व्हीलचेयर पर बैठकर अंतरिक्ष की सैर: जर्मन महिला इंजीनियर ने रचा इतिहास, ब्लू ओरिजिन की उड़ान बनी मिसाल

Jagran Desk

On

100 किलोमीटर ऊंचाई तक पहुंचीं मिकाएला बेंथाउस, दिव्यांगजनों की समावेशिता के लिए अंतरिक्ष से दिया मजबूत संदेश

अंतरिक्ष की सीमाएं सिर्फ तकनीक से नहीं, बल्कि इंसानी हौसले से भी टूटती हैं। इसका ताजा उदाहरण बनी हैं जर्मनी की इंजीनियर मिकाएला बेंथाउस, जिन्होंने व्हीलचेयर पर निर्भर होने के बावजूद अंतरिक्ष की यात्रा कर इतिहास रच दिया। मिकाएला व्हीलचेयर का उपयोग करने वाली दुनिया की पहली महिला बन गई हैं, जिन्होंने अंतरिक्ष की दहलीज तक पहुंच बनाई। यह ऐतिहासिक उड़ान अमेरिकी कंपनी ब्लू ओरिजिन के न्यू शेपर्ड रॉकेट से पूरी हुई।

यह उड़ान 21 दिसंबर 2025 को अमेरिका के वेस्ट टेक्सास से संचालित की गई। न्यू शेपर्ड NS-37 मिशन, ब्लू ओरिजिन का 16वां क्रूड फ्लाइट था, जिसमें कुल छह यात्री सवार थे। रॉकेट ने स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 8:15 बजे उड़ान भरी और लगभग 11 मिनट की यात्रा के दौरान अंतरिक्ष की मानी जाने वाली 100 किलोमीटर ऊंचाई (कार्मन लाइन) तक पहुंचा। इस दौरान यात्रियों ने कुछ क्षणों के लिए जीरो ग्रैविटी का अनुभव भी किया।

मिकाएला बेंथाउस, जो वर्तमान में यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ESA) से जुड़ी इंजीनियर हैं, तकनीकी दुनिया में पहले से ही एक जाना-पहचाना नाम हैं। लेकिन उनकी यह उड़ान केवल एक निजी उपलब्धि नहीं रही, बल्कि दिव्यांगजनों की क्षमताओं और अवसरों पर वैश्विक बहस को नई दिशा देने वाली साबित हुई। मिकाएला पैराप्लेजिया से पीड़ित हैं और 26 वर्ष की उम्र में एक माउंटेन बाइकिंग दुर्घटना के बाद व्हीलचेयर पर निर्भर हो गई थीं।

अंतरिक्ष से लौटने के बाद मिकाएला ने कहा कि यह उनके जीवन का सबसे खास अनुभव है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “कभी अपने सपनों को मत छोड़िए। संभावना कितनी भी कम क्यों न हो, कोशिश जरूरी है।” उनका यह बयान सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तेजी से साझा किया जा रहा है।

इस मिशन में मिकाएला के साथ पूर्व स्पेस इंजीनियर हांस कोनिग्समैन और चार अमेरिकी उद्यमी भी शामिल थे। ब्लू ओरिजिन ने इस उड़ान के जरिए न केवल अपनी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि अंतरिक्ष भविष्य में अधिक समावेशी हो सकता है।

मिकाएला ने दुनिया भर की सरकारों और संस्थाओं से अपील की कि दिव्यांगजनों के लिए सुविधाएं बढ़ाई जाएं। उन्होंने कहा कि हादसे के बाद उन्हें यह एहसास हुआ कि आज भी समाज और बुनियादी ढांचे दिव्यांगों के लिए पूरी तरह सुलभ नहीं हैं। बदलाव जरूरी है, ताकि हर व्यक्ति को समान अवसर मिल सके।

ब्लू ओरिजिन इससे पहले भी कई चर्चित चेहरों को अंतरिक्ष भेज चुका है। कंपनी का लक्ष्य अंतरिक्ष पर्यटन को सीमित वर्ग तक न रखकर व्यापक समाज तक पहुंचाना है। मिकाएला बेंथाउस की यह उड़ान तकनीकी उपलब्धि के साथ-साथ उम्मीद, साहस और समावेशन की कहानी बनकर उभरी है।

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!

-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
22 Dec 2025 By Nitin Trivedi

व्हीलचेयर पर बैठकर अंतरिक्ष की सैर: जर्मन महिला इंजीनियर ने रचा इतिहास, ब्लू ओरिजिन की उड़ान बनी मिसाल

Jagran Desk

अंतरिक्ष की सीमाएं सिर्फ तकनीक से नहीं, बल्कि इंसानी हौसले से भी टूटती हैं। इसका ताजा उदाहरण बनी हैं जर्मनी की इंजीनियर मिकाएला बेंथाउस, जिन्होंने व्हीलचेयर पर निर्भर होने के बावजूद अंतरिक्ष की यात्रा कर इतिहास रच दिया। मिकाएला व्हीलचेयर का उपयोग करने वाली दुनिया की पहली महिला बन गई हैं, जिन्होंने अंतरिक्ष की दहलीज तक पहुंच बनाई। यह ऐतिहासिक उड़ान अमेरिकी कंपनी ब्लू ओरिजिन के न्यू शेपर्ड रॉकेट से पूरी हुई।

यह उड़ान 21 दिसंबर 2025 को अमेरिका के वेस्ट टेक्सास से संचालित की गई। न्यू शेपर्ड NS-37 मिशन, ब्लू ओरिजिन का 16वां क्रूड फ्लाइट था, जिसमें कुल छह यात्री सवार थे। रॉकेट ने स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 8:15 बजे उड़ान भरी और लगभग 11 मिनट की यात्रा के दौरान अंतरिक्ष की मानी जाने वाली 100 किलोमीटर ऊंचाई (कार्मन लाइन) तक पहुंचा। इस दौरान यात्रियों ने कुछ क्षणों के लिए जीरो ग्रैविटी का अनुभव भी किया।

मिकाएला बेंथाउस, जो वर्तमान में यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ESA) से जुड़ी इंजीनियर हैं, तकनीकी दुनिया में पहले से ही एक जाना-पहचाना नाम हैं। लेकिन उनकी यह उड़ान केवल एक निजी उपलब्धि नहीं रही, बल्कि दिव्यांगजनों की क्षमताओं और अवसरों पर वैश्विक बहस को नई दिशा देने वाली साबित हुई। मिकाएला पैराप्लेजिया से पीड़ित हैं और 26 वर्ष की उम्र में एक माउंटेन बाइकिंग दुर्घटना के बाद व्हीलचेयर पर निर्भर हो गई थीं।

अंतरिक्ष से लौटने के बाद मिकाएला ने कहा कि यह उनके जीवन का सबसे खास अनुभव है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “कभी अपने सपनों को मत छोड़िए। संभावना कितनी भी कम क्यों न हो, कोशिश जरूरी है।” उनका यह बयान सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तेजी से साझा किया जा रहा है।

इस मिशन में मिकाएला के साथ पूर्व स्पेस इंजीनियर हांस कोनिग्समैन और चार अमेरिकी उद्यमी भी शामिल थे। ब्लू ओरिजिन ने इस उड़ान के जरिए न केवल अपनी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि अंतरिक्ष भविष्य में अधिक समावेशी हो सकता है।

मिकाएला ने दुनिया भर की सरकारों और संस्थाओं से अपील की कि दिव्यांगजनों के लिए सुविधाएं बढ़ाई जाएं। उन्होंने कहा कि हादसे के बाद उन्हें यह एहसास हुआ कि आज भी समाज और बुनियादी ढांचे दिव्यांगों के लिए पूरी तरह सुलभ नहीं हैं। बदलाव जरूरी है, ताकि हर व्यक्ति को समान अवसर मिल सके।

ब्लू ओरिजिन इससे पहले भी कई चर्चित चेहरों को अंतरिक्ष भेज चुका है। कंपनी का लक्ष्य अंतरिक्ष पर्यटन को सीमित वर्ग तक न रखकर व्यापक समाज तक पहुंचाना है। मिकाएला बेंथाउस की यह उड़ान तकनीकी उपलब्धि के साथ-साथ उम्मीद, साहस और समावेशन की कहानी बनकर उभरी है।

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!

https://www.dainikjagranmpcg.com/special-news/german-female-engineer-created-history-by-traveling-to-space-while/article-40655

खबरें और भी हैं

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

टाप न्यूज

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

मझौली जनपद पंचायत के विभागीय ग्रुप में सामने आया मैसेज, प्रभारी मंत्री के दौरे से पहले सोशल मीडिया पर वायरल...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

प्रयागराज से रीवा लाई जा रही थी 1312 शीशी नशीली कफ सीरप, 19 वर्षीय तस्कर गिरफ्तार, पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए साझा की पुरानी यादें, भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी, जनकल्याण और भविष्य के सहयोग पर दिया विशेष...
देश विदेश 
ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

संयुक्त संसदीय समिति का दावा- अधिकांश लोगों ने किया समर्थन, राज्यों से सुझाव लेकर तैयार हो रहा रोडमैप; संवैधानिक संशोधन...
देश विदेश 
2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

बिजनेस

ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप
एप्पल ने अमेरिका की अदालत में दायर याचिका में ओपनएआई, उसके हार्डवेयर सहयोगी और दो पूर्व कर्मचारियों पर गोपनीय तकनीकी...
पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल फिर महंगे, नई कीमतें 11 जुलाई से लागू
शेयर बाजार में शानदार तेजी: सेंसेक्स 828 अंक उछला, निफ्टी 24,200 के पार; बैंकिंग और रियल्टी शेयरों ने भरी उड़ान
BSNL ने लॉन्च किया सैटेलाइट फोन, बिना मोबाइल नेटवर्क भी होगी बातचीत; खरीदने के लिए सरकारी मंजूरी जरूरी
शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 700 अंक चढ़ा; आईटी और मेटल शेयरों में दिखी मजबूत खरीदारी
Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.