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बारिश में बर्बाद हुआ 4 लाख क्विंटल धान: अमरताल केंद्र जलमग्न, करोड़ों की लागत के बावजूद सुरक्षित नहीं रख सका विपणन विभाग
Janjgir-Champa, CG
लगातार हो रही बारिश के कारण जिले के अमरताल गांव स्थित धान संग्रहण केंद्र जलमग्न हो गया है, जिससे वहां संग्रहित करीब 4 लाख क्विंटल धान भीगकर अंकुरित हो गया है और अब सड़ने की स्थिति में पहुंच गया है। इस गंभीर लापरवाही पर विधायक ब्यास कश्यप ने अधिकारियों पर नाराजगी जताते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
करोड़ों खर्च फिर भी नाकामी
जानकारी के अनुसार, 63.27 लाख क्विंटल धान की खरीदी के बाद मिलिंग से बचा धान खुले में ही पड़ा रहा। शासन द्वारा करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद विपणन विभाग धान को सुरक्षित नहीं रख सका। बारिश से धान भीगने के बाद अब उसे बोरियों में दोबारा पलटकर स्थिति छिपाने की कोशिशें की जा रही हैं।
विधायक कश्यप का आरोप – जानबूझकर सड़ा रही सरकार
विधायक ब्यास कश्यप ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने किसानों का धान महंगे दामों पर खरीदने का प्रचार तो किया, लेकिन अब जानबूझकर उसे सड़ा कर औने-पौने दामों में नीलामी करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे आगामी रबी फसल के धान की कीमत भी प्रभावित होगी।
संग्रहण प्रभारी की भूमिका संदिग्ध
स्थानीय लोगों और कर्मचारियों के अनुसार, संग्रहण प्रभारी ने धान की ठीक से ढंकने की व्यवस्था नहीं की। अब जब धान अंकुरित और खराब हो चुका है, तो उसे नई बोरियों में भरकर गड़बड़ी छिपाने का प्रयास किया जा रहा है। इस पूरे मामले में प्रशासनिक सतर्कता और पारदर्शिता दोनों ही नदारद दिखी।
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Janjgir-Champa, CG
करोड़ों खर्च फिर भी नाकामी
जानकारी के अनुसार, 63.27 लाख क्विंटल धान की खरीदी के बाद मिलिंग से बचा धान खुले में ही पड़ा रहा। शासन द्वारा करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद विपणन विभाग धान को सुरक्षित नहीं रख सका। बारिश से धान भीगने के बाद अब उसे बोरियों में दोबारा पलटकर स्थिति छिपाने की कोशिशें की जा रही हैं।
विधायक कश्यप का आरोप – जानबूझकर सड़ा रही सरकार
विधायक ब्यास कश्यप ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने किसानों का धान महंगे दामों पर खरीदने का प्रचार तो किया, लेकिन अब जानबूझकर उसे सड़ा कर औने-पौने दामों में नीलामी करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे आगामी रबी फसल के धान की कीमत भी प्रभावित होगी।
संग्रहण प्रभारी की भूमिका संदिग्ध
स्थानीय लोगों और कर्मचारियों के अनुसार, संग्रहण प्रभारी ने धान की ठीक से ढंकने की व्यवस्था नहीं की। अब जब धान अंकुरित और खराब हो चुका है, तो उसे नई बोरियों में भरकर गड़बड़ी छिपाने का प्रयास किया जा रहा है। इस पूरे मामले में प्रशासनिक सतर्कता और पारदर्शिता दोनों ही नदारद दिखी।
