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वैभव सूर्यवंशी फिर चूके, श्रीलंका ए के खिलाफ 21 रन पर आउट
स्पोर्ट्स डेस्क
शानदार शुरुआत के बावजूद बड़ी पारी नहीं खेल सके युवा बल्लेबाज, ट्राई-नेशन सीरीज में तीसरी बार अच्छे स्टार्ट को नहीं बदल पाए बड़े स्कोर में
भारत ए और श्रीलंका ए के बीच खेली जा रही ट्राई-नेशन सीरीज के चौथे मुकाबले में एक बार फिर युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी चर्चा में रहे, लेकिन इस बार भी वजह उनकी बड़ी पारी नहीं बल्कि अच्छी शुरुआत के बाद जल्दी आउट हो जाना रहा। महज 15 साल की उम्र में भारत ए टीम का हिस्सा बने वैभव ने शुरुआत में अपने आक्रामक अंदाज से प्रभावित किया, लेकिन एक बार फिर वह अपने अच्छे स्टार्ट को बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर सके। श्रीलंका ए के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने सिर्फ 14 गेंदों में 21 रन बनाए, जिसमें तीन चौके और एक शानदार छक्का शामिल था। उनकी बल्लेबाजी देखकर लग रहा था कि इस बार वह लंबी पारी खेल सकते हैं, लेकिन एक गलत शॉट ने उनकी पारी का अंत कर दिया। मुकाबले में श्रीलंका ए ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारत ए की ओर से पारी की शुरुआत करने उतरे वैभव सूर्यवंशी ने शुरुआत से ही सकारात्मक बल्लेबाजी की। उन्होंने श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की और कुछ आकर्षक शॉट भी लगाए। शुरुआती ओवरों में उनकी टाइमिंग और आत्मविश्वास देखने लायक था। हालांकि जैसे-जैसे वह सेट होते नजर आ रहे थे, उसी दौरान श्रीलंका ए के गेंदबाज सहान अरच्चिगे ने उन्हें अपनी गेंद पर फंसा लिया। ऑफ स्टंप के बाहर डाली गई गेंद पर वैभव ने आक्रामक ड्राइव खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद हल्का सा टर्न हुई और बल्ले का बाहरी किनारा लेते हुए पॉइंट की दिशा में चली गई। वहां मौजूद वानुजा सहान ने शानदार कैच पकड़कर उनकी पारी समाप्त कर दी।
ट्राई-नेशन सीरीज में यह लगातार तीसरा मौका है जब वैभव ने शुरुआत तो अच्छी की लेकिन उसे बड़े स्कोर में नहीं बदल सके। इससे पहले 9 जून को श्रीलंका ए के खिलाफ ही अपने भारत ए डेब्यू मैच में उन्होंने तेज शुरुआत की थी। उस मुकाबले में उन्होंने मोहम्मद शिराज और चमिका करुणारत्ने के खिलाफ कुछ आकर्षक चौके लगाए थे। हालांकि सिर्फ 12 गेंदों तक क्रीज पर टिकने के बाद वह बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में कैच आउट हो गए थे। उस समय श्रीलंका ए के कप्तान सहान अरच्चिगे ने शानदार डाइविंग कैच लेकर उनकी पारी का अंत किया था। पहले मैच में जल्दी आउट होने के बाद वैभव ने दूसरे मुकाबले में शानदार वापसी की थी। 11 जून को अफगानिस्तान ए के खिलाफ खेले गए मैच में उन्होंने सिर्फ 22 गेंदों में 44 रन की तूफानी पारी खेली थी। उस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 200 का रहा और उन्होंने नौ चौके जड़े थे। उनकी बल्लेबाजी ने भारतीय टीम को तेज शुरुआत दिलाई थी और ऐसा लग रहा था कि वह आसानी से अर्धशतक पूरा कर लेंगे। लेकिन एक बार फिर वह अपनी पारी को लंबा नहीं खींच सके। अफगानिस्तान ए के गेंदबाज अब्दुल्ला अहमदजई ने उन्हें विकेटकीपर इशाक रहीमी के हाथों कैच करा दिया।
अब तक के तीन मुकाबलों में वैभव सूर्यवंशी के स्कोर 14, 44 और 21 रहे हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि युवा बल्लेबाज में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। वह शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाते हैं और तेजी से रन जुटाने की क्षमता रखते हैं। लेकिन साथ ही यह भी साफ दिखाई दे रहा है कि उन्हें अपनी पारी को लंबा ले जाने और परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी करने पर काम करने की जरूरत है। इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के खिलाफ खेलना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है, लेकिन लगातार बड़े स्तर पर सफलता हासिल करने के लिए धैर्य और संयम भी उतना ही जरूरी होता है। वैभव सूर्यवंशी को भारतीय क्रिकेट का भविष्य माना जा रहा है। उन्होंने घरेलू क्रिकेट और आयु वर्ग प्रतियोगिताओं में अपने प्रदर्शन से काफी प्रभावित किया है। यही वजह है कि चयनकर्ताओं ने उन्हें भारत ए जैसी महत्वपूर्ण टीम में मौका दिया। हालांकि मौजूदा ट्राई-नेशन सीरीज में उनका प्रदर्शन मिश्रित रहा है। उन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींचा है, लेकिन बड़ी पारी की कमी लगातार महसूस की जा रही है।
भारत ए टीम प्रबंधन भी निश्चित रूप से चाहेगा कि युवा बल्लेबाज अपनी गलतियों से सीखें और आने वाले मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करें। क्रिकेट में प्रतिभा के साथ-साथ निरंतरता भी बेहद महत्वपूर्ण होती है और यही वह क्षेत्र है जहां वैभव को अभी सुधार की जरूरत दिखाई दे रही है। हालांकि उनकी उम्र और अनुभव को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि उनके पास सीखने और खुद को बेहतर बनाने के लिए पर्याप्त समय है। श्रीलंका ए के खिलाफ 21 रन की पारी भले ही बड़ी नहीं रही हो, लेकिन इसमें उनकी क्षमता की झलक जरूर देखने को मिली।
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वैभव सूर्यवंशी फिर चूके, श्रीलंका ए के खिलाफ 21 रन पर आउट
स्पोर्ट्स डेस्क
भारत ए और श्रीलंका ए के बीच खेली जा रही ट्राई-नेशन सीरीज के चौथे मुकाबले में एक बार फिर युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी चर्चा में रहे, लेकिन इस बार भी वजह उनकी बड़ी पारी नहीं बल्कि अच्छी शुरुआत के बाद जल्दी आउट हो जाना रहा। महज 15 साल की उम्र में भारत ए टीम का हिस्सा बने वैभव ने शुरुआत में अपने आक्रामक अंदाज से प्रभावित किया, लेकिन एक बार फिर वह अपने अच्छे स्टार्ट को बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर सके। श्रीलंका ए के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने सिर्फ 14 गेंदों में 21 रन बनाए, जिसमें तीन चौके और एक शानदार छक्का शामिल था। उनकी बल्लेबाजी देखकर लग रहा था कि इस बार वह लंबी पारी खेल सकते हैं, लेकिन एक गलत शॉट ने उनकी पारी का अंत कर दिया। मुकाबले में श्रीलंका ए ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारत ए की ओर से पारी की शुरुआत करने उतरे वैभव सूर्यवंशी ने शुरुआत से ही सकारात्मक बल्लेबाजी की। उन्होंने श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की और कुछ आकर्षक शॉट भी लगाए। शुरुआती ओवरों में उनकी टाइमिंग और आत्मविश्वास देखने लायक था। हालांकि जैसे-जैसे वह सेट होते नजर आ रहे थे, उसी दौरान श्रीलंका ए के गेंदबाज सहान अरच्चिगे ने उन्हें अपनी गेंद पर फंसा लिया। ऑफ स्टंप के बाहर डाली गई गेंद पर वैभव ने आक्रामक ड्राइव खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद हल्का सा टर्न हुई और बल्ले का बाहरी किनारा लेते हुए पॉइंट की दिशा में चली गई। वहां मौजूद वानुजा सहान ने शानदार कैच पकड़कर उनकी पारी समाप्त कर दी।
ट्राई-नेशन सीरीज में यह लगातार तीसरा मौका है जब वैभव ने शुरुआत तो अच्छी की लेकिन उसे बड़े स्कोर में नहीं बदल सके। इससे पहले 9 जून को श्रीलंका ए के खिलाफ ही अपने भारत ए डेब्यू मैच में उन्होंने तेज शुरुआत की थी। उस मुकाबले में उन्होंने मोहम्मद शिराज और चमिका करुणारत्ने के खिलाफ कुछ आकर्षक चौके लगाए थे। हालांकि सिर्फ 12 गेंदों तक क्रीज पर टिकने के बाद वह बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में कैच आउट हो गए थे। उस समय श्रीलंका ए के कप्तान सहान अरच्चिगे ने शानदार डाइविंग कैच लेकर उनकी पारी का अंत किया था। पहले मैच में जल्दी आउट होने के बाद वैभव ने दूसरे मुकाबले में शानदार वापसी की थी। 11 जून को अफगानिस्तान ए के खिलाफ खेले गए मैच में उन्होंने सिर्फ 22 गेंदों में 44 रन की तूफानी पारी खेली थी। उस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 200 का रहा और उन्होंने नौ चौके जड़े थे। उनकी बल्लेबाजी ने भारतीय टीम को तेज शुरुआत दिलाई थी और ऐसा लग रहा था कि वह आसानी से अर्धशतक पूरा कर लेंगे। लेकिन एक बार फिर वह अपनी पारी को लंबा नहीं खींच सके। अफगानिस्तान ए के गेंदबाज अब्दुल्ला अहमदजई ने उन्हें विकेटकीपर इशाक रहीमी के हाथों कैच करा दिया।
अब तक के तीन मुकाबलों में वैभव सूर्यवंशी के स्कोर 14, 44 और 21 रहे हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि युवा बल्लेबाज में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। वह शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाते हैं और तेजी से रन जुटाने की क्षमता रखते हैं। लेकिन साथ ही यह भी साफ दिखाई दे रहा है कि उन्हें अपनी पारी को लंबा ले जाने और परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी करने पर काम करने की जरूरत है। इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के खिलाफ खेलना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है, लेकिन लगातार बड़े स्तर पर सफलता हासिल करने के लिए धैर्य और संयम भी उतना ही जरूरी होता है। वैभव सूर्यवंशी को भारतीय क्रिकेट का भविष्य माना जा रहा है। उन्होंने घरेलू क्रिकेट और आयु वर्ग प्रतियोगिताओं में अपने प्रदर्शन से काफी प्रभावित किया है। यही वजह है कि चयनकर्ताओं ने उन्हें भारत ए जैसी महत्वपूर्ण टीम में मौका दिया। हालांकि मौजूदा ट्राई-नेशन सीरीज में उनका प्रदर्शन मिश्रित रहा है। उन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींचा है, लेकिन बड़ी पारी की कमी लगातार महसूस की जा रही है।
भारत ए टीम प्रबंधन भी निश्चित रूप से चाहेगा कि युवा बल्लेबाज अपनी गलतियों से सीखें और आने वाले मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करें। क्रिकेट में प्रतिभा के साथ-साथ निरंतरता भी बेहद महत्वपूर्ण होती है और यही वह क्षेत्र है जहां वैभव को अभी सुधार की जरूरत दिखाई दे रही है। हालांकि उनकी उम्र और अनुभव को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि उनके पास सीखने और खुद को बेहतर बनाने के लिए पर्याप्त समय है। श्रीलंका ए के खिलाफ 21 रन की पारी भले ही बड़ी नहीं रही हो, लेकिन इसमें उनकी क्षमता की झलक जरूर देखने को मिली।
