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वैभव सूर्यवंशी पर फिदा हुईं कंगना, गांगुली ने दी संभलकर खेलने की सलाह
स्पोर्ट्स डेस्क
भारतीय टीम में सबसे कम उम्र में चयन के बाद वैभव सूर्यवंशी की हर तरफ चर्चा, कंगना रनौत ने मांगा वर्ल्ड कप तो सौरव गांगुली ने इंग्लैंड दौरे को बताया बड़ी परीक्षा
भारतीय क्रिकेट में इन दिनों जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वह है बिहार के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी। महज 15 साल की उम्र में भारतीय टीम में जगह बनाकर उन्होंने न केवल इतिहास रचा है, बल्कि क्रिकेट प्रेमियों, पूर्व खिलाड़ियों और फिल्मी दुनिया की हस्तियों का भी ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। हाल ही में भारतीय टीम के लिए उनके चयन के बाद बधाइयों का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में बॉलीवुड अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने भी वैभव की खुलकर तारीफ की और उनसे भविष्य में भारत के लिए विश्व कप जीतने की उम्मीद जताई।
कंगना रनौत ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि उन्हें क्रिकेट देखने का ज्यादा समय नहीं मिलता, लेकिन वैभव सूर्यवंशी की उपलब्धियों के बारे में सुनकर वह काफी प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में इस स्तर तक पहुंचना आसान नहीं होता। कंगना ने मुस्कुराते हुए कहा कि वह चाहती हैं कि वैभव आगे चलकर सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली जैसे महान खिलाड़ियों की श्रेणी में शामिल हों। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “वर्ल्ड कप लेकर आओ यार”, जिसके बाद यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
जहां एक तरफ लोगों में वैभव को लेकर उत्साह दिखाई दे रहा है, वहीं भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने संतुलित नजरिया अपनाने की सलाह दी है। गांगुली का मानना है कि इतनी कम उम्र में किसी खिलाड़ी पर जरूरत से ज्यादा अपेक्षाओं का दबाव नहीं डालना चाहिए। उन्होंने कहा कि वैभव अभी केवल 15 साल के हैं और उन्हें स्वाभाविक तरीके से अपने खेल का आनंद लेने देना चाहिए। गांगुली ने कहा कि आईपीएल में भी उन्होंने बिना किसी दबाव के शानदार प्रदर्शन किया और यही उनकी सबसे बड़ी ताकत रही।
पूर्व भारतीय कप्तान ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का स्तर आईपीएल से अलग होता है। खासकर इंग्लैंड और आयरलैंड जैसे देशों के दौरे युवा बल्लेबाजों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं। उनके अनुसार वहां की पिचों पर गेंद अधिक सीम करती है, उछाल भी ज्यादा होती है और नई गेंद लंबे समय तक मूव करती रहती है। ऐसे में वैभव को तकनीकी रूप से और अधिक सावधानी बरतनी होगी। हालांकि गांगुली ने यह भी माना कि वैभव में असाधारण प्रतिभा है और यदि उन्हें सही मार्गदर्शन मिला तो वह लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट की सेवा कर सकते हैं।
वैभव सूर्यवंशी का भारतीय टीम में चयन अपने आप में ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। वह भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के लिए चुने जाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। सचिन का चयन 16 साल 194 दिन की उम्र में हुआ था, जबकि वैभव को 15 साल 71 दिन की उम्र में राष्ट्रीय टीम में जगह मिली है। जून-जुलाई में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली टी-20 सीरीज तथा आगामी एशियन गेम्स के लिए उनका चयन किया गया है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव को यह अवसर उनके शानदार आईपीएल प्रदर्शन की बदौलत मिला है। पूरे सीजन में उन्होंने जिस तरह बल्लेबाजी की, उसने चयनकर्ताओं को प्रभावित किया। उन्होंने न केवल सबसे ज्यादा रन बनाए बल्कि कई बड़े रिकॉर्ड भी अपने नाम किए। यही कारण रहा कि उन्हें इस सीजन का ऑरेंज कैप विजेता घोषित किया गया।
महज 15 साल की उम्र में वैभव ने आईपीएल फाइनल के बाद पांच बड़े पुरस्कार अपने नाम किए। उन्हें ऑरेंज कैप के अलावा इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन, मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर, सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन और मोस्ट सिक्सेज का अवॉर्ड मिला। इन पुरस्कारों के साथ उन्होंने लाखों रुपये की इनामी राशि भी हासिल की। उनके प्रदर्शन ने क्रिकेट जगत को यह संकेत दे दिया कि भारतीय क्रिकेट को एक नया सितारा मिल चुका है।
इस सीजन वैभव ने 16 मैचों में 776 रन बनाए और ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। उन्होंने एक शतक और पांच अर्धशतक भी लगाए। इसके अलावा उनका स्ट्राइक रेट 237 से अधिक रहा, जो इस स्तर पर बेहद असाधारण माना जाता है। बल्लेबाजी के दौरान उनका आत्मविश्वास और आक्रामकता क्रिकेट प्रशंसकों को खास तौर पर पसंद आई।
वैभव ने एक आईपीएल सीजन में सबसे ज्यादा 72 छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी बनाया। इससे पहले यह रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के विस्फोटक बल्लेबाज क्रिस गेल के नाम था। इसके अलावा उन्होंने पावरप्ले में 500 से ज्यादा रन बनाकर एक और नया कीर्तिमान स्थापित किया। आईपीएल इतिहास में इससे पहले कोई बल्लेबाज ऐसा नहीं कर पाया था। उनकी उपलब्धियां यहीं नहीं रुकीं। वैभव सबसे कम पारियों में 1000 आईपीएल रन पूरे करने वाले भारतीय बल्लेबाज भी बन गए। इसके अलावा प्लेऑफ मुकाबलों में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी उन्होंने अपने नाम किया। इन आंकड़ों ने यह साबित कर दिया कि उनका चयन किसी एक अच्छी पारी का परिणाम नहीं, बल्कि लगातार शानदार प्रदर्शन का नतीजा है।
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वैभव सूर्यवंशी पर फिदा हुईं कंगना, गांगुली ने दी संभलकर खेलने की सलाह
स्पोर्ट्स डेस्क
भारतीय क्रिकेट में इन दिनों जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वह है बिहार के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी। महज 15 साल की उम्र में भारतीय टीम में जगह बनाकर उन्होंने न केवल इतिहास रचा है, बल्कि क्रिकेट प्रेमियों, पूर्व खिलाड़ियों और फिल्मी दुनिया की हस्तियों का भी ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। हाल ही में भारतीय टीम के लिए उनके चयन के बाद बधाइयों का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में बॉलीवुड अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने भी वैभव की खुलकर तारीफ की और उनसे भविष्य में भारत के लिए विश्व कप जीतने की उम्मीद जताई।
कंगना रनौत ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि उन्हें क्रिकेट देखने का ज्यादा समय नहीं मिलता, लेकिन वैभव सूर्यवंशी की उपलब्धियों के बारे में सुनकर वह काफी प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में इस स्तर तक पहुंचना आसान नहीं होता। कंगना ने मुस्कुराते हुए कहा कि वह चाहती हैं कि वैभव आगे चलकर सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली जैसे महान खिलाड़ियों की श्रेणी में शामिल हों। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “वर्ल्ड कप लेकर आओ यार”, जिसके बाद यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
जहां एक तरफ लोगों में वैभव को लेकर उत्साह दिखाई दे रहा है, वहीं भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने संतुलित नजरिया अपनाने की सलाह दी है। गांगुली का मानना है कि इतनी कम उम्र में किसी खिलाड़ी पर जरूरत से ज्यादा अपेक्षाओं का दबाव नहीं डालना चाहिए। उन्होंने कहा कि वैभव अभी केवल 15 साल के हैं और उन्हें स्वाभाविक तरीके से अपने खेल का आनंद लेने देना चाहिए। गांगुली ने कहा कि आईपीएल में भी उन्होंने बिना किसी दबाव के शानदार प्रदर्शन किया और यही उनकी सबसे बड़ी ताकत रही।
पूर्व भारतीय कप्तान ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का स्तर आईपीएल से अलग होता है। खासकर इंग्लैंड और आयरलैंड जैसे देशों के दौरे युवा बल्लेबाजों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं। उनके अनुसार वहां की पिचों पर गेंद अधिक सीम करती है, उछाल भी ज्यादा होती है और नई गेंद लंबे समय तक मूव करती रहती है। ऐसे में वैभव को तकनीकी रूप से और अधिक सावधानी बरतनी होगी। हालांकि गांगुली ने यह भी माना कि वैभव में असाधारण प्रतिभा है और यदि उन्हें सही मार्गदर्शन मिला तो वह लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट की सेवा कर सकते हैं।
वैभव सूर्यवंशी का भारतीय टीम में चयन अपने आप में ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। वह भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के लिए चुने जाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। सचिन का चयन 16 साल 194 दिन की उम्र में हुआ था, जबकि वैभव को 15 साल 71 दिन की उम्र में राष्ट्रीय टीम में जगह मिली है। जून-जुलाई में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली टी-20 सीरीज तथा आगामी एशियन गेम्स के लिए उनका चयन किया गया है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव को यह अवसर उनके शानदार आईपीएल प्रदर्शन की बदौलत मिला है। पूरे सीजन में उन्होंने जिस तरह बल्लेबाजी की, उसने चयनकर्ताओं को प्रभावित किया। उन्होंने न केवल सबसे ज्यादा रन बनाए बल्कि कई बड़े रिकॉर्ड भी अपने नाम किए। यही कारण रहा कि उन्हें इस सीजन का ऑरेंज कैप विजेता घोषित किया गया।
महज 15 साल की उम्र में वैभव ने आईपीएल फाइनल के बाद पांच बड़े पुरस्कार अपने नाम किए। उन्हें ऑरेंज कैप के अलावा इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन, मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर, सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन और मोस्ट सिक्सेज का अवॉर्ड मिला। इन पुरस्कारों के साथ उन्होंने लाखों रुपये की इनामी राशि भी हासिल की। उनके प्रदर्शन ने क्रिकेट जगत को यह संकेत दे दिया कि भारतीय क्रिकेट को एक नया सितारा मिल चुका है।
इस सीजन वैभव ने 16 मैचों में 776 रन बनाए और ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। उन्होंने एक शतक और पांच अर्धशतक भी लगाए। इसके अलावा उनका स्ट्राइक रेट 237 से अधिक रहा, जो इस स्तर पर बेहद असाधारण माना जाता है। बल्लेबाजी के दौरान उनका आत्मविश्वास और आक्रामकता क्रिकेट प्रशंसकों को खास तौर पर पसंद आई।
वैभव ने एक आईपीएल सीजन में सबसे ज्यादा 72 छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी बनाया। इससे पहले यह रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के विस्फोटक बल्लेबाज क्रिस गेल के नाम था। इसके अलावा उन्होंने पावरप्ले में 500 से ज्यादा रन बनाकर एक और नया कीर्तिमान स्थापित किया। आईपीएल इतिहास में इससे पहले कोई बल्लेबाज ऐसा नहीं कर पाया था। उनकी उपलब्धियां यहीं नहीं रुकीं। वैभव सबसे कम पारियों में 1000 आईपीएल रन पूरे करने वाले भारतीय बल्लेबाज भी बन गए। इसके अलावा प्लेऑफ मुकाबलों में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी उन्होंने अपने नाम किया। इन आंकड़ों ने यह साबित कर दिया कि उनका चयन किसी एक अच्छी पारी का परिणाम नहीं, बल्कि लगातार शानदार प्रदर्शन का नतीजा है।
