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बुरहानपुर के संदीप के लिए हल्दी बनी सोना, प्रोसेसिंग यूनिट लगा हुए मालामाल
Burhanpur, MP
बुरहानपुर निवासी संदीप रावल PMFME योजना से बने सफल उद्यमी. हल्दी प्रोसेसिंग यूनिट से कमा रहे लाखों रुपए.
कहते हैं कि अगर व्यक्ति के पास दृढ़ इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन हो, तो कोई भी लक्ष्य हासिल करना असंभव नहीं है. ऐसा ही कुछ कर दिखाया है मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के संदीप कुमार ने. संदीप ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना (PMFME) का लाभ उठाकर पातोंडा गांव में खुद का मसाला उत्पादन व्यवसाय शुरू किया. आज वे एक सफल उद्यमी के रूप में उभरकर सामने आए हैं.
संदीप की यूनिट में मुख्य रूप से हल्दी की प्रोसेसिंग और पैकेजिंग का कार्य किया जाता है, जिसे मध्य प्रदेश के अन्य जिलों के साथ-साथ महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों में भी भेजा जाता है.

कई लोगों को दिया रोजगार
यूनिट में हल्दी पाउडर के अलावा अन्य मसाले भी तैयार किए जाते हैं, जिससे उनका व्यवसाय लगातार बढ़ रहा है. संदीप ने अपनी मेहनत और सूझबूझ से न केवल खुद के लिए बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा किए हैं. उनकी यूनिट में प्रत्यक्ष रूप से 8 महिलाओं को काम मिला हुआ है, जबकि करीब 24 लोग अप्रत्यक्ष रूप से इस काम में जुड़े हुए हैं.

दूसरे किसानों को भी कर रहे प्रेरित
बता दें कि संदीप सिर्फ मसाला उत्पादन ही नहीं करते हैं, बल्कि वे खुद भी हल्दी की खेती करते हैं. साथ ही अन्य किसानों को भी इसकी खेती के लिए प्रेरित कर रहे हैं. उनका मानना है कि हल्दी की फसल किसानों के लिए एक अच्छा लाभदायक विकल्प हो सकती है, क्योंकि अब बुरहानपुर की हल्दी रूस तक में भेजी जा रही हैंं. उनका कहना है कि सही तकनीक और मार्केटिंग रणनीति अपनाकर किसान हल्दी की खेती से अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
सरकार की योजना का मिला लाभ
संदीप रावल ने कहा, " वर्ष 2017-18 में उद्यानिकी विभाग के माध्यम से पीएमएफएमई योजना के तहत 25 लाख रुपए का लोन लिया था. इस योजना के तहत सरकार की ओर से 8.75 लाख रुपए की अनुदान राशि मिली थी. इस आर्थिक सहायता से " मां एकता मसाले " नाम से अपनी हल्दी प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की."
आगे बात करते हुए संदीप ने कहा कि पीएमएफएमई योजना की मदद से वे अच्छा खासा मुनाफा कम रहे हैं. उनकी कहानी यह साबित करती है कि अगर सही मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का सही उपयोग किया जाए, तो हल्दी भी सोना बन सकती है.
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बुरहानपुर के संदीप के लिए हल्दी बनी सोना, प्रोसेसिंग यूनिट लगा हुए मालामाल
Burhanpur, MP
कहते हैं कि अगर व्यक्ति के पास दृढ़ इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन हो, तो कोई भी लक्ष्य हासिल करना असंभव नहीं है. ऐसा ही कुछ कर दिखाया है मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के संदीप कुमार ने. संदीप ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना (PMFME) का लाभ उठाकर पातोंडा गांव में खुद का मसाला उत्पादन व्यवसाय शुरू किया. आज वे एक सफल उद्यमी के रूप में उभरकर सामने आए हैं.
संदीप की यूनिट में मुख्य रूप से हल्दी की प्रोसेसिंग और पैकेजिंग का कार्य किया जाता है, जिसे मध्य प्रदेश के अन्य जिलों के साथ-साथ महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों में भी भेजा जाता है.

कई लोगों को दिया रोजगार
यूनिट में हल्दी पाउडर के अलावा अन्य मसाले भी तैयार किए जाते हैं, जिससे उनका व्यवसाय लगातार बढ़ रहा है. संदीप ने अपनी मेहनत और सूझबूझ से न केवल खुद के लिए बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा किए हैं. उनकी यूनिट में प्रत्यक्ष रूप से 8 महिलाओं को काम मिला हुआ है, जबकि करीब 24 लोग अप्रत्यक्ष रूप से इस काम में जुड़े हुए हैं.

दूसरे किसानों को भी कर रहे प्रेरित
बता दें कि संदीप सिर्फ मसाला उत्पादन ही नहीं करते हैं, बल्कि वे खुद भी हल्दी की खेती करते हैं. साथ ही अन्य किसानों को भी इसकी खेती के लिए प्रेरित कर रहे हैं. उनका मानना है कि हल्दी की फसल किसानों के लिए एक अच्छा लाभदायक विकल्प हो सकती है, क्योंकि अब बुरहानपुर की हल्दी रूस तक में भेजी जा रही हैंं. उनका कहना है कि सही तकनीक और मार्केटिंग रणनीति अपनाकर किसान हल्दी की खेती से अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
सरकार की योजना का मिला लाभ
संदीप रावल ने कहा, " वर्ष 2017-18 में उद्यानिकी विभाग के माध्यम से पीएमएफएमई योजना के तहत 25 लाख रुपए का लोन लिया था. इस योजना के तहत सरकार की ओर से 8.75 लाख रुपए की अनुदान राशि मिली थी. इस आर्थिक सहायता से " मां एकता मसाले " नाम से अपनी हल्दी प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की."
आगे बात करते हुए संदीप ने कहा कि पीएमएफएमई योजना की मदद से वे अच्छा खासा मुनाफा कम रहे हैं. उनकी कहानी यह साबित करती है कि अगर सही मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का सही उपयोग किया जाए, तो हल्दी भी सोना बन सकती है.
