- Hindi News
- स्पोर्ट्स
- अलेक्जेंडर ज्वेरेव पहली बार विंबलडन फाइनल में, आर्थर फेरी को सीधे सेटों में हराया
अलेक्जेंडर ज्वेरेव पहली बार विंबलडन फाइनल में, आर्थर फेरी को सीधे सेटों में हराया
स्पोर्ट्स डेस्क
जर्मनी के स्टार टेनिस खिलाड़ी अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने ब्रिटेन के वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी आर्थर फेरी को हराकर पहली बार विंबलडन फाइनल में जगह बनाई।
जर्मनी के स्टार टेनिस खिलाड़ी अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने विंबलडन 2026 के पुरुष एकल सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान ब्रिटेन के वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी आर्थर फेरी को 7-6, 6-2, 6-4 से हराकर पहली बार इस प्रतिष्ठित ग्रैंड स्लैम के फाइनल में जगह बना ली। 29 वर्षीय ज्वेरेव के लिए यह जीत उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जा रही है। लंबे समय से ग्रैंड स्लैम खिताब की तलाश में जुटे ज्वेरेव अब रविवार को होने वाले फाइनल में मौजूदा चैंपियन जैनिक सिनर और सात बार के विंबलडन विजेता नोवाक जोकोविच के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से भिड़ेंगे। इस जीत के साथ ज्वेरेव 1995 के बाद विंबलडन फाइनल में पहुंचने वाले पहले जर्मन खिलाड़ी बन गए हैं। इसके अलावा वे फ्रेंच ओपन जीतने के बाद अगले ही ग्रैंड स्लैम के फाइनल में पहुंचने वाले ओपन एरा के केवल तीसरे खिलाड़ी भी बन गए हैं। पूरे टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन लगातार प्रभावशाली रहा है और उन्होंने अब तक केवल दो सेट गंवाए हैं।
सेंटर कोर्ट पर खेले गए इस मुकाबले का पहला सेट काफी रोमांचक रहा। घरेलू दर्शकों के समर्थन के बीच खेल रहे आर्थर फेरी ने शुरुआत से ही ज्वेरेव को कड़ी चुनौती दी। दोनों खिलाड़ियों के बीच शानदार रैलियां देखने को मिलीं और मुकाबला टाई-ब्रेक तक पहुंच गया। हालांकि निर्णायक क्षणों में ज्वेरेव ने अपना अनुभव दिखाया और लगातार सात अंक जीतकर पहला सेट अपने नाम कर लिया। पहला सेट जीतने के बाद उनका आत्मविश्वास और बढ़ गया। दूसरे सेट में उन्होंने अपनी तेज सर्विस और मजबूत बेसलाइन खेल के दम पर फेरी को ज्यादा मौके नहीं दिए। तीसरे सेट में भी जर्मन खिलाड़ी ने लय बरकरार रखी और सीधे सेटों में मुकाबला जीतकर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया। मैच के बाद दोनों खिलाड़ियों ने नेट पर एक-दूसरे को गले लगाकर खेल भावना का परिचय दिया। इस मुकाबले को देखने के लिए सेंटर कोर्ट के रॉयल बॉक्स में खेल जगत की कई बड़ी हस्तियां मौजूद थीं। भारत के महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान शुभमन गिल, वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज ब्रायन लारा और नीदरलैंड के फुटबॉल स्टार वर्जिल वान डाइक भी दर्शकों के बीच नजर आए। विंबलडन की ओर से सचिन तेंदुलकर का विशेष स्वागत किया गया और उन्हें क्रिकेट की दुनिया की रॉयल्टी बताते हुए सम्मानित किया गया। खेल प्रेमियों के लिए यह नजारा भी खास आकर्षण का केंद्र रहा।
हालांकि आर्थर फेरी का सफर सेमीफाइनल में समाप्त हो गया, लेकिन उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया। विश्व रैंकिंग में 114वें स्थान पर मौजूद फेरी ने वाइल्ड कार्ड के सहारे मुख्य ड्रॉ में जगह बनाई थी और लगातार कई बड़े खिलाड़ियों को हराकर पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के सेमीफाइनल तक पहुंचे। उन्होंने दमीर जुमहुर, ओट्टो विर्टानेन, जिजू बर्ग्स, ग्रिगोर दिमित्रोव और फ्लावियो कोबोली जैसे खिलाड़ियों को मात देकर इतिहास रचा। सेमीफाइनल में हार के बावजूद उनका प्रदर्शन उन्हें बड़ी उपलब्धि दिलाने वाला है। अनुमान है कि नई एटीपी रैंकिंग में वे 114वें स्थान से सीधे 36वें स्थान पर पहुंच जाएंगे, जिससे भविष्य में उन्हें बड़े टूर्नामेंटों में सीधे प्रवेश मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। दूसरी ओर ज्वेरेव अब अपने पहले विंबलडन खिताब से सिर्फ एक जीत दूर हैं। मैच के बाद उन्होंने कहा कि विंबलडन हमेशा उनके लिए सबसे कठिन ग्रैंड स्लैम रहा है, लेकिन इस बार उन्होंने खुद पर भरोसा बनाए रखा और मेहनत का परिणाम मिला। उन्होंने स्वीकार किया कि फाइनल आसान नहीं होगा क्योंकि सामने चाहे मौजूदा चैंपियन जैनिक सिनर हों या अनुभवी नोवाक जोकोविच, दोनों ही विश्वस्तरीय खिलाड़ी हैं। इसके बावजूद उन्होंने विश्वास जताया कि वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
अलेक्जेंडर ज्वेरेव पहली बार विंबलडन फाइनल में, आर्थर फेरी को सीधे सेटों में हराया
स्पोर्ट्स डेस्क
जर्मनी के स्टार टेनिस खिलाड़ी अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने विंबलडन 2026 के पुरुष एकल सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान ब्रिटेन के वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी आर्थर फेरी को 7-6, 6-2, 6-4 से हराकर पहली बार इस प्रतिष्ठित ग्रैंड स्लैम के फाइनल में जगह बना ली। 29 वर्षीय ज्वेरेव के लिए यह जीत उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जा रही है। लंबे समय से ग्रैंड स्लैम खिताब की तलाश में जुटे ज्वेरेव अब रविवार को होने वाले फाइनल में मौजूदा चैंपियन जैनिक सिनर और सात बार के विंबलडन विजेता नोवाक जोकोविच के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से भिड़ेंगे। इस जीत के साथ ज्वेरेव 1995 के बाद विंबलडन फाइनल में पहुंचने वाले पहले जर्मन खिलाड़ी बन गए हैं। इसके अलावा वे फ्रेंच ओपन जीतने के बाद अगले ही ग्रैंड स्लैम के फाइनल में पहुंचने वाले ओपन एरा के केवल तीसरे खिलाड़ी भी बन गए हैं। पूरे टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन लगातार प्रभावशाली रहा है और उन्होंने अब तक केवल दो सेट गंवाए हैं।
सेंटर कोर्ट पर खेले गए इस मुकाबले का पहला सेट काफी रोमांचक रहा। घरेलू दर्शकों के समर्थन के बीच खेल रहे आर्थर फेरी ने शुरुआत से ही ज्वेरेव को कड़ी चुनौती दी। दोनों खिलाड़ियों के बीच शानदार रैलियां देखने को मिलीं और मुकाबला टाई-ब्रेक तक पहुंच गया। हालांकि निर्णायक क्षणों में ज्वेरेव ने अपना अनुभव दिखाया और लगातार सात अंक जीतकर पहला सेट अपने नाम कर लिया। पहला सेट जीतने के बाद उनका आत्मविश्वास और बढ़ गया। दूसरे सेट में उन्होंने अपनी तेज सर्विस और मजबूत बेसलाइन खेल के दम पर फेरी को ज्यादा मौके नहीं दिए। तीसरे सेट में भी जर्मन खिलाड़ी ने लय बरकरार रखी और सीधे सेटों में मुकाबला जीतकर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया। मैच के बाद दोनों खिलाड़ियों ने नेट पर एक-दूसरे को गले लगाकर खेल भावना का परिचय दिया। इस मुकाबले को देखने के लिए सेंटर कोर्ट के रॉयल बॉक्स में खेल जगत की कई बड़ी हस्तियां मौजूद थीं। भारत के महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान शुभमन गिल, वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज ब्रायन लारा और नीदरलैंड के फुटबॉल स्टार वर्जिल वान डाइक भी दर्शकों के बीच नजर आए। विंबलडन की ओर से सचिन तेंदुलकर का विशेष स्वागत किया गया और उन्हें क्रिकेट की दुनिया की रॉयल्टी बताते हुए सम्मानित किया गया। खेल प्रेमियों के लिए यह नजारा भी खास आकर्षण का केंद्र रहा।
हालांकि आर्थर फेरी का सफर सेमीफाइनल में समाप्त हो गया, लेकिन उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया। विश्व रैंकिंग में 114वें स्थान पर मौजूद फेरी ने वाइल्ड कार्ड के सहारे मुख्य ड्रॉ में जगह बनाई थी और लगातार कई बड़े खिलाड़ियों को हराकर पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के सेमीफाइनल तक पहुंचे। उन्होंने दमीर जुमहुर, ओट्टो विर्टानेन, जिजू बर्ग्स, ग्रिगोर दिमित्रोव और फ्लावियो कोबोली जैसे खिलाड़ियों को मात देकर इतिहास रचा। सेमीफाइनल में हार के बावजूद उनका प्रदर्शन उन्हें बड़ी उपलब्धि दिलाने वाला है। अनुमान है कि नई एटीपी रैंकिंग में वे 114वें स्थान से सीधे 36वें स्थान पर पहुंच जाएंगे, जिससे भविष्य में उन्हें बड़े टूर्नामेंटों में सीधे प्रवेश मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। दूसरी ओर ज्वेरेव अब अपने पहले विंबलडन खिताब से सिर्फ एक जीत दूर हैं। मैच के बाद उन्होंने कहा कि विंबलडन हमेशा उनके लिए सबसे कठिन ग्रैंड स्लैम रहा है, लेकिन इस बार उन्होंने खुद पर भरोसा बनाए रखा और मेहनत का परिणाम मिला। उन्होंने स्वीकार किया कि फाइनल आसान नहीं होगा क्योंकि सामने चाहे मौजूदा चैंपियन जैनिक सिनर हों या अनुभवी नोवाक जोकोविच, दोनों ही विश्वस्तरीय खिलाड़ी हैं। इसके बावजूद उन्होंने विश्वास जताया कि वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
