- Hindi News
- स्पोर्ट्स
- 13 मिनट में तीन गोल, मिस्र को हराकर अर्जेंटीना क्वार्टर फाइनल में पहुंचा
13 मिनट में तीन गोल, मिस्र को हराकर अर्जेंटीना क्वार्टर फाइनल में पहुंचा
स्पोर्ट्स डेस्क
दो गोल से पिछड़ने के बाद डिफेंडिंग चैंपियन की ऐतिहासिक वापसी, लियोनेल मेसी ने टूर्नामेंट का आठवां गोल दागा और अर्जेंटीना ने 3-2 से रोमांचक जीत दर्ज की।
डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना ने फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप में ऐसा शानदार प्रदर्शन किया, जिसकी चर्चा लंबे समय तक होगी। अटलांटा स्टेडियम में मंगलवार को खेले गए प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में अर्जेंटीना ने मिस्र को 3-2 से हराकर अंतिम आठ में जगह बना ली। मैच के 78वें मिनट तक अर्जेंटीना दो गोल से पीछे था और ऐसा लग रहा था कि मौजूदा विश्व चैंपियन का सफर यहीं समाप्त हो जाएगा। लेकिन अगले 13 मिनट में पूरी तस्वीर बदल गई। क्रिस्टियन रोमेरो, कप्तान लियोनेल मेसी और एंजो फर्नांडीज ने लगातार तीन गोल दागकर टीम को यादगार जीत दिला दी। विश्व कप इतिहास में यह पहला मौका भी बना, जब अर्जेंटीना दो गोल से पिछड़ने के बाद मुकाबला जीतने में सफल रहा।
.jpg)
मुकाबले की शुरुआत से ही मिस्र ने आक्रामक अंदाज अपनाया। टीम ने गेंद पर बेहतर नियंत्रण रखा और अर्जेंटीना के डिफेंस पर लगातार दबाव बनाया। इसका फायदा उसे 15वें मिनट में मिला, जब यासिर इब्राहिम ने शानदार मूव को गोल में बदलते हुए मिस्र को 1-0 की बढ़त दिला दी। शुरुआती झटके के बाद अर्जेंटीना ने वापसी की कोशिश की और कई हमले किए, लेकिन मिस्र के गोलकीपर मुस्तफा शौबीर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक के बाद एक बेहतरीन बचाव किए। पहले हाफ में अर्जेंटीना को बराबरी का सबसे बड़ा मौका 21वें मिनट में मिला, जब टीम को पेनाल्टी मिली। कप्तान लियोनेल मेसी गेंद लेकर आए, लेकिन शौबीर ने शानदार डाइव लगाकर उनका शॉट रोक दिया। पेनाल्टी चूकने के बाद मेसी और अर्जेंटीना के खिलाड़ी निराश दिखाई दिए, जबकि मिस्र का आत्मविश्वास और बढ़ गया।
.jpg)
दूसरे हाफ में भी मिस्र ने अपनी लय बरकरार रखी। 67वें मिनट में मुस्तफा जीको ने बेहतरीन मैदानी गोल कर स्कोर 2-0 कर दिया। इस गोल के बाद स्टेडियम में मौजूद मिस्र के समर्थकों का उत्साह चरम पर था। दूसरी ओर अर्जेंटीना के प्रशंसकों के चेहरे पर चिंता साफ दिखाई दे रही थी। 78 मिनट तक मिस्र पूरी तरह मुकाबले पर नियंत्रण बनाए हुए था और ऐसा लग रहा था कि वह बड़ी उलटफेर करने जा रहा है। लेकिन फुटबॉल में आखिरी सीटी बजने तक कुछ भी तय नहीं माना जाता। अर्जेंटीना ने भी यही साबित किया। 79वें मिनट में लियोनेल मेसी के शानदार क्रॉस पर क्रिस्टियन रोमेरो ने हेडर के जरिए गोल कर टीम की वापसी की शुरुआत की। इस गोल ने पूरे मैच का रुख बदल दिया। अर्जेंटीना के खिलाड़ियों में नया जोश भर गया और उन्होंने लगातार मिस्र के गोल पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। महज चार मिनट बाद 83वें मिनट में कप्तान मेसी ने शानदार फिनिश के साथ गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाकर स्कोर 2-2 कर दिया। स्टेडियम अर्जेंटीना समर्थकों की खुशी से गूंज उठा और मैच पूरी तरह खुल गया।
.jpg)
बराबरी के बाद दोनों टीमें जीत का गोल तलाशने लगीं, लेकिन निर्णायक पल इंजरी टाइम में आया। अतिरिक्त समय के तीसरे मिनट में लाउतारो मार्टिनेज के सटीक क्रॉस पर एंजो फर्नांडीज ने शानदार हेडर लगाया और गेंद सीधे गोलपोस्ट में पहुंच गई। इस गोल के साथ अर्जेंटीना ने 3-2 की बढ़त हासिल कर ली। यह गोल फीफा विश्व कप इतिहास का 3000वां गोल भी बन गया। अंतिम मिनटों में मिस्र ने बराबरी की पूरी कोशिश की, लेकिन अर्जेंटीना के डिफेंडरों ने कोई मौका नहीं दिया और अंतिम सीटी बजते ही खिलाड़ियों के साथ लाखों प्रशंसकों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
.jpg)
इस मुकाबले में कप्तान लियोनेल मेसी ने एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने टूर्नामेंट में अपना आठवां गोल दागा और गोल्डन बूट की दौड़ में शीर्ष स्थान पर पहुंच गए। इसके साथ ही विश्व कप में उनके कुल गोलों की संख्या 21 हो गई, जिससे वह टूर्नामेंट के सर्वकालिक सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बने हुए हैं। मेसी ने लगातार नौ अलग-अलग विश्व कप मुकाबलों में गोल करने का अपना ही रिकॉर्ड और मजबूत किया। मैच खत्म होने के बाद मेसी भावुक हो गए और मैदान पर ही उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े। साथी खिलाड़ियों ने उन्हें गले लगाया और जीत का जश्न पूरे मैदान में देखने को मिला।
.jpg)
अब अर्जेंटीना का सामना 12 जुलाई को क्वार्टर फाइनल में स्विट्जरलैंड से होगा। स्विट्जरलैंड ने 72 साल बाद पहली बार विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई है। दूसरी ओर मोरक्को लगातार दूसरे विश्व कप में नॉकआउट चरण तक पहुंचने वाली पहली अफ्रीकी टीम बन गई है। इस बार के क्वार्टर फाइनल में मोरक्को, बेल्जियम, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड जैसी टीमें भी शामिल हैं, जिन्होंने अब तक विश्व कप का खिताब नहीं जीता है। ऐसे में आगे का मुकाबला और भी रोमांचक होने की उम्मीद है। अर्जेंटीना की यह जीत केवल स्कोरलाइन की वजह से नहीं, बल्कि उसके संघर्ष, धैर्य और आखिरी मिनट तक हार नहीं मानने वाले जज्बे के कारण भी याद रखी जाएगी। दो गोल से पिछड़ने के बाद जिस तरह टीम ने 13 मिनट में तीन गोल कर इतिहास रचा, उसने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े टूर्नामेंट में अनुभव, आत्मविश्वास और टीम भावना किसी भी मैच का परिणाम बदल सकते हैं।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
13 मिनट में तीन गोल, मिस्र को हराकर अर्जेंटीना क्वार्टर फाइनल में पहुंचा
स्पोर्ट्स डेस्क
डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना ने फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप में ऐसा शानदार प्रदर्शन किया, जिसकी चर्चा लंबे समय तक होगी। अटलांटा स्टेडियम में मंगलवार को खेले गए प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में अर्जेंटीना ने मिस्र को 3-2 से हराकर अंतिम आठ में जगह बना ली। मैच के 78वें मिनट तक अर्जेंटीना दो गोल से पीछे था और ऐसा लग रहा था कि मौजूदा विश्व चैंपियन का सफर यहीं समाप्त हो जाएगा। लेकिन अगले 13 मिनट में पूरी तस्वीर बदल गई। क्रिस्टियन रोमेरो, कप्तान लियोनेल मेसी और एंजो फर्नांडीज ने लगातार तीन गोल दागकर टीम को यादगार जीत दिला दी। विश्व कप इतिहास में यह पहला मौका भी बना, जब अर्जेंटीना दो गोल से पिछड़ने के बाद मुकाबला जीतने में सफल रहा।
.jpg)
मुकाबले की शुरुआत से ही मिस्र ने आक्रामक अंदाज अपनाया। टीम ने गेंद पर बेहतर नियंत्रण रखा और अर्जेंटीना के डिफेंस पर लगातार दबाव बनाया। इसका फायदा उसे 15वें मिनट में मिला, जब यासिर इब्राहिम ने शानदार मूव को गोल में बदलते हुए मिस्र को 1-0 की बढ़त दिला दी। शुरुआती झटके के बाद अर्जेंटीना ने वापसी की कोशिश की और कई हमले किए, लेकिन मिस्र के गोलकीपर मुस्तफा शौबीर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक के बाद एक बेहतरीन बचाव किए। पहले हाफ में अर्जेंटीना को बराबरी का सबसे बड़ा मौका 21वें मिनट में मिला, जब टीम को पेनाल्टी मिली। कप्तान लियोनेल मेसी गेंद लेकर आए, लेकिन शौबीर ने शानदार डाइव लगाकर उनका शॉट रोक दिया। पेनाल्टी चूकने के बाद मेसी और अर्जेंटीना के खिलाड़ी निराश दिखाई दिए, जबकि मिस्र का आत्मविश्वास और बढ़ गया।
.jpg)
दूसरे हाफ में भी मिस्र ने अपनी लय बरकरार रखी। 67वें मिनट में मुस्तफा जीको ने बेहतरीन मैदानी गोल कर स्कोर 2-0 कर दिया। इस गोल के बाद स्टेडियम में मौजूद मिस्र के समर्थकों का उत्साह चरम पर था। दूसरी ओर अर्जेंटीना के प्रशंसकों के चेहरे पर चिंता साफ दिखाई दे रही थी। 78 मिनट तक मिस्र पूरी तरह मुकाबले पर नियंत्रण बनाए हुए था और ऐसा लग रहा था कि वह बड़ी उलटफेर करने जा रहा है। लेकिन फुटबॉल में आखिरी सीटी बजने तक कुछ भी तय नहीं माना जाता। अर्जेंटीना ने भी यही साबित किया। 79वें मिनट में लियोनेल मेसी के शानदार क्रॉस पर क्रिस्टियन रोमेरो ने हेडर के जरिए गोल कर टीम की वापसी की शुरुआत की। इस गोल ने पूरे मैच का रुख बदल दिया। अर्जेंटीना के खिलाड़ियों में नया जोश भर गया और उन्होंने लगातार मिस्र के गोल पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। महज चार मिनट बाद 83वें मिनट में कप्तान मेसी ने शानदार फिनिश के साथ गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाकर स्कोर 2-2 कर दिया। स्टेडियम अर्जेंटीना समर्थकों की खुशी से गूंज उठा और मैच पूरी तरह खुल गया।
.jpg)
बराबरी के बाद दोनों टीमें जीत का गोल तलाशने लगीं, लेकिन निर्णायक पल इंजरी टाइम में आया। अतिरिक्त समय के तीसरे मिनट में लाउतारो मार्टिनेज के सटीक क्रॉस पर एंजो फर्नांडीज ने शानदार हेडर लगाया और गेंद सीधे गोलपोस्ट में पहुंच गई। इस गोल के साथ अर्जेंटीना ने 3-2 की बढ़त हासिल कर ली। यह गोल फीफा विश्व कप इतिहास का 3000वां गोल भी बन गया। अंतिम मिनटों में मिस्र ने बराबरी की पूरी कोशिश की, लेकिन अर्जेंटीना के डिफेंडरों ने कोई मौका नहीं दिया और अंतिम सीटी बजते ही खिलाड़ियों के साथ लाखों प्रशंसकों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
.jpg)
इस मुकाबले में कप्तान लियोनेल मेसी ने एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने टूर्नामेंट में अपना आठवां गोल दागा और गोल्डन बूट की दौड़ में शीर्ष स्थान पर पहुंच गए। इसके साथ ही विश्व कप में उनके कुल गोलों की संख्या 21 हो गई, जिससे वह टूर्नामेंट के सर्वकालिक सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बने हुए हैं। मेसी ने लगातार नौ अलग-अलग विश्व कप मुकाबलों में गोल करने का अपना ही रिकॉर्ड और मजबूत किया। मैच खत्म होने के बाद मेसी भावुक हो गए और मैदान पर ही उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े। साथी खिलाड़ियों ने उन्हें गले लगाया और जीत का जश्न पूरे मैदान में देखने को मिला।
.jpg)
अब अर्जेंटीना का सामना 12 जुलाई को क्वार्टर फाइनल में स्विट्जरलैंड से होगा। स्विट्जरलैंड ने 72 साल बाद पहली बार विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई है। दूसरी ओर मोरक्को लगातार दूसरे विश्व कप में नॉकआउट चरण तक पहुंचने वाली पहली अफ्रीकी टीम बन गई है। इस बार के क्वार्टर फाइनल में मोरक्को, बेल्जियम, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड जैसी टीमें भी शामिल हैं, जिन्होंने अब तक विश्व कप का खिताब नहीं जीता है। ऐसे में आगे का मुकाबला और भी रोमांचक होने की उम्मीद है। अर्जेंटीना की यह जीत केवल स्कोरलाइन की वजह से नहीं, बल्कि उसके संघर्ष, धैर्य और आखिरी मिनट तक हार नहीं मानने वाले जज्बे के कारण भी याद रखी जाएगी। दो गोल से पिछड़ने के बाद जिस तरह टीम ने 13 मिनट में तीन गोल कर इतिहास रचा, उसने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े टूर्नामेंट में अनुभव, आत्मविश्वास और टीम भावना किसी भी मैच का परिणाम बदल सकते हैं।
