस ने महिला के परिवार, परिचितों और पड़ोसियों से पूछताछ की। अधिकारियों के अनुसार पूछताछ में पता चला कि मालती पिछले कई वर्षों से अपने परिवार से अलग रह रही थीं। स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि उनका पड़ोस में रहने वाले एक रिटायर्ड अधिकारी रामप्रसाद (बदला हुआ नाम) के घर अक्सर आना-जाना था। दोनों अकेले रहते थे, इसलिए पुलिस ने इस पहलू को भी जांच में शामिल किया। पुलिस टीम जब पूछताछ के लिए रामप्रसाद के घर पहुंची तो वहां कुछ ऐसे संकेत मिले जिन्होंने संदेह और गहरा कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक घर में वैसा ही तार और सरसों के पत्ते दिखाई दिए जैसे घटनास्थल से बरामद हुए थे। इसके बाद आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। पुलिस का दावा है कि फुटेज में देर रात रामप्रसाद अपने नौकर के साथ एक भारी वस्तु कार में रखते और घर से बाहर जाते दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने दोनों से सख्ती से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने कथित रूप से स्वीकार किया कि घटना वाली रात दोनों के बीच विवाद हुआ था। जांच अधिकारियों का कहना है कि दोनों के बीच लंबे समय से परिचय था और घटना वाले दिन कहासुनी के बाद गुस्से में महिला का गला तार से दबा दिया गया। इसके बाद शव को करीब 15 घंटे तक घर में रखा गया और रात के अंधेरे में नौकर की मदद से कार में रखकर हाईवे किनारे फेंक दिया गया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त तार और शव ले जाने में इस्तेमाल कार भी जब्त कर ली है।

अधिकारियों के अनुसार इस पूरे मामले में घटनास्थल से मिले छोटे-छोटे भौतिक साक्ष्य और तकनीकी जांच सबसे अहम साबित हुई। यदि घटनास्थल से बरामद तार और सरसों के पत्तों को गंभीरता से नहीं लिया जाता तो जांच लंबी खिंच सकती थी। पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ के आधार पर पूरी घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ीं। पुलिस का कहना है कि आरोपी और मृतका के बीच संबंधों तथा घटना के पीछे की परिस्थितियों की भी विस्तृत जांच की गई है। हालांकि इन व्यक्तिगत संबंधों से जुड़े सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है और अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष निकलेगा। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। स्थानीय लोग भी इस बात से हैरान हैं कि वर्षों से एक-दूसरे को जानने वाले लोगों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला हत्या तक पहुंच गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी कर आरोप पत्र अदालत में पेश किया जाएगा और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।
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रिटायर्ड अधिकारी की पड़ोसी महिला की हत्या में गिरफ्तारी, पुलिस ने ऐसे सुलझाई गुत्थी
सत्यकथा
उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में एक महिला की हत्या का मामला पुलिस की तफ्तीश के बाद सुलझ गया। कानपुर हाईवे की सर्विस रोड किनारे मिले शव की पहचान पूंछ थाना क्षेत्र की रहने वाली मालती (बदला हुआ नाम) के रूप में हुई। शुरुआती जांच में पुलिस को घटनास्थल से मिले कुछ छोटे सुरागों ने हत्या की पूरी गुत्थी सुलझाने में अहम भूमिका निभाई। पुलिस का दावा है कि महिला की हत्या उसके पड़ोसी और परिचित रिटायर्ड अधिकारी ने कथित तौर पर विवाद के बाद की, जबकि शव को ठिकाने लगाने में उसके नौकर ने भी साथ दिया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी। पुलिस के अनुसार 21 दिसंबर की सुबह किसी राहगीर ने पूंछ थाना पुलिस को सूचना दी कि कानपुर हाईवे की सर्विस रोड के किनारे एक महिला का शव पड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रथम दृष्टया जांच में पुलिस को आशंका हुई कि महिला की हत्या कहीं और की गई और बाद में शव को यहां लाकर फेंका गया। घटनास्थल से एक तार का टुकड़ा और सरसों के कुछ पत्ते भी बरामद हुए, जिन्हें पुलिस ने साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कर लिया। पोस्टमार्टम और पहचान की कार्रवाई के बाद मृतका की पहचान मालती के रूप में हुई।

जांच के दौरान पुलिस ने महिला के परिवार, परिचितों और पड़ोसियों से पूछताछ की। अधिकारियों के अनुसार पूछताछ में पता चला कि मालती पिछले कई वर्षों से अपने परिवार से अलग रह रही थीं। स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि उनका पड़ोस में रहने वाले एक रिटायर्ड अधिकारी रामप्रसाद (बदला हुआ नाम) के घर अक्सर आना-जाना था। दोनों अकेले रहते थे, इसलिए पुलिस ने इस पहलू को भी जांच में शामिल किया। पुलिस टीम जब पूछताछ के लिए रामप्रसाद के घर पहुंची तो वहां कुछ ऐसे संकेत मिले जिन्होंने संदेह और गहरा कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक घर में वैसा ही तार और सरसों के पत्ते दिखाई दिए जैसे घटनास्थल से बरामद हुए थे। इसके बाद आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। पुलिस का दावा है कि फुटेज में देर रात रामप्रसाद अपने नौकर के साथ एक भारी वस्तु कार में रखते और घर से बाहर जाते दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने दोनों से सख्ती से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने कथित रूप से स्वीकार किया कि घटना वाली रात दोनों के बीच विवाद हुआ था। जांच अधिकारियों का कहना है कि दोनों के बीच लंबे समय से परिचय था और घटना वाले दिन कहासुनी के बाद गुस्से में महिला का गला तार से दबा दिया गया। इसके बाद शव को करीब 15 घंटे तक घर में रखा गया और रात के अंधेरे में नौकर की मदद से कार में रखकर हाईवे किनारे फेंक दिया गया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त तार और शव ले जाने में इस्तेमाल कार भी जब्त कर ली है।

अधिकारियों के अनुसार इस पूरे मामले में घटनास्थल से मिले छोटे-छोटे भौतिक साक्ष्य और तकनीकी जांच सबसे अहम साबित हुई। यदि घटनास्थल से बरामद तार और सरसों के पत्तों को गंभीरता से नहीं लिया जाता तो जांच लंबी खिंच सकती थी। पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ के आधार पर पूरी घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ीं। पुलिस का कहना है कि आरोपी और मृतका के बीच संबंधों तथा घटना के पीछे की परिस्थितियों की भी विस्तृत जांच की गई है। हालांकि इन व्यक्तिगत संबंधों से जुड़े सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है और अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष निकलेगा। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। स्थानीय लोग भी इस बात से हैरान हैं कि वर्षों से एक-दूसरे को जानने वाले लोगों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला हत्या तक पहुंच गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी कर आरोप पत्र अदालत में पेश किया जाएगा और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।
