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राजस्थान रॉयल्स के लिए अभी बाकी है उम्मीद की एक किरण, 6 हार के बाद भी प्लेऑफ में पहुंचने का बचा है ये रास्ता
Sports Desk
इंडियन प्रीमियर लीग 2025 में जहां एक ओर कई टीमें प्लेऑफ की रेस में आगे बढ़ चुकी हैं, वहीं राजस्थान रॉयल्स के लिए यह सीजन अब तक निराशाजनक रहा है।
टीम अब तक 8 में से 6 मुकाबले गंवा चुकी है और पॉइंट्स टेबल में 8वें पायदान पर है। हालांकि, तमाम असफलताओं के बावजूद संजू सैमसन की टीम के पास अब भी प्लेऑफ में जगह बनाने का एक मौका बचा है — लेकिन इसके लिए उन्हें हर मुकाबले को फाइनल जैसा खेलना होगा।
पॉइंट्स टेबल पर पिछड़ गई है राजस्थान
राजस्थान रॉयल्स ने आईपीएल 2025 में अब तक कुल 8 मुकाबले खेले हैं, जिसमें टीम को सिर्फ 2 बार जीत नसीब हुई है। 4 अंकों के साथ टीम का नेट रन रेट -0.633 है और वह प्वाइंट्स टेबल में 8वें नंबर पर है। यह अब तक की सबसे खराब स्थितियों में से एक है, लेकिन खेल अभी खत्म नहीं हुआ है।
बचे हैं 6 मुकाबले, जीतना जरूरी
राजस्थान के लिए आगे का रास्ता बेहद कठिन जरूर है, लेकिन नामुमकिन नहीं। अगर टीम अपने बचे हुए सभी 6 मैच जीत लेती है, तो उसके 16 अंक हो जाएंगे — जो आमतौर पर प्लेऑफ की दावेदारी के लिए काफी होते हैं। हालांकि, सिर्फ जीत ही नहीं, टीम को हर मैच बड़े अंतर से जीतने की जरूरत होगी ताकि उसका नेट रन रेट पॉजिटिव हो सके।
नेट रन रेट बन सकता है बड़ा फैक्टर
प्वाइंट्स टेबल में इस समय गुजरात टाइटंस, दिल्ली कैपिटल्स और पंजाब किंग्स के 10-10 अंक हैं और तीनों प्लेऑफ की ओर बढ़ रही हैं। ऐसे में राजस्थान को न केवल सभी मुकाबले जीतने होंगे, बल्कि नेट रन रेट के मामले में भी खुद को मजबूत साबित करना होगा। यदि टीम इन तीनों से अंक में बराबरी करती है, तो अंत में NRR ही निर्णायक फैक्टर बन सकता है।
करीबी मुकाबले बनी हार की वजह
राजस्थान रॉयल्स को हाल के दो मुकाबलों में बेहद करीबी अंतर से हार का सामना करना पड़ा है। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ टीम आखिरी ओवर में 9 रन नहीं बना सकी और सुपर ओवर में हार गई। वहीं लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ भी टीम को अंतिम ओवर में 9 रन की दरकार थी, लेकिन आवेश खान की शानदार गेंदबाज़ी ने राजस्थान के हाथ से जीत छीन ली। अगर ये दोनों मुकाबले राजस्थान के पक्ष में जाते, तो प्लेऑफ की राह कहीं अधिक सरल होती।
संजू सैमसन की कप्तानी पर उठ रहे सवाल
टीम के खराब प्रदर्शन के बीच कप्तान संजू सैमसन की कप्तानी भी सवालों के घेरे में आ गई है। शुरुआती मैचों में उनकी गैरमौजूदगी में रियान पराग ने नेतृत्व संभाला, लेकिन सैमसन की वापसी के बाद भी टीम का प्रदर्शन बेहतर नहीं हो पाया।
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राजस्थान रॉयल्स के लिए अभी बाकी है उम्मीद की एक किरण, 6 हार के बाद भी प्लेऑफ में पहुंचने का बचा है ये रास्ता
Sports Desk
टीम अब तक 8 में से 6 मुकाबले गंवा चुकी है और पॉइंट्स टेबल में 8वें पायदान पर है। हालांकि, तमाम असफलताओं के बावजूद संजू सैमसन की टीम के पास अब भी प्लेऑफ में जगह बनाने का एक मौका बचा है — लेकिन इसके लिए उन्हें हर मुकाबले को फाइनल जैसा खेलना होगा।
पॉइंट्स टेबल पर पिछड़ गई है राजस्थान
राजस्थान रॉयल्स ने आईपीएल 2025 में अब तक कुल 8 मुकाबले खेले हैं, जिसमें टीम को सिर्फ 2 बार जीत नसीब हुई है। 4 अंकों के साथ टीम का नेट रन रेट -0.633 है और वह प्वाइंट्स टेबल में 8वें नंबर पर है। यह अब तक की सबसे खराब स्थितियों में से एक है, लेकिन खेल अभी खत्म नहीं हुआ है।
बचे हैं 6 मुकाबले, जीतना जरूरी
राजस्थान के लिए आगे का रास्ता बेहद कठिन जरूर है, लेकिन नामुमकिन नहीं। अगर टीम अपने बचे हुए सभी 6 मैच जीत लेती है, तो उसके 16 अंक हो जाएंगे — जो आमतौर पर प्लेऑफ की दावेदारी के लिए काफी होते हैं। हालांकि, सिर्फ जीत ही नहीं, टीम को हर मैच बड़े अंतर से जीतने की जरूरत होगी ताकि उसका नेट रन रेट पॉजिटिव हो सके।
नेट रन रेट बन सकता है बड़ा फैक्टर
प्वाइंट्स टेबल में इस समय गुजरात टाइटंस, दिल्ली कैपिटल्स और पंजाब किंग्स के 10-10 अंक हैं और तीनों प्लेऑफ की ओर बढ़ रही हैं। ऐसे में राजस्थान को न केवल सभी मुकाबले जीतने होंगे, बल्कि नेट रन रेट के मामले में भी खुद को मजबूत साबित करना होगा। यदि टीम इन तीनों से अंक में बराबरी करती है, तो अंत में NRR ही निर्णायक फैक्टर बन सकता है।
करीबी मुकाबले बनी हार की वजह
राजस्थान रॉयल्स को हाल के दो मुकाबलों में बेहद करीबी अंतर से हार का सामना करना पड़ा है। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ टीम आखिरी ओवर में 9 रन नहीं बना सकी और सुपर ओवर में हार गई। वहीं लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ भी टीम को अंतिम ओवर में 9 रन की दरकार थी, लेकिन आवेश खान की शानदार गेंदबाज़ी ने राजस्थान के हाथ से जीत छीन ली। अगर ये दोनों मुकाबले राजस्थान के पक्ष में जाते, तो प्लेऑफ की राह कहीं अधिक सरल होती।
संजू सैमसन की कप्तानी पर उठ रहे सवाल
टीम के खराब प्रदर्शन के बीच कप्तान संजू सैमसन की कप्तानी भी सवालों के घेरे में आ गई है। शुरुआती मैचों में उनकी गैरमौजूदगी में रियान पराग ने नेतृत्व संभाला, लेकिन सैमसन की वापसी के बाद भी टीम का प्रदर्शन बेहतर नहीं हो पाया।
