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सऊदी अरब और उरुग्वे का 1-1 से ड्रॉ, वर्ल्ड कप ओपनर में रोमांचक मुकाबला
स्पोर्ट्स डेस्क
मियामी में खेले गए ग्रुप एच के मुकाबले में सऊदी अरब ने मजबूत उरुग्वे को कड़ी टक्कर दी, आखिरी मिनटों में बराबरी गोल से मैच ड्रॉ पर समाप्त
फीफा वर्ल्ड कप के ग्रुप एच मुकाबले में सऊदी अरब और उरुग्वे के बीच खेला गया मैच रोमांच, संघर्ष और शानदार गोलकीपिंग का बेहतरीन उदाहरण बनकर सामने आया। मियामी स्टेडियम में सोमवार को खेले गए इस मुकाबले में दोनों टीमों ने 1-1 से ड्रॉ खेला। मैच में एक समय ऐसा लग रहा था कि सऊदी अरब एक और बड़ा उलटफेर करने जा रहा है, लेकिन उरुग्वे के विंगर मैक्सी अराउजो ने अंतिम चरण में गोल कर अपनी टीम को हार से बचा लिया। इस परिणाम ने न सिर्फ ग्रुप एच की तस्वीर को दिलचस्प बना दिया है, बल्कि सऊदी अरब को भी अगले दौर की उम्मीदों के लिए महत्वपूर्ण आत्मविश्वास दिया है। मुकाबले की शुरुआत उरुग्वे ने आत्मविश्वास के साथ की। दो बार की विश्व चैंपियन टीम मैदान पर फेवरेट मानी जा रही थी और शुरुआती मिनटों में उसका खेल भी वैसा ही नजर आया। मैच के पांचवें मिनट में ही मैक्सी अराउजो ने बॉक्स के बाहर से शानदार प्रयास किया, लेकिन सऊदी अरब के गोलकीपर मोहम्मद अलोवैस ने बेहतरीन बचाव करते हुए गेंद को गोल में जाने से रोक दिया। इस बचाव ने शुरुआती संकेत दे दिए थे कि सऊदी टीम आसान चुनौती साबित नहीं होने वाली।
उरुग्वे ने पहले हाफ में गेंद पर अधिक नियंत्रण बनाए रखा और लगातार आक्रमण करने की कोशिश की। हालांकि अंतिम तीसरे हिस्से में टीम की सटीकता की कमी साफ दिखाई दी। फेडेरिको विनास ने 30वें मिनट में एक शानदार हेडर लगाया, लेकिन अलोवैस एक बार फिर दीवार बनकर खड़े रहे और गेंद को बाहर धकेल दिया। उरुग्वे के कई खिलाड़ी मौके तो बना रहे थे, लेकिन फिनिशिंग में वह धार दिखाई नहीं दी जिसकी उनसे उम्मीद की जा रही थी। दूसरी ओर सऊदी अरब ने धैर्य और अनुशासन के साथ खेलना जारी रखा। टीम के कोच जॉर्जियोस डोनिस ने मैच से पहले कहा था कि उनकी टीम बिना डरे मैदान में उतरेगी और खिलाड़ियों ने उसी मानसिकता का प्रदर्शन किया। 36वें मिनट में सऊदी अरब का हमला अचानक तेज हुआ जब लेफ्ट बैक मोतेब अलहारबी गेंद लेकर मिडफील्ड से आगे बढ़े। इस मूव ने उरुग्वे की रक्षापंक्ति को सतर्क कर दिया और कुछ ही मिनटों बाद सऊदी टीम को इसका फायदा मिला।
41वें मिनट में सऊदी अरब ने मैच का पहला गोल दाग दिया। मुसाब अलजुवैर के कॉर्नर पर मोहम्मद कानो ने जोरदार हेडर लगाया, जिसे उरुग्वे के अनुभवी गोलकीपर फर्नांडो मुस्लेरा ने रोक तो लिया, लेकिन गेंद पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आ सकी। रिबाउंड पर मौजूद अब्दुलेलाह अलामरी ने बिना कोई गलती किए गेंद को नेट में पहुंचा दिया। गोल होते ही सऊदी खिलाड़ियों और समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। पहले हाफ की समाप्ति तक सऊदी अरब 1-0 की बढ़त बनाए रखने में सफल रहा। हाफ टाइम के दौरान उरुग्वे के कोच मार्सेलो बिएलसा ने दो बदलाव किए और इसका असर दूसरे हाफ में साफ दिखाई दिया। उरुग्वे ने अधिक संगठित और आक्रामक खेल दिखाना शुरू किया। टीम ने विंग्स का बेहतर इस्तेमाल किया और लगातार बॉक्स में क्रॉस भेजे। सऊदी डिफेंस पर दबाव बढ़ने लगा, लेकिन अलोवैस और उनके रक्षक लगातार मजबूती से खड़े रहे।
60वें मिनट में उरुग्वे बराबरी के बेहद करीब पहुंच गया। मैनुएल उगार्टे ने बॉक्स के बाहर से जोरदार शॉट लगाया जो गोलकीपर को पार कर गया था, लेकिन दुर्भाग्य से गेंद पोस्ट से टकराकर वापस मैदान में आ गई। इस मौके के बाद उरुग्वे ने हमलों की रफ्तार और बढ़ा दी। सऊदी टीम लगातार रक्षात्मक मुद्रा में चली गई और मैच पूरी तरह उरुग्वे के नियंत्रण में दिखने लगा। लगातार दबाव का असर आखिरकार 80वें मिनट में दिखाई दिया। फेडेरिको विनास ने बॉक्स के अंदर एक मजबूत हेडर लगाया, जिसे अलोवैस ने शानदार तरीके से रोक लिया। हालांकि गेंद सीधे मैक्सी अराउजो के पास पहुंच गई। अराउजो ने तेजी से गेंद को नियंत्रित किया और नजदीकी पोस्ट की ओर सटीक शॉट लगाकर स्कोर 1-1 कर दिया। यह गोल उरुग्वे के लिए राहत लेकर आया और मैच में नई जान फूंक दी।
बराबरी के बाद उरुग्वे ने जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी। फेडेरिको वाल्वरडे और जोस मारिया गिमेनेज ने कई खतरनाक प्रयास किए। दोनों खिलाड़ियों के शक्तिशाली शॉट्स ने सऊदी डिफेंस को मुश्किल में डाला, लेकिन अलोवैस का प्रदर्शन लगातार शानदार बना रहा। उन्होंने कई महत्वपूर्ण बचाव करते हुए अपनी टीम को हार से बचा लिया। मैच समाप्त होने के बाद उरुग्वे के कोच मार्सेलो बिएलसा ने निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह ऐसा मुकाबला था जिसे उनकी टीम को जीतना चाहिए था। उनके अनुसार पहले हाफ में टीम ने कई ऐसे मिनट गंवा दिए जहां बेहतर प्रदर्शन किया जा सकता था। वहीं सऊदी अरब के कोच जॉर्जियोस डोनिस ने अपनी टीम की सराहना करते हुए कहा कि मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ एक अंक हासिल करना सकारात्मक परिणाम है। उन्होंने यह भी माना कि उनकी टीम और बेहतर फुटबॉल खेलने की क्षमता रखती है।
इस मुकाबले में सबसे अधिक चर्चा सऊदी गोलकीपर मोहम्मद अलोवैस की हो रही है। उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर शानदार बचाव किए और अपनी टीम को मैच में बनाए रखा। यदि उनका प्रदर्शन इतना प्रभावशाली नहीं होता तो परिणाम पूरी तरह अलग हो सकता था। इस ड्रॉ के साथ ग्रुप एच की स्थिति बेहद रोचक हो गई है। इससे पहले स्पेन और केप वर्डे का मुकाबला भी ड्रॉ रहा था, जिसके कारण ग्रुप की सभी टीमें बराबरी की स्थिति में हैं। आने वाले मुकाबले अब और भी महत्वपूर्ण हो गए हैं क्योंकि हर अंक अगले दौर में पहुंचने की संभावना को प्रभावित करेगा। सऊदी अरब के लिए यह परिणाम आत्मविश्वास बढ़ाने वाला है, जबकि उरुग्वे को अगले मैचों में बेहतर प्रदर्शन कर अपनी दावेदारी मजबूत करनी होगी।
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सऊदी अरब और उरुग्वे का 1-1 से ड्रॉ, वर्ल्ड कप ओपनर में रोमांचक मुकाबला
स्पोर्ट्स डेस्क
फीफा वर्ल्ड कप के ग्रुप एच मुकाबले में सऊदी अरब और उरुग्वे के बीच खेला गया मैच रोमांच, संघर्ष और शानदार गोलकीपिंग का बेहतरीन उदाहरण बनकर सामने आया। मियामी स्टेडियम में सोमवार को खेले गए इस मुकाबले में दोनों टीमों ने 1-1 से ड्रॉ खेला। मैच में एक समय ऐसा लग रहा था कि सऊदी अरब एक और बड़ा उलटफेर करने जा रहा है, लेकिन उरुग्वे के विंगर मैक्सी अराउजो ने अंतिम चरण में गोल कर अपनी टीम को हार से बचा लिया। इस परिणाम ने न सिर्फ ग्रुप एच की तस्वीर को दिलचस्प बना दिया है, बल्कि सऊदी अरब को भी अगले दौर की उम्मीदों के लिए महत्वपूर्ण आत्मविश्वास दिया है। मुकाबले की शुरुआत उरुग्वे ने आत्मविश्वास के साथ की। दो बार की विश्व चैंपियन टीम मैदान पर फेवरेट मानी जा रही थी और शुरुआती मिनटों में उसका खेल भी वैसा ही नजर आया। मैच के पांचवें मिनट में ही मैक्सी अराउजो ने बॉक्स के बाहर से शानदार प्रयास किया, लेकिन सऊदी अरब के गोलकीपर मोहम्मद अलोवैस ने बेहतरीन बचाव करते हुए गेंद को गोल में जाने से रोक दिया। इस बचाव ने शुरुआती संकेत दे दिए थे कि सऊदी टीम आसान चुनौती साबित नहीं होने वाली।
उरुग्वे ने पहले हाफ में गेंद पर अधिक नियंत्रण बनाए रखा और लगातार आक्रमण करने की कोशिश की। हालांकि अंतिम तीसरे हिस्से में टीम की सटीकता की कमी साफ दिखाई दी। फेडेरिको विनास ने 30वें मिनट में एक शानदार हेडर लगाया, लेकिन अलोवैस एक बार फिर दीवार बनकर खड़े रहे और गेंद को बाहर धकेल दिया। उरुग्वे के कई खिलाड़ी मौके तो बना रहे थे, लेकिन फिनिशिंग में वह धार दिखाई नहीं दी जिसकी उनसे उम्मीद की जा रही थी। दूसरी ओर सऊदी अरब ने धैर्य और अनुशासन के साथ खेलना जारी रखा। टीम के कोच जॉर्जियोस डोनिस ने मैच से पहले कहा था कि उनकी टीम बिना डरे मैदान में उतरेगी और खिलाड़ियों ने उसी मानसिकता का प्रदर्शन किया। 36वें मिनट में सऊदी अरब का हमला अचानक तेज हुआ जब लेफ्ट बैक मोतेब अलहारबी गेंद लेकर मिडफील्ड से आगे बढ़े। इस मूव ने उरुग्वे की रक्षापंक्ति को सतर्क कर दिया और कुछ ही मिनटों बाद सऊदी टीम को इसका फायदा मिला।
41वें मिनट में सऊदी अरब ने मैच का पहला गोल दाग दिया। मुसाब अलजुवैर के कॉर्नर पर मोहम्मद कानो ने जोरदार हेडर लगाया, जिसे उरुग्वे के अनुभवी गोलकीपर फर्नांडो मुस्लेरा ने रोक तो लिया, लेकिन गेंद पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आ सकी। रिबाउंड पर मौजूद अब्दुलेलाह अलामरी ने बिना कोई गलती किए गेंद को नेट में पहुंचा दिया। गोल होते ही सऊदी खिलाड़ियों और समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। पहले हाफ की समाप्ति तक सऊदी अरब 1-0 की बढ़त बनाए रखने में सफल रहा। हाफ टाइम के दौरान उरुग्वे के कोच मार्सेलो बिएलसा ने दो बदलाव किए और इसका असर दूसरे हाफ में साफ दिखाई दिया। उरुग्वे ने अधिक संगठित और आक्रामक खेल दिखाना शुरू किया। टीम ने विंग्स का बेहतर इस्तेमाल किया और लगातार बॉक्स में क्रॉस भेजे। सऊदी डिफेंस पर दबाव बढ़ने लगा, लेकिन अलोवैस और उनके रक्षक लगातार मजबूती से खड़े रहे।
60वें मिनट में उरुग्वे बराबरी के बेहद करीब पहुंच गया। मैनुएल उगार्टे ने बॉक्स के बाहर से जोरदार शॉट लगाया जो गोलकीपर को पार कर गया था, लेकिन दुर्भाग्य से गेंद पोस्ट से टकराकर वापस मैदान में आ गई। इस मौके के बाद उरुग्वे ने हमलों की रफ्तार और बढ़ा दी। सऊदी टीम लगातार रक्षात्मक मुद्रा में चली गई और मैच पूरी तरह उरुग्वे के नियंत्रण में दिखने लगा। लगातार दबाव का असर आखिरकार 80वें मिनट में दिखाई दिया। फेडेरिको विनास ने बॉक्स के अंदर एक मजबूत हेडर लगाया, जिसे अलोवैस ने शानदार तरीके से रोक लिया। हालांकि गेंद सीधे मैक्सी अराउजो के पास पहुंच गई। अराउजो ने तेजी से गेंद को नियंत्रित किया और नजदीकी पोस्ट की ओर सटीक शॉट लगाकर स्कोर 1-1 कर दिया। यह गोल उरुग्वे के लिए राहत लेकर आया और मैच में नई जान फूंक दी।
बराबरी के बाद उरुग्वे ने जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी। फेडेरिको वाल्वरडे और जोस मारिया गिमेनेज ने कई खतरनाक प्रयास किए। दोनों खिलाड़ियों के शक्तिशाली शॉट्स ने सऊदी डिफेंस को मुश्किल में डाला, लेकिन अलोवैस का प्रदर्शन लगातार शानदार बना रहा। उन्होंने कई महत्वपूर्ण बचाव करते हुए अपनी टीम को हार से बचा लिया। मैच समाप्त होने के बाद उरुग्वे के कोच मार्सेलो बिएलसा ने निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह ऐसा मुकाबला था जिसे उनकी टीम को जीतना चाहिए था। उनके अनुसार पहले हाफ में टीम ने कई ऐसे मिनट गंवा दिए जहां बेहतर प्रदर्शन किया जा सकता था। वहीं सऊदी अरब के कोच जॉर्जियोस डोनिस ने अपनी टीम की सराहना करते हुए कहा कि मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ एक अंक हासिल करना सकारात्मक परिणाम है। उन्होंने यह भी माना कि उनकी टीम और बेहतर फुटबॉल खेलने की क्षमता रखती है।
इस मुकाबले में सबसे अधिक चर्चा सऊदी गोलकीपर मोहम्मद अलोवैस की हो रही है। उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर शानदार बचाव किए और अपनी टीम को मैच में बनाए रखा। यदि उनका प्रदर्शन इतना प्रभावशाली नहीं होता तो परिणाम पूरी तरह अलग हो सकता था। इस ड्रॉ के साथ ग्रुप एच की स्थिति बेहद रोचक हो गई है। इससे पहले स्पेन और केप वर्डे का मुकाबला भी ड्रॉ रहा था, जिसके कारण ग्रुप की सभी टीमें बराबरी की स्थिति में हैं। आने वाले मुकाबले अब और भी महत्वपूर्ण हो गए हैं क्योंकि हर अंक अगले दौर में पहुंचने की संभावना को प्रभावित करेगा। सऊदी अरब के लिए यह परिणाम आत्मविश्वास बढ़ाने वाला है, जबकि उरुग्वे को अगले मैचों में बेहतर प्रदर्शन कर अपनी दावेदारी मजबूत करनी होगी।
