भारतीय क्रिकेट टीम साल 2026 में अपने अंतरराष्ट्रीय अभियान की शुरुआत न्यूज़ीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज से करने जा रही है। इस बहुप्रतीक्षित दौरे में दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की वनडे और पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज खेली जाएगी। वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 11 जनवरी को वडोदरा में आयोजित होगा, जहां भारतीय टीम के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली के सामने एक बड़ा इतिहास रचने का अवसर होगा।
बीसीसीआई द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, वडोदरा में पहले वनडे के बाद 14 जनवरी को राजकोट में दूसरा और 18 जनवरी को इंदौर में तीसरा व अंतिम वनडे खेला जाएगा। सीरीज के बाद टी20 मुकाबले अलग-अलग शहरों में आयोजित होंगे। इस पूरी वनडे सीरीज में विराट कोहली का खेलना लगभग तय माना जा रहा है।
विराट कोहली अगर वडोदरा में खेले जाने वाले पहले वनडे मुकाबले में 42 रन बना लेते हैं, तो वह श्रीलंका के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज कुमार संगकारा को पीछे छोड़ देंगे। इसके साथ ही कोहली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच जाएंगे।
फिलहाल इस सूची में सचिन तेंदुलकर शीर्ष पर बने हुए हैं, जबकि दूसरे स्थान पर कुमार संगकारा और तीसरे नंबर पर विराट कोहली हैं। संगकारा को पीछे छोड़ना कोहली के करियर की एक और बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी, जो उनके लंबे और निरंतर प्रदर्शन का प्रमाण है।
न्यूज़ीलैंड के खिलाफ विराट कोहली का रिकॉर्ड प्रभावशाली रहा है। भारतीय परिस्थितियों में उन्होंने कीवी गेंदबाजों के खिलाफ कई यादगार पारियां खेली हैं। ऐसे में वडोदरा की पिच पर उनसे एक बार फिर बड़ी पारी की उम्मीद की जा रही है। घरेलू दर्शकों के सामने खेलना कोहली के लिए अतिरिक्त प्रेरणा का काम कर सकता है।
यह सीरीज सिर्फ रिकॉर्ड्स के लिहाज से ही नहीं, बल्कि टीम संयोजन के लिए भी अहम मानी जा रही है। 2026 के व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर से पहले यह सीरीज टीम इंडिया की तैयारियों का पैमाना होगी। चयनकर्ता और टीम मैनेजमेंट युवा खिलाड़ियों के साथ सीनियर खिलाड़ियों के संतुलन पर भी नजर रखेंगे।
वडोदरा में लंबे समय बाद अंतरराष्ट्रीय वनडे मैच की मेजबानी हो रही है। ऐसे में स्थानीय क्रिकेट प्रेमियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। टिकट बिक्री और स्टेडियम की तैयारियों को लेकर प्रशासन भी सक्रिय है। सभी की नजरें 11 जनवरी को विराट कोहली की पारी पर टिकी होंगी।
अगर विराट कोहली यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लेते हैं, तो वह सचिन तेंदुलकर के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सबसे बड़े रन स्कोरर बनने की दिशा में एक और कदम बढ़ा देंगे। यह उपलब्धि भारतीय क्रिकेट के लिए भी एक अहम क्षण साबित होगी।