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ऐसा क्या हुआ कि 22 साल तक महिला बनकर रहा ये शख्स, इमोशनल कर देगी स्टोरी
Special News
सोशल मीडिया पर एक शख्स की कहानी खूब वायरल हो रही है. पुरुष होने के बावजूद डोमिनिकन रिपब्लिक के इस शख्स ने 22 साल तक एक महिला के रूप में अपनी जिंदगी गुजारी है. बचपन में हुई एक दुखद घटना ने इस शख्स की पूरी जिंदगी ही बदलकर रख दी.
ये कहानी है डोमिनिकन रिपब्लिक के फ्रैंक टैवरेस की, जिन्हें ‘नन-मैन’ के नाम से भी जाना जाता है. फ्रैंक ने अपनी अविश्वसनीय कहानी से दुनिया को चौंका दिया, क्योंकि पुरुष होते हुए भी वह 22 साल तक एक महिला के रूप में रहे. उनकी कहानी बचपन में हुई एक दुखद घटना से शुरू होती है. फ्रैंक ने अपनी यह कहानी खुद एक रेडियो चैनल पर सुनाई.
फ्रैंक सिर्फ चार साल के थे, जब उनके सिर से माता-पिता का साया उठ गया. घर की आर्थिक स्थिति इतनी ठीक नहीं थी कि दादा-दादी देखभाल कर सकें, इसलिए उन्हें डोमिनिकन ननों की देखभाल में एक कॉन्वेंट में रखा गया.
ओडिटी सेंट्रल की एक रिपोर्ट के अनुसार, फ्रैंक ननों के बीच पले-बढ़े. लड़कियों के कपड़े पहने और उनकी ही जीवनशैली को अपनाया. आलम ये रहा कि सात साल की उम्र तक फ्रैंक को एहसास ही नहीं हुआ कि वह लड़की नहीं बल्कि लड़का हैं. जब इसका पता चला तो अस्वीकृति के डर से अपनी असली पहचान छिपाए रखने का फैसला किया, और कॉन्वेंट में सिस्टर मार्गरीटा के रूप में बने रहना जारी रखा.
चूंकि फ्रैंक महिला नहीं, बल्कि पुरुष थे इसलिए किशोरावस्था में आकर कुछ ननों के लिए उनमें फीलिंग्स जागने लगी. इस कारण उन्हें दूसरे कॉन्वेंट में भेज दिया गया, जहां उन्हें सिल्विया नाम की एक महिला से उन्हें प्रेम हो गया. जब वह गर्भवती हुई, तब उसने फ्रैंक से कॉन्वेंट छोड़ने और खुद का परिवार शुरू करने का आग्रह किया. लेकिन फ्रैंक ने यह कहकर इनकार कर दिया कि वह खुद की देखभाल करने वाली ननों को धोखा नहीं दे सकते.
लव स्टोरी का हुआ अंत
इसी के साथ फ्रैंक की लव स्टोरी का भी अंत हो गया, क्योंकि सिल्विया उन्हें छोड़कर अमेरिका चली गई. फ्रैंक का कहना है कि वह अपनी बेटी से कभी मिल नहीं सके, लेकिन वह उसे अपने जीवन का प्यार मानते हैं.
फ्रैंक का रहस्य हो गया उजागर
रिपोर्ट के अनुसार, फ्रैंक के रहस्य से पर्दा तब उठ गया, जब कॉन्वेंट के शिक्षक ने उनके द्वारा सिल्विया को लिखे एक पत्र को देखा, जिससे पता चल गया कि सिस्टर मार्गरीटा कोई महिला नहीं बल्कि एक पुरुष है.
कॉन्वेंट छोड़ने को हुए मजबूर
1979 में 22 साल तक नन बने रहने के बाद फ्रैंक को आखिरकार कॉन्वेंट छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा. वह सीमस्ट्रेस में ट्रेंड थे, इसलिए उन्हें दर्जी का काम मिल गया, जिसे उन्होंने 73 की उम्र तक करना जारी रखा.
फ्रैंक की अविश्वनीय कहानी को अलग-अलग टीवी प्रोग्राम्स में दिखाया गया है, जो उन पर लिखी दो किताबों ‘द अनड्रेस्ड नन’ और ‘क्रॉसरोड्स इन द शैडोज’ से प्रेरित हैं.
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ऐसा क्या हुआ कि 22 साल तक महिला बनकर रहा ये शख्स, इमोशनल कर देगी स्टोरी
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ये कहानी है डोमिनिकन रिपब्लिक के फ्रैंक टैवरेस की, जिन्हें ‘नन-मैन’ के नाम से भी जाना जाता है. फ्रैंक ने अपनी अविश्वसनीय कहानी से दुनिया को चौंका दिया, क्योंकि पुरुष होते हुए भी वह 22 साल तक एक महिला के रूप में रहे. उनकी कहानी बचपन में हुई एक दुखद घटना से शुरू होती है. फ्रैंक ने अपनी यह कहानी खुद एक रेडियो चैनल पर सुनाई.
फ्रैंक सिर्फ चार साल के थे, जब उनके सिर से माता-पिता का साया उठ गया. घर की आर्थिक स्थिति इतनी ठीक नहीं थी कि दादा-दादी देखभाल कर सकें, इसलिए उन्हें डोमिनिकन ननों की देखभाल में एक कॉन्वेंट में रखा गया.
ओडिटी सेंट्रल की एक रिपोर्ट के अनुसार, फ्रैंक ननों के बीच पले-बढ़े. लड़कियों के कपड़े पहने और उनकी ही जीवनशैली को अपनाया. आलम ये रहा कि सात साल की उम्र तक फ्रैंक को एहसास ही नहीं हुआ कि वह लड़की नहीं बल्कि लड़का हैं. जब इसका पता चला तो अस्वीकृति के डर से अपनी असली पहचान छिपाए रखने का फैसला किया, और कॉन्वेंट में सिस्टर मार्गरीटा के रूप में बने रहना जारी रखा.
चूंकि फ्रैंक महिला नहीं, बल्कि पुरुष थे इसलिए किशोरावस्था में आकर कुछ ननों के लिए उनमें फीलिंग्स जागने लगी. इस कारण उन्हें दूसरे कॉन्वेंट में भेज दिया गया, जहां उन्हें सिल्विया नाम की एक महिला से उन्हें प्रेम हो गया. जब वह गर्भवती हुई, तब उसने फ्रैंक से कॉन्वेंट छोड़ने और खुद का परिवार शुरू करने का आग्रह किया. लेकिन फ्रैंक ने यह कहकर इनकार कर दिया कि वह खुद की देखभाल करने वाली ननों को धोखा नहीं दे सकते.
लव स्टोरी का हुआ अंत
इसी के साथ फ्रैंक की लव स्टोरी का भी अंत हो गया, क्योंकि सिल्विया उन्हें छोड़कर अमेरिका चली गई. फ्रैंक का कहना है कि वह अपनी बेटी से कभी मिल नहीं सके, लेकिन वह उसे अपने जीवन का प्यार मानते हैं.
फ्रैंक का रहस्य हो गया उजागर
रिपोर्ट के अनुसार, फ्रैंक के रहस्य से पर्दा तब उठ गया, जब कॉन्वेंट के शिक्षक ने उनके द्वारा सिल्विया को लिखे एक पत्र को देखा, जिससे पता चल गया कि सिस्टर मार्गरीटा कोई महिला नहीं बल्कि एक पुरुष है.
कॉन्वेंट छोड़ने को हुए मजबूर
1979 में 22 साल तक नन बने रहने के बाद फ्रैंक को आखिरकार कॉन्वेंट छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा. वह सीमस्ट्रेस में ट्रेंड थे, इसलिए उन्हें दर्जी का काम मिल गया, जिसे उन्होंने 73 की उम्र तक करना जारी रखा.
फ्रैंक की अविश्वनीय कहानी को अलग-अलग टीवी प्रोग्राम्स में दिखाया गया है, जो उन पर लिखी दो किताबों ‘द अनड्रेस्ड नन’ और ‘क्रॉसरोड्स इन द शैडोज’ से प्रेरित हैं.
