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क्यों हर बार मौत लड़की की? प्रयागराज में दो प्रेम कहानियों का खौफनाक अंत
Satyakatha
साक्षी अपने प्रेमी दीपक से शादी के लिए जिद कर रही थी, नेहा unwanted प्रेमी नरेन्द्र से पीछा छुड़ाना चाहती थी; तीन दिन के अंतराल में दो युवतियों की हत्या, परत-दर-परत खुलती जांच ने चौंकाया
प्रयागराज में एक सप्ताह के भीतर दो युवतियों की हत्या ने सवाल खड़ा कर दिया—प्यार हो या नफरत, पीछा करने वाली हो या पीछा छुड़ाने वाली… मरती हमेशा लड़की ही क्यों है? 20 वर्षीय साक्षी और 19 वर्षीय नेहा की मौत ऐसी दो अलग कहानियों का परिणाम बनीं, जिनका अंत एक ही था—बगीचों में दफनाई गईं लाशें और टूटे हुए परिवार।
थरवई क्षेत्र के लखरावा गांव में सुबह कुत्तों के झगड़े ने पहला रहस्य उजागर किया। आम के बगीचे में मिट्टी उखड़ने पर एक मानव हाथ दिखाई दिया और जल्द ही 20 वर्षीय युवती का शव बरामद हुआ। पैरों पर दुपट्टे की गांठ थी, पास में स्पोर्ट्स शू और मोजा मिला। यह साक्षी थी।
इसी दौरान थरवई से करीब 15 किलोमीटर दूर एक सुनसान बाग में पुलिस को एक स्कूल बैग मिला, जिसमें “दीपक आर्मी — 23 जनवरी जन्मदिन” लिखा था। गहराई से जांच करने पर यहां भी एक 17 वर्षीय युवती की लाश मिली—यह नेहा थी।
कैसे खुली पहली हत्या की गुत्थी?
बैग में मिले सुराग पुलिस को आर्मी में तैनात ट्रेड गनर हर्षवर्धन उर्फ दीपक तक ले गए। उसके मोबाइल में इंस्टाग्राम बैकअप से साक्षी की चैट्स सामने आईं। दीपक ने मान लिया कि साक्षी उससे शादी के लिए दबाव बना रही थी, यहां तक कि बालसन चौराहे पर सिंदूर लेकर पहुंच गई थी।
दीपक ने बताया कि शादी तोड़ने की धमकियों से परेशान होकर उसने साक्षी को बहाने से एक बाग में ले जाकर फावड़े से हत्या कर दी और शव को दफना कर लौट आया।
दूसरी हत्या का आरोपी कौन था?
नेहा के शव मिलने के बाद पुलिस को शक था कि यह भी दीपक ने ही किया होगा, क्योंकि दोनों की चैटिंग के सबूत थे। लेकिन नेहा के फोन की गहन जांच में एक अलग नंबर मिला, जिसका लोकेशन उसी बाग में मिला जहां उसकी लाश मिली।
फोन का लिंक घूरपुर क्षेत्र से निकला जहां एक टूटे मकान में बाल, खरोचें और संघर्ष के निशान मिले। फोरेंसिक रिपोर्ट ने पुष्टि की—ये बाल नेहा के थे।
जांच का रुख अब नरेन्द्र यादव की ओर मुड़ा, जो नेहा के पीछे लंबे समय से पड़ा था और हत्या वाले दिन से गायब था। पांच दिन बाद उसे रसूलाबाद के पास पकड़ा गया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि नेहा उसे ठुकरा रही थी, जिससे उसने गुस्से में उसे बाग में ले जाकर दुष्कर्म किया और हत्या कर शव दफन कर दिया।
क्यों उलझ गई थी पुलिस?
दोनों हत्याएं एक ही हफ्ते में, दोनों शव बगीचों में दफन, दोनों युवतियों की उम्र लगभग समान और दोनों के फोन में दीपक का नाम—इन तथ्यों ने पुलिस को शुरुआत में भ्रमित कर दिया। ऐसा दुर्लभ संयोग था कि दोनों लड़कियों की प्रेम कहानी एक-दूसरे से टकरा रही थीं—साक्षी और नेहा दोनों दीपक को चाहती थीं, वहीं नेहा को नरेन्द्र चाहता था।
तीन दिन के अंतराल में एक समान पैटर्न पर हुई दो हत्याओं के पीछे दो अलग कातिल निकले।
क्यों मरती है हर बार लड़की?
एक मामले में लड़की प्रेम में दीवानी थी, दूसरे में लड़की unwanted प्रेमी से छुटकारा चाहती थी।
लेकिन दोनों स्थितियों में नतीजा एक—लड़की ही मारी गई।
प्यार, दबाव, अस्वीकृति और जुनून—इन चारों के बीच लड़कियों की जिंदगी अक्सर सबसे सस्ती साबित होती है।
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क्यों हर बार मौत लड़की की? प्रयागराज में दो प्रेम कहानियों का खौफनाक अंत
Satyakatha
प्रयागराज में एक सप्ताह के भीतर दो युवतियों की हत्या ने सवाल खड़ा कर दिया—प्यार हो या नफरत, पीछा करने वाली हो या पीछा छुड़ाने वाली… मरती हमेशा लड़की ही क्यों है? 20 वर्षीय साक्षी और 19 वर्षीय नेहा की मौत ऐसी दो अलग कहानियों का परिणाम बनीं, जिनका अंत एक ही था—बगीचों में दफनाई गईं लाशें और टूटे हुए परिवार।
थरवई क्षेत्र के लखरावा गांव में सुबह कुत्तों के झगड़े ने पहला रहस्य उजागर किया। आम के बगीचे में मिट्टी उखड़ने पर एक मानव हाथ दिखाई दिया और जल्द ही 20 वर्षीय युवती का शव बरामद हुआ। पैरों पर दुपट्टे की गांठ थी, पास में स्पोर्ट्स शू और मोजा मिला। यह साक्षी थी।
इसी दौरान थरवई से करीब 15 किलोमीटर दूर एक सुनसान बाग में पुलिस को एक स्कूल बैग मिला, जिसमें “दीपक आर्मी — 23 जनवरी जन्मदिन” लिखा था। गहराई से जांच करने पर यहां भी एक 17 वर्षीय युवती की लाश मिली—यह नेहा थी।
कैसे खुली पहली हत्या की गुत्थी?
बैग में मिले सुराग पुलिस को आर्मी में तैनात ट्रेड गनर हर्षवर्धन उर्फ दीपक तक ले गए। उसके मोबाइल में इंस्टाग्राम बैकअप से साक्षी की चैट्स सामने आईं। दीपक ने मान लिया कि साक्षी उससे शादी के लिए दबाव बना रही थी, यहां तक कि बालसन चौराहे पर सिंदूर लेकर पहुंच गई थी।
दीपक ने बताया कि शादी तोड़ने की धमकियों से परेशान होकर उसने साक्षी को बहाने से एक बाग में ले जाकर फावड़े से हत्या कर दी और शव को दफना कर लौट आया।
दूसरी हत्या का आरोपी कौन था?
नेहा के शव मिलने के बाद पुलिस को शक था कि यह भी दीपक ने ही किया होगा, क्योंकि दोनों की चैटिंग के सबूत थे। लेकिन नेहा के फोन की गहन जांच में एक अलग नंबर मिला, जिसका लोकेशन उसी बाग में मिला जहां उसकी लाश मिली।
फोन का लिंक घूरपुर क्षेत्र से निकला जहां एक टूटे मकान में बाल, खरोचें और संघर्ष के निशान मिले। फोरेंसिक रिपोर्ट ने पुष्टि की—ये बाल नेहा के थे।
जांच का रुख अब नरेन्द्र यादव की ओर मुड़ा, जो नेहा के पीछे लंबे समय से पड़ा था और हत्या वाले दिन से गायब था। पांच दिन बाद उसे रसूलाबाद के पास पकड़ा गया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि नेहा उसे ठुकरा रही थी, जिससे उसने गुस्से में उसे बाग में ले जाकर दुष्कर्म किया और हत्या कर शव दफन कर दिया।
क्यों उलझ गई थी पुलिस?
दोनों हत्याएं एक ही हफ्ते में, दोनों शव बगीचों में दफन, दोनों युवतियों की उम्र लगभग समान और दोनों के फोन में दीपक का नाम—इन तथ्यों ने पुलिस को शुरुआत में भ्रमित कर दिया। ऐसा दुर्लभ संयोग था कि दोनों लड़कियों की प्रेम कहानी एक-दूसरे से टकरा रही थीं—साक्षी और नेहा दोनों दीपक को चाहती थीं, वहीं नेहा को नरेन्द्र चाहता था।
तीन दिन के अंतराल में एक समान पैटर्न पर हुई दो हत्याओं के पीछे दो अलग कातिल निकले।
क्यों मरती है हर बार लड़की?
एक मामले में लड़की प्रेम में दीवानी थी, दूसरे में लड़की unwanted प्रेमी से छुटकारा चाहती थी।
लेकिन दोनों स्थितियों में नतीजा एक—लड़की ही मारी गई।
प्यार, दबाव, अस्वीकृति और जुनून—इन चारों के बीच लड़कियों की जिंदगी अक्सर सबसे सस्ती साबित होती है।
