- Hindi News
- स्पोर्ट्स
- 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, भारत के सबसे युवा डेब्यूटेंट बने; सचिन-शेफाली का रिकॉर्ड टूट...
15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, भारत के सबसे युवा डेब्यूटेंट बने; सचिन-शेफाली का रिकॉर्ड टूटा
स्पोर्ट्स डेस्क
इंग्लैंड के खिलाफ पहले अंतरराष्ट्रीय मैच में 15 साल 99 दिन की उम्र में किया डेब्यू, 10 गेंदों में 14 रन बनाए; क्रिकेट जगत में नई उपलब्धि दर्ज
भारतीय क्रिकेट को एक और उभरता हुआ सितारा मिल गया है। महज 15 साल 99 दिन की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेलकर इतिहास रच दिया। इसके साथ ही वह भारत की ओर से सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने इस उपलब्धि के साथ महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज शेफाली वर्मा का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।
हालांकि अपने पहले मुकाबले में वैभव बड़ी पारी नहीं खेल सके, लेकिन उन्होंने जिस आत्मविश्वास और आक्रामक अंदाज से बल्लेबाजी की, उसने यह साफ कर दिया कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य का एक बड़ा सितारा मिल चुका है।
15 साल 99 दिन की उम्र में रचा नया इतिहास
वैभव सूर्यवंशी ने 15 साल 99 दिन की उम्र में भारतीय टीम के लिए डेब्यू कर नया रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले भारत की ओर से सबसे कम उम्र में डेब्यू करने का रिकॉर्ड शेफाली वर्मा के नाम था, जिन्होंने 15 साल 239 दिन की उम्र में भारतीय टीम के लिए पहला मैच खेला था। वहीं महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने 16 साल 205 दिन की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था।
इतनी कम उम्र में भारतीय टीम तक पहुंचना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का मौका मिलना किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
पहली पारी में दिखा आत्मविश्वास
इंग्लैंड के खिलाफ अपने पहले मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने 10 गेंदों में 14 रन बनाए। इस छोटी लेकिन प्रभावशाली पारी में उन्होंने दो शानदार छक्के लगाए। पहला छक्का दुनिया के तेज गेंदबाजों में शामिल जोफ्रा आर्चर की गेंद पर लगाया, जबकि दूसरा छक्का जोश टंग के खिलाफ जड़ा। हालांकि उनकी पारी ज्यादा लंबी नहीं चली और विल जैक्स ने उन्हें स्टंप आउट कर दिया, लेकिन जिस निडर अंदाज में उन्होंने बल्लेबाजी की, उसकी क्रिकेट विशेषज्ञों ने सराहना की है।
मैच से एक दिन पहले वैभव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक तस्वीर साझा की थी। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी में अपनी फोटो पोस्ट करते हुए "New Chapter" लिखा था। इसके बाद क्रिकेट प्रशंसकों ने अंदाजा लगा लिया था कि उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका मिल सकता है। डेब्यू की आधिकारिक घोषणा के बाद उनकी यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई।
टीम इंडिया की नंबर-3 जर्सी मिली
23 जून को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया की नंबर-3 जर्सी सौंपी थी। थ्रोडाउन स्पेशलिस्ट रघु ने उन्हें यह जर्सी दी। जर्सी लेने से पहले वैभव ने रघु के पैर छूकर आशीर्वाद लिया, जिसके वीडियो और तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरी थीं। उनकी विनम्रता और संस्कार की भी क्रिकेट जगत में काफी चर्चा हुई।
आईसीसी की विशेष व्यवस्था
चूंकि वैभव अभी 18 वर्ष से कम उम्र के खिलाड़ी हैं, इसलिए आईसीसी की चाइल्ड सेफगार्डिंग पॉलिसी के तहत उनके लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। इंग्लैंड दौरे के दौरान उन्हें अलग चेंजिंग रूम उपलब्ध कराया गया है। साथ ही उनकी फैमिली को भी टीम होटल में ठहरने की अनुमति दी गई है ताकि युवा खिलाड़ी सहज माहौल में रह सके।
टीम इंडिया में चयन के समय भी बनाया था रिकॉर्ड
डेब्यू से पहले ही वैभव सूर्यवंशी ने एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया था। लगभग एक महीने पहले जब उनका भारतीय टीम में चयन हुआ था, तब वह केवल 15 साल 71 दिन के थे। इस उम्र में भारतीय टीम में चुने जाने वाले भी वह सबसे युवा क्रिकेटर बने थे। उन्होंने इस मामले में भी सचिन तेंदुलकर और शेफाली वर्मा के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया था।
लिस्ट-ए क्रिकेट में भी किया था कमाल
वैभव सूर्यवंशी लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम तक पहुंचे हैं। हाल ही में आयोजित ट्राई सीरीज के फाइनल में इंडिया-ए की ओर से खेलते हुए उन्होंने श्रीलंका-ए के खिलाफ सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया था। यह लिस्ट-ए क्रिकेट के इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक माना जा रहा है। उनकी इस विस्फोटक बल्लेबाजी ने चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा और जल्द ही उन्हें राष्ट्रीय टीम में मौका मिला।
आईपीएल में भी मचाया था धमाल
आईपीएल 2026 का सीजन भी वैभव सूर्यवंशी के लिए बेहद शानदार रहा। राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 776 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 237.31 रहा, जो किसी भी बल्लेबाज के लिए बेहद शानदार माना जाता है।सीजन के दौरान उन्होंने एक शतक भी लगाया और कई मैच जिताऊ पारियां खेलीं। शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें पूरे सीजन में पांच अलग-अलग पुरस्कार भी मिले।
वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट के भविष्य के सबसे बड़े सितारों में शामिल हो सकते हैं। कम उम्र में तकनीक, आत्मविश्वास और आक्रामक बल्लेबाजी का जो मिश्रण उन्होंने दिखाया है, वह उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाता है। हालांकि उनके सामने अभी लंबा करियर है और लगातार अच्छा प्रदर्शन करना सबसे बड़ी चुनौती होगी, लेकिन जिस तरह उन्होंने घरेलू क्रिकेट, आईपीएल और अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ी है, उससे उम्मीद की जा रही है कि आने वाले वर्षों में वह भारतीय टीम के अहम खिलाड़ी बन सकते हैं।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, भारत के सबसे युवा डेब्यूटेंट बने; सचिन-शेफाली का रिकॉर्ड टूटा
स्पोर्ट्स डेस्क
भारतीय क्रिकेट को एक और उभरता हुआ सितारा मिल गया है। महज 15 साल 99 दिन की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेलकर इतिहास रच दिया। इसके साथ ही वह भारत की ओर से सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने इस उपलब्धि के साथ महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज शेफाली वर्मा का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।
हालांकि अपने पहले मुकाबले में वैभव बड़ी पारी नहीं खेल सके, लेकिन उन्होंने जिस आत्मविश्वास और आक्रामक अंदाज से बल्लेबाजी की, उसने यह साफ कर दिया कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य का एक बड़ा सितारा मिल चुका है।
15 साल 99 दिन की उम्र में रचा नया इतिहास
वैभव सूर्यवंशी ने 15 साल 99 दिन की उम्र में भारतीय टीम के लिए डेब्यू कर नया रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले भारत की ओर से सबसे कम उम्र में डेब्यू करने का रिकॉर्ड शेफाली वर्मा के नाम था, जिन्होंने 15 साल 239 दिन की उम्र में भारतीय टीम के लिए पहला मैच खेला था। वहीं महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने 16 साल 205 दिन की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था।
इतनी कम उम्र में भारतीय टीम तक पहुंचना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का मौका मिलना किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
पहली पारी में दिखा आत्मविश्वास
इंग्लैंड के खिलाफ अपने पहले मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने 10 गेंदों में 14 रन बनाए। इस छोटी लेकिन प्रभावशाली पारी में उन्होंने दो शानदार छक्के लगाए। पहला छक्का दुनिया के तेज गेंदबाजों में शामिल जोफ्रा आर्चर की गेंद पर लगाया, जबकि दूसरा छक्का जोश टंग के खिलाफ जड़ा। हालांकि उनकी पारी ज्यादा लंबी नहीं चली और विल जैक्स ने उन्हें स्टंप आउट कर दिया, लेकिन जिस निडर अंदाज में उन्होंने बल्लेबाजी की, उसकी क्रिकेट विशेषज्ञों ने सराहना की है।
मैच से एक दिन पहले वैभव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक तस्वीर साझा की थी। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी में अपनी फोटो पोस्ट करते हुए "New Chapter" लिखा था। इसके बाद क्रिकेट प्रशंसकों ने अंदाजा लगा लिया था कि उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका मिल सकता है। डेब्यू की आधिकारिक घोषणा के बाद उनकी यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई।
टीम इंडिया की नंबर-3 जर्सी मिली
23 जून को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया की नंबर-3 जर्सी सौंपी थी। थ्रोडाउन स्पेशलिस्ट रघु ने उन्हें यह जर्सी दी। जर्सी लेने से पहले वैभव ने रघु के पैर छूकर आशीर्वाद लिया, जिसके वीडियो और तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरी थीं। उनकी विनम्रता और संस्कार की भी क्रिकेट जगत में काफी चर्चा हुई।
आईसीसी की विशेष व्यवस्था
चूंकि वैभव अभी 18 वर्ष से कम उम्र के खिलाड़ी हैं, इसलिए आईसीसी की चाइल्ड सेफगार्डिंग पॉलिसी के तहत उनके लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। इंग्लैंड दौरे के दौरान उन्हें अलग चेंजिंग रूम उपलब्ध कराया गया है। साथ ही उनकी फैमिली को भी टीम होटल में ठहरने की अनुमति दी गई है ताकि युवा खिलाड़ी सहज माहौल में रह सके।
टीम इंडिया में चयन के समय भी बनाया था रिकॉर्ड
डेब्यू से पहले ही वैभव सूर्यवंशी ने एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया था। लगभग एक महीने पहले जब उनका भारतीय टीम में चयन हुआ था, तब वह केवल 15 साल 71 दिन के थे। इस उम्र में भारतीय टीम में चुने जाने वाले भी वह सबसे युवा क्रिकेटर बने थे। उन्होंने इस मामले में भी सचिन तेंदुलकर और शेफाली वर्मा के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया था।
लिस्ट-ए क्रिकेट में भी किया था कमाल
वैभव सूर्यवंशी लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम तक पहुंचे हैं। हाल ही में आयोजित ट्राई सीरीज के फाइनल में इंडिया-ए की ओर से खेलते हुए उन्होंने श्रीलंका-ए के खिलाफ सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया था। यह लिस्ट-ए क्रिकेट के इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक माना जा रहा है। उनकी इस विस्फोटक बल्लेबाजी ने चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा और जल्द ही उन्हें राष्ट्रीय टीम में मौका मिला।
आईपीएल में भी मचाया था धमाल
आईपीएल 2026 का सीजन भी वैभव सूर्यवंशी के लिए बेहद शानदार रहा। राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 776 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 237.31 रहा, जो किसी भी बल्लेबाज के लिए बेहद शानदार माना जाता है।सीजन के दौरान उन्होंने एक शतक भी लगाया और कई मैच जिताऊ पारियां खेलीं। शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें पूरे सीजन में पांच अलग-अलग पुरस्कार भी मिले।
वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट के भविष्य के सबसे बड़े सितारों में शामिल हो सकते हैं। कम उम्र में तकनीक, आत्मविश्वास और आक्रामक बल्लेबाजी का जो मिश्रण उन्होंने दिखाया है, वह उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाता है। हालांकि उनके सामने अभी लंबा करियर है और लगातार अच्छा प्रदर्शन करना सबसे बड़ी चुनौती होगी, लेकिन जिस तरह उन्होंने घरेलू क्रिकेट, आईपीएल और अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ी है, उससे उम्मीद की जा रही है कि आने वाले वर्षों में वह भारतीय टीम के अहम खिलाड़ी बन सकते हैं।
