भारतीय क्रिकेट टीम ने पिछले साढ़े तीन वर्षों में सीमित ओवरों के क्रिकेट में उल्लेखनीय बदलाव दिखाया है। 2022 के टी-20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ मिली एकतरफा हार के बाद टीम प्रबंधन ने अपनी रणनीति और खेलने के तरीके में बड़ा बदलाव किया। इसका परिणाम यह रहा कि भारत अब लगातार चार ICC टूर्नामेंट के फाइनल तक पहुंच चुका है और इनमें से दो खिताब भी अपने नाम कर चुका है।
10 नवंबर 2022 को टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में इंग्लैंड ने भारत को बिना विकेट गंवाए लक्ष्य हासिल कर हराया था। इस हार ने टीम के भीतर गंभीर मंथन को जन्म दिया। उस समय कप्तान रोहित शर्मा ने माना कि पारंपरिक और धीमी शुरुआत वाली बल्लेबाजी से बड़े टूर्नामेंट नहीं जीते जा सकते। इसके बाद टीम ने पावरप्ले में तेज रन बनाने और शुरुआत से आक्रामक क्रिकेट खेलने की रणनीति अपनाई।
नई रणनीति का असर जल्द ही दिखने लगा। 2023 के वनडे वर्ल्ड कप में भारत ने लगातार 10 मैच जीतकर फाइनल तक का सफर तय किया। हालांकि अहमदाबाद में हुए फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में टीम का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा। इसके बाद 2024 के टी-20 वर्ल्ड कप में भारत ने दमदार वापसी करते हुए खिताब अपने नाम किया और 17 साल बाद इस फॉर्मेट में विश्व चैंपियन बना।
टीम मैनेजमेंट ने इस दौरान ऑलराउंडर्स पर विशेष ध्यान दिया। हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल और रवींद्र जडेजा जैसे खिलाड़ियों को लगातार मौका दिया गया ताकि बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में संतुलन बना रहे। इस रणनीति ने टीम को लचीलापन दिया और कई मैचों में निर्णायक साबित हुई।
टी-20 फॉर्मेट में भारत का प्रदर्शन और भी मजबूत रहा। 2024 वर्ल्ड कप के बाद से टीम ने लगभग 84 प्रतिशत मुकाबले जीते, जो विश्व क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ जीत प्रतिशत में से एक माना जा रहा है। इस दौरान भारतीय बल्लेबाजों ने कई बार 200 से अधिक का स्कोर बनाया और आक्रामक क्रिकेट का नया मानक स्थापित किया।
युवा खिलाड़ियों की भूमिका भी अहम रही। अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा और संजू सैमसन जैसे बल्लेबाजों ने शीर्ष क्रम में जिम्मेदारी संभाली और तेज रन गति बनाए रखने में योगदान दिया। वहीं गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह, कुलदीप यादव और अर्शदीप सिंह ने निरंतर प्रदर्शन कर टीम को मजबूती दी।
भारतीय टीम अब एक बार फिर टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंच चुकी है, जहां उसका सामना न्यूजीलैंड से होगा। यदि भारत यह मुकाबला जीतता है तो वह लगातार तीसरा बड़ा ICC खिताब अपने नाम कर सकता है और सीमित ओवरों के क्रिकेट में अपना दबदबा और मजबूत कर सकता है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आक्रामक बल्लेबाजी, संतुलित टीम संयोजन और स्पष्ट रणनीति ने भारतीय टीम को नए दौर में पहुंचाया है। आने वाले वर्षों में यह मॉडल भारतीय क्रिकेट की सफलता का आधार बन सकता है।
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