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सोने की कीमत ₹1.43 लाख के पार, एक दिन में ₹1,022 की तेजी; चांदी भी महंगी
बिजनेस डेस्क
24 कैरेट सोना नए स्तर पर पहुंचा, चांदी में भी ₹1,752 प्रति किलो की बढ़त; विशेषज्ञों ने खरीदारी से पहले सावधानी बरतने की सलाह दी।
सोने और चांदी की कीमतों में गुरुवार को एक बार फिर तेज उछाल दर्ज किया गया। लगातार बदलते वैश्विक आर्थिक माहौल और निवेशकों की बढ़ती रुचि के बीच घरेलू सर्राफा बाजार में दोनों कीमती धातुओं के दाम मजबूत बने हुए हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत में 10 ग्राम पर 1,022 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इस तेजी के बाद 10 ग्राम सोने का भाव बढ़कर 1.43 लाख रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं चांदी की कीमत में भी मजबूती देखने को मिली और एक किलो चांदी 1,752 रुपये महंगी होकर करीब 2.23 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई। पिछले कुछ समय से सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले बदलाव, डॉलर की चाल, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और निवेशकों का रुझान घरेलू बाजार की कीमतों को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में हर कारोबारी दिन सोने और चांदी के दाम नए स्तर पर पहुंचते दिखाई दे रहे हैं। गुरुवार को आई तेजी ने एक बार फिर निवेशकों और खरीदारों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक सोने की कीमत में लगभग 10 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है। 31 दिसंबर 2025 को 24 कैरेट सोना करीब 1.33 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास था। इसके बाद से लगातार बढ़ोतरी का दौर जारी रहा और अब इसका भाव 1.43 लाख रुपये के स्तर तक पहुंच गया है। इससे यह साफ है कि साल के शुरुआती महीनों में सोने ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। हालांकि चांदी की कीमतों का रुख सोने से कुछ अलग रहा है। मौजूदा तेजी के बावजूद वर्ष 2025 के अंतिम कारोबारी दिन की तुलना में चांदी अभी भी करीब 7 हजार रुपये प्रति किलो सस्ती है। 31 दिसंबर 2025 को चांदी का भाव लगभग 2.30 लाख रुपये प्रति किलो था, जबकि वर्तमान में इसकी कीमत करीब 2.23 लाख रुपये प्रति किलो है। हालांकि हाल के दिनों में चांदी में भी लगातार तेजी देखने को मिल रही है, जिससे बाजार में इसकी मांग बनी हुई है।
इस वर्ष सोना और चांदी दोनों ने रिकॉर्ड स्तर भी छुए हैं। आंकड़ों के अनुसार 29 जनवरी 2026 को सोने की कीमत ने लगभग 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का ऑलटाइम हाई बनाया था। वहीं चांदी भी उसी अवधि में करीब 3.86 लाख रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थी। इसके बाद दोनों धातुओं में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी रहा और कीमतों में कई बार गिरावट और तेजी देखने को मिली। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के समय निवेशक सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में सोने की ओर अधिक आकर्षित होते हैं। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी भी आर्थिक या भू-राजनीतिक तनाव का असर सबसे पहले सोने की कीमतों पर दिखाई देता है। इसके अलावा केंद्रीय बैंकों की नीतियां, ब्याज दरों में बदलाव और विदेशी मुद्रा बाजार की गतिविधियां भी सोने और चांदी के भाव तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
यदि वैश्विक परिस्थितियां इसी तरह बनी रहीं तो आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हालांकि निवेशकों को किसी भी तरह का निवेश करने से पहले बाजार की स्थिति और विशेषज्ञों की राय पर ध्यान देना चाहिए। केवल कीमतों में तेजी देखकर जल्दबाजी में निर्णय लेना उचित नहीं माना जाता। ज्वेलरी खरीदने वाले ग्राहकों के लिए भी विशेषज्ञों ने कुछ महत्वपूर्ण सलाह दी है। सबसे पहले हमेशा भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की हॉलमार्किंग वाला प्रमाणित सोना ही खरीदना चाहिए। हॉलमार्क यह सुनिश्चित करता है कि खरीदा गया सोना निर्धारित शुद्धता का है। प्रत्येक हॉलमार्क वाले आभूषण पर एक विशिष्ट अल्फान्यूमेरिक कोड अंकित होता है, जिससे उसकी प्रमाणिकता की जांच की जा सकती है।
दूसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि खरीदारी से पहले सोने और चांदी की कीमतों का विभिन्न विश्वसनीय स्रोतों से मिलान जरूर कर लेना चाहिए। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन सहित अन्य मान्यता प्राप्त स्रोतों पर प्रतिदिन जारी होने वाले भाव देखकर ग्राहक सही कीमत का अनुमान लगा सकते हैं। इसके अलावा यह भी ध्यान रखना चाहिए कि 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमत अलग-अलग होती है। इसलिए आभूषण खरीदते समय उसकी शुद्धता और कैरेट की जानकारी अवश्य जांचनी चाहिए। त्योहारी सीजन और शादी-विवाह के मौसम में सोने और चांदी की मांग सामान्य दिनों की तुलना में अधिक रहती है। ऐसे समय कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर सीधे ग्राहकों के बजट पर पड़ता है।
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सोने की कीमत ₹1.43 लाख के पार, एक दिन में ₹1,022 की तेजी; चांदी भी महंगी
बिजनेस डेस्क
सोने और चांदी की कीमतों में गुरुवार को एक बार फिर तेज उछाल दर्ज किया गया। लगातार बदलते वैश्विक आर्थिक माहौल और निवेशकों की बढ़ती रुचि के बीच घरेलू सर्राफा बाजार में दोनों कीमती धातुओं के दाम मजबूत बने हुए हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत में 10 ग्राम पर 1,022 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इस तेजी के बाद 10 ग्राम सोने का भाव बढ़कर 1.43 लाख रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं चांदी की कीमत में भी मजबूती देखने को मिली और एक किलो चांदी 1,752 रुपये महंगी होकर करीब 2.23 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई। पिछले कुछ समय से सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले बदलाव, डॉलर की चाल, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और निवेशकों का रुझान घरेलू बाजार की कीमतों को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में हर कारोबारी दिन सोने और चांदी के दाम नए स्तर पर पहुंचते दिखाई दे रहे हैं। गुरुवार को आई तेजी ने एक बार फिर निवेशकों और खरीदारों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक सोने की कीमत में लगभग 10 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है। 31 दिसंबर 2025 को 24 कैरेट सोना करीब 1.33 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास था। इसके बाद से लगातार बढ़ोतरी का दौर जारी रहा और अब इसका भाव 1.43 लाख रुपये के स्तर तक पहुंच गया है। इससे यह साफ है कि साल के शुरुआती महीनों में सोने ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। हालांकि चांदी की कीमतों का रुख सोने से कुछ अलग रहा है। मौजूदा तेजी के बावजूद वर्ष 2025 के अंतिम कारोबारी दिन की तुलना में चांदी अभी भी करीब 7 हजार रुपये प्रति किलो सस्ती है। 31 दिसंबर 2025 को चांदी का भाव लगभग 2.30 लाख रुपये प्रति किलो था, जबकि वर्तमान में इसकी कीमत करीब 2.23 लाख रुपये प्रति किलो है। हालांकि हाल के दिनों में चांदी में भी लगातार तेजी देखने को मिल रही है, जिससे बाजार में इसकी मांग बनी हुई है।
इस वर्ष सोना और चांदी दोनों ने रिकॉर्ड स्तर भी छुए हैं। आंकड़ों के अनुसार 29 जनवरी 2026 को सोने की कीमत ने लगभग 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का ऑलटाइम हाई बनाया था। वहीं चांदी भी उसी अवधि में करीब 3.86 लाख रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थी। इसके बाद दोनों धातुओं में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी रहा और कीमतों में कई बार गिरावट और तेजी देखने को मिली। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के समय निवेशक सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में सोने की ओर अधिक आकर्षित होते हैं। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी भी आर्थिक या भू-राजनीतिक तनाव का असर सबसे पहले सोने की कीमतों पर दिखाई देता है। इसके अलावा केंद्रीय बैंकों की नीतियां, ब्याज दरों में बदलाव और विदेशी मुद्रा बाजार की गतिविधियां भी सोने और चांदी के भाव तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
यदि वैश्विक परिस्थितियां इसी तरह बनी रहीं तो आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हालांकि निवेशकों को किसी भी तरह का निवेश करने से पहले बाजार की स्थिति और विशेषज्ञों की राय पर ध्यान देना चाहिए। केवल कीमतों में तेजी देखकर जल्दबाजी में निर्णय लेना उचित नहीं माना जाता। ज्वेलरी खरीदने वाले ग्राहकों के लिए भी विशेषज्ञों ने कुछ महत्वपूर्ण सलाह दी है। सबसे पहले हमेशा भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की हॉलमार्किंग वाला प्रमाणित सोना ही खरीदना चाहिए। हॉलमार्क यह सुनिश्चित करता है कि खरीदा गया सोना निर्धारित शुद्धता का है। प्रत्येक हॉलमार्क वाले आभूषण पर एक विशिष्ट अल्फान्यूमेरिक कोड अंकित होता है, जिससे उसकी प्रमाणिकता की जांच की जा सकती है।
दूसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि खरीदारी से पहले सोने और चांदी की कीमतों का विभिन्न विश्वसनीय स्रोतों से मिलान जरूर कर लेना चाहिए। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन सहित अन्य मान्यता प्राप्त स्रोतों पर प्रतिदिन जारी होने वाले भाव देखकर ग्राहक सही कीमत का अनुमान लगा सकते हैं। इसके अलावा यह भी ध्यान रखना चाहिए कि 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमत अलग-अलग होती है। इसलिए आभूषण खरीदते समय उसकी शुद्धता और कैरेट की जानकारी अवश्य जांचनी चाहिए। त्योहारी सीजन और शादी-विवाह के मौसम में सोने और चांदी की मांग सामान्य दिनों की तुलना में अधिक रहती है। ऐसे समय कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर सीधे ग्राहकों के बजट पर पड़ता है।
