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टैलेंट हो तो ऐसा... 13 साल के बच्चे की अनोखी प्रतिभा, बिना देखे नाक और स्पर्श से पढ़ता है किताबें
Special News
भरत जादौन की अनोखी प्रतिभा ने न केवल अलीगढ़, बल्कि पूरे क्षेत्र में उसे चर्चा का विषय बना दिया है. उसकी यह विलक्षण क्षमता देशभर में युवाओं और बच्चों के लिए प्रेरणा बन सकती है.
हमारे देश में प्रतिभा की कमी नहीं है. कुछ ऐसी ही प्रतिभा देखने को मिलती है उत्तर प्रदेश के जनपद अलीगढ़ के रामघाट रोड स्वर्ण जयंती नगर इलाके में. जहां 13 साल के भरत के पास एक अनोखी प्रतिभा है.भरत अपनी आंखों से पट्टी बांधकर अपनी नाक के सूंघने की शक्ति और अपनी उंगलियों के स्पर्श से किसी भी किताब को पढ़ सकता है. जादौन ने अपनी अनोखी प्रतिभा से लोगों को हैरान कर दिया है.
भरत ने बताया कि पिछले एक साल से उन्होंने बिना देखे पढ़ने की इस अद्भुत क्षमता को महसूस किया. उन्होंने कहा, ‘एक दिन मैं कुर्सी पर बैठा था और कॉमिक बुक पढ़ रहा था. अचानक मेरे बिना देखे हाथ बुक पर पड़े, और मैंने महसूस किया कि मुझे उसमें लिखे शब्दों का आभास हो रहा है. मैंने यह बात अपने माता-पिता को बताई, लेकिन शुरुआत में उन्हें यकीन नहीं हुआ.” भरत ने धीरे-धीरे अपने माता-पिता को अपनी क्षमता समझाई. जब माता-पिता ने इस पर ध्यान दिया, तो उन्हें यह यकीन हुआ कि उनका बेटा वास्तव में कुछ अनोखा कर रहा है.
भरत के माता-पिता का क्या कहना है?
भरत की मां, मधु जादौन, ने बताया, “भरत बचपन से ही कुछ अनोखा करता था. वह आंखें बंद करके खेलने का शौक रखता था. हमें लगता था कि यह केवल बचपना है, लेकिन अब यह देखकर गर्व होता है कि भरत बिना देखे किताबें, अखबार और रंगों की पहचान कर सकता है. वह पैरों के स्पर्श से भी पढ़ सकता है.” भरत के माता-पिता ने बताया कि शुरुआत में वे उसकी गतिविधियों से डर गए थे, लेकिन अब उनकी इस प्रतिभा पर गर्व है.
भरत का भविष्य और उसकी उम्मीदें
भरत ने अपनी इस प्रतिभा को टेलीविजन के एक प्लेटफॉर्म पर भी प्रदर्शित किया है. वह सातवीं कक्षा का छात्र है और अपनी इस क्षमता को ईश्वर का आशीर्वाद मानता है. भरत का कहना है, “मेरे स्कूल के सभी दोस्त और शिक्षक मेरी इस प्रतिभा से हैरान हैं. मेरे माता-पिता मुझे पूरा समर्थन देते हैं. मेरा सपना है कि भविष्य में मुझे ऐसा मंच मिले जहां मैं अपनी प्रतिभा को और निखार सकूं.”
हुनर पूरी दुनिया को दिखा सके
भरत को क्रिकेट खेलने का भी शौक है, लेकिन क्रिकेट वह सामान्य तरीके से खेलता है. भरत की मां मधु जादौन ने कहा कि उनका सपना है कि उनके बेटे की प्रतिभा को एक ऐसा मंच मिले जहां वह अपना हुनर पूरी दुनिया को दिखा सके. उन्होंने कहा, “हम भरत को हमेशा सपोर्ट करेंगे और उसे उसकी मंजिल तक पहुंचाने में हर संभव मदद करेंगे.”
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टैलेंट हो तो ऐसा... 13 साल के बच्चे की अनोखी प्रतिभा, बिना देखे नाक और स्पर्श से पढ़ता है किताबें
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हमारे देश में प्रतिभा की कमी नहीं है. कुछ ऐसी ही प्रतिभा देखने को मिलती है उत्तर प्रदेश के जनपद अलीगढ़ के रामघाट रोड स्वर्ण जयंती नगर इलाके में. जहां 13 साल के भरत के पास एक अनोखी प्रतिभा है.भरत अपनी आंखों से पट्टी बांधकर अपनी नाक के सूंघने की शक्ति और अपनी उंगलियों के स्पर्श से किसी भी किताब को पढ़ सकता है. जादौन ने अपनी अनोखी प्रतिभा से लोगों को हैरान कर दिया है.
भरत ने बताया कि पिछले एक साल से उन्होंने बिना देखे पढ़ने की इस अद्भुत क्षमता को महसूस किया. उन्होंने कहा, ‘एक दिन मैं कुर्सी पर बैठा था और कॉमिक बुक पढ़ रहा था. अचानक मेरे बिना देखे हाथ बुक पर पड़े, और मैंने महसूस किया कि मुझे उसमें लिखे शब्दों का आभास हो रहा है. मैंने यह बात अपने माता-पिता को बताई, लेकिन शुरुआत में उन्हें यकीन नहीं हुआ.” भरत ने धीरे-धीरे अपने माता-पिता को अपनी क्षमता समझाई. जब माता-पिता ने इस पर ध्यान दिया, तो उन्हें यह यकीन हुआ कि उनका बेटा वास्तव में कुछ अनोखा कर रहा है.
भरत के माता-पिता का क्या कहना है?
भरत की मां, मधु जादौन, ने बताया, “भरत बचपन से ही कुछ अनोखा करता था. वह आंखें बंद करके खेलने का शौक रखता था. हमें लगता था कि यह केवल बचपना है, लेकिन अब यह देखकर गर्व होता है कि भरत बिना देखे किताबें, अखबार और रंगों की पहचान कर सकता है. वह पैरों के स्पर्श से भी पढ़ सकता है.” भरत के माता-पिता ने बताया कि शुरुआत में वे उसकी गतिविधियों से डर गए थे, लेकिन अब उनकी इस प्रतिभा पर गर्व है.
भरत का भविष्य और उसकी उम्मीदें
भरत ने अपनी इस प्रतिभा को टेलीविजन के एक प्लेटफॉर्म पर भी प्रदर्शित किया है. वह सातवीं कक्षा का छात्र है और अपनी इस क्षमता को ईश्वर का आशीर्वाद मानता है. भरत का कहना है, “मेरे स्कूल के सभी दोस्त और शिक्षक मेरी इस प्रतिभा से हैरान हैं. मेरे माता-पिता मुझे पूरा समर्थन देते हैं. मेरा सपना है कि भविष्य में मुझे ऐसा मंच मिले जहां मैं अपनी प्रतिभा को और निखार सकूं.”
हुनर पूरी दुनिया को दिखा सके
भरत को क्रिकेट खेलने का भी शौक है, लेकिन क्रिकेट वह सामान्य तरीके से खेलता है. भरत की मां मधु जादौन ने कहा कि उनका सपना है कि उनके बेटे की प्रतिभा को एक ऐसा मंच मिले जहां वह अपना हुनर पूरी दुनिया को दिखा सके. उन्होंने कहा, “हम भरत को हमेशा सपोर्ट करेंगे और उसे उसकी मंजिल तक पहुंचाने में हर संभव मदद करेंगे.”
