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IPL क्रिकेटर शशांक सिंह और उनके पिता पर भोपाल में FIR, कुक से मारपीट का आरोप
स्पोर्ट्स डेस्क
भोपाल के रातीबड़ थाने में दर्ज मामले में कुक ने मारपीट, गाली-गलौज और जबरन काम कराने के आरोप लगाए, पुलिस ने जांच शुरू की।
भोपाल में आईपीएल क्रिकेटर शशांक सिंह और उनके पिता, मध्यप्रदेश पुलिस के सेवानिवृत्त स्पेशल डीजी शैलेष सिंह के खिलाफ मारपीट और गाली-गलौज के आरोपों में मामला दर्ज किया गया है। रातीबड़ थाना पुलिस ने एक कुक की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि खाना पसंद नहीं आने पर उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया, मारपीट की गई और उसका मोबाइल भी छीन लिया गया। घटना के बाद शिकायतकर्ता का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह रोते हुए अपने साथ हुई कथित घटना की जानकारी देता दिखाई दे रहा है। हालांकि मामले में आरोपों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है और अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया है। शिकायतकर्ता विपेंद्र सिंह तोमर, जो रीवा जिले के रहने वाले हैं, ने पुलिस को बताया कि उन्हें परिचित मोहित सिंह सेंगर के माध्यम से भोपाल बुलाया गया था। उनके अनुसार उन्हें बताया गया था कि शैलेष सिंह के यहां खाना बनाने का काम करना होगा और भविष्य में सरकारी नौकरी दिलाने में भी मदद की जाएगी। उन्होंने बताया कि 15 हजार रुपये मासिक वेतन के साथ रहने और खाने की व्यवस्था का आश्वासन दिया गया था। इसी भरोसे पर वे भोपाल पहुंचे और नीलबड़ स्थित आवास पर काम शुरू किया।
विपेंद्र सिंह का आरोप है कि काम शुरू करने के कुछ ही घंटों बाद लगातार काम कराया जाने लगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि घर में पहले से काम कर रहे दूसरे कुक के साथ भी गाली-गलौज की जा रही थी। शिकायतकर्ता के अनुसार जब उन्होंने यह माहौल देखकर काम छोड़ने की इच्छा जताई तो उनसे कथित रूप से कहा गया कि यदि काम नहीं करना था तो यहां आए क्यों। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी दौरान उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया और उन्हें काम जारी रखने के लिए मजबूर किया गया। शिकायत में आगे कहा गया है कि डर के कारण उन्होंने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया था। आरोप है कि इसके बाद शैलेष सिंह, उनके बेटे शशांक सिंह और एक ड्राइवर कमरे तक पहुंचे और उनके साथ मारपीट की। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस घटना में उन्हें चेहरे और शरीर पर चोटें आईं। बाद में उन्होंने अपने शरीर पर चोटों के निशान भी दिखाए और एक वीडियो जारी कर पूरी घटना का दावा किया। वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया। रातीबड़ थाना पुलिस ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मामले की प्रारंभिक जांच की गई। फरियादी और गवाहों के बयान दर्ज किए गए तथा उपलब्ध तथ्यों के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस के अनुसार शैलेष सिंह, शशांक सिंह और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296(बी), 115(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
यह पहला अवसर नहीं है जब शैलेष सिंह के खिलाफ इस तरह के आरोप सामने आए हैं। इससे पहले मई 2026 में विदिशा जिले के गंजबासौदा निवासी राजीव विश्वकर्मा ने भी उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उस शिकायत में आरोप लगाया गया था कि नौकरी के दौरान उन्हें घर में बंधक बनाकर रखा गया, मारपीट की गई और उनका मोबाइल तथा बैग छीन लिया गया। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया था कि नौकरी छोड़ने की बात करने पर उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी गई थी। हालांकि उस मामले की जांच और परिणाम अलग कानूनी प्रक्रिया के अधीन हैं। दूसरी ओर, शशांक सिंह क्रिकेट जगत का जाना-पहचाना नाम हैं। उन्होंने अपने आईपीएल करियर की शुरुआत दिल्ली कैपिटल्स, राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद जैसी टीमों के साथ की थी, लेकिन शुरुआती वर्षों में उन्हें ज्यादा अवसर नहीं मिले। वर्ष 2024 में पंजाब किंग्स के लिए शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें पहचान मिली। इसके बाद फ्रेंचाइजी ने उन्हें लगातार दो सीजन के लिए रिटेन किया। हालांकि 2026 का आईपीएल सीजन उनके लिए अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा और वे सीमित रन ही बना सके। क्रिकेट मैदान पर प्रदर्शन और अब इस कानूनी मामले के कारण शशांक सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हालांकि यह स्पष्ट करना जरूरी है कि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर में लगाए गए आरोपों की पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी। भारतीय कानून के अनुसार किसी भी आरोपी को तब तक दोषी नहीं माना जाता, जब तक अदालत में आरोप सिद्ध न हो जाएं।
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IPL क्रिकेटर शशांक सिंह और उनके पिता पर भोपाल में FIR, कुक से मारपीट का आरोप
स्पोर्ट्स डेस्क
भोपाल में आईपीएल क्रिकेटर शशांक सिंह और उनके पिता, मध्यप्रदेश पुलिस के सेवानिवृत्त स्पेशल डीजी शैलेष सिंह के खिलाफ मारपीट और गाली-गलौज के आरोपों में मामला दर्ज किया गया है। रातीबड़ थाना पुलिस ने एक कुक की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि खाना पसंद नहीं आने पर उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया, मारपीट की गई और उसका मोबाइल भी छीन लिया गया। घटना के बाद शिकायतकर्ता का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह रोते हुए अपने साथ हुई कथित घटना की जानकारी देता दिखाई दे रहा है। हालांकि मामले में आरोपों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है और अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया है। शिकायतकर्ता विपेंद्र सिंह तोमर, जो रीवा जिले के रहने वाले हैं, ने पुलिस को बताया कि उन्हें परिचित मोहित सिंह सेंगर के माध्यम से भोपाल बुलाया गया था। उनके अनुसार उन्हें बताया गया था कि शैलेष सिंह के यहां खाना बनाने का काम करना होगा और भविष्य में सरकारी नौकरी दिलाने में भी मदद की जाएगी। उन्होंने बताया कि 15 हजार रुपये मासिक वेतन के साथ रहने और खाने की व्यवस्था का आश्वासन दिया गया था। इसी भरोसे पर वे भोपाल पहुंचे और नीलबड़ स्थित आवास पर काम शुरू किया।
विपेंद्र सिंह का आरोप है कि काम शुरू करने के कुछ ही घंटों बाद लगातार काम कराया जाने लगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि घर में पहले से काम कर रहे दूसरे कुक के साथ भी गाली-गलौज की जा रही थी। शिकायतकर्ता के अनुसार जब उन्होंने यह माहौल देखकर काम छोड़ने की इच्छा जताई तो उनसे कथित रूप से कहा गया कि यदि काम नहीं करना था तो यहां आए क्यों। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी दौरान उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया और उन्हें काम जारी रखने के लिए मजबूर किया गया। शिकायत में आगे कहा गया है कि डर के कारण उन्होंने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया था। आरोप है कि इसके बाद शैलेष सिंह, उनके बेटे शशांक सिंह और एक ड्राइवर कमरे तक पहुंचे और उनके साथ मारपीट की। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस घटना में उन्हें चेहरे और शरीर पर चोटें आईं। बाद में उन्होंने अपने शरीर पर चोटों के निशान भी दिखाए और एक वीडियो जारी कर पूरी घटना का दावा किया। वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया। रातीबड़ थाना पुलिस ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मामले की प्रारंभिक जांच की गई। फरियादी और गवाहों के बयान दर्ज किए गए तथा उपलब्ध तथ्यों के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस के अनुसार शैलेष सिंह, शशांक सिंह और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296(बी), 115(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
यह पहला अवसर नहीं है जब शैलेष सिंह के खिलाफ इस तरह के आरोप सामने आए हैं। इससे पहले मई 2026 में विदिशा जिले के गंजबासौदा निवासी राजीव विश्वकर्मा ने भी उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उस शिकायत में आरोप लगाया गया था कि नौकरी के दौरान उन्हें घर में बंधक बनाकर रखा गया, मारपीट की गई और उनका मोबाइल तथा बैग छीन लिया गया। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया था कि नौकरी छोड़ने की बात करने पर उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी गई थी। हालांकि उस मामले की जांच और परिणाम अलग कानूनी प्रक्रिया के अधीन हैं। दूसरी ओर, शशांक सिंह क्रिकेट जगत का जाना-पहचाना नाम हैं। उन्होंने अपने आईपीएल करियर की शुरुआत दिल्ली कैपिटल्स, राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद जैसी टीमों के साथ की थी, लेकिन शुरुआती वर्षों में उन्हें ज्यादा अवसर नहीं मिले। वर्ष 2024 में पंजाब किंग्स के लिए शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें पहचान मिली। इसके बाद फ्रेंचाइजी ने उन्हें लगातार दो सीजन के लिए रिटेन किया। हालांकि 2026 का आईपीएल सीजन उनके लिए अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा और वे सीमित रन ही बना सके। क्रिकेट मैदान पर प्रदर्शन और अब इस कानूनी मामले के कारण शशांक सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हालांकि यह स्पष्ट करना जरूरी है कि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर में लगाए गए आरोपों की पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी। भारतीय कानून के अनुसार किसी भी आरोपी को तब तक दोषी नहीं माना जाता, जब तक अदालत में आरोप सिद्ध न हो जाएं।
