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ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश को 4 विकेट से हराया, स्पिनर्स ने रचा इतिहास
स्पोर्ट्स डेस्क
टी-20 में पहली बार ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर्स ने 9 विकेट झटके, जाम्पा बने 150 विकेट लेने वाले पहले कंगारू गेंदबाज
चटगांव में खेले गए पहले टी-20 मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश को 4 विकेट से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। यह मैच इसलिए भी खास रहा क्योंकि पहली बार ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर्स ने टी-20 इंटरनेशनल में कुल 9 विकेट झटके, जिसने मैच का पूरा रुख बदल दिया। मिचेल मार्श की कप्तानी वाली टीम ने गेंद और बल्ले दोनों से शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान टीम को मात दी। मुकाबले में एडम जाम्पा और डेब्यू कर रहे जोएल डेविस ने 3-3 विकेट लेकर बांग्लादेश की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी बांग्लादेश की शुरुआत ठीक-ठाक रही, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई स्पिन आक्रमण के सामने टीम लगातार दबाव में दिखी। पावरप्ले में बांग्लादेश ने 2 विकेट पर 52 रन जरूर बनाए, जो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनका सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर रहा, लेकिन इसके बाद विकेटों का पतन शुरू हो गया। तौहीद हृदॉय और सौम्य सरकार जैसे सेट बल्लेबाज भी स्पिन के जाल में फंस गए। जोएल डेविस ने अपने डेब्यू मैच में ही असरदार गेंदबाजी करते हुए कई अहम विकेट झटके और मिडिल ऑर्डर को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
बांग्लादेश की पूरी टीम 132 रन पर सिमट गई। निचले क्रम में महेदी हसन ने 29 रन की नाबाद पारी खेली, लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे। ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर्स ने रन गति पर शुरू से ही लगाम लगाए रखी और किसी भी बल्लेबाज को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। यही वजह रही कि मेजबान टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रही। लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत भी लड़खड़ाई। तेज गेंदबाज शरीफुल इस्लाम ने जोश इंग्लिस को जल्दी आउट कर बांग्लादेश को पहली सफलता दिलाई। कप्तान मिचेल मार्श भी ज्यादा देर नहीं टिक सके और 14 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। हालांकि इसके बाद कूपर कॉनोली ने मोर्चा संभाल लिया और तेजतर्रार बल्लेबाजी से मैच को ऑस्ट्रेलिया की तरफ मोड़ दिया।
कॉनोली ने 27 गेंदों में 47 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 7 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। उन्होंने शरीफुल इस्लाम के एक ओवर में लगातार तीन चौके लगाकर दबाव पूरी तरह हटा दिया। दूसरी ओर टिम डेविड ने भी आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 98 मीटर लंबा छक्का लगाया और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। अंत में निखिल चौधरी और मैट रेनशॉ ने छोटी लेकिन अहम पारियां खेलकर लक्ष्य को आसान बना दिया। ऑस्ट्रेलिया ने 17.2 ओवर में 6 विकेट खोकर 133 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया और मैच 4 विकेट से जीत लिया। इस मैच में एडम जाम्पा ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। वे टी-20 इंटरनेशनल में 150 विकेट लेने वाले पहले ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज बन गए हैं। साथ ही वे दुनिया के केवल पांचवें लेग स्पिनर हैं जिन्होंने यह आंकड़ा छुआ है। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया। मैच के बाद यह साफ दिखा कि ऑस्ट्रेलिया की स्पिन गेंदबाजी अब टी-20 फॉर्मेट में भी बड़ी ताकत बन चुकी है। वहीं बांग्लादेश की टीम को मिडिल ऑर्डर में लगातार गिरते विकेटों पर काम करने की जरूरत है, नहीं तो आगे सीरीज में मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
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ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश को 4 विकेट से हराया, स्पिनर्स ने रचा इतिहास
स्पोर्ट्स डेस्क
चटगांव में खेले गए पहले टी-20 मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश को 4 विकेट से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। यह मैच इसलिए भी खास रहा क्योंकि पहली बार ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर्स ने टी-20 इंटरनेशनल में कुल 9 विकेट झटके, जिसने मैच का पूरा रुख बदल दिया। मिचेल मार्श की कप्तानी वाली टीम ने गेंद और बल्ले दोनों से शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान टीम को मात दी। मुकाबले में एडम जाम्पा और डेब्यू कर रहे जोएल डेविस ने 3-3 विकेट लेकर बांग्लादेश की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी बांग्लादेश की शुरुआत ठीक-ठाक रही, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई स्पिन आक्रमण के सामने टीम लगातार दबाव में दिखी। पावरप्ले में बांग्लादेश ने 2 विकेट पर 52 रन जरूर बनाए, जो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनका सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर रहा, लेकिन इसके बाद विकेटों का पतन शुरू हो गया। तौहीद हृदॉय और सौम्य सरकार जैसे सेट बल्लेबाज भी स्पिन के जाल में फंस गए। जोएल डेविस ने अपने डेब्यू मैच में ही असरदार गेंदबाजी करते हुए कई अहम विकेट झटके और मिडिल ऑर्डर को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
बांग्लादेश की पूरी टीम 132 रन पर सिमट गई। निचले क्रम में महेदी हसन ने 29 रन की नाबाद पारी खेली, लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे। ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर्स ने रन गति पर शुरू से ही लगाम लगाए रखी और किसी भी बल्लेबाज को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। यही वजह रही कि मेजबान टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रही। लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत भी लड़खड़ाई। तेज गेंदबाज शरीफुल इस्लाम ने जोश इंग्लिस को जल्दी आउट कर बांग्लादेश को पहली सफलता दिलाई। कप्तान मिचेल मार्श भी ज्यादा देर नहीं टिक सके और 14 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। हालांकि इसके बाद कूपर कॉनोली ने मोर्चा संभाल लिया और तेजतर्रार बल्लेबाजी से मैच को ऑस्ट्रेलिया की तरफ मोड़ दिया।
कॉनोली ने 27 गेंदों में 47 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 7 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। उन्होंने शरीफुल इस्लाम के एक ओवर में लगातार तीन चौके लगाकर दबाव पूरी तरह हटा दिया। दूसरी ओर टिम डेविड ने भी आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 98 मीटर लंबा छक्का लगाया और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। अंत में निखिल चौधरी और मैट रेनशॉ ने छोटी लेकिन अहम पारियां खेलकर लक्ष्य को आसान बना दिया। ऑस्ट्रेलिया ने 17.2 ओवर में 6 विकेट खोकर 133 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया और मैच 4 विकेट से जीत लिया। इस मैच में एडम जाम्पा ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। वे टी-20 इंटरनेशनल में 150 विकेट लेने वाले पहले ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज बन गए हैं। साथ ही वे दुनिया के केवल पांचवें लेग स्पिनर हैं जिन्होंने यह आंकड़ा छुआ है। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया। मैच के बाद यह साफ दिखा कि ऑस्ट्रेलिया की स्पिन गेंदबाजी अब टी-20 फॉर्मेट में भी बड़ी ताकत बन चुकी है। वहीं बांग्लादेश की टीम को मिडिल ऑर्डर में लगातार गिरते विकेटों पर काम करने की जरूरत है, नहीं तो आगे सीरीज में मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
