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275 रुपये के खाने पर करती ट्रेनिंग, 150 किलो उठाकर भारत को दिलाया गोल्ड
Sports
कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2025 में ओडिशा की बेटी प्रीतिस्मिता भोई ने इतिहास रच दिया है। महज 15 साल की उम्र में उन्होंने 44 किलो वेट कैटेगिरी में 150 किलो वजन उठाकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
प्रीतिस्मिता ने स्नैच में 63 किलो और क्लीन एंड जर्क में 87 किलो उठाते हुए कुल 150 किलो का रिकॉर्ड बनाया। इस शानदार प्रदर्शन से उन्होंने भारत का परचम लहराया।
संघर्ष से चमक तक का सफर
प्रीतिस्मिता भोई का जन्म 14 नवंबर 2008 को ओडिशा के ढेंकानल जिले में हुआ। मात्र दो साल की उम्र में ही उनके पिता का निधन हो गया था। इसके बाद मां जमुना देवी ने अपनी दोनों बेटियों को पाला-पोसा। कठिन परिस्थितियों में भी उनकी मां ने बेटियों का हौसला कभी टूटने नहीं दिया।
उनके खेल करियर की नींव कोच गोपाल कृष्णा दास ने रखी। ओडिशा सरकार ने भी मदद का हाथ बढ़ाते हुए गोपाल दास के वेटलिफ्टिंग सेंटर को सब-सेंटर का दर्जा दिया और खिलाड़ियों को खाने के लिए हर दिन 275 रुपये की सुविधा दी। इसी समर्थन ने प्रीतिस्मिता की जिंदगी बदल दी।
मेडल जीतने की आदत
प्रीतिस्मिता भोई 2023 से लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही हैं।
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IWLF नेशनल यूथ चैंपियनशिप 2023 – तीसरा स्थान
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खेलो इंडिया नेशनल वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप, पटना – सिल्वर मेडल
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यूथ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2024, पेरू – गोल्ड मेडल
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और अब कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप 2025 – गोल्ड मेडल
महज 15 साल की उम्र में उनकी इस सफलता ने उन्हें देशभर में नई पहचान दिला दी है।
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275 रुपये के खाने पर करती ट्रेनिंग, 150 किलो उठाकर भारत को दिलाया गोल्ड
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प्रीतिस्मिता ने स्नैच में 63 किलो और क्लीन एंड जर्क में 87 किलो उठाते हुए कुल 150 किलो का रिकॉर्ड बनाया। इस शानदार प्रदर्शन से उन्होंने भारत का परचम लहराया।
संघर्ष से चमक तक का सफर
प्रीतिस्मिता भोई का जन्म 14 नवंबर 2008 को ओडिशा के ढेंकानल जिले में हुआ। मात्र दो साल की उम्र में ही उनके पिता का निधन हो गया था। इसके बाद मां जमुना देवी ने अपनी दोनों बेटियों को पाला-पोसा। कठिन परिस्थितियों में भी उनकी मां ने बेटियों का हौसला कभी टूटने नहीं दिया।
उनके खेल करियर की नींव कोच गोपाल कृष्णा दास ने रखी। ओडिशा सरकार ने भी मदद का हाथ बढ़ाते हुए गोपाल दास के वेटलिफ्टिंग सेंटर को सब-सेंटर का दर्जा दिया और खिलाड़ियों को खाने के लिए हर दिन 275 रुपये की सुविधा दी। इसी समर्थन ने प्रीतिस्मिता की जिंदगी बदल दी।
मेडल जीतने की आदत
प्रीतिस्मिता भोई 2023 से लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही हैं।
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IWLF नेशनल यूथ चैंपियनशिप 2023 – तीसरा स्थान
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खेलो इंडिया नेशनल वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप, पटना – सिल्वर मेडल
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यूथ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2024, पेरू – गोल्ड मेडल
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और अब कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप 2025 – गोल्ड मेडल
महज 15 साल की उम्र में उनकी इस सफलता ने उन्हें देशभर में नई पहचान दिला दी है।
