- Hindi News
- स्पोर्ट्स
- ईरान और न्यूजीलैंड का रोमांचक 2-2 ड्रॉ, तनावपूर्ण माहौल में वर्ल्ड कप की शुरुआत
ईरान और न्यूजीलैंड का रोमांचक 2-2 ड्रॉ, तनावपूर्ण माहौल में वर्ल्ड कप की शुरुआत
स्पोर्ट्स डेस्क
लॉस एंजेलिस के सोफी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में ईरान ने दो बार पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की, राजनीतिक तनाव और विरोध प्रदर्शनों के बीच मुकाबला रहा चर्चा में
लॉस एंजेलिस के सोफी स्टेडियम में सोमवार रात खेले गए फीफा वर्ल्ड कप के ग्रुप मुकाबले में ईरान और न्यूजीलैंड के बीच 2-2 का रोमांचक ड्रॉ देखने को मिला। यह मुकाबला केवल खेल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक तनाव, विरोध और दर्शकों की मिश्रित प्रतिक्रियाओं के कारण भी लगातार चर्चा में बना रहा। ईरान ने दो बार पिछड़ने के बावजूद शानदार वापसी करते हुए मैच को बराबरी पर समाप्त किया। मैच की शुरुआत से ही न्यूजीलैंड ने आक्रामक रुख अपनाया और कप्तान क्रिस वुड की सक्रियता का फायदा टीम को मिला। सातवें मिनट में ही न्यूजीलैंड ने बढ़त हासिल कर ली जब वुड ने विपक्षी डिफेंस की गलती का फायदा उठाते हुए एलियाह जस्ट को गेंद पास की और उन्होंने शानदार फिनिश करते हुए गोल दाग दिया। शुरुआती झटके के बाद ईरानी टीम थोड़ी दबाव में दिखी, लेकिन धीरे-धीरे उसने खेल पर नियंत्रण बनाना शुरू किया।
ईरान ने 32वें मिनट में वापसी की जब रेमिन रेज़ेयान ने दाहिनी ओर से मिले मौके को बाहर से बेहद सटीक शॉट में तब्दील किया। गेंद गोलकीपर को चकमा देते हुए नेट में चली गई और स्कोर 1-1 हो गया। पहले हाफ के बाद दोनों टीमें बराबरी पर थीं, लेकिन खेल में आक्रामकता लगातार बनी रही। दूसरे हाफ की शुरुआत में न्यूजीलैंड ने फिर से बढ़त हासिल कर ली। 54वें मिनट में क्रिस वुड ने एक बार फिर अपनी भूमिका निभाई और गेंद को नियंत्रण में रखते हुए एलियाह जस्ट को पास दिया, जिन्होंने डिफेंडरों के बीच से शानदार शॉट लगाकर अपना दूसरा गोल किया। इस गोल के बाद न्यूजीलैंड की टीम आत्मविश्वास में दिख रही थी और दर्शकों के बीच भी हलचल बढ़ गई थी।
लेकिन ईरान ने हार नहीं मानी और 64वें मिनट में एक बार फिर मुकाबला बराबरी पर ला दिया। रेज़ेयान ने इस बार एक लंबा और सटीक पास मिडफील्ड से मोहमद मोहेबी के लिए भेजा, जिन्होंने बेहतरीन हेडर के जरिए गेंद को गोल में पहुंचाया। इस गोल के बाद स्टेडियम में मौजूद ईरानी समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और माहौल पूरी तरह बदल गया। मैच के बाद दोनों टीमों ने खेल भावना का परिचय देते हुए एक-दूसरे से हाथ मिलाया और जर्सी का आदान-प्रदान भी किया। हालांकि मैच से पहले और दौरान स्टेडियम के बाहर और अंदर राजनीतिक माहौल भी साफ दिखाई दिया। बड़ी संख्या में ईरानी मूल के दर्शक मौजूद थे, जिनमें से कुछ ने अपने देश की नीतियों के खिलाफ विरोध भी दर्ज कराया। वहीं कई समर्थकों ने टीम का खुलकर समर्थन किया।
इस मुकाबले के दौरान ईरान और न्यूजीलैंड दोनों ने अपने-अपने वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत एक अंक के साथ की। समूह में अन्य मैचों के बाद स्थिति और भी दिलचस्प हो गई है, क्योंकि सभी टीमें अंक तालिका में बराबरी पर बनी हुई हैं। इससे आने वाले मुकाबले और भी अहम हो गए हैं। ईरान की टीम ने इस टूर्नामेंट की तैयारी बेहद असामान्य परिस्थितियों में की है। बताया गया है कि टीम ने अपना ट्रेनिंग बेस अमेरिका के अलग-अलग हिस्सों से बदलकर मैक्सिको के तिजुआना में शिफ्ट किया और मैच के लिए हर बार अमेरिका में यात्रा करनी पड़ी। इसके बावजूद टीम ने मैदान पर अच्छा प्रदर्शन किया।
न्यूजीलैंड के लिए यह परिणाम ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि टीम लंबे समय बाद वर्ल्ड कप में वापसी कर रही है और मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ ड्रॉ हासिल करना उनके लिए सकारात्मक संकेत है। वहीं ईरान, जो लगातार चौथी बार वर्ल्ड कप खेल रहा है, अभी भी ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ सका है और इस बार भी उसके सामने बड़ी चुनौती है। अब ईरान का अगला मुकाबला बेल्जियम से होगा, जबकि न्यूजीलैंड का सामना मिस्र से होगा। दोनों मैचों के परिणाम इस ग्रुप की आगे की स्थिति तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
ईरान और न्यूजीलैंड का रोमांचक 2-2 ड्रॉ, तनावपूर्ण माहौल में वर्ल्ड कप की शुरुआत
स्पोर्ट्स डेस्क
लॉस एंजेलिस के सोफी स्टेडियम में सोमवार रात खेले गए फीफा वर्ल्ड कप के ग्रुप मुकाबले में ईरान और न्यूजीलैंड के बीच 2-2 का रोमांचक ड्रॉ देखने को मिला। यह मुकाबला केवल खेल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक तनाव, विरोध और दर्शकों की मिश्रित प्रतिक्रियाओं के कारण भी लगातार चर्चा में बना रहा। ईरान ने दो बार पिछड़ने के बावजूद शानदार वापसी करते हुए मैच को बराबरी पर समाप्त किया। मैच की शुरुआत से ही न्यूजीलैंड ने आक्रामक रुख अपनाया और कप्तान क्रिस वुड की सक्रियता का फायदा टीम को मिला। सातवें मिनट में ही न्यूजीलैंड ने बढ़त हासिल कर ली जब वुड ने विपक्षी डिफेंस की गलती का फायदा उठाते हुए एलियाह जस्ट को गेंद पास की और उन्होंने शानदार फिनिश करते हुए गोल दाग दिया। शुरुआती झटके के बाद ईरानी टीम थोड़ी दबाव में दिखी, लेकिन धीरे-धीरे उसने खेल पर नियंत्रण बनाना शुरू किया।
ईरान ने 32वें मिनट में वापसी की जब रेमिन रेज़ेयान ने दाहिनी ओर से मिले मौके को बाहर से बेहद सटीक शॉट में तब्दील किया। गेंद गोलकीपर को चकमा देते हुए नेट में चली गई और स्कोर 1-1 हो गया। पहले हाफ के बाद दोनों टीमें बराबरी पर थीं, लेकिन खेल में आक्रामकता लगातार बनी रही। दूसरे हाफ की शुरुआत में न्यूजीलैंड ने फिर से बढ़त हासिल कर ली। 54वें मिनट में क्रिस वुड ने एक बार फिर अपनी भूमिका निभाई और गेंद को नियंत्रण में रखते हुए एलियाह जस्ट को पास दिया, जिन्होंने डिफेंडरों के बीच से शानदार शॉट लगाकर अपना दूसरा गोल किया। इस गोल के बाद न्यूजीलैंड की टीम आत्मविश्वास में दिख रही थी और दर्शकों के बीच भी हलचल बढ़ गई थी।
लेकिन ईरान ने हार नहीं मानी और 64वें मिनट में एक बार फिर मुकाबला बराबरी पर ला दिया। रेज़ेयान ने इस बार एक लंबा और सटीक पास मिडफील्ड से मोहमद मोहेबी के लिए भेजा, जिन्होंने बेहतरीन हेडर के जरिए गेंद को गोल में पहुंचाया। इस गोल के बाद स्टेडियम में मौजूद ईरानी समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और माहौल पूरी तरह बदल गया। मैच के बाद दोनों टीमों ने खेल भावना का परिचय देते हुए एक-दूसरे से हाथ मिलाया और जर्सी का आदान-प्रदान भी किया। हालांकि मैच से पहले और दौरान स्टेडियम के बाहर और अंदर राजनीतिक माहौल भी साफ दिखाई दिया। बड़ी संख्या में ईरानी मूल के दर्शक मौजूद थे, जिनमें से कुछ ने अपने देश की नीतियों के खिलाफ विरोध भी दर्ज कराया। वहीं कई समर्थकों ने टीम का खुलकर समर्थन किया।
इस मुकाबले के दौरान ईरान और न्यूजीलैंड दोनों ने अपने-अपने वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत एक अंक के साथ की। समूह में अन्य मैचों के बाद स्थिति और भी दिलचस्प हो गई है, क्योंकि सभी टीमें अंक तालिका में बराबरी पर बनी हुई हैं। इससे आने वाले मुकाबले और भी अहम हो गए हैं। ईरान की टीम ने इस टूर्नामेंट की तैयारी बेहद असामान्य परिस्थितियों में की है। बताया गया है कि टीम ने अपना ट्रेनिंग बेस अमेरिका के अलग-अलग हिस्सों से बदलकर मैक्सिको के तिजुआना में शिफ्ट किया और मैच के लिए हर बार अमेरिका में यात्रा करनी पड़ी। इसके बावजूद टीम ने मैदान पर अच्छा प्रदर्शन किया।
न्यूजीलैंड के लिए यह परिणाम ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि टीम लंबे समय बाद वर्ल्ड कप में वापसी कर रही है और मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ ड्रॉ हासिल करना उनके लिए सकारात्मक संकेत है। वहीं ईरान, जो लगातार चौथी बार वर्ल्ड कप खेल रहा है, अभी भी ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ सका है और इस बार भी उसके सामने बड़ी चुनौती है। अब ईरान का अगला मुकाबला बेल्जियम से होगा, जबकि न्यूजीलैंड का सामना मिस्र से होगा। दोनों मैचों के परिणाम इस ग्रुप की आगे की स्थिति तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
