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रोहित शर्मा के पास अब सिर्फ 6 मौके, नहीं चला बल्ला तो क्या करेंगे भारतीय कप्तान?
Sports Desk
इस पर यकीन करना मुश्किल है कि करीब एक साल पहले जो भारत के बेस्ट टेस्ट बल्लेबाज थे, 6 महीने पहले भारत के बेस्ट इन-फॉर्म व्हाइट बॉल बल्लेबाज थे, वही रोहित शर्मा अब बुरी तरह जूझ रहे हैं और अपने करियर को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं.
करीब 6 महीने पहले शायद ही किसी ने सोचा होगा कि आने वाला वक्त रोहित शर्मा के लिए अपना करियर बचाने की मशक्कत साबित होगा. टीम इंडिया के सबसे सफल बल्लेबाजों में से एक रोहित इस वक्त इसी संकट से जूझ रहे हैं, जहां इस वक्त वो लगातार मात खाते हुए दिख रहे हैं. टेस्ट क्रिकेट में हालिया नाकामी से उबरने के लिए रणजी ट्रॉफी में उतरे रोहित को यहां भी उन्हें निराशा हाथ लगी. इस एक नाकामी के बाद अब रोहित के पास बस बमुश्किल 5-6 मौके ही रह गए हैं, जिसके बाद जवाब देना मुश्किल हो जाएगा.
रणजी ट्रॉफी की पहली पारी में फेल
न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में कई बल्लेबाजों समेत कप्तान रोहित भी बुरी तरह फेल हुए थे. ऑस्ट्रेलिया दौरे पर तो वो 5 पारियों में सिर्फ 31 रन ही बना सके थे. ऐसे में टेस्ट क्रिकेट में उनकी जगह पर सवाल उठने लगे हैं. रोहित ने भले ही कहा हो कि उनका करियर अभी खत्म नहीं हुआ लेकिन हालात फिलहाल उनके पक्ष में नहीं हैं. इन हालातों को ही अपनी ओर झुकाने के लिए उन्होंने करीब 10 साल बाद रणजी ट्रॉफी मैच खेला लेकिन पहली कोशिश में बात नहीं बन पाई.
मुंबई के बीकेसी मैदान पर गुरुवार 23 जनवरी से शुरू हुए मुंबई और जम्मू-कश्मीर के मुकाबले में रोहित 19 गेंदों का सामना कर सिर्फ 3 रन बनाकर आउट हो गए. जिस तरह ऑस्ट्रेलिया में एक पुल शॉट को सही से खेल पाने के कारण वो सर्किल में ही कैच दे बैठे थे, बिल्कुल उसी तरह यहां भी रोहित ने विकेट गंवाया. मेलबर्न में तो उनके सामने पैट कमिंस जैसा दिग्गज गेंदबाज था लेकिन यहां तो उमर नजीर नाम का अनजान पेसर था, जो अब रातों-रात मशहूर हो गया है.
रोहित के पास अब सिर्फ 6 मौके
ताजा हालात देखकर यकीन करना मुश्किल है कि करीब 10-11 महीने पहले इसी बल्लेबाज ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 2 शतक लगाए थे. फिर टी20 वर्ल्ड कप में दमदार कप्तानी के साथ ही विस्फोटक बल्लेबाजी से उन्होंने टीम को वर्ल्ड चैंपियन बनाया था. फिर जुलाई में श्रीलंका दौरे पर वनडे सीरीज में जब बाकी बल्लेबाजों ने सरेंडर किया, तब रोहित ही रन बना रहे थे. मगर पिछले 6 महीनों में वो हर मोर्चे पर नाकाम रहे हैं.
रणजी ट्रॉफी मैच की पहली पारी में फेल होने के बाद अब रोहित के पास ज्यादा से ज्यादा 6 मौके बचे हैं, जहां उन्हें अपनी लय हासिल करनी होगी. फिलहाल उनके पास इस मुकाबले की दूसरी पारी है, जिसमें उनकी बैटिंग आना फिलहाल तय दिख रहा है. इसके बाद 30 जनवरी से एक और रणजी मैच है. अगर रोहित वो भी खेलते हैं तो उसमें भी 2 पारियों में बैटिंग मिल सकती है. इसके बाद उनके पास इंग्लैंड के खिलाफ 3 वनडे मैच भी हैं. रोहित अगर इन 6 पारियों में बड़े स्कोर कर कुछ लय हासिल करते हैं तो चैंपियंस ट्रॉफी से पहले उन्हें और टीम को राहत मिल सकती हैं. अगर ऐसा नहीं हुआ तो चैंपियंस ट्रॉफी टीम इंडिया के साथ उनका आखिरी टूर्नामेंट हो सकता है.
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रोहित शर्मा के पास अब सिर्फ 6 मौके, नहीं चला बल्ला तो क्या करेंगे भारतीय कप्तान?
Sports Desk
करीब 6 महीने पहले शायद ही किसी ने सोचा होगा कि आने वाला वक्त रोहित शर्मा के लिए अपना करियर बचाने की मशक्कत साबित होगा. टीम इंडिया के सबसे सफल बल्लेबाजों में से एक रोहित इस वक्त इसी संकट से जूझ रहे हैं, जहां इस वक्त वो लगातार मात खाते हुए दिख रहे हैं. टेस्ट क्रिकेट में हालिया नाकामी से उबरने के लिए रणजी ट्रॉफी में उतरे रोहित को यहां भी उन्हें निराशा हाथ लगी. इस एक नाकामी के बाद अब रोहित के पास बस बमुश्किल 5-6 मौके ही रह गए हैं, जिसके बाद जवाब देना मुश्किल हो जाएगा.
रणजी ट्रॉफी की पहली पारी में फेल
न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में कई बल्लेबाजों समेत कप्तान रोहित भी बुरी तरह फेल हुए थे. ऑस्ट्रेलिया दौरे पर तो वो 5 पारियों में सिर्फ 31 रन ही बना सके थे. ऐसे में टेस्ट क्रिकेट में उनकी जगह पर सवाल उठने लगे हैं. रोहित ने भले ही कहा हो कि उनका करियर अभी खत्म नहीं हुआ लेकिन हालात फिलहाल उनके पक्ष में नहीं हैं. इन हालातों को ही अपनी ओर झुकाने के लिए उन्होंने करीब 10 साल बाद रणजी ट्रॉफी मैच खेला लेकिन पहली कोशिश में बात नहीं बन पाई.
मुंबई के बीकेसी मैदान पर गुरुवार 23 जनवरी से शुरू हुए मुंबई और जम्मू-कश्मीर के मुकाबले में रोहित 19 गेंदों का सामना कर सिर्फ 3 रन बनाकर आउट हो गए. जिस तरह ऑस्ट्रेलिया में एक पुल शॉट को सही से खेल पाने के कारण वो सर्किल में ही कैच दे बैठे थे, बिल्कुल उसी तरह यहां भी रोहित ने विकेट गंवाया. मेलबर्न में तो उनके सामने पैट कमिंस जैसा दिग्गज गेंदबाज था लेकिन यहां तो उमर नजीर नाम का अनजान पेसर था, जो अब रातों-रात मशहूर हो गया है.
रोहित के पास अब सिर्फ 6 मौके
ताजा हालात देखकर यकीन करना मुश्किल है कि करीब 10-11 महीने पहले इसी बल्लेबाज ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 2 शतक लगाए थे. फिर टी20 वर्ल्ड कप में दमदार कप्तानी के साथ ही विस्फोटक बल्लेबाजी से उन्होंने टीम को वर्ल्ड चैंपियन बनाया था. फिर जुलाई में श्रीलंका दौरे पर वनडे सीरीज में जब बाकी बल्लेबाजों ने सरेंडर किया, तब रोहित ही रन बना रहे थे. मगर पिछले 6 महीनों में वो हर मोर्चे पर नाकाम रहे हैं.
रणजी ट्रॉफी मैच की पहली पारी में फेल होने के बाद अब रोहित के पास ज्यादा से ज्यादा 6 मौके बचे हैं, जहां उन्हें अपनी लय हासिल करनी होगी. फिलहाल उनके पास इस मुकाबले की दूसरी पारी है, जिसमें उनकी बैटिंग आना फिलहाल तय दिख रहा है. इसके बाद 30 जनवरी से एक और रणजी मैच है. अगर रोहित वो भी खेलते हैं तो उसमें भी 2 पारियों में बैटिंग मिल सकती है. इसके बाद उनके पास इंग्लैंड के खिलाफ 3 वनडे मैच भी हैं. रोहित अगर इन 6 पारियों में बड़े स्कोर कर कुछ लय हासिल करते हैं तो चैंपियंस ट्रॉफी से पहले उन्हें और टीम को राहत मिल सकती हैं. अगर ऐसा नहीं हुआ तो चैंपियंस ट्रॉफी टीम इंडिया के साथ उनका आखिरी टूर्नामेंट हो सकता है.
