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सबालेंका फ्रेंच ओपन क्वार्टर फाइनल में पहुंचीं, ओसाका को हराया
स्पोर्ट्स डेस्क
1 घंटे 27 मिनट के मुकाबले में सीधे सेटों से जीत, नाइट मैच में महिलाओं की भागीदारी पर फिर चर्चा तेज
फ्रेंच ओपन 2026 में महिला सिंगल्स के चौथे दौर का मुकाबला उस वक्त खास बन गया जब वर्ल्ड नंबर-1 आर्यना सबालेंका ने जापान की स्टार खिलाड़ी नाओमी ओसाका को सीधे सेटों में हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। पेरिस के रोलां गैरो कोर्ट पर खेले गए इस मुकाबले में सबालेंका ने 7-5, 6-3 से जीत दर्ज की। मैच करीब 1 घंटे 27 मिनट तक चला और अंत तक दर्शकों को रोमांच बनाए रखा। यह मुकाबला इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि पिछले तीन वर्षों में पहली बार फ्रेंच ओपन में महिलाओं का नाइट मैच खेला गया। रात के समय बड़ी संख्या में दर्शक स्टेडियम पहुंचे और दोनों खिलाड़ियों के हर पॉइंट पर जोरदार प्रतिक्रिया देखने को मिली। माहौल पूरी तरह से ग्रैंड स्लैम स्तर का था, जिसमें दोनों खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया।
पहले सेट में मुकाबला काफी कड़ा रहा। नाओमी ओसाका, जो चार बार ग्रैंड स्लैम चैंपियन रह चुकी हैं, ने सबालेंका की सर्विस का शानदार जवाब दिया और लंबे रैलियों में मजबूती दिखाई। दोनों खिलाड़ी 5-5 की बराबरी पर थीं, लेकिन यहीं पर सबालेंका ने दबाव बनाते हुए ओसाका की सर्विस ब्रेक की और पहला सेट 7-5 से अपने नाम कर लिया। इस सेट ने मैच का पूरा रुख बदल दिया। पहला सेट जीतने के बाद सबालेंका का आत्मविश्वास साफ तौर पर बढ़ गया। दूसरे सेट में उन्होंने शुरुआत से ही तेज गति और दमदार ग्राउंड स्ट्रोक्स के जरिए ओसाका पर दबाव बनाए रखा। ओसाका ने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन सबालेंका की लगातार आक्रामक रणनीति के आगे वे ज्यादा देर तक टिक नहीं पाईं। दूसरा सेट 6-3 से जीतकर सबालेंका ने मैच अपने नाम कर लिया और क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।
मैच के बाद सबालेंका ने नाइट सेशन में महिला मैच को शामिल किए जाने के फैसले की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह कदम बेहद जरूरी था और इससे महिला टेनिस को सही मंच मिलता है। सबालेंका ने यह भी कहा कि स्टेडियम में दर्शकों की मौजूदगी और उनका उत्साह यह साबित करता है कि महिलाओं के मैच भी उतने ही लोकप्रिय और रोमांचक हो सकते हैं जितने पुरुषों के मुकाबले। उनके अनुसार, यह अनुभव खिलाड़ियों के लिए भी खास होता है क्योंकि रात के मैचों में दबाव और माहौल अलग होता है। उन्होंने आयोजकों से अपील की कि भविष्य में ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट्स में महिलाओं के मैचों को भी नियमित रूप से नाइट सेशन में जगह दी जानी चाहिए। इससे खेल को और ज्यादा दर्शक मिलेंगे और महिला टेनिस को नई पहचान मिलेगी।
नाओमी ओसाका ने भी मैच के बाद सबालेंका की तारीफ की और कहा कि यह मुकाबला उच्च स्तर का था। हार के बावजूद उन्होंने नाइट सेशन में महिला मैच रखे जाने के फैसले का समर्थन किया। ओसाका ने कहा कि दर्शकों की प्रतिक्रिया बेहद सकारात्मक थी और इससे यह साफ है कि महिला टेनिस को प्राइम टाइम में और अधिक अवसर मिलने चाहिए। टेनिस जगत में लंबे समय से यह चर्चा रही है कि ग्रैंड स्लैम नाइट सेशन्स में अक्सर पुरुष खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जाती है। इसका कारण मैचों की लंबी अवधि और व्यूअरशिप माना जाता है। लेकिन इस मुकाबले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या महिला टेनिस को बराबरी का मंच मिलना चाहिए। दोनों खिलाड़ियों के बयान के बाद यह बहस और तेज हो गई है।
सबालेंका की इस जीत ने उन्हें खिताब की मजबूत दावेदारों में शामिल कर दिया है। उनका मौजूदा फॉर्म और आक्रामक खेल शैली उन्हें बाकी खिलाड़ियों से आगे खड़ा कर रहा है। वहीं ओसाका ने भी संकेत दिए हैं कि वह आने वाले टूर्नामेंट्स में और मजबूत वापसी करेंगी। फ्रेंच ओपन 2026 में यह मुकाबला सिर्फ एक मैच नहीं रहा, बल्कि महिला टेनिस के भविष्य और उसके मंच को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश भी दे गया। दर्शकों की भारी मौजूदगी और खिलाड़ियों के सकारात्मक विचारों ने यह साफ कर दिया है कि महिला टेनिस के लिए संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
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सबालेंका फ्रेंच ओपन क्वार्टर फाइनल में पहुंचीं, ओसाका को हराया
स्पोर्ट्स डेस्क
फ्रेंच ओपन 2026 में महिला सिंगल्स के चौथे दौर का मुकाबला उस वक्त खास बन गया जब वर्ल्ड नंबर-1 आर्यना सबालेंका ने जापान की स्टार खिलाड़ी नाओमी ओसाका को सीधे सेटों में हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। पेरिस के रोलां गैरो कोर्ट पर खेले गए इस मुकाबले में सबालेंका ने 7-5, 6-3 से जीत दर्ज की। मैच करीब 1 घंटे 27 मिनट तक चला और अंत तक दर्शकों को रोमांच बनाए रखा। यह मुकाबला इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि पिछले तीन वर्षों में पहली बार फ्रेंच ओपन में महिलाओं का नाइट मैच खेला गया। रात के समय बड़ी संख्या में दर्शक स्टेडियम पहुंचे और दोनों खिलाड़ियों के हर पॉइंट पर जोरदार प्रतिक्रिया देखने को मिली। माहौल पूरी तरह से ग्रैंड स्लैम स्तर का था, जिसमें दोनों खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया।
पहले सेट में मुकाबला काफी कड़ा रहा। नाओमी ओसाका, जो चार बार ग्रैंड स्लैम चैंपियन रह चुकी हैं, ने सबालेंका की सर्विस का शानदार जवाब दिया और लंबे रैलियों में मजबूती दिखाई। दोनों खिलाड़ी 5-5 की बराबरी पर थीं, लेकिन यहीं पर सबालेंका ने दबाव बनाते हुए ओसाका की सर्विस ब्रेक की और पहला सेट 7-5 से अपने नाम कर लिया। इस सेट ने मैच का पूरा रुख बदल दिया। पहला सेट जीतने के बाद सबालेंका का आत्मविश्वास साफ तौर पर बढ़ गया। दूसरे सेट में उन्होंने शुरुआत से ही तेज गति और दमदार ग्राउंड स्ट्रोक्स के जरिए ओसाका पर दबाव बनाए रखा। ओसाका ने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन सबालेंका की लगातार आक्रामक रणनीति के आगे वे ज्यादा देर तक टिक नहीं पाईं। दूसरा सेट 6-3 से जीतकर सबालेंका ने मैच अपने नाम कर लिया और क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।
मैच के बाद सबालेंका ने नाइट सेशन में महिला मैच को शामिल किए जाने के फैसले की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह कदम बेहद जरूरी था और इससे महिला टेनिस को सही मंच मिलता है। सबालेंका ने यह भी कहा कि स्टेडियम में दर्शकों की मौजूदगी और उनका उत्साह यह साबित करता है कि महिलाओं के मैच भी उतने ही लोकप्रिय और रोमांचक हो सकते हैं जितने पुरुषों के मुकाबले। उनके अनुसार, यह अनुभव खिलाड़ियों के लिए भी खास होता है क्योंकि रात के मैचों में दबाव और माहौल अलग होता है। उन्होंने आयोजकों से अपील की कि भविष्य में ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट्स में महिलाओं के मैचों को भी नियमित रूप से नाइट सेशन में जगह दी जानी चाहिए। इससे खेल को और ज्यादा दर्शक मिलेंगे और महिला टेनिस को नई पहचान मिलेगी।
नाओमी ओसाका ने भी मैच के बाद सबालेंका की तारीफ की और कहा कि यह मुकाबला उच्च स्तर का था। हार के बावजूद उन्होंने नाइट सेशन में महिला मैच रखे जाने के फैसले का समर्थन किया। ओसाका ने कहा कि दर्शकों की प्रतिक्रिया बेहद सकारात्मक थी और इससे यह साफ है कि महिला टेनिस को प्राइम टाइम में और अधिक अवसर मिलने चाहिए। टेनिस जगत में लंबे समय से यह चर्चा रही है कि ग्रैंड स्लैम नाइट सेशन्स में अक्सर पुरुष खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जाती है। इसका कारण मैचों की लंबी अवधि और व्यूअरशिप माना जाता है। लेकिन इस मुकाबले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या महिला टेनिस को बराबरी का मंच मिलना चाहिए। दोनों खिलाड़ियों के बयान के बाद यह बहस और तेज हो गई है।
सबालेंका की इस जीत ने उन्हें खिताब की मजबूत दावेदारों में शामिल कर दिया है। उनका मौजूदा फॉर्म और आक्रामक खेल शैली उन्हें बाकी खिलाड़ियों से आगे खड़ा कर रहा है। वहीं ओसाका ने भी संकेत दिए हैं कि वह आने वाले टूर्नामेंट्स में और मजबूत वापसी करेंगी। फ्रेंच ओपन 2026 में यह मुकाबला सिर्फ एक मैच नहीं रहा, बल्कि महिला टेनिस के भविष्य और उसके मंच को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश भी दे गया। दर्शकों की भारी मौजूदगी और खिलाड़ियों के सकारात्मक विचारों ने यह साफ कर दिया है कि महिला टेनिस के लिए संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
