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सत्यकथा: दूसरी बेगम के साथ रह रहे शौहर के संग रहने की जिद में मारी गई पहली बेगम
सिंगरौली
सत्ररह मार्च की दोपहर का समय था जब सिंगरौली जिले के बरगोदा थाने की सीमा में फैले पिडरवाह-चिजरवई जंगल में किसी सड़े-गले शव के पड़े होने की सूचना पुलिस को मिली। मामला हत्या और आत्महत्या के अलावा किसी जंगली जानवर के शिकार का भी हो सकता था। लेकिन जब बगरोदा टीआई को मौके पर किसी जवान युवती का सड़ा-गला शव मिला तो कम से कम इतना तो साफ हो गया कि मामला जंगली जानवर के हमले का नहीं है।
पुलिस ने मौके पर चारों तरफ बारीकी से सुराग की तलाश की तो कागज का एक ऐसा टुकड़ा हाथ आ लगा जिसने पुलिस को जांच की राह दिखा दी। दरअसल शव के पास ही इलाज की एक पर्ची पड़ी थी। जिसमें कुछ दवाओं के नाम के अलावा पर्ची के ऊपर मरीज के तौर पर समीना खातून शौहर जहरूद्दीन अंसारी के साथ-साथ कसरा गांव का नाम भी लिखा था। पुलिस ने अनुमान लगाया कि यह मृतका का नाम पता हो सकता है इसलिए जब पुलिस कसरा गांव में समीना का घर खोजते हुए पहुंची तो वहां मौके पर पुलिस को नजमा नाम की एक युवती मिली। जिसने बताया कि समीना उसकी बड़ी बहन का नाम है जो बैढ़न में रहती है। बैढ़न में समीना के घर का पता बताते हुए उसने यह भी कहा कि कई दिनों से उसकी समीना से फोन पर बात नहीं हुई है। वह जब भी फोन लगाती है उसे समीना का शौहर जहरूद्दीन अटैंड करता है।
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पुलिस नजमा को मौके पर ले गई जहां उसने कपड़ों के आधार पर शव की पहचान अपनी बहन अमीना के तौर पर कर दी। जिसके बाद पुलिस ने शव को पीएम के लिए रीवा मेडिकल कॉलेज भेजते हुए इस बात की जानकारी जहरूद्दीन को फोन पर दी तो उसने आधा घंटे में पहुंचने की बात कही लेकिन वह पूरे 4 घंटे के बाद आया। थाने आकर उसने माना की समीना उसकी पहली बेगम थी लेकिन साथ में उसने यह भी कहा कि वो ट्रक ड्राइवर है इसलिए काम की अधिकता के चलते उसकी समीना से कई दिनों से मुलाकात नहीं हुई है।
इधर शार्ट पीएम में समीना की मौत का कारण गला दबाकर हत्या करना सामने आने के बाद पुलिस ने बैढ़न के महाजन चौक स्थित समीना के घर के आसपास रहने वालों से पूछताछ की। जिसमें उन्होंने बताया कि समीना यहां अकेली रहती थी कभी कभार उसका शौहर मिलने आता था। लोगों ने यह भी बताया कि आखिरी बार उन्होंने 12-13 मार्च को समीना के शौहर जहरूद्दीन को यहां देखा था तब वह समीना को अपने साथ मोटर साइकल पर कहीं लेकर गया था। उसके बाद से समीना घर वापस नहीं आई।
पुलिस ने बैढ़न में समीना के निवास से चितरवई जाने वाले रास्ते पर लगे सीसीटीवी खंगाले तो 13 मार्च को जहरूद्दीन मोटर साइकल पर समीना को लेकर चितरवई की तरफ जाते दिखा। जिसके बाद पुलिस ने उसे भरगवां थाना इलाके के चिकनी टोला गांव से हिरासत में ले लिया जहां वह अपनी दूसरी बेगम के साथ रहता था। जिसके बाद उसने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया जिसके बाद यह कहानी इस प्रकार सामने आई।
चिकली टोला गांव में अपनी बेगम समीना खातून के साथ रहने वाला जहरूद्दीन ट्रक ड्राइवर की नौकरी करता था। नौकरी ऐसी थी सो घर से हफ्तों बाहर रहने के कारण किसी सफर में उसकी मुलाकात शबनम(बदला नाम) नाम की युवती से हुई। शबनम पर उसका दिल आ जाने से उसने शबनम के साथ दूसरा निकाह कर लिया और अपने साथ घर ले आया। शबनम पहली बेगम की तुलना में जवान और खूबसूरत थी। प्यार करने के नए-नए, देशी-विदेशी तरीके भी जानती थी। इसलिए जहरूद्दीन दूसरी बेगम के कमरे में ज्यादा सोता था। इस बात से समीना का चिढ़ना बनता था इसलिए दोनों बीवियों में अक्सर झगड़ा होने के चलते उसने कुछ समय पहले समीना को बैढ़न में अलग मकान लेकर रहने का इंतजाम कर दिया।

समीना अलग रहने लगी तो उसे सौतन ज्यादा खटकने लगी। शौहर भले की ट्रक लेकर परदेश गया होता लेकिन उसे लगता कि वह शबनम के संग ऐश कर रहा होगा। इसलिए कुछ ही महीने अलग रहने के बाद वह शौहर पर दबाव डालने लगी कि या तो वो हमेशा उसके साथ बैढ़न में रहे या उसे भी अपने साथ गांव में रखे। लेकिन इस बात के लिए शबनम राजी नहीं थी कि समीना साथ में रहे। इससे जहरूद्दीन परेशान हो गया जिसके चलते उसने समीना को रास्ते से हटाने की ठान ली।
इसके लिए 13 मार्च को वह उसे डॉक्टर को दिखाने के बहाने मोटर साइकल पर साथ ले गया। लौटते समय उसने चितरवई के जंगल में बाइक रोक कर समीना से अंदर चलकर खुले आसमान तले मस्ती करने को कहा।
समीना राजी हो गई तो वह उसे लेकर जंगल में गया जहां दोनों ने बिस्कुट नमकीन खाने के बाद पति-पत्नी का रिश्ता बनाना शरू कर दिया। जहरूद्दीन काफी दिनों के बाद समीना के पास आया था इसलिए वासना में पागल समीना की आंखे बंद हो चुकी थी जिससे मौका देखते ही जहरूद्दीन सेक्स करने के दौरान ही समीना का दुपट्टा उसके गले में कसकर उसकी हत्या कर दी और लाश को जंगल में पड़ा छोड़कर वापस आ गया। लेकिन डॉक्टर के इलाज की पर्ची ने उसका पूरा राज खोल दिया।
मरने के बाद भी...
सूत्रों के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने माना कि उसने सेक्स करते हुए बीवी का गला दबाया था जिससे वह मर गई लेकिन उस समय तक जहरूद्दीन की वासना शांत नहीं हुई थी इसलिए उसने बीवी की लाश के साथ अपनी वासना शांत की थी।

दूसरी बेगम की खूबसूरती से चिढ़ती थी मृतका
जांच में सामने आया कि आरोपी की दूसरी बेगम पहली बेगम से अधिक सुंदर और उम्र में छोटी थी। इसलिए जहरूद्दीन उस पर लट्टू रहता था जिससे पहली बेगम मृतका समीना अपनी सौत से चिढ़ती थी।
डॉक्टर की पर्ची ने खोला राज
हत्या से पहले समीना पर अपना प्यार जताने का नाटक करने आरोपी उसे डॉक्टर के पास ले गया था। डॉक्टर ने समीना के लिए जो पर्ची बनाई थी वह पर्ची हत्या के बाद आरोपी ने घटनास्थल पर छोड़ दी जो उसकी गिरफ्तारी का कारण बनी।
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सत्यकथा: दूसरी बेगम के साथ रह रहे शौहर के संग रहने की जिद में मारी गई पहली बेगम
सिंगरौली
सत्ररह मार्च की दोपहर का समय था जब सिंगरौली जिले के बरगोदा थाने की सीमा में फैले पिडरवाह-चिजरवई जंगल में किसी सड़े-गले शव के पड़े होने की सूचना पुलिस को मिली। मामला हत्या और आत्महत्या के अलावा किसी जंगली जानवर के शिकार का भी हो सकता था। लेकिन जब बगरोदा टीआई को मौके पर किसी जवान युवती का सड़ा-गला शव मिला तो कम से कम इतना तो साफ हो गया कि मामला जंगली जानवर के हमले का नहीं है।
पुलिस ने मौके पर चारों तरफ बारीकी से सुराग की तलाश की तो कागज का एक ऐसा टुकड़ा हाथ आ लगा जिसने पुलिस को जांच की राह दिखा दी। दरअसल शव के पास ही इलाज की एक पर्ची पड़ी थी। जिसमें कुछ दवाओं के नाम के अलावा पर्ची के ऊपर मरीज के तौर पर समीना खातून शौहर जहरूद्दीन अंसारी के साथ-साथ कसरा गांव का नाम भी लिखा था। पुलिस ने अनुमान लगाया कि यह मृतका का नाम पता हो सकता है इसलिए जब पुलिस कसरा गांव में समीना का घर खोजते हुए पहुंची तो वहां मौके पर पुलिस को नजमा नाम की एक युवती मिली। जिसने बताया कि समीना उसकी बड़ी बहन का नाम है जो बैढ़न में रहती है। बैढ़न में समीना के घर का पता बताते हुए उसने यह भी कहा कि कई दिनों से उसकी समीना से फोन पर बात नहीं हुई है। वह जब भी फोन लगाती है उसे समीना का शौहर जहरूद्दीन अटैंड करता है।
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पुलिस नजमा को मौके पर ले गई जहां उसने कपड़ों के आधार पर शव की पहचान अपनी बहन अमीना के तौर पर कर दी। जिसके बाद पुलिस ने शव को पीएम के लिए रीवा मेडिकल कॉलेज भेजते हुए इस बात की जानकारी जहरूद्दीन को फोन पर दी तो उसने आधा घंटे में पहुंचने की बात कही लेकिन वह पूरे 4 घंटे के बाद आया। थाने आकर उसने माना की समीना उसकी पहली बेगम थी लेकिन साथ में उसने यह भी कहा कि वो ट्रक ड्राइवर है इसलिए काम की अधिकता के चलते उसकी समीना से कई दिनों से मुलाकात नहीं हुई है।
इधर शार्ट पीएम में समीना की मौत का कारण गला दबाकर हत्या करना सामने आने के बाद पुलिस ने बैढ़न के महाजन चौक स्थित समीना के घर के आसपास रहने वालों से पूछताछ की। जिसमें उन्होंने बताया कि समीना यहां अकेली रहती थी कभी कभार उसका शौहर मिलने आता था। लोगों ने यह भी बताया कि आखिरी बार उन्होंने 12-13 मार्च को समीना के शौहर जहरूद्दीन को यहां देखा था तब वह समीना को अपने साथ मोटर साइकल पर कहीं लेकर गया था। उसके बाद से समीना घर वापस नहीं आई।
पुलिस ने बैढ़न में समीना के निवास से चितरवई जाने वाले रास्ते पर लगे सीसीटीवी खंगाले तो 13 मार्च को जहरूद्दीन मोटर साइकल पर समीना को लेकर चितरवई की तरफ जाते दिखा। जिसके बाद पुलिस ने उसे भरगवां थाना इलाके के चिकनी टोला गांव से हिरासत में ले लिया जहां वह अपनी दूसरी बेगम के साथ रहता था। जिसके बाद उसने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया जिसके बाद यह कहानी इस प्रकार सामने आई।
चिकली टोला गांव में अपनी बेगम समीना खातून के साथ रहने वाला जहरूद्दीन ट्रक ड्राइवर की नौकरी करता था। नौकरी ऐसी थी सो घर से हफ्तों बाहर रहने के कारण किसी सफर में उसकी मुलाकात शबनम(बदला नाम) नाम की युवती से हुई। शबनम पर उसका दिल आ जाने से उसने शबनम के साथ दूसरा निकाह कर लिया और अपने साथ घर ले आया। शबनम पहली बेगम की तुलना में जवान और खूबसूरत थी। प्यार करने के नए-नए, देशी-विदेशी तरीके भी जानती थी। इसलिए जहरूद्दीन दूसरी बेगम के कमरे में ज्यादा सोता था। इस बात से समीना का चिढ़ना बनता था इसलिए दोनों बीवियों में अक्सर झगड़ा होने के चलते उसने कुछ समय पहले समीना को बैढ़न में अलग मकान लेकर रहने का इंतजाम कर दिया।

समीना अलग रहने लगी तो उसे सौतन ज्यादा खटकने लगी। शौहर भले की ट्रक लेकर परदेश गया होता लेकिन उसे लगता कि वह शबनम के संग ऐश कर रहा होगा। इसलिए कुछ ही महीने अलग रहने के बाद वह शौहर पर दबाव डालने लगी कि या तो वो हमेशा उसके साथ बैढ़न में रहे या उसे भी अपने साथ गांव में रखे। लेकिन इस बात के लिए शबनम राजी नहीं थी कि समीना साथ में रहे। इससे जहरूद्दीन परेशान हो गया जिसके चलते उसने समीना को रास्ते से हटाने की ठान ली।
इसके लिए 13 मार्च को वह उसे डॉक्टर को दिखाने के बहाने मोटर साइकल पर साथ ले गया। लौटते समय उसने चितरवई के जंगल में बाइक रोक कर समीना से अंदर चलकर खुले आसमान तले मस्ती करने को कहा।
समीना राजी हो गई तो वह उसे लेकर जंगल में गया जहां दोनों ने बिस्कुट नमकीन खाने के बाद पति-पत्नी का रिश्ता बनाना शरू कर दिया। जहरूद्दीन काफी दिनों के बाद समीना के पास आया था इसलिए वासना में पागल समीना की आंखे बंद हो चुकी थी जिससे मौका देखते ही जहरूद्दीन सेक्स करने के दौरान ही समीना का दुपट्टा उसके गले में कसकर उसकी हत्या कर दी और लाश को जंगल में पड़ा छोड़कर वापस आ गया। लेकिन डॉक्टर के इलाज की पर्ची ने उसका पूरा राज खोल दिया।
मरने के बाद भी...
सूत्रों के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने माना कि उसने सेक्स करते हुए बीवी का गला दबाया था जिससे वह मर गई लेकिन उस समय तक जहरूद्दीन की वासना शांत नहीं हुई थी इसलिए उसने बीवी की लाश के साथ अपनी वासना शांत की थी।

दूसरी बेगम की खूबसूरती से चिढ़ती थी मृतका
जांच में सामने आया कि आरोपी की दूसरी बेगम पहली बेगम से अधिक सुंदर और उम्र में छोटी थी। इसलिए जहरूद्दीन उस पर लट्टू रहता था जिससे पहली बेगम मृतका समीना अपनी सौत से चिढ़ती थी।
डॉक्टर की पर्ची ने खोला राज
हत्या से पहले समीना पर अपना प्यार जताने का नाटक करने आरोपी उसे डॉक्टर के पास ले गया था। डॉक्टर ने समीना के लिए जो पर्ची बनाई थी वह पर्ची हत्या के बाद आरोपी ने घटनास्थल पर छोड़ दी जो उसकी गिरफ्तारी का कारण बनी।
