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PM मोदी ने क्यों नहीं छुई ICC महिला वर्ल्ड कप ट्रॉफी? जानिए इस सम्मानजनक परंपरा के पीछे की वजह
Sports
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पहली बार वर्ल्ड कप जीतकर रचा इतिहास; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान उन्होंने खिलाड़ियों को पूरा श्रेय देते हुए ट्रॉफी को हाथ नहीं लगाया।
आईसीसी महिला वर्ल्ड कप 2025 जीतने के बाद इतिहास रचने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह मुलाकात दिल्ली स्थित 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास पर हुई। इस दौरान टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर और उपकप्तान स्मृति मंधाना के साथ सभी खिलाड़ी मौजूद थीं। लेकिन इस खुशी भरे मौके पर एक छोटी-सी बात ने सबका ध्यान खींचा — प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ल्ड कप की ट्रॉफी को हाथ नहीं लगाया।
परंपरा का सम्मान, खिलाड़ियों को पूरा श्रेय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला टीम की ऐतिहासिक उपलब्धि की सराहना करते हुए सभी खिलाड़ियों से उनके अनुभव सुने। उन्होंने टीम को देश का गौरव बताया और कहा कि “यह जीत सिर्फ क्रिकेट की नहीं, बल्कि भारत की बेटियों की मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास की जीत है।”
हालांकि फोटो सेशन के दौरान जब टीम के साथ वर्ल्ड कप ट्रॉफी रखी गई, तब पीएम मोदी ने उसे हाथ नहीं लगाया। इसके पीछे उन्होंने वही परंपरा निभाई, जो खिलाड़ियों की उपलब्धियों के सम्मान में निभाई जाती है।
क्यों नहीं छुई ट्रॉफी?
खेल जगत में एक अनकही परंपरा है कि वर्ल्ड कप ट्रॉफी को केवल विजेता खिलाड़ी ही छूते हैं। यह उस जीत और मेहनत का प्रतीक है जो केवल मैदान पर लड़ने वालों की होती है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस परंपरा का सम्मान करते हुए ट्रॉफी को न छूने का निर्णय लिया। उन्होंने पूरी विनम्रता के साथ कहा कि यह गौरव भारतीय महिला टीम का है, और देश को उन पर गर्व है।
सोशल मीडिया पर हुई तारीफ
मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। कई यूजर्स ने लिखा कि पीएम मोदी का यह कदम खिलाड़ियों के प्रति आदर और खेल भावना का प्रतीक है। फैंस ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह भाव ‘लीडरशिप विद ह्यूमिलिटी’ का उदाहरण है।
पहली बार भारत बना महिला विश्व चैंपियन
भारतीय महिला टीम ने इस साल इंग्लैंड को हराकर पहली बार आईसीसी महिला वर्ल्ड कप अपने नाम किया। कप्तान हरमनप्रीत कौर और उपकप्तान स्मृति मंधाना के शानदार प्रदर्शन ने टीम को जीत दिलाई। इस जीत के साथ भारत ने न केवल विश्व क्रिकेट में अपनी जगह मजबूत की, बल्कि देशभर में महिला क्रिकेट के प्रति उत्साह और सम्मान को भी नई ऊंचाई दी।
आगे की राह
प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों से आगामी सीरीज की तैयारियों के बारे में भी चर्चा की और उन्हें निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन बनाए रखने की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह जीत आने वाली पीढ़ियों की बेटियों को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ट्रॉफी न छूना केवल एक प्रतीकात्मक कदम नहीं था, बल्कि यह उस सम्मान की झलक थी जो देश अपनी महिला खिलाड़ियों के समर्पण और सफलता को देता है। यह मुलाकात भारतीय खेल इतिहास के सबसे प्रेरणादायक पलों में दर्ज हो गई।
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आईसीसी महिला वर्ल्ड कप 2025 जीतने के बाद इतिहास रचने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह मुलाकात दिल्ली स्थित 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास पर हुई। इस दौरान टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर और उपकप्तान स्मृति मंधाना के साथ सभी खिलाड़ी मौजूद थीं। लेकिन इस खुशी भरे मौके पर एक छोटी-सी बात ने सबका ध्यान खींचा — प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ल्ड कप की ट्रॉफी को हाथ नहीं लगाया।
परंपरा का सम्मान, खिलाड़ियों को पूरा श्रेय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला टीम की ऐतिहासिक उपलब्धि की सराहना करते हुए सभी खिलाड़ियों से उनके अनुभव सुने। उन्होंने टीम को देश का गौरव बताया और कहा कि “यह जीत सिर्फ क्रिकेट की नहीं, बल्कि भारत की बेटियों की मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास की जीत है।”
हालांकि फोटो सेशन के दौरान जब टीम के साथ वर्ल्ड कप ट्रॉफी रखी गई, तब पीएम मोदी ने उसे हाथ नहीं लगाया। इसके पीछे उन्होंने वही परंपरा निभाई, जो खिलाड़ियों की उपलब्धियों के सम्मान में निभाई जाती है।
क्यों नहीं छुई ट्रॉफी?
खेल जगत में एक अनकही परंपरा है कि वर्ल्ड कप ट्रॉफी को केवल विजेता खिलाड़ी ही छूते हैं। यह उस जीत और मेहनत का प्रतीक है जो केवल मैदान पर लड़ने वालों की होती है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस परंपरा का सम्मान करते हुए ट्रॉफी को न छूने का निर्णय लिया। उन्होंने पूरी विनम्रता के साथ कहा कि यह गौरव भारतीय महिला टीम का है, और देश को उन पर गर्व है।
सोशल मीडिया पर हुई तारीफ
मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। कई यूजर्स ने लिखा कि पीएम मोदी का यह कदम खिलाड़ियों के प्रति आदर और खेल भावना का प्रतीक है। फैंस ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह भाव ‘लीडरशिप विद ह्यूमिलिटी’ का उदाहरण है।
पहली बार भारत बना महिला विश्व चैंपियन
भारतीय महिला टीम ने इस साल इंग्लैंड को हराकर पहली बार आईसीसी महिला वर्ल्ड कप अपने नाम किया। कप्तान हरमनप्रीत कौर और उपकप्तान स्मृति मंधाना के शानदार प्रदर्शन ने टीम को जीत दिलाई। इस जीत के साथ भारत ने न केवल विश्व क्रिकेट में अपनी जगह मजबूत की, बल्कि देशभर में महिला क्रिकेट के प्रति उत्साह और सम्मान को भी नई ऊंचाई दी।
आगे की राह
प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों से आगामी सीरीज की तैयारियों के बारे में भी चर्चा की और उन्हें निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन बनाए रखने की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह जीत आने वाली पीढ़ियों की बेटियों को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ट्रॉफी न छूना केवल एक प्रतीकात्मक कदम नहीं था, बल्कि यह उस सम्मान की झलक थी जो देश अपनी महिला खिलाड़ियों के समर्पण और सफलता को देता है। यह मुलाकात भारतीय खेल इतिहास के सबसे प्रेरणादायक पलों में दर्ज हो गई।
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