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अपने ही देश के टूर्नामेंट को 'बॉयकॉट' करेंगे इंग्लैंड के क्रिकेटर्स? हो सकता है बड़ा बवाल
Sports Desk
इंग्लैंड के कई खिलाड़ी अपने ही देश की लीग का विरोध करने का विचार कर रहे हैं. तो आइए जानते हैं कि क्यों इंग्लिश खिलाड़ियों को ऐसा कदम उठाना पड़ सकता है.
इंग्लैंड के क्रिकेटर्स अपने ही देश के टूर्नामेंट को बॉयकॉट करने का विचार कर रहे हैं. यह बॉयकॉट इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड की नो ऑब्जेक्शन पॉलिसी में बदलाव के विरोध में हो सकता है. खिलाड़ियों को किसी लीग में हिस्सा लेने के लिए बोर्ड से एनओसी (No Objection Certificate) लेने के जरूरत होती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंग्लिश बोर्ड एनओसी जारी करने की नीति में बदलाव कर रहा है.
'द टेलिग्राफ' की रिपोर्ट के अनुसार, इंग्लैंड बोर्ड ने पिछले हफ्ते उन लीग के लिए खिलाड़ियों की एनओसी जारी नहीं करने का फैसला किया, जिनकी तारीखों का टकराव डोमेस्टिक सीजन के साथ हो रहा है. हालांकि इसमें उन खिलाड़ियों को राहत मिलेगी, जिनके पास काउंटी टीमों से सिर्फ सीमित ओवरों के क्रिकेट का कॉन्ट्रैक्ट है.
रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र किया गया कि इंग्लैंड बोर्ड की एनओसी जारी नहीं करने की पॉलिसी में इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल शामिल नहीं है. आईपीएल खेलने के लिए इंग्लिश प्लेयर्स को एनओसी में किसी भी तरह की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा. वहीं इंग्लैंड के खिलाड़ियों को पाकिस्तान सुपर लीग यानी पीएसएल खेलने के लिए मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है.
रिपोर्ट में बताया गया कि अगले साल घरेलू सीजन में टकराने वाली लीग में कनाडा की ग्लोबल टी20 लीग, लंका प्रीमियर लीग, मेजर लीग क्रिकेट (अमेरिका) और कैरेबियन प्रीमियर लीग भी शामिल है.
50 खिलाड़ी कर सकते हैं बॉयकॉट
रिपोर्ट आगे कहा गया कि बोर्ड की नीति को देखते हुए इंग्लैंड के 50 क्रिकेटर्स का एक ग्रुप द हंड्रेड को बॉयकॉट करने का विचार कर रहा है. अब देखना दिलचस्प होगा कि अगर बॉयकॉट होता है, तो फिर उसके बाद क्या फैसला निकलता है.
न्यूजीलैंड दौरे पर इंग्लैंड
बता दें कि इंग्लैंड की टीम इन दिनों न्यूजीलैंड दौरे पर मौजूद है. दोनों के बीच तीन मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जा रही है. सीरीज के पहले टेस्ट में इंग्लैंड ने जीत दर्ज की. वहीं दूसरा टेस्ट प्रगति पर है.
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अपने ही देश के टूर्नामेंट को 'बॉयकॉट' करेंगे इंग्लैंड के क्रिकेटर्स? हो सकता है बड़ा बवाल
Sports Desk
इंग्लैंड के क्रिकेटर्स अपने ही देश के टूर्नामेंट को बॉयकॉट करने का विचार कर रहे हैं. यह बॉयकॉट इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड की नो ऑब्जेक्शन पॉलिसी में बदलाव के विरोध में हो सकता है. खिलाड़ियों को किसी लीग में हिस्सा लेने के लिए बोर्ड से एनओसी (No Objection Certificate) लेने के जरूरत होती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंग्लिश बोर्ड एनओसी जारी करने की नीति में बदलाव कर रहा है.
'द टेलिग्राफ' की रिपोर्ट के अनुसार, इंग्लैंड बोर्ड ने पिछले हफ्ते उन लीग के लिए खिलाड़ियों की एनओसी जारी नहीं करने का फैसला किया, जिनकी तारीखों का टकराव डोमेस्टिक सीजन के साथ हो रहा है. हालांकि इसमें उन खिलाड़ियों को राहत मिलेगी, जिनके पास काउंटी टीमों से सिर्फ सीमित ओवरों के क्रिकेट का कॉन्ट्रैक्ट है.
रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र किया गया कि इंग्लैंड बोर्ड की एनओसी जारी नहीं करने की पॉलिसी में इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल शामिल नहीं है. आईपीएल खेलने के लिए इंग्लिश प्लेयर्स को एनओसी में किसी भी तरह की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा. वहीं इंग्लैंड के खिलाड़ियों को पाकिस्तान सुपर लीग यानी पीएसएल खेलने के लिए मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है.
रिपोर्ट में बताया गया कि अगले साल घरेलू सीजन में टकराने वाली लीग में कनाडा की ग्लोबल टी20 लीग, लंका प्रीमियर लीग, मेजर लीग क्रिकेट (अमेरिका) और कैरेबियन प्रीमियर लीग भी शामिल है.
50 खिलाड़ी कर सकते हैं बॉयकॉट
रिपोर्ट आगे कहा गया कि बोर्ड की नीति को देखते हुए इंग्लैंड के 50 क्रिकेटर्स का एक ग्रुप द हंड्रेड को बॉयकॉट करने का विचार कर रहा है. अब देखना दिलचस्प होगा कि अगर बॉयकॉट होता है, तो फिर उसके बाद क्या फैसला निकलता है.
न्यूजीलैंड दौरे पर इंग्लैंड
बता दें कि इंग्लैंड की टीम इन दिनों न्यूजीलैंड दौरे पर मौजूद है. दोनों के बीच तीन मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जा रही है. सीरीज के पहले टेस्ट में इंग्लैंड ने जीत दर्ज की. वहीं दूसरा टेस्ट प्रगति पर है.
