टी20 क्रिकेट के इतिहास में 5 दिसंबर 2024 का दिन हमेशा के लिए दर्ज हो गया, जब बड़ौदा क्रिकेट टीम ने 120 गेंदों के फॉर्मेट में ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। सिक्किम के खिलाफ इंदौर में खेले गए मुकाबले में बड़ौदा ने 5 विकेट पर 349 रन बनाकर टी20 क्रिकेट का सबसे बड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। यह स्कोर न सिर्फ टी20 बल्कि कई वनडे मुकाबलों से भी ज्यादा रहा।
इस ऐतिहासिक मैच में बड़ौदा की बल्लेबाजी ने दर्शकों को स्तब्ध कर दिया। शुरुआत से ही गेंदबाजों पर हावी नजर आए बल्लेबाजों ने मैदान के हर कोने में शॉट्स लगाए। पारी के दौरान कुल 37 छक्के और 18 चौके लगे, जिससे स्टेडियम में मौजूद दर्शक हर ओवर में नए रिकॉर्ड की गवाही देते रहे।
यह रिकॉर्ड बड़ौदा टीम ने सिक्किम के खिलाफ इंदौर में खेले गए घरेलू टी20 मुकाबले में बनाया। बड़ौदा ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में रनगति को लगातार बढ़ाया और अंत में 349 रन के विशाल स्कोर तक पहुंच गई। इससे पहले टी20 का सर्वोच्च स्कोर जिम्बाब्वे द्वारा गाम्बिया के खिलाफ बनाए गए 344 रन था, जिसे बड़ौदा ने पीछे छोड़ दिया।
बड़ौदा की इस ऐतिहासिक पारी में पांच बल्लेबाजों ने अहम भूमिका निभाई। ओपनर शाश्वत रावत ने 16 गेंदों में 43 रन बनाकर तेज शुरुआत दी। उनके जोड़ीदार अभिमन्यु राजपूत ने 17 गेंदों में 53 रन ठोकते हुए पावरप्ले में ही मुकाबले की दिशा तय कर दी।
इसके बाद नंबर तीन पर आए भानु पनिया ने टी20 क्रिकेट की सबसे यादगार पारियों में से एक खेली। उन्होंने 51 गेंदों में 134 रन बनाए, जिसमें 15 छक्के शामिल थे। चौथे क्रम पर शिवालिक शर्मा ने 17 गेंदों में 55 रन जोड़े, जबकि विकेटकीपर विश्नू सोलंकी ने 16 गेंदों में नाबाद 50 रन बनाकर स्कोर को ऐतिहासिक ऊंचाई तक पहुंचाया। खास बात यह रही कि सभी बल्लेबाजों का स्ट्राइक रेट 300 के आसपास रहा।
349 रन के विशाल लक्ष्य के सामने सिक्किम की टीम पूरी तरह दबाव में नजर आई। पूरी कोशिश के बावजूद सिक्किम 20 ओवर में 7 विकेट पर सिर्फ 86 रन ही बना सकी। बड़ौदा ने यह मुकाबला 263 रन से जीतकर टी20 इतिहास की सबसे बड़ी जीत भी दर्ज की।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि 120 गेंदों के फॉर्मेट में 349 रन बनाना असाधारण उपलब्धि है और इसे तोड़ना आने वाले वर्षों में किसी भी टीम के लिए बेहद कठिन होगा। यह रिकॉर्ड टी20 क्रिकेट के बदलते स्वरूप और बल्लेबाजों के बढ़ते दबदबे का प्रतीक बन गया है।